Blog by vanshika pal | Digital Diary
" To Present local Business identity in front of global market"
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ताड़ासन को पर्वत मुद्रा भी कहा जाता है। ताड़ासन करने से बच्चों की हाइट बढ़ने में मदद मिल सकती है। ताड़ासन बच्चों की मांसपेशियों में खिंचाव पैदा करके शरीर को लचीला बनाकर उनका कद तेजी से बढ़ता है। छोटे कद के बच्चों को हाइट बढ़ाने के लिए अक्सर ताड़ासन करने की सलाह दी जाती है। ताड़ासन करने के लिए सबसे पहले जमीन पर सीधे खड़े होकर अपने दोनों पैरों को आपस में मिलाते हुए दोनों हथेलियों को बगल में रखें। इसके बाद पूरे शरीर को स्थिर रखते हुए दोनों पैरों पर अपने शरीर का वजन सामान रखें। इसके बाद दोनों हथेलियों की अंगुलियों को मिलाते हुए सिर के ऊपर ले जाएं। हथेलियां सीधी रखें, फिर सांस भरते हुए अपने हाथों को ऊपर की ओर खींचें। ऐसा करने से कंधों और छाती पर खिंचाव महसूस होगा। अब पैरों की एड़ी को ऊपर उठाएं और पैरों की अंगुलियों पर शरीर का संतुलन बनाए रखिए। कुछ देर इस स्थिति में बने रहें। थोड़ी देर बाद सांस छोड़ते हुए हाथों को वापस सिर के ऊपर ले आएं। इस आसन को प्रतिदिन 10-12 बार कर सकते हैं।
सर्वांगासन को शोल्डर स्टैंड योगा पोज भी कहा जाता है। सर्वांगासन करने से शरीर के सभी आंतरिक अंगों को मजबूती मिलने के साथ बच्चों की हाइट बढ़ाने में भी फायदा मिलता है। सर्वांगासन का अभ्यास शरीर में लचीलापन लाकर हाइट बढ़ाने के साथ आंखों की रोशनी और याददाश्त बढ़ाने में भी मददगार होता है। सर्वांगासन करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर सीधे लेटकर हाथों को शरीर के बगल में रखें। इसके बाद पैरों को कूल्हों के पास रखें। अब अपने पैरों को पहले 30 डिग्री, फिर 60 डिग्री, और फिर 90 डिग्री तक उठाएं। इसके बाद हाथों को दबाते हुए पैरों को सिर की ओर लाएं। ऐसा करते हुए कोहनियों को पास में लेकर आएं। हाथों को पीठ के साथ रखें और कमर और पैरों को सीधा रखें। ऐसा करते हुए लंबी गहरी सांसें लें। वापस नीचे लौटते समय हाथों को नीचे लाएं। शुरुआत में इस आसन को 30 सेकेंड से एक मिनट तक करें। बाद में इसकी समय अवधि बढ़ाते जाएं।
Read Full Blog...अगर आप भी बालों के झड़ने, कमजोर और पतले बालों की समस्या से परेशान हैं, तो अब चिंता छोड़िए! बस रोज़ाना ये 4 प्रभावी योगासन करें और बालों की ग्रोथ को नैचुरली बढ़ाएं। बिना महंगे प्रोडक्ट्स के, घर पर ही अपने बालों को बनाएं खूबसूरत और हेल्दी – जानिए कैसे!
आजकल बालों की झड़ने की समस्या (Hair fall problem) से हर दूसरा व्यक्ति परेशान है। सही खानपान और देखभाल के बावजूद, कई लोग कमजोर और दोमुंहे बालों की समस्या झेलते हैं। महंगे ट्रीटमेंट और हेयर प्रोडक्ट्स का सहारा लेने से पहले, आपको अपनी दिनचर्या में कुछ आसान योगासन (Yoga) जोड़ने चाहिए। ये योगासन न केवल बालों की ग्रोथ को बढ़ाते हैं बल्कि उनके ओवरऑल हेल्थ को भी सुधारते हैं।विटामिन और फ़ूड सप्लीमेंट खरीदें
सर्वांगासन
यह आसन सिर में रक्त प्रवाह को बढ़ाने के साथ-साथ शरीर का संतुलन बनाए रखने और पॉश्चर सुधारने में सहायक है। इससे बालों की ग्रोथ अच्छी होती है और वे मजबूत बनतेयह योगासन सूर्य नमस्कार के 12 मुद्राओं में से एक महत्वपूर्ण आसन है। यह ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाकर स्कैल्प तक ऑक्सीजन की आपूर्ति करता है, जिससे बालों की ग्रोथ में मदद मिलती है।
कैसे करें:
पैरों को अलग करके खड़े हो जाएं और धीरे-धीरे अपने हाथों से फर्श तक पहुंचे।
अपने हाथों और पैरों को फैलाकर कुछ कदम पीछे जाएं।
सिर नीचे की ओर झुकाकर 30-45 सेकंड तक इस मुद्रा में रहें।
कपालभाति प्राणायाम
यह प्राणायाम सिर और चेहरे में ऑक्सीजन फ्लो को बढ़ाता है और फ्री रेडिकल्स को कम करता है। इससे बालों का झड़ना कम होता है और ग्रोथ बेहतर होती है ।
कैसे करें:
इसे रोजाना 1-2 मिनट तक करें।
क्रॉस लेग पोजीशन में बैठें और पीठ, गर्दन, सिर को सीधा रखें।
हथेलियों को घुटनों पर रखें और गहरी सांस लें।
पेट की मांसपेशियों को सिकोड़ते हुए तेजी से सांस बाहर निकालें।
यह आसन पाचन क्रिया को सुधारने और मानसिक तनाव को कम करने में मदद करता है, जिससे बालों के झड़ने की समस्या को रोका जा सकता है।
कैसे करें:
अपने घुटनों को मोड़कर चटाई पर बैठें।
हाथों को सामने फैलाएं और सांस छोड़ते हुए नीचे झुकें।
सिर और हथेलियों को जमीन से स्पर्श कर 30 सेकंड तक इसी मुद्रा में रहें।
Read Full Blog...Yoga For Sharp Brain: दिमाग को तेज करने के लिए आप नियमित रूप से कुछ योगासनों का अभ्यास कर सकते हैं। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -
Yoga Poses For Sharp Brain: क्या आप भी चीजों को रखकर भूल जाते हैं या किसी चीज पर फोकस नहीं कर पाते हैं? अगर हां, तो इसका मतलब आपका दिमाग कमजोर हो रहा है। दरअसल, आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक रूप से शांत रहना बहुत जरूरी हो गया है। गलत खानपान, खराब जीवनशैली और बढ़ते तनाव के कारण मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। ऐसे में, दिमाग को तेज करने के लिए आप कुछ योगासन कर सकते हैं। आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे योगासनों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो दिमाग तेज करने में मददगार साबित हो सकते हैं। तो आइए, जानते हैं इनके बारे में विस्तार से –
इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर खड़े हो जाए।इस दौरान अपने बाएं पैर पर शरीर का वजन संतुलित करें और सीधे खड़े रहने की कोशिश करें।इसके बाद सांस लेते हुए, अपने दोनों हाथों को सिर के ऊपर ले जाकर नमस्कार की मुद्रा बनाएं।इस स्थिति में 30-60 सेकंड तक रहे।फिर सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।
इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर घुटनों के बल बैठ जाएं।अपने शरीर का सारा भार एड़ियों पर डाल दें।अब गहरी सांस भरते हुए आगे की ओर झुकें। ध्यान रहे कि आपका सीना जांघों से छूना चाहिए।फिर अपने माथे से फर्श को छूने की कोशिश करें।इस स्थिति में कुछ सेकंड तक बने रहने के बाद वापस सामान्य अवस्था में आ जाएं।इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर पीठ के बल लेट जाएं।अपने हाथों को शरीर के पास रखें और हथेलियां को जमीन की तरफ रखें।इसके बाद सांस अंदर लेते हुए पैरों को धीरे-धीरे उठाएं और और 90 डिग्री का कोण बनाएं।अब अपनी पीठ को भी ऊपर उठाते हुए सांस बाहर छोड़ते हुए ले जाएं।फिर धीरे-धीरे पैरों के पंजों को जमीन से छूने की कोशिश करें।इस स्थिति में 30 सेकंड के लिए रहें।फिर धीरे-धीरे प्रारंभिक अवस्था में लौट आएं।इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर सुखासन में बैठ जाएं।अब अपने दोनों पैरों को सामने की ओर सीधा करके बैठ जाएं।इस दौरान दोनों एड़ी और पंजे मिले रहेंगे।अब सांस छोड़ते हुए और आगे की ओर झुकते हुए दोनों हाथों से दोनों पैरों के अंगूठे पकड़ लें।माथे को घुटनों से लगाएं और दोनों कोहनियों को जमीन पर टिकाएं।
इस मुद्रा में 1-2 मिनट तक रहें।इसके बाद अपनी प्रारंभिक मुद्रा में लौट आएं।इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।
इस आसन काे करने के लिए योगा मैट पर पीठ के बल लेट जाएं।
अब अपने पैराें काे ऊपर उठाएं और अपने दाेनाें हाथाें से कमर काे सहारा दें।
इस दौरान अपने पैराें काे एकदम सीधा रखें।
इस मुद्रा में 30-50 सेकंड रुकने के बाद सामान्य अवस्था में आ जाएं।
इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।
Read Full Blog...सुबह के समय योग करना बेहतर होता है। रोज कुछ आसान योगासन जैसे ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, पश्चिमोत्तासन, भरद्वाजासन आदि करना चाहिए।
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Yoga Asanas for Morning: मानसिक और शारीरिक स्तर की तमाम समस्याओं के निवारण के लिए योग लाभदायक होता है। नियमित योगासन के अभ्यास से मानव शरीर की कई बीमारियों को आप जड़ से खत्म कर सकते हैं, वहीं मानसिक तनाव और ऊर्जा को भी बढ़ा सकते हैं। जीवन में सुख और शांति के लिए एक मजबूत शरीर के साथ ही प्रबल मस्तिष्क की भी जरूरत होती है। भावनात्मक शरीर का अनुभव जीवन आसान और सुखमय बना सकता है। आपकी दैनिक दिनचर्या हो या नौकरी हो, सही प्रेरणा के बिना नीरस और उबाऊ हो जाती है। ऐसे में योग आपके दिन की शुरुआत भी ऊर्जा और उत्साह के साथ करने में मदद करता है। सुस्त मन और शरीर से बाहर निकलने के लिए बेहतर ऊर्जा के साथ अपने दिन की शुरुआत करने के लिए प्रतिदिन सुबह खुद को पांच मिनट दें। इन पांच मिनट में आप ऐसे योगासन का अभ्यास करें जो आपके मस्तिष्क में ऊर्जा का प्रवाह करें। चलिए जानते हैं ऊर्जावान होने के लिए रोजाना सुबह किए जाने वाले योगासन के बारे में जानकारी।
ये आसन शरीर को लचीला बनाता है औ पेट की चर्बी भी कम करने में मदद करता है। इस आसन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर पेट के लेट जाएं। अपनी दोनों हथेलियों को फर्श पर कंधे की चौड़ाई से अलग रखते हुए शरीर के निचले भाग को जमीन पर रखें। सांस लें और शरीर के ऊपरी भाग या छाती को फर्श से ऊपर उठाएं। फिर सांस छोड़ते हुए शरीर को फर्श पर दोबारा ले जाएं।
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले अपने दोनों पैरों की एड़ियों और पंजों को बीच कुछ दूरी रखते हुए सीधे खड़े हो जाएं। अब दोनों हाथों को कमर की सीध में ऊपर उठाते हुए हथेलियों और उंगलियों को मिला लें। गर्दन सीधी रखें और नजर सामने करते हुए पैरों की एड़ियों को ऊपर की ओर उठाएं और पूरे शरीर को भार पंजो पर करें। पेट को अंदर करते हुए इस पोज मेंं संतुलन बनाएं रखें।
इसे क्रॉस लेग सिटिंग पोज भी कहते हैं। इस आसन को करने के लिए ध्यान मुद्रा में बैठ जाएं। अब पीठ के पीछे से दाहिने हाथ की मदद से अपनी बाईं कलाई को पकड़ें। अब कंधों को पीछे खींचते हुए सांस लें। फिर सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें और अपने सिर को दाहिने घुटने से छुएं। फिर से सांस लेते हुए पुन: की स्थिति में आ जाएं।
इस योग को करने के लिए अपने दोनों पैरों को फैला लें और हाथों को बाहर की तरफ निकाल कर बाहर की ओर खोलें। अब सीधे हाथ को धीरे-धीरे नीचे की तरफ पैर की ओर लाएं। कमर को नीचे की ओर झुकाते हुए नीचे देखें। सीधी हथेली को जमीन पर रखें। उल्टे हाथ को ऊपर की ओर ले जाते हैं। यह प्रक्रिया दूसरी तरफ से भी दोहराई जाती है।
नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
घर बैठे करना चाहते हैं ब्लड शुगर कंट्रोल, इन योगासन और घरेलू उपायों से कम होगा डायबिटीज
ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने के लिए योग काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। जानिए स्वामी रामदेव से किन योगासन, एक्यूप्रेशर प्वाइंट्स और घरेलू उपायों के द्वारा डायबिटीज को किया जा सकता है कंट्रोल
।खराब लाइफस्टाइल, खानपान के कारण डायबिटीज की समस्या हो जाती है। दुनियाभर में 8 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं। जिनमें से करीब 10 लाख लोग डायबिटीज के कारण अपनी जान गवां देते हैं। यूके में हुई एक रिसर्च के अनुसार 3 में से 1 डायबिटीज का मरीज कोरोना वायरस का शिकार हो रहा हैं। स्वामी रामदेव के अनुसार जब शरीर में शुगर लेवल बढ़ता है तो किडनी, हार्ट, ब्लड प्रेशर या फिर आंखों की रोशनी कम होने की शिकायत हो जाती है। इसके साथ ही डायबिटीज के कारण पूरा शरीर खोखला हो जाता है। ऐसे में डायबिटीज को कंट्रोल करना बहुत ही जरूरी है। योगासन, प्राणायाम के साथ-साथ कुछ घरेलू उपाय अपनाकर इसे आप आसानी से नियंत्रित कर सकते हैं।
स्वामी रामदेव के अनुसार डायबिटीज होने के मुख्य तीन कारण होता है पहला जेनेटिक, दूसरा अनहेल्दी लाइफस्टाइल और तीसरा लंबे समय तक कोई बीमारी चलने के कारण आप अनहेल्दी लाइफस्टाइल अपना लेते हैं जिसके कारण आपके पूरे रिसेप्टर्स कमजोर हो जाते हैं। जिसके कारण ब्लड शुगर होने का खतरा सबसे अधिक होता है।
डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए प्राणायाम
योगासन के साथ-साथ प्राणायाम करना बहुत ही ज्यादा जरूरी है। इसलिए रोजाना प्राणायम करें।
भस्त्रिका- इस प्राणायाम को करने से पूरे शरीर में ऑक्सीजन का ठीक ढंग से प्रवाह होता है। जिससे आपको डायबिटीज के साथ-साथ कई अन्य बीमारियों से भी निजात मिल जाएगा। इसे 1 मिनट से शुरू करके करीब 3 मिनट तक करें।
वायरल और बैक्टीरियल इंफेक्शन को दूर रखने में कारगर है ये प्राणायाम और योगासन, स्वामी रामदेव से जाने तरीका
कपालभाति- इस प्राणायाम को करने से पैंक्रियाज के बीटा सेल्स दोबारा एक्टिव हो जाते हैं। जिससे तेजी से इंसुलिन बनने लगता है। इसके अलावा इसे करने से ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहने के साथ मेटाबॉलिज्म बढ़ता है।
भ्रामरी- इस प्राणायाम को करने के लिए पहले सुखासन या पद्मासन की अवस्था में बैठ जाएं। अब अंदर गहरी सांस भरते हैं। सांस भरकर पहले अपनी अंगूलियों को ललाट में रखते हैं। जिसमें 3 अंगुलियों से आंखों को बंद करते हैं। अंगूठे से कान को बंद करते हैं। मुंह को बंदकर 'ऊं' का नाद करते हैं। इस प्राणायाम को 5 से 7 बार जरूर करना चाहिए।
अनुलोम विलोम- सबसे पहले पद्मासन की मुद्रा में बैठ जाएं। अब दाएं हाथ की अनामिका और सबसे छोटी उंगली को मिलाकर बाएं नाक पर रखें और अंगूठे को दाएं वाले नाक पर लगा लें। तर्जनी और मध्यमा को मिलाकर मोड़ लें। अब बाएं नाक की ओर से सांस भरें और उसे अनामिका और सबसे छोटी उंगली को मिलाकर बंद कर लें। इसके बाद दाएं नाक की ओर से अंगूठे को हटाकर सांस बाहर निकाल दें। इस आसन को 5 मिनट से लेकर आधा घंटा कर सकते हैं। इस प्राणायाम को करने से क्रोनिक डिजीज, तनाव, डिप्रेशन, हार्ट के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है। इसके अलावा ये मांसपेशियों की प्रणाली को भी ठीक रखता है। इसे 10 से 15 मिनट करें।
सूर्य नमस्कार-जिस तरह से सूर्य नमस्कार करने से आपका वजन बढ़ने के साथ शरीर हेल्दी रहता है। उसी तरह नियमित रूप से इसका अभ्यास करने से आप अपना वजन बढ़ा सकते हैं। इसके लिए रोजाना कम से कम 100 बार सूर्य नमस्कार करें। फिर इसकी संख्या धीरे-धीरे बढ़ाते जाएं। इस आसन को करने से आपका वजन कम होने के साथ-साथ डायबिटीज सहित कई बीमारियों से कोसों दूर रहेंगे।
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घर बैठे करना चाहते हैं ब्लड शुगर कंट्रोल, इन योगासन और घरेलू उपायों से कम होगा डायबिटीज
डायबिटीज से निजात पाने के लिए योगासन
मंडूकासन- मंडूक का अर्थ है मेंढक अर्थात इस आसन को करते वक्त मेंढक के आकार जैसी स्थिति प्रतीत होती इसीलिए इसे मंडूकासन कहते हैं। इस योग को करने से पैंक्रियाज पर दवाब पड़ता है। जिससे आपका इंसुलिन कंट्रोल होगा। इस आसन को करने से डायबिटीज के साथ -साथ कोलाइटिस से निजात दिलाता है। इसके अलावा अगर कमर में दर्द हैं तो ज्यादा झुकने से बचें। इस आसन को 3 से 5 बार करें।
शशकासन- इस आसन को करने से डायबिटीज से जड़ से निजात मिलता है। इसे 1-2 मिनट करें।
ब्लड शुगर अचानक घट जाए तो तुरंत करना चाहिए इन चीजों का सेवन, कंट्रोल में आ जाएगी स्थिति
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योगनिद्रा
योग मुद्रासन- इस आसन को करने से डायबिटीज के साथ-साथ पेट की चर्बी से निजात मिलेगा। मानसिक शक्ति बढ़ेंगी। इसके साथ ही शरीर मजबूत होगा। कब्ज के साथ-साथ गैस संबंधी समस्या से निजात मिल जाएगा।
व्रकासन- वक्रासन बैठ कर किए जाने वाले आसनों में एक महत्वपूर्ण आसन है। वक्रासन 'वक्र' शब्द से निकला है जिसका मतलब होता टेढ़ा। इस आसन में रीढ़ टेढ़ी या मुड़ी हुई होती है, इसीलिए इसका यह नाम वक्रासन रखा गया है। यह डिप्रेशन के साथ-साथ डायबिटीज को कंट्रोल करता है। इस आसन को करने से फेफड़ों से जुड़ी दिक्कत से निदान मिलता है। रीढ़ की हड्डी मजबूत करें। पेट के लिए भी अच्छा है। इसके साथ ही पूरे शरीर को हेल्दी रखने में मदद करता है।
गौमुखासन- डायबिटीज और उसके कारण होने वाली अन्य बीमारी जैसे आंखों की रोशनी कम होना, किडनी संबंधी समस्या, कमजोरी आदि के लिए फायदेमंद।
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भुजंगासन
भुजंगासन- इस आसम को करने से पूरे शरीर की मांसपेशियों में खिंचाव होता है। इसके साथ ही इस आसन को करने से डायबिटीज और पेट की चर्बी से निजात मिलता है।
नौकासन- इस आसन को करने से गैस, कब्ज की समस्या से निजात मिलता है। इसके साथ की कमर, पेट सुडौल होता है। पेट की चर्बी कम कर करें।
यूरिक एसिड को कंट्रोल में रखता है नींबू और बेकिंग सोडा, इन चीजों से बना लें दूरी
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पवनमुक्तासन
पवनमुक्तासन- पवनमुक्तासन पेट एवं कमर की मांसपेशियों के खिंचाव को करने में मदद करता है। इससे पाचन तंत्र सही होता है। इसके साथ ही डायबिटीज के मरीजों को लाभ मिलेगा। इस आसन को करने से जांघो, पेट, कूल्हें को वसा मुक्त करें। इसके साथ ही ब्लड सर्कुलेशन ठीक करें। रीढ़ की हड्डी को मजबूत करें। कब्ज और गैस की समस्या से दिलाएं निजात।
सेतुबंधासन- इस आसन को करने से डायबिटीज में छुटकारा मिलेगा। हाई ब्लड प्रेशर को कम करने के साथ अनिद्रा से निजात दिलाता है।
भुजंगासन- इस आसन को करने से डायबिटीज, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, कमर दर्द आदि से निजात मिलेगा।
उत्तानपादासन- इस आसन को करने से डायबिटीज के साथ-साथ कब्ज की समस्या से निजात मिलेगा। इसके साथ ही पैंक्रियाज सही रहेगा। जिससे इंसुलिन बनेगा।
प्याज, नींबू रस, अदरक का रस, लहसुन का रस 1-1 चम्मच लेकर अच्छी तरह से पका कर गाढ़ा कर लें। इसके बाद इसमें बराबर मात्रा में शहद में मिलाकर रखें। रोजाना एक चम्मच इसका सेवन करने से कोलेस्ट्राल कंट्रोल होगा। इसके साथ ही हार्ट ब्लोकेज की समस्या से निजात मिलेगा।
ब्राउन राइस डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद है, लेकिन नियंत्रित होकर इसका सेवन करें।
1 करेला, 1 खीरा और 1 टमाटर, 10-12 सहाबाहर के फूल, थोड़ा एलोवेरा, अश्वगंधा, तुलसी, आंवला, गिलोय का जूस बनाकर खाली पेट इसका सेवन करें। आप चाहे तो सिर्फ खीरा, करेला और टमाटर का भी जूस बना सकते हैं।
गुलमार्ग बूटी के पत्ते 2-3 खाएं।
जामुन का सिरका और गुठली का सेवन करें। इससे पैंक्रियाज में इंसुलिन बनेगा।
अगर आपका शहद खाने का मन हैं तो 1 चम्मच से ज्यादा न खाए।
डायबिटीज से निजात पाने के लिए दबाएं ये प्वाइंट्स
पैंक्रियाज बाएं ओर होता है। इसलिए बाएं हाथ की छोटी अंगुली के नीचे 5-5 मिनट दबाएं या फिर सुबह-शाम ढाई-ढाई मिनट दबाएं। इससे लाभ मिलेगा।
डायबिटीज एक्यूप्रेशर प्वाइंट
हाथ के अलावा हमारे पैर में भी प्वाइंट पाया जाता है। बाएं पैर के तलवे में चौथी अंगुली के 5 इंच नीचे प्वाइंट को दबाएं। इससे लाभ मिलेगा।
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ताड़ासन को हाइट बढ़ाने के लिए योग में शामिल किया जा सकता है। ऐसा माना जाता है कि ताड़ासन को करने पर शरीर की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। साथ ही यह शरीर को लचीला करने में सहायता कर सकता है, जिससे लम्बाई बढ़ने में सहायता मिल सकती है। लेकिन योग प्रशिक्षक की सलाह पर ही इसे करना चाहिए।
आप के लिए खास
ताड़ासन लंबाई बढ़ाने के लिए योग करना सबसे अच्छा है। यह आपकी रीढ़ की हड्डी को पूरी तरह से फैलाता है और सीधा करता है। ...
पश्चिमोत्तानासन ये योगासन रीढ़ और हैमस्ट्रिंग को फैलाता है। ये रीढ़ के तनाव को भी दूर करता है, जिससे आपकी लंबाई बढ़ सकती है। ...
यह भी जान ले।
योग करने से पहले यह टिप्स जरूर जाने।
Read Full Blog...महर्षि पतंजलि, जिन्हें सही मायने में "योग के जनक" कहा जाता है, ने अपने "योग सूत्र" (सूत्र) में योग के विभिन्न पहलुओं को व्यवस्थित रूप से संकलित और परिष्कृत किया।
माना जाता है कि भगवान शिव ने 84 प्रकार के योग आसन बताए थे. योग की गई किताबों में इतने ही आसनों को जिक्र मिलता है.
Read Full Blog...आज के समय में हर कोई अपने बढ़ते पेट से परेशान है। इसकी कई वजह हैं। खानपान सबसे बड़ा कारण है। प्लैंक एक ऐसा योगासन है जो आपके पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और आपके पेट की चर्बी को कम करने में मदद करता है। इस आसन को करने के लिए अपने हाथों को जमीन पर रखें और अपने शरीर को सीधा रखें।
प्लैंक एक ऐसा योगासन है जो आपके पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और आपके पेट की चर्बी को कम करने में मदद करता है। इस आसन को करने के लिए, अपने हाथों को जमीन पर रखें और अपने शरीर को सीधा रखें। अपने पैरों को जमीन पर रखें और अपने शरीर को स्थिर रखें। सुबह उठकर आप यह योगासन रोजाना करने की आदत डालें। इससे आपको काफी फायदा मिलेगा।
बोट पोज एक ऐसा योगासन है जो आपके पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और आपके पेट की चर्बी को कम करने में मदद करता है। इस आसन को करने के लिए, अपने पैरों को जमीन पर रखें और अपने हाथों को अपने सिर के पीछे रखें। अपने शरीर को सीधा रखें और अपने पैरों को जमीन पर रखें।
Cobra पोज एक ऐसा योगासन है जो आपके पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और आपके पेट की चर्बी को कम करने में मदद करता है। इस आसन को करने के लिए, अपने पेट के बल लेट जाएं और अपने हाथों को अपने कंधों के नीचे रखें। अपने शरीर को सीधा रखें और अपने सिर को ऊपर उठाएं।
इसके अलावा यह योगासन भी जरूर जाने।
ठंड के चलते नहीं जा पा रहे हैं माॅर्निंग वाॅक तो घर बैठे करें ये एक्सरसाइज हमेशा रहेंगे फिट।
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अपने होंठ के ऊपर और नाक के नीच बीच वाली जगह को शुइगौ स्पॉट कहते हैं। सबसे पहले नाक और अपर लिप के बीच के हिस्से पर उंगली रखें उसे करीब दो से तीन मिनट गोलाकार में उंगली को दबाते हुए इस पॉइंट पर घुमाती रहें। इससे वजन कम होता है।
2 टखनें
इसे आप एक्सरसाइज के बाद कर सकती हैं। इससे शरीर रिलैक्स होता है और थकान दूर होती है। दो उंगली को इस पॉइंट पर रखें। ये पॉइंट पैर के बाहर की साइड 5 सेमी ऊपर होता है। इसे आप अपने अंगूठे के माध्यम से रोजाना 1 मिनट धीमे से दबा सकती हैं। आप दो से तीन मिनट तक उस बिंदु पर गोलाकार मालिश कर सकती है। ठीक इसी तरह से दूसरे पैर पर भी करें। इससे भी यकीनन वजन कम होता है।
3 नाभि
ये प्रेशर पॉइंट नाभि से करीबन चार इंच ऊपर होता है। रिसर्च में कहा गया है एक्यूप्रेशर पॉइंट को दबाने से कमर व पेट की चर्बी कम होती है और इससे शरीर में वसा की दर में सुधार होता है। अपनी दो उंगली प्रेशर पॉइंट पर रखें, फिर हल्का जोर लगाते हुए उस हिस्से को दबाएं। उसके बाद आप उस हिस्से में दो मिनट तक गोलाकार में मालिश कर सकती हैं।
इसे भी पढ़े-मोटापा कम करना चाहती हैं, तो इन 5 सुपरफूड्स को करें अपनी डाइट लिस्ट में शामिल
4 कान
आपको बता दें कि कान के एक पॉइंट को दबाकर भूख नियंत्रित की जा सकती है। ये बिंदु कान के बाहरी त्रिकोणीय हिस्से में स्थित होता है। अपनी एक उंगली को प्रेशर पॉइंट पर हल्का जोर लगाते हुए दबाए और 1 मिनट तक अपने मुंह को खोले और बंद करें। ऐसे दूसरे कान में भी करें ऐसा करने से आपको लाभ जरूर मिलेगा।
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