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Vanshika

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Blog by Vanshika | Digital Diary

" To Present local Business identity in front of global market"

Meri Kalam Se
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नोक कलाम की उसने तोड़ी

​​​​ नोक कलम की उसने तोड़ी   नोक कलाम की उसने तोड़ी   फाड़ी पुस्तक, फेंका अवस्था,  कॉफी पर स्याही ही फैलाई   तोड़ दिया उसने गुलदस्ता            दूध दिया जब मां ने उसको            दे गिलास को उसके पटका            गुस्से ही गुस्से में उसने            फोड़ दिया पानी का मटका   बचपन में ही बिगड़ा है वह  कैसे आगे बढ़ पाएगा!  बन जाएगा गुंडा,डाकू   जगह ना दुनिया में पाएगा   धन्यवाद✍️   Read More
​​​​ नोक कलम की उसने तोड़ी   नोक कलाम की उसने तोड़ी   फाड़ी पुस्तक, फेंका अवस्था,  कॉफी पर स्याही ही फैलाई   तोड़ दिया उसने गुलदस्ता            दूध दिया जब मां ने उसको            दे गिलास को उसके पटका            गुस्से ही गुस्से में उसने            फोड़ दिया पानी का मटका   बचपन में ही बिगड़ा है वह  कैसे आगे बढ़ पाएगा!  बन जाएगा गुंडा,डाकू   जगह ना दुनिया में पाएगा   धन्यवाद✍️  
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[email protected] 04 Aug 2026 24 Views

श्रम की आदत उसे पड़ी है

 श्रम  की आदत उसे पड़ी है :-  कपड़े जो अपने खुद धोता  मोजे धोकर स्वयं सुखाता    खुद करता जूते पर पॉलिश   पापा के जूते चमकता             श्रम की आदत उसे पड़ी है              निश्चय  ही जो बहुत बड़ी है             है वह ऊंचे खानदान का             है अधिकारी वही मान का   धन्यवाद✍️ Read More
 श्रम  की आदत उसे पड़ी है :-  कपड़े जो अपने खुद धोता  मोजे धोकर स्वयं सुखाता    खुद करता जूते पर पॉलिश   पापा के जूते चमकता             श्रम की आदत उसे पड़ी है              निश्चय  ही जो बहुत बड़ी है             है वह ऊंचे खानदान का             है अधिकारी वही मान का   धन्यवाद✍️
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[email protected] 02 Aug 2026 27 Views

बचपन में ही खूब ढ़ला है

 बचपन में ही खूब ढला है :- ​​ काम सफाई से वह करता  मात पिता का हाथ बताता,  कीजिए सभी तरीके से रख   बैठक को सुंदर सजावता                रोज समय से पड़ता है वह                और समय से खेले खेल                नहीं सत्ता छोटों को वह                रखता सब बच्चों से मेल   सचमुच ही वह बहुत भला है  बचपन में ही खूब डाला है  ? धन्यवाद✍️ Read More
 बचपन में ही खूब ढला है :- ​​ काम सफाई से वह करता  मात पिता का हाथ बताता,  कीजिए सभी तरीके से रख   बैठक को सुंदर सजावता                रोज समय से पड़ता है वह                और समय से खेले खेल                नहीं सत्ता छोटों को वह                रखता सब बच्चों से मेल   सचमुच ही वह बहुत भला है  बचपन में ही खूब डाला है  ? धन्यवाद✍️
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[email protected] 02 Aug 2026 24 Views