
रोगी के कमरे की आवश्यक सामग्री रोगी के कमरे में केवल आवश्यक वस्तु ही रखी जानी चाहिए रोगी के कमरे में निम्नलिखित समान होना चाहिए- चारपाई या पलंग- रोगी के लिए कमरे में एक अच्छी तरह कसी हुई चारपाई या लोहे का स्प्रिंगदार पलंग होना चाहिए चारपाई अपलम की ऊंचाई पर्याप्त होनी चाहिए ताकि परिचारिका को सुविधा रहे चारपाई या पलंग पर बिछाया जाने वाला बिस्तर स्वच्छ और आरामदायक होना चाहिए...
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रोगी के कमरे की आवश्यक सामग्री
रोगी के कमरे में केवल आवश्यक वस्तु ही रखी जानी चाहिए रोगी के कमरे में निम्नलिखित समान होना चाहिए-
चारपाई या पलंग- रोगी के लिए कमरे में एक अच्छी तरह कसी हुई चारपाई या लोहे का स्प्रिंगदार पलंग होना चाहिए चारपाई अपलम की ऊंचाई पर्याप्त होनी चाहिए ताकि परिचारिका को सुविधा रहे चारपाई या पलंग पर बिछाया जाने वाला बिस्तर स्वच्छ और आरामदायक होना चाहिए
दो छोटी मेज - इनमें से एक मैच चारपाई या पलंग के पास रखनी चाहिए इस पर एक स्वच्छ तोलिया रख देना चाहिए दूसरी इमेज कमरे में एक तरफ रखी हो जिस पर दवा गिलास चम्मच का प्लेट थर्मामीटर आदि रखे जाने चाहिए
दो कुर्सियां- रोगी के कमरे में दो कुर्सियां भी रखी होनी चाहिए इनमें से एक साधारण कुर्सी हो जिस पर चिकित्सक या रोगी को देखने आने वाला पड़ोसी मित्र आदि बैठ सके दूसरी कुर्सी परिचारिका के आराम के लिए होनी चाहिए
एक स्टॉल- रोगी के कमरे में चारपाई या पलंग के पास सरकार कर बैठने के लिए एक स्टॉल भी होना चाहिए
एक छोटी अलमारी- रोगी के कमरे में एक छोटी अलमारी भी होनी चाहिए इसमें रोगी के वेस्टन के अतिरिक्त तो लिए आदि रखे जाने चाहिए
चिल्माजी - रोगी की थूक बलगम खुला उल्टी आदि के लिए चिल्माटी भी उसके कमरे में चारपाई या पलंग के पास रख देनी चाहिए इसमें किसी कीटाणु नाशक दवा को डाल देना चाहिए ताकि रोग के कीटाणु नष्ट हो जाए इस समय-समय पर साफ करते रहना चाहिए
मल मूत्र का पार्ट - चिल्माची की भांति रोगी के कमरे में मल मूत्र का पार्ट भी होना चाहिए ताकि रोगी उसमें अपना मलमूत्र आसानी से त्याग सके इसमें भी किसी कीटाणु नाशक दवा का प्रयोग आवश्यक करना चाहिए और इस समय-समय पर साफ करते रहना चाहिए
धन्यवाद
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रोगी के कमरे का महत्व रोगी के कमरे का अपना अलग महत्व है अलग कमरा होने से घर के सभी सदस्य संक्रामक बीमारियों से ग्रस्त नहीं हो सकेंगे रोगी भी सुर युक्त वातावरण से दूर हो जाएगा उसे अपने कमरे मैं शुद्ध वह स्वस्थ वातावरण मिलेगा जिससे वह अपने को जल्दी स्वस्थ महसूस करने लगेगा धन्यवाद
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रोगी के कमरे का महत्व
रोगी के कमरे का अपना अलग महत्व है अलग कमरा होने से घर के सभी सदस्य संक्रामक बीमारियों से ग्रस्त नहीं हो सकेंगे रोगी भी सुर युक्त वातावरण से दूर हो जाएगा उसे अपने कमरे मैं शुद्ध वह स्वस्थ वातावरण मिलेगा जिससे वह अपने को जल्दी स्वस्थ महसूस करने लगेगा
धन्यवाद
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रोगी का कमरा :- "रोगी के कमरे की उपयोगिता उसकी निरोगाता की प्रथम सीढ़ी है " रोगी रोग की स्थिति में एक बिस्तर पर अपना समय व्यतीत करता है यह रोग पर निर्भर करता है कि उसकी अवधि कितनी है अतः रोगी के लिए एक कमरे की व्यवस्था करनी चाहिए जिससे रोगी को शांत तथा स्वच्छ वातावरण प्राप्त हो सके कमरे की अच्छी वह स्वच्छ व्यवस्था से रोगी जल्दी स्वस्थ हो जाता है अलग कमरे की व्यवस्था करन...
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रोगी का कमरा :-
"रोगी के कमरे की उपयोगिता उसकी निरोगाता की प्रथम सीढ़ी है "
रोगी रोग की स्थिति में एक बिस्तर पर अपना समय व्यतीत करता है यह रोग पर निर्भर करता है कि उसकी अवधि कितनी है अतः रोगी के लिए एक कमरे की व्यवस्था करनी चाहिए जिससे रोगी को शांत तथा स्वच्छ वातावरण प्राप्त हो सके कमरे की अच्छी वह स्वच्छ व्यवस्था से रोगी जल्दी स्वस्थ हो जाता है अलग कमरे की व्यवस्था करने पर किसी प्रकार से अन्य व्यक्तियों को संक्रमण नहीं हो सकता रोगी के कमरे का तापक्रम 98 डिग्री एफ होना चाहिए ऐसा स्वास्थ्य की दृष्टि से रोगी का पृथक कैमरा होना आवश्यक है
धन्यवाद
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सामान्य देसी औषधियां "औषधि का जीवन में बहुमूल्य स्थान है औषधि का सामान्य अनुसार शुद्ध प्रयोग प्राण रक्षा की जा सकती है" भारतवर्ष में प्राचीन काल से ही विभिन्न देसी औषधीय का प्रयोग होता आ रहा है मनुष्य ने अपने दीर्घकालीन अनुभव तथा कुछ खोजो द्वारा ज्ञात कर लिया है कि विभिन्न साधारण रोगों के उपचार के लिए कुछ साधारण का सामग्रियां तथा उपयोग के घरेलू पदार्थ भी विशेष रूप...
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सामान्य देसी औषधियां
"औषधि का जीवन में बहुमूल्य स्थान है औषधि का सामान्य अनुसार शुद्ध प्रयोग प्राण रक्षा की जा सकती है"
भारतवर्ष में प्राचीन काल से ही विभिन्न देसी औषधीय का प्रयोग होता आ रहा है मनुष्य ने अपने दीर्घकालीन अनुभव तथा कुछ खोजो द्वारा ज्ञात कर लिया है कि विभिन्न साधारण रोगों के उपचार के लिए कुछ साधारण का सामग्रियां तथा उपयोग के घरेलू पदार्थ भी विशेष रूप से लाभदायक होते हैं उदाहरण के लिए घरों में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न मसाले लवण फल तथा पौधों के कुछ भाग विभिन्न रोगों के उपचार के लिए उपयोगी होते हैं इस प्रकार की खाद सामग्री या सामान्य पदार्थों को घरेलू देशजुष औषधीय कहा जाता है इस प्रकार स्पष्ट है कि सामान्य रूप से घरों में इस्तेमाल होने वाले शारीरिक विकार निवारक सामान्य पदार्थों को ही घरेलू औषधियां कहते हैं परंतु इनके रस द्वारा भेजा जैसे भयंकर रोग के प्रारंभिक उपचार में बहुत अधिक सहायता मिलती है यही कारण है कि यह घरेलू पदार्थ औषधीय के रूप में जाने जाते हैं उदाहरण के लिए प्याज या पुदीना साधारण इस्तेमाल की घरेलू औषधियां के रूप में भी जाने जाते हैं मनुष्य ने अपने दीर्घकालिक अनुभव द्वारा संख्या घरेलू औषधियां की जानकारी प्राप्त कर ली है तथा इस प्रकार से अर्जित जानकारी आज भी हमारे समाज में पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तांतरित हो रही है
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खाद्य पदार्थों का संगठन "खाद्य पदार्थों का संगठन तथा वर्गीकरण उनकी उपयोगिता और पौष्टिकता को रखा किंतु करता है " भोजन मनुष्य की मूलभूत आवश्यकता है यह मनुष्य के जीवन का आधार होता है आई का लगभग 70% भाग भोजन पर ही खर्च किया जाता है दैनिक जीवन का प्रत्येक कार्य प्रत्येक अथवा अप्रत्यक्ष रूप से भोजन से ही संबंधित होता है जब हम कोई कार्य यह करते हैं तो हमें थकान का अनुभव...
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खाद्य पदार्थों का संगठन
"खाद्य पदार्थों का संगठन तथा वर्गीकरण उनकी उपयोगिता और पौष्टिकता को रखा किंतु करता है "
भोजन मनुष्य की मूलभूत आवश्यकता है यह मनुष्य के जीवन का आधार होता है आई का लगभग 70% भाग भोजन पर ही खर्च किया जाता है दैनिक जीवन का प्रत्येक कार्य प्रत्येक अथवा अप्रत्यक्ष रूप से भोजन से ही संबंधित होता है जब हम कोई कार्य यह करते हैं तो हमें थकान का अनुभव होता है और थकान को दूर करने के लिए हमें ऊर्जा की आवश्यकता होती है और यह ऊर्जा हमें भोजन से मिलती है अतः भजन शक्ति का प्रमुख साधन होता है
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व्यक्तिगत सजा का अर्थ प्रत्येक व्यक्ति समाज के एक सदस्य के रूप में जीवन व्यतीत करता है व्यक्ति की विभिन्न गतिविधियों तथा दिनचर्या सामाजिक वातावरण में ही संपन्न होती है इस स्थिति में प्रत्येक व्यक्ति जाता है कि उसे अपने समाज आओ समूह मैं अधिक से अधिक समान एवं प्रतिष्ठा प्राप्त हो इस इच्छा की पूर्ति के लिए जहां एक और व्यक्ति के अपने सामाजिक गुण योग्यता तथा व्यवहार आदि को ध्यान में रखा जात...
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व्यक्तिगत सजा का अर्थ
प्रत्येक व्यक्ति समाज के एक सदस्य के रूप में जीवन व्यतीत करता है व्यक्ति की विभिन्न गतिविधियों तथा दिनचर्या सामाजिक वातावरण में ही संपन्न होती है इस स्थिति में प्रत्येक व्यक्ति जाता है कि उसे अपने समाज आओ समूह मैं अधिक से अधिक समान एवं प्रतिष्ठा प्राप्त हो इस इच्छा की पूर्ति के लिए जहां एक और व्यक्ति के अपने सामाजिक गुण योग्यता तथा व्यवहार आदि को ध्यान में रखा जाता है वही साथ ही उसकी व्यक्तिगत सजा का भी विशेष योगदान होता है व्यक्ति की व्यक्तिगत सजा आकर्षक तथा प्रभावशाली होनी चाहिए अब प्रश्न उठता है कि व्यक्तिगत सजा से क्या आशय है व्यक्तिगत के संपूर्ण बाहरी व्यक्ति तत्व को व्यक्ति गति जो व्यक्ति के बाहरी व्यक्ति तत्व को निखारने के उल्लेखनीय भूमिका निभाता है व्यक्तिगत सजा में विभिन्न उपाय तथा साधन निहित होता है व्यक्ति का सजा के अंतर्गत सर्वाधिक महत्वपूर्ण साधन वेशभूषा है सामान्य रूप से व्यक्तिगत सजा को उत्तम बनाने में सहायक वेशभूषा को ही उत्तम माना जाता है
धन्यवाद
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व्यक्तिगत सजा उचित वेशभूषा "व्यक्तिगत वेशभूषाही व्यक्तित्व को आकर्षक और प्रभावशाली बनती है" आज के वर्तमान युग में वस्त्र मात्रा तन रखने के लिए ही नहीं अपितु व्यक्ति के व्यक्तित्व को निखारने के उद्देश्य से भी पहने जाते हैं वस्त्र जीवन को सभी वस्तुओं से अधिक प्रभावित करते हैं उनके उचित चयन और उपयोग से व्यक्ति का स्वरूप बदल जाता है शारीरिक अवगुणों को छुपा कर व्यक्तित्...
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व्यक्तिगत सजा उचित वेशभूषा
"व्यक्तिगत वेशभूषाही व्यक्तित्व को आकर्षक और प्रभावशाली बनती है"
आज के वर्तमान युग में वस्त्र मात्रा तन रखने के लिए ही नहीं अपितु व्यक्ति के व्यक्तित्व को निखारने के उद्देश्य से भी पहने जाते हैं वस्त्र जीवन को सभी वस्तुओं से अधिक प्रभावित करते हैं उनके उचित चयन और उपयोग से व्यक्ति का स्वरूप बदल जाता है शारीरिक अवगुणों को छुपा कर व्यक्तित्व को वेस्टन के द्वारा ही सुंदर बनाया जा सकता है
अतः वस्त्रो का विवेकपूर्ण चयन उचित प्रयोग सही देखरेख तथा विविधिवत्त सुरक्षा एवं संचय करने की कला से सभी को परिचित होना चाहिए वास्तव में वस्त्र विज्ञान का ज्ञान सभी के लिए आवश्यक है
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यात्रा के समय धरण की जाने वाली वेशभूषा प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कभी ना कभी छोटी अथवा लंबी यात्रा पर जाना ही पड़ता है कुछ व्यक्तियों को तो नियमित रूप से यात्रा पर जाना पड़ता है यात्रा के समय भी व्यक्ति को अपनी वेशभूषा का चुनाव करना चाहिए यात्रा के समय धरण की जाने वाली वेशभूषा का अनिवार्य गुण उसका सुविधाजनक होना है इस समय वही वेशभूषाधारण की जानी चाहिए जो लंबे समय तक सीट पर बैठने...
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यात्रा के समय धरण की जाने वाली वेशभूषा
प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कभी ना कभी छोटी अथवा लंबी यात्रा पर जाना ही पड़ता है कुछ व्यक्तियों को तो नियमित रूप से यात्रा पर जाना पड़ता है यात्रा के समय भी व्यक्ति को अपनी वेशभूषा का चुनाव करना चाहिए यात्रा के समय धरण की जाने वाली वेशभूषा का अनिवार्य गुण उसका सुविधाजनक होना है इस समय वही वेशभूषाधारण की जानी चाहिए जो लंबे समय तक सीट पर बैठने अथवा लेटने में सुविधाजनक हो शीघ्र ही सिलवटें पढ़ने वाली वस्त्र यात्रा के समय धारण नहीं करने चाहिए यात्रा के समय ना तो किसी प्रकार का विशेष बना श्रृंगार करना चाहिए और ना ही कीमती आभूषण आदि धारण करने चाहिए
धन्यवाद
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त्योहारों के अवसरों पर धारण की जाने वाली वेशभूषा त्योहार भी हमारे समाज के कुछ विविष्ट अवसर होते हैं तथा प्रत्येक सामाजिक व्यक्ति इन अवसरों पर भरपूर हर्ष उत्साह एवं अल्लाह से संबंधित क्रियाकलापों में भाग लेता है इन विश अवसरों पर वेशभूषा धारण करते समय अवसरों की प्रकृति एवं उत्साह के वातावरण को ध्यान में रखना चाहिए इन अवसरों पर व्यक्ति अपनी रुचि के अनुसार आधुनिक आठ व पारंपरिक किसी भी प्रक...
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त्योहारों के अवसरों पर धारण की जाने वाली वेशभूषा
त्योहार भी हमारे समाज के कुछ विविष्ट अवसर होते हैं तथा प्रत्येक सामाजिक व्यक्ति इन अवसरों पर भरपूर हर्ष उत्साह एवं अल्लाह से संबंधित क्रियाकलापों में भाग लेता है इन विश अवसरों पर वेशभूषा धारण करते समय अवसरों की प्रकृति एवं उत्साह के वातावरण को ध्यान में रखना चाहिए इन अवसरों पर व्यक्ति अपनी रुचि के अनुसार आधुनिक आठ व पारंपरिक किसी भी प्रकार के वस्त्र धारण कर सकता है महिलाएं इन अवसरों पर लहंगा चुनरी घाघरा गरारा अथवा भारी साड़ियां पहले करती है किशोरावस्था की लड़कियां इन अवसरों पर जींस अथवा स्कर्ट आदि धारण करना पसंद करती है इन अवसरों पर बना श्रृंगार की पर्याप्त छूट होती है अतः अपनी रुचि आयु आदि के अनुसार पर्याप्त बना श्रृंगार किया जा सकता है तथा रंग-बिरंगे आकर्षक वह भड़कीले वस्त्र धारण किए जा सकते हैं सुविधा के अनुसार आभूषण भी धारण किए जा सकते हैं यदि मेल अथवा भीड़ भाड़ वाले स्थान पर जाना हो तो सुरक्षा के पहलू को अवसर ही ध्यान में रखना चाहिए
धन्यवाद
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शोक अवसर पर धारण की जाने वाली वेशभूषा प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में ऐसे अवसर ऑन भी आते हैं जब हर और उदासीनता छाई होती है तथा उल्लास यह उमंग का नियंत्रांत अभाव होता है इस अवसर पर एक दूसरे के द्वारा परस्पर सब देना के भाव तथा स्वहानुभूति प्रकट की जाती है इस प्रकार के वातावरण में कुछ भिन्न प्रकार की वेशभूषाधारण की जानी चाहिए इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि व्यक्ति द्वारा धरण की गई वेशभू...
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शोक अवसर पर धारण की जाने वाली वेशभूषा
प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में ऐसे अवसर ऑन भी आते हैं जब हर और उदासीनता छाई होती है तथा उल्लास यह उमंग का नियंत्रांत अभाव होता है इस अवसर पर एक दूसरे के द्वारा परस्पर सब देना के भाव तथा स्वहानुभूति प्रकट की जाती है इस प्रकार के वातावरण में कुछ भिन्न प्रकार की वेशभूषाधारण की जानी चाहिए इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि व्यक्ति द्वारा धरण की गई वेशभूषा में किसी प्रकार की चमक धमक या बढ़ कीलापन बिल्कुल ना हो जहां तक हो सके बिल्कुल शादी वेशभूषाही धरण की जानी चाहिए सामाजिक मान्यताओं के अनुसार इन अवसरों पर सफेद अथवा हल्के रंगों के वस्त्र धारण करने का प्रचलन है कुछ समाजों मे शोक के अवसरों पर काले रंग के वस्त्र धारण किए जाते हैं शौक के अवसरों पर व्यक्ति को हर प्रकार से सादगी के भाव को दर्शन चाहिए शादी वेशभूषा के साथ-साथ हर प्रकार के बना श्रृंगार से भी दूर रहना चाहिए अति साधारण आभूषणों को छोड़कर कोई भी विशेष आभूषण धारण नहीं करना चाहिए निष्कर्ष स्वरूप कहा जा सकता है किस रोग के अवसर पर व्यक्ति की वेशभूषा से सादगी का प्रदर्शन होना चाहिए ना कि दिखाए वह आकर्षण का
धन्यवाद
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