
असली रेशम की पहचान 1.जलने पर बालों के जलने जैसी गंध आती है 2. अम्ल के घोल में डालने पर गुल जाएगा 3.तंतु जलने पर कई गोली सा बन जाता है धन्यवाद
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असली रेशम की पहचान
1.जलने पर बालों के जलने जैसी गंध आती है
2. अम्ल के घोल में डालने पर गुल जाएगा
3.तंतु जलने पर कई गोली सा बन जाता है
धन्यवाद
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उन क्या है - यह तंतु पशुओं के बालों तथा रोग से प्राप्त होता है जिन जानवरों के शरीर पर लंबे बाल होते हैं उनके बालों को मशीनों द्वारा खींच लिया जाता है अंगोरा बकरी तथा भेद के में मन से पश्मीना ऊन प्राप्त की जाती है यह उन बहुत मुलायम तथा बहुत गर्म होती है उनको गर्मी का कुछ अलग कहा जाता है उनका तंतुला चिल तथा मजबूत होता है इसमें चमक नहीं होती है बढ़िया उन तंतु की लंबाई 5 से 12 सेंटीमीटर तथ...
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उन क्या है -
यह तंतु पशुओं के बालों तथा रोग से प्राप्त होता है जिन जानवरों के शरीर पर लंबे बाल होते हैं उनके बालों को मशीनों द्वारा खींच लिया जाता है अंगोरा बकरी तथा भेद के में मन से पश्मीना ऊन प्राप्त की जाती है यह उन बहुत मुलायम तथा बहुत गर्म होती है उनको गर्मी का कुछ अलग कहा जाता है उनका तंतुला चिल तथा मजबूत होता है इसमें चमक नहीं होती है बढ़िया उन तंतु की लंबाई 5 से 12 सेंटीमीटर तथा खराब उनके लंबाई 12 सेंटीमीटर से अधिक होती है उनके वस्त्र तप को शरीर से बाहर नहीं निकलने देते हैं यही कारण है कि सर्दी में उन निर्मित वस्त्र पहने जाते हैं
उन के तंतु में सल्फर पाया जाता है इसमें ऑक्सीजन नाइट्रोजन हाइड्रोजन कार्बन तथा सल्फर के सहयोग से कैरोटीन नामक प्रोटीन का निर्माण होता है इसकी अनुप्रस्थ काट का आकार गोल और अंडाकार होता है उनके तंतु में कुछ टेढ़ी-मेढ़ी रेखाएं दिलाई देती है
धन्यवाद
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प्राणी जगत से प्राप्त तंतु- इन तंतुओं की उत्पत्ति जीव जंतु जगत से होती है इसलिए इनको केंद्रीय जनता तंतु कहते हैं यह प्रोटीन निर्मित तंतु है इनके दो प्रमुख उदाहरण उन और रेशम है इसके बारे में मैं आपको इस ब्लॉग मैं मैं आपको रेशम के बारे में बताऊंगी और अगर आपको उनके बारे में जानना है तो मैं आपको दूसरे ब्लॉक में जानकारी दूंगी रेशम- रेशम का निर्माण एक विशेष प्रकार के कीड़ों द्वार...
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प्राणी जगत से प्राप्त तंतु-
इन तंतुओं की उत्पत्ति जीव जंतु जगत से होती है इसलिए इनको केंद्रीय जनता तंतु कहते हैं यह प्रोटीन निर्मित तंतु है इनके दो प्रमुख उदाहरण उन और रेशम है इसके बारे में मैं आपको इस ब्लॉग मैं मैं आपको रेशम के बारे में बताऊंगी और अगर आपको उनके बारे में जानना है तो मैं आपको दूसरे ब्लॉक में जानकारी दूंगी
रेशम-
रेशम का निर्माण एक विशेष प्रकार के कीड़ों द्वारा होता है इन्हें रेशम के कीड़े रहते हैं रेशम के कीड़े अधिकतर शहतूत के पेड़ों पर पाले जाते हैं युवा अवस्था में यह कीड़ा अपने मुख से एक विशेष प्रकार का लसदर पदार्थ निकलता है जिससे कोई कोकून के रूप में अपने चारों ओर लपेट चला जाता है यह रस हवा में सुख कर लंबा तंतु बन जाता है रेशम के कीड़ों को मारकर रेशम प्राप्त कर लिया जाता है रेशम पा अवस्था में ही प्राप्त होता है यदि थोड़ी देर हो जाए तो कीड़ा अपने चारों ओर धागे को काटकर पा की अवस्था से निकलकर बाहर हो जाता है और चारों ओर का लगता हुआ धागा नष्ट हो जाता है रेशम दो प्रकार का होता है प्रथम प्रकार के रेशम का तंतु शहतूत के पत्तों पर पहले कीड़ों से प्राप्त होता है जो चिकन चमकीला एक सा मोटा और पारदर्शक होता है यह तंतु कार्य क्रीम रंग का और उच्च कोटि का होता है इसी से रेशम होता है इस रेशम के तंतुओं की लंबाई सामान्य 800 से 1200 मीटर तक होती है लेकिन कभी-कभी यह 3000 मीटर तक लंबे होते हैं
घटिया रेशम जंगली कीड़ों से प्राप्त होता है और जंगली कीड़े आंख के पत्तों पर पाले जाते हैं यह रेशम मोटा कड़ा तथा कुछ भूरापन लिए होता है
धन्यवाद
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सन कर क्या है:- सन का रेशा झूठ कह रहे से अच्छा होता है इसका रंग भी हल्का होता है इसमें तनाव सहने की क्षमता अधिक होती है सन के पैसे का प्रयोग कागज उद्योग में मछली पकड़ने के जल के नीचे कालीन सुतली आदि बनाने में होता है यह एशिया के दक्षिण भाग विशेष कर भारतवर्ष में उत्पन्न होता है धन्यवाद
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सन कर क्या है:-
सन का रेशा झूठ कह रहे से अच्छा होता है इसका रंग भी हल्का होता है इसमें तनाव सहने की क्षमता अधिक होती है सन के पैसे का प्रयोग कागज उद्योग में मछली पकड़ने के जल के नीचे कालीन सुतली आदि बनाने में होता है यह एशिया के दक्षिण भाग विशेष कर भारतवर्ष में उत्पन्न होता है
धन्यवाद
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नारियल का रेशा- यह कड़ा तथा रुख रे ऐसा होता है इसका प्रयोग भी सीमित है समुद्र के नमकीन पानी में फुल कर पीट कर इसका रेशा साफ किया जाता है यह मोटे कपड़े चटाई डोर मेट दरी गलीचे ब्रश आदि बनाने में उपयोग आता है धन्यवाद
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नारियल का रेशा-
यह कड़ा तथा रुख रे ऐसा होता है इसका प्रयोग भी सीमित है समुद्र के नमकीन पानी में फुल कर पीट कर इसका रेशा साफ किया जाता है यह मोटे कपड़े चटाई डोर मेट दरी गलीचे ब्रश आदि बनाने में उपयोग आता है
धन्यवाद
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हेंप क्या होता है हेंप का रेशा अभिलेख पौधे के ताने से प्राप्त होता है इसमें कुछ आवश्यक गुना का भाव होता है वैसे इस रेशे में चमक अधिक होती है यह भारत में व्युत्पन्न होता है कागज गलीचे जूते आदि बनाने में प्रयोग किया जाता है धन्यवाद:-
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हेंप क्या होता है
हेंप का रेशा अभिलेख पौधे के ताने से प्राप्त होता है इसमें कुछ आवश्यक गुना का भाव होता है वैसे इस रेशे में चमक अधिक होती है यह भारत में व्युत्पन्न होता है कागज गलीचे जूते आदि बनाने में प्रयोग किया जाता है
धन्यवाद:-
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जूट क्या है यह झूठ के पौधे से प्राप्त होता है इसका पौधा 5 से 12 फीट तक ऊंचा होता है मोटी उंगली के बराबर होती है यह रेशे पीले रंग के होते हैं स्पर्श में चिकने तथा कोमल होते हैं इसके रेशे उलझे और आसमान होते हैं भारत में बंगाल राज्य में इसका उत्पादन सबसे अधिक होता है तट गले से डरी आदि का निर्माण जूठ के रेशों से होता है धन्यवाद
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जूट क्या है
यह झूठ के पौधे से प्राप्त होता है इसका पौधा 5 से 12 फीट तक ऊंचा होता है मोटी उंगली के बराबर होती है यह रेशे पीले रंग के होते हैं स्पर्श में चिकने तथा कोमल होते हैं इसके रेशे उलझे और आसमान होते हैं भारत में बंगाल राज्य में इसका उत्पादन सबसे अधिक होता है तट गले से डरी आदि का निर्माण जूठ के रेशों से होता है
धन्यवाद
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तने वाले तंतु कुछ पौधे ऐसे होते हैं जिनके तानों से तंतु प्राप्त किए जाते हैं पौधों के तानों से विभिन्न क्रियो द्वारा तंतु ऑन को निकाला जाता है इसमें लेकिन झूठ अथवा हेंप आते हैं लिनन का तंतु - लेनिन का तंतु सानिया परसों के पौधे से प्राप्त होता है यह इस पौधे के तनु में पाया जाता है संकेत तने को पानी में भिगोने से तने का शेष भाग गैल कर नष्ट हो जाता है तथा लेनिन का...
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तने वाले तंतु
कुछ पौधे ऐसे होते हैं जिनके तानों से तंतु प्राप्त किए जाते हैं पौधों के तानों से विभिन्न क्रियो द्वारा तंतु ऑन को निकाला जाता है इसमें लेकिन झूठ अथवा हेंप आते हैं
लिनन का तंतु -
लेनिन का तंतु सानिया परसों के पौधे से प्राप्त होता है यह इस पौधे के तनु में पाया जाता है संकेत तने को पानी में भिगोने से तने का शेष भाग गैल कर नष्ट हो जाता है तथा लेनिन का तंतु धीरे-धीरे निकल आता है यह तंतु बेलनाकार होता है और इस पर गांठे होती है यह कपास के तंतु से लंबा और मजबूत होता है इसमें लचीलापन और रो नहीं होते
धन्यवाद
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वनस्पति तंतु - यह वनस्पति जगत से प्राप्त होते हैं जैसे कपास वह कपड़ों के बीच के बालों से प्राप्त होते हैं कुछ अन्य तंतु जैसे झूठ लीलन वह हम पौधों के तानों से प्राप्त होते हैं बीज वाले तंतु- इसमें पेड़ के बीजों से तंतु प्राप्त किए जाते हैं पेड़ के बीच के चारों ओर तंतु चिपके रहते हैं इन बीजों को इकट्ठा करके उनसे तंतुओं को निकाला जाता है इस समूह का प्रमुख तंतु कपास है जि...
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वनस्पति तंतु -
यह वनस्पति जगत से प्राप्त होते हैं जैसे कपास वह कपड़ों के बीच के बालों से प्राप्त होते हैं कुछ अन्य तंतु जैसे झूठ लीलन वह हम पौधों के तानों से प्राप्त होते हैं
बीज वाले तंतु-
इसमें पेड़ के बीजों से तंतु प्राप्त किए जाते हैं पेड़ के बीच के चारों ओर तंतु चिपके रहते हैं इन बीजों को इकट्ठा करके उनसे तंतुओं को निकाला जाता है इस समूह का प्रमुख तंतु कपास है जिसके बारे में हम बताएंगे
सूती (कपास)
सूती अथवा कपास का तंतु कपास के बीजों से प्राप्त होता है भारतवर्ष में सूती कपड़ों का प्रयोग सर्वाधिक किया जाता है कुछ समय पहले मशीनों के अभाव में सूती धागे चरखा चलाकर प्राप्त किए जाते थे यह बहुत मुलायम तथा महीन होते हैं ढाका की मलमल विश्व प्रसिद्ध सूती कपड़ा है कहा जाता है कि यह मलमल इतनी महीन होती है किसका पूरा थन एक अंगूठी से निकाल दिया जा सकता है
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कृत्रिम तंतु किसे कहते हैं द्वितीय वर्ग के वस्त्र उपयोगी तंतु को कृत्रिम तंतु कहा जाता है इस वर्ग के वस्त्र प्रयोग तंतु प्रकृति में स्वतंत्र रूप से विद्वान नहीं होते इन तंतु को मानव ने अपने वैज्ञानिक विवेक के आधार पर प्रयोगशाला में निर्मित किया है इन तंतु को वस्त्र प्रयोग आधुनिक तंतु भी कहा जाता है वस्त्र प्रयोग कृत्रिम तंतु को भी विभिन्न वीडियो द्वारा तैयार किया जाता है इस आधार पर इन...
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कृत्रिम तंतु किसे कहते हैं
द्वितीय वर्ग के वस्त्र उपयोगी तंतु को कृत्रिम तंतु कहा जाता है इस वर्ग के वस्त्र प्रयोग तंतु प्रकृति में स्वतंत्र रूप से विद्वान नहीं होते इन तंतु को मानव ने अपने वैज्ञानिक विवेक के आधार पर प्रयोगशाला में निर्मित किया है इन तंतु को वस्त्र प्रयोग आधुनिक तंतु भी कहा जाता है वस्त्र प्रयोग कृत्रिम तंतु को भी विभिन्न वीडियो द्वारा तैयार किया जाता है इस आधार पर इन तंतुओं की भी दो वर्गों के अंतर्गत विभाजित किया जाता है जिन्हें क्रमश यांत्रिक वीडियो द्वारा तैयार कृत्रिम तंतु तथा रासायनिक वीडियो से तैयार तंतु के रूप में जाना जाता है यांत्रिक पद्धति से तैयार किया गया सर्वप्रथम कृत्रिम तंतु लियोन है रासायनिक विधि से तैयार किए जाने वाले कृत्रिम तंतु में प्रमुख है एक्रो लोन देखलो और लोन नायलॉन
रासायनिक तंतु :-
इनके तंतु मनुष्य द्वारा निर्मित किया जाता है प्राकृतिक साधनों से प्राप्त देश की तरह रासायनिक वीडियो से इन देशों का निर्माण करके टेलरों नायलॉन अल्फा आदि वस्त्रो का निर्माण किया जाता है आजकल इनका प्रचलन अधिक बढ़ रहा है यह रेशम के समान चमकीले होते हैं यह वस्त्र रश्मि वस्त्र के स्थान की पूर्ति करते हैं यह देखने में आकर्षक भर में हल्का व कोमल होता है भारत में सैकड़ो कारखाने इसका उत्पादन करते हैं बस या लकड़ी की लोदी को रासायनिक पदार्थ और वीडियो द्वारा दर्द के रूप में परिवर्तित करके मशीन के द्वारा रेशों के रूप में लाकर सुख लिया जाता है और इन्हीं देशों से वस्त्र तैयार कर लिया जाता है अधिक गर्मी से इसका तंतु पिघल जाता है गर्म पानी से धोने वह स्त्री करने से यह कमजोर हो जाता है
खनिज पदार्थों के तंतु:-
कुछ खनिज पदार्थ से भी वस्त्र का निर्माण किया जाता है इस पर स्टोर्स जालीदार वह किम ख्वाब के तंतु खनिज पदार्थ से ही प्राप्त किए जाते हैं इस पर स्टोर्स कोशिला तंतु कहते हैं इन कपड़ो पर अग्नि का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों के वस्त्र इसी तंतु के बने होते हैं जालीदार तंतु सोने चांदी वह अल्युमिनियम नमक धातु से तार खींचकर बनाए जाते हैं यह बहुत कीमती होते हैं तथा देखने में भड़कीले तथा भारी होते है
रियान को प्राकृतिक तथा कृत्रिम दोनों प्रकार का तंतु कहा जाता है
धन्यवाद
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