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Blog by Vanshika | Digital Diary

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साल का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लग रहा है इसके बारे में हम आपको बताएंगे


 साल का पहला चंद्र ग्रहण :-  3 मार्च को साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है जो भारत के कई हिस्सों में दिखाई देगा क्योंकि यह ग्रहण भारत में दृश्य मन होगा इसलिए इसका धार्मिक सूतक काल भी प्रभावित रहेगी जिसके चलते मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे और मांगलिक कार्यों पर रोक रहेगी  चंद्र ग्रहण खत्म स्थान से लेकर दान तक जरूर करें यह जरूरी काम ​​​​​ चंद्र ग्रहण 2026 आज साल 2026 का पहला चं... Read More

 साल का पहला चंद्र ग्रहण :-

 3 मार्च को साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है जो भारत के कई हिस्सों में दिखाई देगा क्योंकि यह ग्रहण भारत में दृश्य मन होगा इसलिए इसका धार्मिक सूतक काल भी प्रभावित रहेगी जिसके चलते मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे और मांगलिक कार्यों पर रोक रहेगी

 चंद्र ग्रहण खत्म स्थान से लेकर दान तक जरूर करें यह जरूरी काम

​​​​​ चंद्र ग्रहण 2026 आज साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण लग रहा है आईए जानते हैं सूतक काल कब से शुरू होगा ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या ना करें और ग्रहण के बाद किन बातों का ध्यान रखना चाहिए

 चंद्र ग्रहण 2026:-

 आज साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण लग रहा है हिंदू धर्म में चंद्र ग्रहण को सिर्फ खगोलीय घटना नहीं बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है तब चंद्र ग्रहण होता है इस दौरान चंद्रमा का रंग हल्का लाल या तांबे जैसा दिखाई देता है इसलिए इस ब्लड मून भी कहा जाता है

 पंजाब के अनुसार यह ग्रहण सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में लग रहा है भारतीय समय के अनुसार ग्रहण दोपहर 3:20 से शुरू होगा लेकिन उसे समय भारत में चंद्रमा दिखाई नहीं देगा भारत में चंद्रमा का उदय शाम लगभग 6: 26 से 6:32 बजे के बीच होगा और इस समय ग्रहण का अंतिम चरण चल रहा होगा ग्रहण करीब6:46 से 6:47 बजे के बीच समाप्त हो जाएगा यानी भारत में यह चंद्र ग्रहण केवल 15 से 20 मिनट के लिए ही दिखाई देगा

 धार्मिक मान्यता के अनुसार चंद्र ग्रहण का प्रभाव सभी राशियों और व्यक्तियों पर पड़ता है ग्रहण के समय मंत्र जाप और भगवान का स्मरण करना शुभ माना जाता है जबकि खाना बनाना भोजन करना और शुभ कार्य शुरू करना वर्जित बताया गया है ग्रहण से पहले सूतक काल भी लगता है जिसे अशोक समय माना जाता है सूतक काल में विशेष सावधानी बरतने और भगवान का नाम लेने की सलाह दी जाती है

 आईए जानते हैं कि सूतक काल कब से शुरू होगा ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या ना करें और ग्रहण के बाद किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए

 ग्रहण के बाद स्नान और शुद्धिकरण क्यों है महत्वपूर्ण

 धर्म शास्त्रों और ज्योतिष के अनुसार ग्रहण के बाद स्नान और शुद्धिकरण केवल परंपरा नहीं बल्कि मानसिक और आत्मिक शांति का तरीका है इससे तन मन और घर सभी स्थानों पर सकारात्मक वातावरण बना रहता है चंद्र ग्रहण 2026 का सही पालन करने से ग्रहण का नारा आत्मक प्रभाव दूर होता है और घर और आत्मा दोनों शुद्ध रहते हैं छोटे-छोटे कदम अपना कर आप दिन को सुरक्षित और शुभ बना सकते हैं

  आराध्य देवता को गंगाजल से स्नान करने के बाद पूजा करें

 हिंदू मान्यता के अनुसार चंद्र ग्रहण और उसका सूतक काल समाप्त होते व्यक्ति को तन और मन से पवित्र होने के बाद अपने पूजा घर की सफाई करना चाहिए और अपने आराध्य देवता को गंगाजल या शुद्ध जल से स्नान करने के बाद उसकी विधि विधान से पूजा करनी चाहिए अपने पूजा घर की शुद्धि के लिए वहां पर गंगाजल अवश्य छिड़क दे 

 चंद्रमा से जुड़ी चीज करें दान 

 हिंदू धर्म में किसी भी दोस्त को दूर करने के लिए दान को अत्यंत ही फलदाई माना गया है ऐसे में चंद्र ग्रहण के बाद व्यक्ति को चंद्रमा से जुड़ी चीज जैसे चावल चीनी सफेद रंग के कपड़े चांदी आदि का विशेष रूप से दान अपने समाधि के अनुसार करना चाहिए 

 पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें

 यदि संभव हो तो चंद्र ग्रहण के बाद किसी पवित्र नदी सरोवर या समुद्र में जाकर स्नान करना चाहिए आपके लिए ऐसा करना मुश्किल हो तो आप घर में नहाने वाले पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें

 ग्रैंड वाले कपड़े बदले 

 किसी भी ग्रहण के बाद यदि संभव हो तो ग्रहण वाले कपड़े को किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दान कर देना चाहिए अगर ऐसा ना कर सके तो उसे कपड़े को धुलने के बाद ही पहनना भूल कर भी उसे दोबारा पहनने की गलती ना करें

 चंद्र ग्रहण खत्म होने के बाद क्या करें

 हिंदू मान्यता के अनुसार चंद्र ग्रहण की समाप्ति के बाद व्यक्ति को सबसे पहले स्नान करना चाहिए स्नान करके ग्रहण वाले कपड़ों को उतार देना चाहिए क्योंकि उसमें ग्रहण की नारात्मक ऊर्जा समाहित होती है

 धन्यवाद

 

 

 


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गोल्ड लोन क्या है


 गोल्ड लोन क्या है-  मुथूट फाइनेंस बजाज फाइनेंस के पास गिरवी रखकर तुरंत नकद राशि प्राप्त की जा सकती है सोने की शुद्धता का वजन के आधार पर वैल्यू का 75% से 90% तक लोन एलटीवी मिल जाता है यह व्यक्तिगत शरण की तुलना के कम ब्याज दर और निरंतर दस्तावेज के साथ उपलब्ध है  गोल्ड लोन की मुख्य विशेषताएं  ब्याज दर - आमतौर पर 10% से 16 परसेंट सालाना के बीच लेकिन यह शरण डाटा के आधार पर काम... Read More

 गोल्ड लोन क्या है-

 मुथूट फाइनेंस बजाज फाइनेंस के पास गिरवी रखकर तुरंत नकद राशि प्राप्त की जा सकती है सोने की शुद्धता का वजन के आधार पर वैल्यू का 75% से 90% तक लोन एलटीवी मिल जाता है यह व्यक्तिगत शरण की तुलना के कम ब्याज दर और निरंतर दस्तावेज के साथ उपलब्ध है

 गोल्ड लोन की मुख्य विशेषताएं

 ब्याज दर - आमतौर पर 10% से 16 परसेंट सालाना के बीच लेकिन यह शरण डाटा के आधार पर काम या ज्यादा हो सकती है

 अवधि- आमतौर पर 6 महीने से 12 महीने या अधिक 

 पात्रता- 18 से 75 वर्ष की आयु सोने के आभूषणों का वेद मालिक 

 दस्तावेज- आधार कार्ड पैन कार्ड पत्ते का प्रमाण केवाईसी दस्तावेज

 सुरक्षा- गिरवी रखा गया सोना बैंक की सुरक्षित तिजोरी में रहता है

 गोल्ड लोन कैसे काम करता है

 मूल्यांकन- बैंक आपके सोने की शुद्धता और वजन की जांच करता है

 लोन राशि- वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार 75 से 90% तक की राशि मंजूर की जाती है

 वितरण- स्वीकृति के बाद धन सीधे बैंक खाते में या नगद में मिल जाता है

 पूर्ण भुगतान - इसमें एमी या बुलेट फोन भुगतान अवधि के अंत में एक साथ ब्याज व मूलधन जैसे विकल्प होते हैं

 सावधानी- यदि समय पर ऋण नहीं चुकाया जाता है तो बैंक एनबीएफसी सोने सोनी को बेच कर लोन राशि वसूल कर सकते हैं 

धन्यवाद


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आएइ जाने हेल्थकेयर क्या है


 हेल्थ केयर क्या है  हेल्थ केयर स्वास्थ्य सेवा बीमारी की रोकथाम निदान उपचार और प्रबंधन के लिए दिए जाने वाले चिकित्सा सेवाओं पैसे वालों और संस्थाओं की एक प्रणाली है इसमें अस्पताल डॉक्टर दवाइयां और मेडिकल तकनीकी शामिल है यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए प्राथमिक माध्यमिक और तृतीय स्तर पर कार्य करती है  स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के मुख्य पहलू  सेक्टर के प्रकार -&nbs... Read More

 हेल्थ केयर क्या है

 हेल्थ केयर स्वास्थ्य सेवा बीमारी की रोकथाम निदान उपचार और प्रबंधन के लिए दिए जाने वाले चिकित्सा सेवाओं पैसे वालों और संस्थाओं की एक प्रणाली है इसमें अस्पताल डॉक्टर दवाइयां और मेडिकल तकनीकी शामिल है यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए प्राथमिक माध्यमिक और तृतीय स्तर पर कार्य करती है

 स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के मुख्य पहलू

 सेक्टर के प्रकार - स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में सार्वजनिक सरकार और निजी क्षेत्र दोनों शामिल है जो मिलकर सेवाएं प्रदान करते हैं

 स्तर-

 प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल:- जैसे उपकेंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र PHCs या आयुष्मान आरोग्य मंदिर

 माध्यमिक देखभाल :- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र CHCs और छोटे उप जिला अस्पताल

    प्रमुख घटक- इसमें फार्मेसी आर्टिकल दवाई बायोटेक्नोलॉजी मेडिकल डिवाइस निर्माता और अस्पताल शामिल है

 भारत में प्रमुख सरकारी पहल- आयुष्मान भारत के तहत गरीब परिवारों को स्वास्थ बीमा और आयुष्मान आरोग्य मंदिर के माध्यम से व्यापक स्वास्थ्य सेवा मात्रा एवं शिशु स्वास्थ्य प्रदान की जा रही है

 टेलीमेडिसिन - आजकल तकनीकी के उपयोग से घर बैठे डॉक्टर से परामर्श की सुविधा भी बढ़ रही है

 हेल्थ केयर सिर्फ बीमारियों के इलाज तक सीमित नहीं है बल्कि यह स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए निवारक उपायों पर भी जोड़ देता है 


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आइए जाने की होम लोन क्या है


 होम लोन क्या है  होम लोन मुख्य रूप से बिना अपनी सारी जमा पूंजी एक साथ खर्च के सपनों का घर खरीदने बनाने या नवीनीकरण के लिए लिया जाता है यह लंबी अवधि 30 लाख तक के लिए कम ब्याज दरों पर बड़ी राशि उपलब्ध कराता है जिससे मानसिक किस्तों (EMI) का बोझ कम रहता है और आयकर (income tax) में भी बचत होती है  होम लोन लेने के मुख्य कारण और फायदे  आसमान वृत्तीय प्रबंधन - घर खरीदने के लिए बड... Read More

 होम लोन क्या है

 होम लोन मुख्य रूप से बिना अपनी सारी जमा पूंजी एक साथ खर्च के सपनों का घर खरीदने बनाने या नवीनीकरण के लिए लिया जाता है यह लंबी अवधि 30 लाख तक के लिए कम ब्याज दरों पर बड़ी राशि उपलब्ध कराता है जिससे मानसिक किस्तों (EMI) का बोझ कम रहता है और आयकर (income tax) में भी बचत होती है

 होम लोन लेने के मुख्य कारण और फायदे

 आसमान वृत्तीय प्रबंधन - घर खरीदने के लिए बड़ी रकम एक साथ देने के बजाय आप इस छोटी-छोटी आसान किस्तों में चुका सकते हैं

 टैक्स में छूट- आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत मूलधन और धारा 24 के तहत ब्याज भुगतान पर आयकर में कटौती का लाभ मिलता है 

 संपत्ति का स्वामित्व- किराए पर रहने के बजाय आप अपनी खुद की संपत्ति बनाते हैं जिसका मूल्य समय के साथ बढ़ता है

 लंबी अवधि - लोन चुकाने के लिए 30 साल तक का समय मिलता है जिससे मानसिक किस्तों का बोझ कम होता है

 तरलता - अपनी सारी बचत घर में लगाने के बजाय आप आपातकालीन स्थिति के लिए पैसा बचा सकते हैं

 कानूनी जांच - बैंक लोन देने से पहले संपत्ति के दस्तावेजों की गहन जांच करते हैं जिससे धोखाधड़ी का जोखिम कम होता है

 इसके अलावा महिलाओं के लिए कम ब्याज दरें और स्टांप ड्यूटी में छूट जैसे विशेष फायदे भी उपलब्ध होते हैं 

 मुख्य बिंदु:-

 सरकारी प्रोत्साहन और सामाजिक परिवर्तन के कारण भारत में महिलाओं को घर का मालिक बनने में बढ़ोतरी हो रही है

 समय-समय पर फाइनेंशियल संस्थान भी महिला आप्टे के लिए विशेष ऑफर लेकर आता है 

 महिला शहर उधर करता कि आई को छोड़ने पर कल लोन राशि बढ़ सकती है जिससे लोन की पात्रता अधिक हो सकती है

 इन सभी कारकों का अर्थ है भारत एक ऐसा युग है प्रवेश कर रहा है जहां अधिक से अधिक महिलाओं के पास अपने नाम पर घर होगा

 देश में महिलाएं फाइनेंशियल रूप से स्वतंत्र बन रही है इसलिए में अपने परिवारों के लिए घर खरीदने जैसे बड़े निर्णय मैं भी भूमिका निभा रही है इसके कारण होम लोन प्रोवाइडर समय-समय पर महिलाओं के लिए खास होम लोन लाभ लाते हैं और विशेष स्कीम बनाते हैं ताकि महिलाओं को अपना घर लेने में मदद मिल सके

 भारत में महिलाओं के लिए होम लोन के लाभ

 महिलाओं के लिए होम लोन के कई लाभ है महिलाएं यह समझ रही है और होम लोन लेने का विकल्प चुन रही है यहां कुछ लाभ दिए गए हैं

 महिलाओं को शहर उधर करता बनाने का लाभ

 महिलाएं उधर करता और शह उधर करता दोनों के रूप में अप्लाई कर सकती है उधर करता और शहर उधर करता की संयुक्त आई का अर्थ उच्च लोन पात्रता और परिवार के लिए संयुक्त घर चुनने में अधिक सुविधा मिलना हो सकता है इसके अलावा महिलाओं को भी होम लोन रीपेमेंट पर टैक्स कटौती का लाभ मिलता है जिसके तहत मूलधन और ब्याज के लिए क्रमश 1.5 लाख और और 5 लाख और 2 लाख की अधिकतम कटौती की सुविधा मिलती है

 कम स्टॉप ड्यूटी -

 केंद्र सरकार और साथ ही राज्य सरकार महिलाओं को घर का मालिक बनने के लिए प्रोत्साहित कर रही है महिलाओं के लिए होम लोन के लाभ में कई राज्य सरकारों द्वारा 1-2% तक काम स्टॉप ड्यूटी शुल्क का भुगतान शामिल है इस प्रकार एक महिला 80 लाख की प्रॉपर्टी पर 80000 से 160000 तक बचा सकती है 

 अप्रूवल की उच्च संभावनाएं -

 ऐसा देखा गया है कि अब टिकट को एक्टिवेट के तौर पर किसी महिला के होने से होम लोन के अप्रूव होने पर सरकार आत्मक प्रभाव पड़ता है इसके कई कारण हो सकते हैं जिसमें महिला द्वारा अनुशासित रूप से बचत करने आवश्यक कर्ज लेने से बचने की प्रवृत्ति और फाइनेंस को सोच समझकर मैनेज करने की आदत शामिल है इसके अलावा उत्तर यह भी प्रदर्शित करते हैं की महिला उद्धार करता काम डिफॉल्ट करती है जिससे उनको होम लोन देने के लिए फाइनेंशियल संस्थाओं को भरोसा मजबूत हुआ है इन अनुकूलन विशेषताओं के कारण फाइनेंशियल संस्थान खासतौर पर महिलाओं के लिए घर को फाइनेंस करने की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रेरित हुई है

 महिलाओं को होम लोन क्यों लेना चाहिए

 कई कारकों के कारण महिलाओं को होम लोन लेना चाहिए

 पसंदीदा कस्टमर- कई लैंडिंग संस्थाओं के दाता के विश्लेषण से पता चलता है कि महिला एपीटीईटी के लोन बहुत कम डिफॉल्ट होते हैं इसलिए एक महिला के होम लोन के अपूर्ण होने की संभावनाएं अधिक होती है

 विशेष स्कीम- लेंडर महिलाओं को घर का मालिक बनने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं और सीमित अवधि की स्कीम लांच कर रहे हैं और महिलाओं के लिए विशेष रूप से कम ब्याज दरें प्रदान कर रहे हैं 

 खरीदने का सही समय- महिलाओं को घर खरीदने पर विचार करना चाहिए क्योंकि यह भारत में घर खरीदने का सही समय है

 धन्यवाद

 

 


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इंनिश फ्री का झील द्वीप


मैं उठूंगा और अब चला जाऊंगा और इनिश फ्री को चला जाऊंगा और वहां में मिट्टी और टहनियां ट्रैक्टरों की एक छोटी झोपड़ी बनाऊंगा मैं वहां जो से की पंक्तियां लगाऊंगा और शहद के लिए एक छत्ता होगा और मधुमक्खियां की गुर्जर से युक्त खुले स्थान में अकेला रहूंगा  वहां में शांति का अनुभव करूंगा क्योंकि वहां सुबह के कारण से धीरे-धीरे कीर्ति शांति आती है जहां चीकू कहते हैं वहां आधी रात को मंत्र प्रकाश होता है... Read More

मैं उठूंगा और अब चला जाऊंगा और इनिश फ्री को चला जाऊंगा और वहां में मिट्टी और टहनियां ट्रैक्टरों की एक छोटी झोपड़ी बनाऊंगा मैं वहां जो से की पंक्तियां लगाऊंगा और शहद के लिए एक छत्ता होगा और मधुमक्खियां की गुर्जर से युक्त खुले स्थान में अकेला रहूंगा

 वहां में शांति का अनुभव करूंगा क्योंकि वहां सुबह के कारण से धीरे-धीरे कीर्ति शांति आती है जहां चीकू कहते हैं वहां आधी रात को मंत्र प्रकाश होता है और दोपहर को गुलाबी दीप्ति होती है और शामली नेट पक्षी के पंखों से भरी होती है अर्थात संध्या के आकाश में वाहन लेने पक्षी उड़ते हैं

 मैं उठूंगा और अब चला जाऊंगा क्योंकि हमेशा रात दिन मुझे झील के किनारे धीमी आवाज में पानी की जब जब आहट सुनाई देती है जबकि मैं सड़क के मार्ग पर यह सड़क की पूरी पटरी पर खड़ा होता हूं मैं इस ध्वनि को मिलती है की गहराई से सुनता हूं 

धन्यवाद-


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मूर्खों का राज्य


मूर्खों के राज्य में राजा और मंत्री दोनों मुर्गी थे वे दूसरे राज्यों की तरह राजकाज नहीं चलाना चाहते थे इसलिए उन्होंने रात को दिन में और दिन को रात में बदलने का फैसला कर लिया उन्होंने आदेश दिया कि हर कोई रात में जागे अपने खेत जोत और अपने व्यापार को केवल अंधेरा होने के बाद चलाया करें और जैसे ही सूर्य ऊपर आए ज स जाए कोई भी जो आदेश का उंगलन करेगा उसे मृत्युदंड दिया जाएगा लोगों ने मृत्यु के दर से वैसा... Read More

मूर्खों के राज्य में राजा और मंत्री दोनों मुर्गी थे वे दूसरे राज्यों की तरह राजकाज नहीं चलाना चाहते थे इसलिए उन्होंने रात को दिन में और दिन को रात में बदलने का फैसला कर लिया उन्होंने आदेश दिया कि हर कोई रात में जागे अपने खेत जोत और अपने व्यापार को केवल अंधेरा होने के बाद चलाया करें और जैसे ही सूर्य ऊपर आए ज स जाए कोई भी जो आदेश का उंगलन करेगा उसे मृत्युदंड दिया जाएगा लोगों ने मृत्यु के दर से वैसा ही किया जैसा उन्हें कहा गया था राजा और बद्री अपनी योजना की सफलता पर प्रश्न थे एक दिन एक गुरु तथा उनका शिष्य शहर में आए यह सुंदर शहर दीघा का समय था लेकिन आसपास कोई भी नहीं था हर कोई सोया हुआ था एक चुहिया भी घूम नहीं रही थी यहां तक की गाय बैलों को भी दिन में सोना सिखाया गया था दोनों अजनबी उसे देखकर आश्चर्यचकित थे जो कुछ इन्होंने अपने चारों ओर देखा था और शाम तक शहर में चारों ओर तब तक घूमते रहे जब तक की अचानक सारा शहर जाग नहीं गया और अपना रात का क्रियाकलाप नहीं करने लगा 

 दोनों लोगों को भूख लग आई थी अब जब दुकान खुल गई थी वह कुछ खाने पीने का सामान खरीदने चले गए उदय आश्चर्य हुआ जब उन्होंने पाया कि हर चीज का दान एक ही था एक अकेला लड्डू चाहे उन्होंने चावल की एक मात्र खरीदी या खेलों का एक गुंजा इसका मूल्य एक लड्डू था गुरुजी और उसका शिष्य प्रश्न थे उन्होंने कभी भी ऐसी बात नहीं सुनी थी वह एक रुपए में वह सारा भोजन खरीद सकते थे जो वह चाहते थे

 पाक हाथ चुकाने के बाद गुरुजी को एहसास हुआ कि यह मूर्खों का राज्य है और उनके लिए यहां रुकने का विचार अच्छा नहीं होगा यह स्थान हमारे लिए नहीं है आओ चले उन्होंने अपने शिष्य से कहा लेकिन सीसी वह स्थान छोड़ नहीं जाता था यहां सब कुछ सस्ता था वह बस अच्छा सस्ता खाना चाहता था गुरुजी ने कहा वह सब मुर्ख है यह सब ज्यादा समय तक नहीं चलेगा और तू नहीं कह सकता कि वह इसके बाद तेरे साथ क्या करेंगे 

 लेकिन फिर से देव गुरुजी की बुद्धिमानी की बात को नहीं सुना वह ठहरना चाहता था अंत में गुरुजी के हर बाली और कहा वह कर जो तू चाहता है बचा रहा हूं और चले गए इसी से ठहर गया रोग भरपेट खाना खाने लगा के ले और घी और चावल और गेहूं और पवित्र अवार्ड गली के सांड की तरह मोटा हो गया 

 एक दिन खिली धूप में एक चोर ने एक धनी व्यापारी के घर में शहर लगाया उसने एक दीवार में किया हो चुपचाप अंदर चला गया और जब वह अपनी लूट को बाहर ले जा रहा था तब पुराने मकान की दीवार उसके सिर पर डे गई और वही उसी स्थान पर मर गया उसका भाई राजा के पास दौड़कर गया और शिकायत की है महाराज जब मेरा भाई अपना प्राचीन व्यापार कर रहा था तो एक दीवार उसे पर गिर गई और वह मर गया दोस्त व्यापारी का है उसे अच्छी और मजबूत दीवार बनाने चाहिए थी आपको उसे धार्मिक को दंडित करना चाहिए तथा परिवार को इस अध्याय की श्रुति पूर्ति करनी चाहिए 

 राजा ने कहा न्याय किया जाएगा चिंता मत करो और तुरंत मकान के मालिक को बुलाया लिया जब व्यापारी आया तब राजा ने से प्रश्न किया 

 तुम्हारा नाम क्या है अमुक और आमुख महाराज क्या तुम घर पर थे जब मृतक ने तुम्हारी घर पर चोरी की थी हां महाराज उसने शेर लगाई थी और दीवार कमजोर थी यह उसे पर गिर पड़ी आरोपी ने अपना प्राप्त स्वीकार कर लिया है तुम्हारे दीवाने इस आदमी के भाई को मार डाला तुमने एक व्यक्ति की हत्या की है अब तुम्हें दंडित करना पड़ेगा

 स्वामी आसाई व्यापारी ने कहा मैंने दीवार नहीं बनाई थी यह तो प्रस्तुत उसे आदमी का दोष है जिसने दीवार बनाई थी उसमें उसे ठीक से नहीं बनाई थी आपको उसे दंडित करना चाहिए वह कौन है स्वामी यह दीवार मेरे पिताजी के समय में बढ़ाई गई थी मैं उसे आदमी को जानता हूं अब वह बूढ़ा हो चुका है वह पास में ही रहता है राजा ने उसे राज मिस्त्री को जिसने दीवार बनाई थी को बुलाने के लिए दूध भेज दिया वे उसके हाथ पांव बंद कर उसे ले अरे तुम क्या तुमने इस आदमी की दीवार इसके पिताजी के समय भी बनाई थी हां महाराज मैंने बनाई थी यह किस तरह की दीवार तुमने बनाई थी यह बेचारे आदमी पर गिर गई और उसे मार डाला तुमने उसकी हत्या की है हमें तुम्हें मृत्युदंड देना पड़ेगा

 इससे पहले की राजा फांसी का आदेश देता बेचारे राजमिस्त्री ने प्रार्थना की कृपया अपना आदेश देने से पहले मेरी बात सुन लीजिए यह सच है कि मैं ही यह दीवार बनाई थी और यह अच्छी नहीं थी लेकिन ऐसा इसलिए था कि मेरा मन इसमें नहीं था मुझे अच्छी तरह याद है कि एक नाचने वाली लड़की जो कि सारा दिन उसे गली से इधर-उधर अपनी पायल झुनझुन कर दी जा रही थी और मैं अपनी आंखों या अपना दिमाग उसे दीवार में नहीं रख सका जिसे मैं बना रहा था आपको उसे नाचने वाली लड़की को पकड़ना चाहिए मुझे पता है कि वह कहां रहती है

 तुम ठीक रहते हो बला गहरा गया है हमें इसमें जाना पड़ेगा इतनी जटिल बाबू का न्याय करना आसान नहीं है पकड़ना चाहिए उसे व्यक्ति को चाहे वह कहां जहां भी होना अच्छी वाली लड़की अब बड़ी स्त्री काटते हुए दरबार में आई क्या तुम कई वर्षों पहले उसे गली में इधर से उधर जा रही थी जबकि यह बेचारा आदमी दीवार बना रहा था क्या तुमने उसे देखा था हां मेरे स्वामी मुझे यह अच्छी तरह से याद है तो तुम इधर-उधर आ जा रही थी अपनी पायल छठ छठ कटे हुए तुम युवा थी और तुमने उसका ध्यान बता दिया इसलिए उसने खराब दीवार बनाई

 यह एक गरीब कर पर गिर गई है और उसे मार डाला तुमने एक दिन दोस्त व्यक्ति को मार डाला है तुम्हें दंड मिलेगा

 उसने 1 मिनट तक सोच और कहां स्वामी रुक अब मैं जान गई हूं कि मैं गली में आज क्यों रही थी मैंने सुंदर को अपने लिए आभूषण बनाने के लिए कुछ सोना दिया था वह आलसी बेईमान आदमी था उसने इतने सारे बहाने बनाए कहां में इसे अब दूंगा मैं इसे अब दूंगा विज्ञान विज्ञान सारे दिन उसकी वजह से ही वह उसके घर एक दर्जन बाहर आती जाती रही और तभी इस राज मिस्त्री ने मुझे देखा इसमें मेरा दोस्त नहीं है स्वामी यह इस घटिया सुधार का दोष है

 बेचारी वह बिल्कुल ठीक कह रही है राजा ने सोचा साक्षी को तोड़ते हुए अतः हमें वास्तविक दोषी मिल गया है पड़कर लो उसे सुंदर को जहां कहीं भी वह छुपा है तुरंत

 राजा के कार्य उद्योग ने उसे सुनार की तलाश की जो अपनी दुकान के कोने में छुपा था जब उसने अपने विरुद्ध आप सुन तो उसने अपनी खुद की कहानी सुना दी 

 स्वामी उसने कहा मैं गरीब सुंदर हो यह सच है कि इस नाटकी को कई बार अपने द्वार पर बुलाया था मैंने उससे इसलिए बहाने बनाए थे क्योंकि धनी व्यापारी ऑडर खत्म करने से पहले उसके आभूषण पूरे नहीं बन सकता था उनके यहां शादी आ रही थी और वह प्रतीक्षा नहीं कर सकते थे आप जानते ही है की धनी व्यक्ति कितने अधिक होते हैं

 कौन है यह धनी व्यापारी जिसने तुम्हें इस निर्धन स्त्री के आभूषण उधर चलाया जिसने राजमिस्त्री का ध्यान भटका दिया जिसने अपनी दीवार को गड़बड़ कर गिर गई है और उसे मार डाला क्या तुम उसका नाम बता सकते हो

 सुना नहीं उसने परी का नाम बताया और वह और कोई नहीं वरन् मूल स्वामी था उसे मकान का जिसकी दीवार गिरी थी अब न्याय हूं फिर कर्म ही आ गया है राजा ने सोचा वापस व्यापारी पर जब उसे कठोरता से वापस दरबार में बुलाया गया तो वह रोता हुआ आया मैं नहीं था बल्कि मेरे पिताजी थे जिन्होंने आभूषण बनाने को दिया था वह मर चुके हैं वह मैं निर्दोष हो 

 लेकिन राजा ने मंत्री से वापस किया और निर्णय दिया यह सच है कि तुम्हारे पिताजी ही असली हत्यारे हैं वह मर चुके हैं लेकिन उनके स्थान पर किसी को तो दंडित किया जाना चाहिए तुमने अपने अपराधी पिता से सब कुछ प्रत्येक करता में पाया है उनकी संपत्ति और साथ ही उनके पाप भी में तो तुरंत जान गया था तब ही जब मैं तुम्हें पहली बार देखा था कि तुम ही इस भयानक अपराध के मूल में हो तुम्हें मरना पड़ेगा

 और उसने राजा ने फांसी के लिए एक नई सूली तैयार करने का आदेश दिया जब नौकरों ने सली को तेज किया और अपराधी की अंतिम सजा के लिए तैयार किया तो मंत्री को लगा की धनी व्यापारी ठीक से सूली पर फांसी देने के लिए कुछ अधिक ही पतला है उसने राजा का ध्यान इस और दिलाया राजा भी इस विषय में चिंतित हुआ

 हम क्या करें वह बोला जब अचानक उसके दिमाग में आया कि जो कुछ उन्हें करना है वह इतना मोटा आदमी तलाशना है जिस पर फंदा ठीक आए नौकरों को तुरंत सारे शहर में भेजा गया ऐसे आदमी की तलाश में जिसे फंदा सही आ सके और उसकी दृष्टि शिष्य पर पड़ी जो महीना तक अकेले और चावल और गेहूं और घी खाकर मोटा हो गया था 

 मैंने क्या गलत किया है मैं निर्दोष हूं मैं एक संन्यासी हूं वह चिल्लाया यह सच सच हो सकता है लेकिन यह राजश्री निर्णय है कि हम इतने मोटे ताजे आदमी को तलाश से जिसे फंदा ठीक बैठे हुए बोले और उसे फांसी दिए जाने के स्थान पर ले गए उसे अपने बुद्धिमान गुरुजी के शब्द याद आए यह मूर्खों का शहर है तुम्हें नहीं पता कि वे इसके बाद क्या करेंगे जब वह मृत्यु की प्रतीक्षा कर रहा था तो उसने मन में अपने गुरु जी की प्रार्थना की कहते हुए कि वह जहां भी हो उसका रोना सुन ले गुरुजी ने सब कुछ स्वप्न में देखा उनमें जादुई ताकत थी वह दूर तक देख सकते थे और वह भविष्य देख सकते थे वैसे ही जैसे में वर्तमान और भूत देख सकते थे वह तुरंत शिष्य को बचाने के लिए प्रकट हो गए जिसे खुद को खाने के प्रेम के चक्कर में ऐसी मुसीबत में डाल दिया था

 

 


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दा शहनाई ऑफ़ बिस्मिल्लाह खान


सम्रा औरंगजेब दे राज दिवस में पुंगी नमक वाद्य यंत्र बजाना प्रतिबंधित कर दिया क्योंकि इसकी आवाज अच्छी वह वृक्ष थी पुगी दरकत से बने शोर मचाने वाले सभी का सामान्य नाम पड़ गया शायद ही किसी ने सोचा होगा किया है एक दिन उधर जीवित हो जाएगी पेशेवर संगीतकारों के एक दी जिसकी राजमहल तक पहुंच थ्री डे पुंगी लंबा वह छोड़ा था और पाइप के शरीर में साथ छेड़ कर दिए जब उसने इसमें से कुछ शब्दों को बंद करके तथा खोलकर इस... Read More

सम्रा औरंगजेब दे राज दिवस में पुंगी नमक वाद्य यंत्र बजाना प्रतिबंधित कर दिया क्योंकि इसकी आवाज अच्छी वह वृक्ष थी पुगी दरकत से बने शोर मचाने वाले सभी का सामान्य नाम पड़ गया शायद ही किसी ने सोचा होगा किया है एक दिन उधर जीवित हो जाएगी पेशेवर संगीतकारों के एक दी जिसकी राजमहल तक पहुंच थ्री डे पुंगी लंबा वह छोड़ा था और पाइप के शरीर में साथ छेड़ कर दिए जब उसने इसमें से कुछ शब्दों को बंद करके तथा खोलकर इसे बजाय तो कुबल में मधुर धनिया उत्पन्न हुई उसने राज परिवार के सदस्य के सामने वाद्य यंत्र को बजाय और इसे हर कोई प्रभावित हुआ पुंगी से एकदम भेद इस बगेंद्र को एक नया नाम दे रहा था जैसे की कथा कहीं जाती है क्योंकि यह पहली बार सब के कक्षा में बजाई गई थी तथा एक नई के द्वारा बजाई गई थी इस बगेंद्र को शहनाई नाम दिया गया 

 शहनाई की आवाज को शुभ माना जाना लगा तथा इसी कारण से इसे आज भी मंदिरों में बचाया जाता है और यह किसी भी उत्तर भारतीय विभाग का अनिवार्य अंग है अतीत में शहनाई डोबेट या राज दरबारों में पाए जाने वाले दो परंपरागत बगेंद्र समूह का अंग थी हाल ही तक इसका प्रयोग केवल मंदिरों में विवाहों में होता था इस वाद्य यंत्र को शास्त्रीय बचपन पर लाने का से उस्ताद बिस्मिल्लाह खान को जाता है

 5 वर्ष की अवस्था में बिहार में डूब राव के प्राचीन इलाके में तालाब के पास बिस्मिल्लाह खान दिल्ली दादा खेलने करते थे वह नियमित रूप से निकट के ब्याह है जी के मंदिर में भोजपुरी चेता गाने जाया करते थे जिनकी समाप्ति पर उन्हें एक पॉइंट 25 किलोग्राम का बड़ा लड्डू मिलता था जो उन्हें स्थानीय महाराज द्वारा पुरस्कार में दिया जाता था यह 80 वर्ष पुरानी बात है और यह छोटा बालक भारत का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न प्राप्त करने के लिए दूर-दूर की यात्रा कर चुका है

 21 मार्च 1916 को जन्मे बिस्मिल्लाह खान बिहार के एक संगीत्रों के सुविचार परिवार में आते है उनके दादा रसूल बख्श खान भोजपुरी के राजा के दरबार के शहनाई वाज थी उनके पिता पैगंबर बख्श तथा पिता के पक्ष के दूसरे पूर्वाझा भी वहां शहनाई वादक थे

 छोटे बालक ने प्रारंभिक जीवन में ही संगीत में रुचि लेना प्रारंभ कर दिया था 3 वर्ष के अवस्था में जब उनकी माताजी उन्हें उनके बाबा जी के घर पर बनारस अब वाराणसी ले गई तो बिस्मिल्लाह खान अपने बाबो को शहनाई का आरंभ करते देखकर मुग्ध हो गए शीघ्र ही बिस्मिल्लाह दे अपने मामा अली बक्स के साथ बनारस के विष्णु मंदिर जाना प्रारंभ कर दिया जहां वक्त शहनाई वादन के लिए नियुक्त थे अली बक्स शहनाई बजाय करते थे और बिस्मिल्लाह करो तक लगातार मुक्त बैठे रहते थे धीरे-धीरे उन्होंने वाद्य यंत्र बजाने में पाठ देना प्रारंभ कर दिया और वह पूरे दिन बैठे आरंभ किया करते थे आने वाले वर्षों में बालाजी और मंगल मैया के मंदिर और गंगा के किनारे युवा प्रशिक्षण के प्रिया स्थान बन गए जहां वह एकांत में अभ्यास कर सकता था गंगा के बहते जल ने उन्हें नए रगों में एकांक परिवर्तन करने तथा नवीन राघव की रचना करने की ने पहले शहनाई की सीमा से परे माना जाता था की प्रेरणा दी 

 14 वर्ष की अवस्था में बिस्मिल्लाह अपने पिता के साथ इलाहाबाद संगीत सम्मेलन में गए उनकी संगीत प्रस्तुति के अंत में उस्ताद फायदा खान ने युवा लड़के की पीठ थपथपाई और कहां मेहनत करो और तुम आवश्यक कर पाओगे लखनऊ में 1938 में ऑल इंडिया रेडियो के प्रारंभ के साथ ही बिस्मिल्लाह को बड़ा स अक्षर प्राप्त हुआ वह शीघ्र ही रेडियो पर बहुत सुने जाने वाले शहनाई वादक बन गए

 जब भारत को 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता प्राप्त हुई तो बिस्मिल्लाह खान राष्ट्र को अपनी शहनाई से राष्ट्र का अभिवादन करने वाले प्रथम भारतीय बने इन्होंने लाल किले श्रोतागण के सम्मुख जिम पंडित जवाहरलाल नेहरू भी शामिल थे राग काफी में अपनी आत्मा उदल दी जिन्होंने नेहरू ने बाद में अपना प्रसिद्ध भाषण ट्रस्ट विद डिसीजन दिया 

 धन्यवाद-


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गुरु रविदास जयंती


आज हम सभी गुरु रविदास जयंती के शुभ अवसर पर एकत्रित हुए हैं यह दिन महान संत गुरु रविदास जी के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है गुरु रविदास जी 15वीं शताब्दी के एक महान संत समाज सुधारक और कवि थे उन्होंने समाज में पहले जातिवाद छुआछूत और अन्य का विरोध किया और सामान्य प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया  गुरु रविदास जी का जीवन परिचय  गुरु रविदास जी का जन्म वाराणसी उत्तर प्रदेश में हुआ था वह बचपन... Read More

आज हम सभी गुरु रविदास जयंती के शुभ अवसर पर एकत्रित हुए हैं यह दिन महान संत गुरु रविदास जी के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है गुरु रविदास जी 15वीं शताब्दी के एक महान संत समाज सुधारक और कवि थे उन्होंने समाज में पहले जातिवाद छुआछूत और अन्य का विरोध किया और सामान्य प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया

 गुरु रविदास जी का जीवन परिचय

 गुरु रविदास जी का जन्म वाराणसी उत्तर प्रदेश में हुआ था वह बचपन से ही भक्ति और आध्यात्मिकता भेरुजी रखते थे उन्होंने समाज को यह सिखाया की कोई भी व्यक्ति अपने जन्म से महान नहीं होता बल्कि उसके कर्म उसे महान बनाते हैं 

 गुरु रविदास जी की शिक्षाएं 

 सभी इंसान समान है- इन्होंने समाज में सभी को एक सम्मान मानने की बात कही

 ईश्वर की भक्ति सर्वोपरि है -इन्होंने कहा कि सच्चे मन से की गई भक्ति सबसे बड़ी पूजा है

 परिश्रम और सच्चाई -इन्होंने मेहनत और ईमानदारी से जीवन जीने पर जोर दिया

 बेगमपुर की कल्पना -इन्होंने एक ऐसा समाज की कल्पना की जहां कोई दुख गरीबी और भेदभाव न हो 

 गुरु रविदास जयंती का महत्व

 इस दिन भक्तगण भजन कीर्तन शोभायात्रा और लंगर सेवा का आयोजन करते हैं उनकी शिक्षाएं आज भी समाज के लिए प्रेरणादायक है 

 निष्कर्ष

 गुरु रविदास जी के विचार हमें सामान्य प्रेम और भाईचारा की सीख देते हैं यदि हम उनके दिखाएं मार्ग पर चले तो समझ में सद्भाव बना रहेगा

 जय गुरु रविदास जी

 धन्यवाद


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स्वच्छ भारत अभियान


 "हर नागरिक का हुई  ये सपना,  स्वच्छ हो संपूर्ण भारत अपना "  प्रस्तावना :- स्वच्छता का हम सभी के जीवन में विशेष महत्व है स्वछता हमारे घर अथवा गली मोहल्ले के लिए तो जरूरी होती ही है साथ ही संपूर्ण देश हेतु भी आवश्यक होती है यदि हमारे घर आंगन की तरह पूरा देश भी स्वच्छ रहे तो भारत स्वर्ग समान बन जाएगा इसी को मध्य नजर रखते हुए भारत सरकार द्वारा स्वच्छ भारत अभियान आरं... Read More

 "हर नागरिक का हुई  ये सपना,

 स्वच्छ हो संपूर्ण भारत अपना "

 प्रस्तावना :- स्वच्छता का हम सभी के जीवन में विशेष महत्व है स्वछता हमारे घर अथवा गली मोहल्ले के लिए तो जरूरी होती ही है साथ ही संपूर्ण देश हेतु भी आवश्यक होती है यदि हमारे घर आंगन की तरह पूरा देश भी स्वच्छ रहे तो भारत स्वर्ग समान बन जाएगा इसी को मध्य नजर रखते हुए भारत सरकार द्वारा स्वच्छ भारत अभियान आरंभ किया गया है यह एक राष्ट्रीय स्तर का ध्यान है 

 स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत:- इस अभियान की शुरुआत भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर 2014 को हुई स्वच्छ भारत अभियान को स्वच्छ भारत मिशन और स्वच्छता अभियान भी कहा जाता है माननीय प्रधानमंत्री बहुते द्वारा प्रत्येक देशवासी से स्वच्छ भारत अभियान पर भाग लेने और इसे सफल बनाने की अपील की गई है इस प्रकार से साफ सफाई के संदर्भ में देश के सबसे बड़े अभियान को जन आंदोलन बनाकर इसकी शुरुआत की गई है यह अभियान हमारे देश के प्रत्येक गांव और शहर में आरंभ किया गया है

 अभियान का उद्देश्य:- इस अभियान का उद्देश्य देश के प्रत्येक गली मोहल्ले गांव से लेकर प्रत्येक शहर पक्की सड़कों से लेकर शौचालय का निर्माण करना साफ सफाई कूड़े का उचित निस्तारण और देश के बुनियादी ढांचे को मजबूती प्रदान करना है लोगों की मानसिकता को बदलकर उन्हें उचित स्वच्छता रखने के पर्दे जागरूक करना घरों तक पाइपलाइन के द्वारा स्वच्छ पानी की उपलब्धता को सुनिश्चित करना आती इस अभियान के उद्देश्य है 

 आखिर इस अभियान की जरूरत क्यों? यह अभियान सभी भारतवासियों के लिए बेहद जरूरी है इसके तहत भारत के हर घर में शौचालय होने से लोगों पर खुले में सोच के पर्ववर्ती खत्म हो रही है जिससे खुले पैसों से होने वाले ऑडियो से भी बचा जा रहा है और स्वच्छता भी बनी रहेगी कचरे का फुट चक्कर और दोबारा इस्तेमाल सुरक्षित दस्तरण वैज्ञानिक तरीके से बोल प्रबंध का खुदा भी स्वच्छता और हरियाली हेतु अति आवश्यक है गद्य की जानलेवा है यह कई प्रकार की बीमारियों का कारण बनती है आता लोगों पर खुद के स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक और साफ सफाई की प्रक्रियाओं का पालन करना होने के लिए हितकर होगा

 "स्वच्छता ही सेवा है,

              गद्य की जानलेवा है "

 स्वच्छ भारत अभियान का क्रियान्वयन :- इस अभियान के कितने देश से निर्धारित किए गए थे उन सभी का जीवनी स्तर पर क्रियान्वयन होता हुआ साफ दिखाई दे रहा है सरकारी आंकड़ों की बात करें तो इस अभियान के तहत अब तक लगभग 10,19,64, 757 घरों में शौचालय का निर्माण किया जा चुका है 63,55 दिखाओ ऊपर डेफिनेशन फ्री हो चुके हैं 706 जिले इसकी श्रेणी में आ चुके हैं 36 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में लेकर,

 इस मुहिम को सफल बना रहे हैं इस अभियान का प्रतीक चिन्ह गांधीजी का चश्मा है इसे भारत सरकार मंत्रालय के जल शक्ति मंत्रालय के अधीन पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को सोपा गया है

 प्रधानमंत्री जी की अपील को पूरे देश में सहमति प्रदान की ओर यह अभियान राष्ट्रीय व्यापी आंदोलन बन कर कोबरा बड़ी-बड़ी सेलिब्रिटिस्ट डे इन अभियान में सहयोग किया सफाई आंदोलन के तहत सभी जीएफ के साथ सड़कों पर उतरे 

​​​​​​ उप संहार -  राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देश को दासता से मुक्त कराया परंतु स्वच्छ भारत का उनका सपना पूरा नहीं हुआ किंतु अब उनका यह सपना प्रधानमंत्री जी की अगुवाई में हम सब मिलकर पूरा करेंगे एक सच्चा नागरिक होने के नाते हमारा कर्तव्य है कि हम ना तो गंदगी फैलाएंगे और ना ही फैलाने देंगे देश को अपने घर की तरह जब गाय के ताकि हम सभी तरह से कह सके कि हम सभी भारत देश में निवास करते हैं

 "बापू के सपने को करना है साकार,

 स्वच्छता से भारत को देना है आकर"

 


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विश्व हिंदी दिवस


 "सम्मान की अधिकारी है हिंदी  हमें जान से प्यारी है हिंदी "  विश्व हिंदी दिवस प्रत्येक वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है विश्व हिंदी दिवस का उद्देश्य विश्व में हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए जागरूकता पैदा करना करना हिंदी के प्रति अनुराग पैदा करना हिंदी की दशा के लिए जागरूकता पैदा करना तथा हिंदी को विश्व भाषा के रूप में प्रस्तुत करना है  विदेश में भारत के दूतावास इस दिन को... Read More

 "सम्मान की अधिकारी है हिंदी

 हमें जान से प्यारी है हिंदी "

 विश्व हिंदी दिवस प्रत्येक वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है विश्व हिंदी दिवस का उद्देश्य विश्व में हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए जागरूकता पैदा करना करना हिंदी के प्रति अनुराग पैदा करना हिंदी की दशा के लिए जागरूकता पैदा करना तथा हिंदी को विश्व भाषा के रूप में प्रस्तुत करना है

 विदेश में भारत के दूतावास इस दिन को विशेष रूप में मनाते हैं सभी सरकारी कार्यालय में विभिन्न विषयों पर हिंदी में व्याख्यान आयोजित किए जाते हैं विश्व में मिट्टी का विकास करने और इसे प्रचारित प्रसारित करने के उद्देश्य में विश्व हिंदी सम्मेलनों की शुरुआत की गई और प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन 10 जनवरी 1975 को नागपुर में आयोजित हुआ तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन का उद्घाटन किया था

 1975 से भारत मॉरीशस यूनाइटेड किंगडम 3D दांत और टॉकबैक को संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे विभिन्न देश में विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजित किया गया है विश्व हिंदी दिवस पहली बार 10 जनवरी 2006 को बनाया गया था तब से यह हर साल 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 10 जनवरी 2006 को प्रतिवर्ष विश्व हिंदी दिवस के रूप में बनाए जाने की घोषणा की थी

 उसके बाद से भारतीय विदेश मंत्रालय देवी देश में 10 जनवरी 2006 को पहली बार विश्व हिंदी दिवस मनाया था

 हिंदी दिवस अभी यह एहसास दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है कि हिंदी भाषा पूरी दुनिया में सबसे पुरानी और सबसे प्राचीन और प्रभावशाली भाषाओं में से एक है और ऐसे में हमें अपनी मातृभाषा यानी हिंदी भाषा में बोलने में करो महसूस करना चाहिए

 हिंदी एक राष्ट्रीय के रूप में भारत को एक साथ रखती है और भारत की अखंडता और एकता को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है तो लिए हम एक साथ कहे कि हमें हिंदी भाषा होने पर गर्व है 

 "हिंदी हमारी शान है,

 हिंदुस्तानियों का मान है "

 धन्यवाद:-


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