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Blog by Vanshika | Digital Diary

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Meri Kalam Se
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प्राथमिक चिकित्सा का अर्थ

प्राथमिक चिकित्सा का अर्थ
 प्राथमिक चिकित्सा का अर्थ  प्राथमिक चिकित्सा एक प्रकार का उपचार है जो किसी भी दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को तुरंत प्रदान किया जाता है वैसे तो दुर्घटनाग्रस्त हो जाने पर उसके उपचार का कार्य किसी डॉक्टर या चिकित्सक द्वारा किया जाता है परंतु व्यवहार में देखा यह जाता है कि जहां कहीं दुर्घटना घटित होती है वहां कोई चिकित्सक उपलब्ध नहीं होता तथा ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सा सेवा उपलब्ध नहीं हो पाती सामान्य... Read More
 प्राथमिक चिकित्सा का अर्थ  प्राथमिक चिकित्सा एक प्रकार का उपचार है जो किसी भी दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को तुरंत प्रदान किया जाता है वैसे तो दुर्घटनाग्रस्त हो जाने पर उसके उपचार का कार्य किसी डॉक्टर या चिकित्सक द्वारा किया जाता है परंतु व्यवहार में देखा यह जाता है कि जहां कहीं दुर्घटना घटित होती है वहां कोई चिकित्सक उपलब्ध नहीं होता तथा ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सा सेवा उपलब्ध नहीं हो पाती सामान्य रूप से दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को चिकित्सा के पास अथवा अस्पताल में ले जाने या चिकित्सा को दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति के पास बुलाने में कुछ ना कुछ समय तो अवश्य ही लगता है शरीर विज्ञान की मान्यता है कि दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को शीघ्र की शीघ्र कुछ ना कुछ सहायता दी जानी चाहिए इस प्रकार की सहायता प्राप्त हो जाने पर दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की स्थिति कुछ संभाल जाती है या अधिक बिगड़ने से बच जाती है इस प्रकार की सहायता प्राप्त हो जाने पर दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को कुछ सांत्वना मिल जाती है तथा उसका गिरता हुआ मनोबल भी कुछ संभल जाता है इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए ही कभी भी किसी भी प्रकार की दुर्घटना घटित होते ही उसे स्थल पर विद्यमान अन्य व्यक्तियों द्वारा दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति या व्यक्तियों को आवश्यक सहायता प्रदान की जाती है इस प्रकार से दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को दी जाने वाली सहायता को ही प्राथमिक चिकित्सा कहा जाता है निष्कर्ष रूप हम कह सकते हैं दुर्घटनाग्रता व्यक्ति को दी जाने वाली उसे सहायता को प्राथमिक चिकित्सा कहा जाता है जो डॉक्टर अथवा चिकित्सक द्वारा व्यवस्थित उपचार प्रारंभ करने से पूर्व ही दुर्घटना स्थल पर उपस्थित व्यक्तियों द्वारा प्रदान की जाती है प्राथमिक चिकित्सा से दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को विशेष लाभ होता है धन्यवाद
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[email protected] 05 Apr 2026 111 Views

आईए जानते हैं की प्राथमिक चिकित्सा किसे कहते हैं

आईए जानते हैं की प्राथमिक चिकित्सा किसे कहते हैं
 प्राथमिक चिकित्सा किसे कहते हैं " प्राथमिक चिकित्सा वह है जो किसी को अनायास चोट लग जाने अथवा अचानक बीमार पड़ जाने पर डॉक्टर के आने तक रोगी की मरहम पट्टी अथवा उपचार करने में दी जा सके"  प्रत्येक व्यक्ति दिन भर कुछ ना कुछ कार्य करता रहता है कोई रोजी-रोटी कमाने के लिए खदानों में कार्यकर्ता है कोई खेतों में कोई कार्यालय में तो कोई नियंत्रण कहीं भी जाते समय कार्य करते समय गृह में कार्य करते समय अर्थात... Read More
 प्राथमिक चिकित्सा किसे कहते हैं " प्राथमिक चिकित्सा वह है जो किसी को अनायास चोट लग जाने अथवा अचानक बीमार पड़ जाने पर डॉक्टर के आने तक रोगी की मरहम पट्टी अथवा उपचार करने में दी जा सके"  प्रत्येक व्यक्ति दिन भर कुछ ना कुछ कार्य करता रहता है कोई रोजी-रोटी कमाने के लिए खदानों में कार्यकर्ता है कोई खेतों में कोई कार्यालय में तो कोई नियंत्रण कहीं भी जाते समय कार्य करते समय गृह में कार्य करते समय अर्थात कहीं भी और किसी के भी साथ कोई अक्षय कुमार दुर्घटना हो सकती है किसी वाहन में टकरा जाना फिसल जाना किसी जीव जंतु द्वारा काट लेना अधिक घटनाएं हो सकती है कभी-कभी यह घटनाएं साधारण होती है तथा कभी-कभी एसा धारण होती है ऐसे अवसरों पर तुरंत सहायता की आवश्यकता होती है ऐसे अवसरों पर ही प्राथमिक चिकित्सा की जाती है धन्यवाद
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[email protected] 05 Apr 2026 95 Views

आएइ जाने जंग फूड के बारे में

आएइ जाने जंग फूड के बारे में
 जंक फूड :-  आधुनिक सभ्यता के विकास के साथ-साथ मानव समाज ने विभिन्न पारंपरिक भोज्य पदार्थों के अतिरिक्त कुछ नए प्रकार के भोज्य पदार्थ तैयार करना प्रारंभ किया है इस वर्ग के कुछ अति लोकप्रिय भोज्य पदार्थों को जंक फूड या फास्ट फूड के नाम से जाना जाता है जंक फूड में मुख्य उदाहरण है चिप्स चॉकलेट पिज़्ज़ा बर्गर तथा अनेक प्रकार के तले होने भोज्य पदार्थ   जंक फूड का प्रचलन पूरे विश्व में बहुत तेजी से हुआ... Read More
 जंक फूड :-  आधुनिक सभ्यता के विकास के साथ-साथ मानव समाज ने विभिन्न पारंपरिक भोज्य पदार्थों के अतिरिक्त कुछ नए प्रकार के भोज्य पदार्थ तैयार करना प्रारंभ किया है इस वर्ग के कुछ अति लोकप्रिय भोज्य पदार्थों को जंक फूड या फास्ट फूड के नाम से जाना जाता है जंक फूड में मुख्य उदाहरण है चिप्स चॉकलेट पिज़्ज़ा बर्गर तथा अनेक प्रकार के तले होने भोज्य पदार्थ   जंक फूड का प्रचलन पूरे विश्व में बहुत तेजी से हुआ है वैसे तो यह भोज्य पदार्थ सभी आयु वर्ग के व्यक्तियों द्वारा अपनाई जा रहे हैं परंतु बच्चों तथा युवा वर्ग की यह पहली पसंद बन गए हैं  परी सभी जंक फूड में पर संस्कृत कार्बोहाइड्रेट की अधिक मात्रा होती है इनमें तेल तथा खाद पदार्थों के संरक्षण के लिए इस्तेमाल होने वाले रासायनिक रेट काफी अधिक मात्रा में होती है इसके अतिरिक्त इन भोज्य पदार्थों को स्वादिष्ट बनाने के लिए अनेक प्रकार के मिर्च मसाले भी इस्तेमाल किए जाते हैं  जंक फूड के प्रभाव  जंक फूड का प्रचलन बहुत अधिक है तथा इन्होंने सुविधाजनक होने के कारण हमारे आहार में विशेष स्थान पा लिया है परंतु विभिन्न अध्ययनों से ज्ञात हुआ है कि जंक फूड के अधिक इस्तेमाल से जन स्वास्थ्य पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है धन्यवाद  
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[email protected] 07 Mar 2026 63 Views

आएइ जानते हैं कि प्लीहा क्या है

आएइ जानते हैं कि  प्लीहा क्या है
 प्लीहा   इसे दिल्ली भी कहते हैं यह एक पिलपीली ग्रंथि होती है इसका आकार से के बीच की तरह होता है इसका रंग बैंगनी होता है तथा लंबाई 12 सेमी होती है इसका मुख्य कार्य आमाशय तथा आंतों को रक्त प्रदान करना होता है पाचन क्रिया के समय रक्त देते समय यह सिकुड़ जाती है और जब पाचन क्रिया पूर्ण हो जाती है तो यह फेल कर उर्वरक हो जाती है  धन्यवाद Read More
 प्लीहा   इसे दिल्ली भी कहते हैं यह एक पिलपीली ग्रंथि होती है इसका आकार से के बीच की तरह होता है इसका रंग बैंगनी होता है तथा लंबाई 12 सेमी होती है इसका मुख्य कार्य आमाशय तथा आंतों को रक्त प्रदान करना होता है पाचन क्रिया के समय रक्त देते समय यह सिकुड़ जाती है और जब पाचन क्रिया पूर्ण हो जाती है तो यह फेल कर उर्वरक हो जाती है  धन्यवाद
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[email protected] 06 Mar 2026 85 Views

कोल्लम ग्रंथि क्या है हम इसके बारे में जानेंगे

कोल्लम ग्रंथि क्या है हम इसके बारे में जानेंगे
 कोल्लम ग्रंथि   कोल्लम ग्रंथि में इंसुलिन बनता है जो रक्त में मिलकर तंतुओं के जलने की क्रिया में मदद देता है और कार्बोहाइड्रेट को वह करने में सहयोग देता है जब इंसुलिन पर्याप्त मात्रा में नहीं बनता है तो कार्बोहाइड्रेट हुए नहीं हो पाता और मूत्र के साथ बाहर निकल जाता है यह एक प्रकार का रोग है जिसे डायबिटीज या मधुमेह रोग कहते हैं  धन्यवाद Read More
 कोल्लम ग्रंथि   कोल्लम ग्रंथि में इंसुलिन बनता है जो रक्त में मिलकर तंतुओं के जलने की क्रिया में मदद देता है और कार्बोहाइड्रेट को वह करने में सहयोग देता है जब इंसुलिन पर्याप्त मात्रा में नहीं बनता है तो कार्बोहाइड्रेट हुए नहीं हो पाता और मूत्र के साथ बाहर निकल जाता है यह एक प्रकार का रोग है जिसे डायबिटीज या मधुमेह रोग कहते हैं  धन्यवाद
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[email protected] 06 Mar 2026 106 Views

अग्नाशय के बारे में जाने

अग्नाशय के बारे में जाने
 अग्नाशय के बारे में जाने  यह आमाशय के नीचे पीछे की ओर एक लंबी सी ग्रंथि होती है इसकी लंबाई 14 सेमी और चौड़ाई 4 सेमी होती है इसकी आकृति कुछ पिस्टल के आकार के समान होती है इसका दाहिनी भाग मोटा और गोल तथा बाय भाग पतला होता है इसे पूछ कहते हैं यहां पर अग्नाशय रस बनता है जो एक प्रकार का पाचक रस होता है अग्नाशय रस साफ पतला तथा संयुक्त होता है इस रस के तीन प्रकार के एंजाइम होते हैं धन्यवाद Read More
 अग्नाशय के बारे में जाने  यह आमाशय के नीचे पीछे की ओर एक लंबी सी ग्रंथि होती है इसकी लंबाई 14 सेमी और चौड़ाई 4 सेमी होती है इसकी आकृति कुछ पिस्टल के आकार के समान होती है इसका दाहिनी भाग मोटा और गोल तथा बाय भाग पतला होता है इसे पूछ कहते हैं यहां पर अग्नाशय रस बनता है जो एक प्रकार का पाचक रस होता है अग्नाशय रस साफ पतला तथा संयुक्त होता है इस रस के तीन प्रकार के एंजाइम होते हैं धन्यवाद
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[email protected] 06 Mar 2026 74 Views

आएइ जाने की पिताशय से क्या है

आएइ जाने की पिताशय से क्या है
 पिताशय क्या है  यकृत के पीछे दहनी और एक थैली होती है यह पिताशय कहलाती है इसका आकार नाशपाती के समान होता है या ग्रंथ में बनने वाला पित्त रस यहीं पर संचित होता है पिताशय से एक नाली पित्त लेकर बकवास है में पहुंचती है इसी स्थान पर क्लास से रस भी पहुंचता है पित्त इस भोजन की अम्लीयत समाप्त करके उसे सरिए कर देता है क्योंकि अग्नाशक रस क्षारीय माध्यम में कार्य करता है  धन्यवाद Read More
 पिताशय क्या है  यकृत के पीछे दहनी और एक थैली होती है यह पिताशय कहलाती है इसका आकार नाशपाती के समान होता है या ग्रंथ में बनने वाला पित्त रस यहीं पर संचित होता है पिताशय से एक नाली पित्त लेकर बकवास है में पहुंचती है इसी स्थान पर क्लास से रस भी पहुंचता है पित्त इस भोजन की अम्लीयत समाप्त करके उसे सरिए कर देता है क्योंकि अग्नाशक रस क्षारीय माध्यम में कार्य करता है  धन्यवाद
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[email protected] 06 Mar 2026 88 Views

Whst is Duodenum

Whst is Duodenum
Duodenum:-  amashay Aage chalkar Jis Ang Mein samapt Hota Hai use duodenum Kahate Hain yah Yuva kar ka 25 sentimeter Lamba hota hai pachan Tantra ke is Bhag Mein bhojan Mein Pitt Ras ya Granth se pitnali dwara tatha agnyasik Ras agnashay se 17 Vitt hokar colum Nali dwara Milta Hai bhojan ke is Bhag Mein pahunchte Hi yah Sabhi Ras ismein pahunchne Lagte Hain aur apni kriyarambh kar dete Hain   than... Read More
Duodenum:-  amashay Aage chalkar Jis Ang Mein samapt Hota Hai use duodenum Kahate Hain yah Yuva kar ka 25 sentimeter Lamba hota hai pachan Tantra ke is Bhag Mein bhojan Mein Pitt Ras ya Granth se pitnali dwara tatha agnyasik Ras agnashay se 17 Vitt hokar colum Nali dwara Milta Hai bhojan ke is Bhag Mein pahunchte Hi yah Sabhi Ras ismein pahunchne Lagte Hain aur apni kriyarambh kar dete Hain   thank you 
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[email protected] 05 Mar 2026 123 Views

हम आज जानेंगे की छोटी आंत क्या है

हम आज जानेंगे की छोटी आंत क्या है
 छोटी आत   आहार नाल का शेष भाग 8 कहलाता है यह भाग अत्यधिक लंबा तथा कुंडली होता है यह लगभग पूरी तरह से गुहा को घेरे रहता है इसके दो प्रमुख भाग किया जा सकते हैं छोटी आंत तथा बड़ी आंत   छोटी आंत   ग्रैनी के निचले सिरे से छोटी आत आरंभ होती है यह सक्रिय तथा लगभग 6 मीटर लंबी पेशी नदी उधर के भीतर अत्यधिक कुंडली की स्थिति में स्थित रहती है छोटी आत की दीवार अपेक्षाकृत पतली होती है इसकी संरचना में सब स्टार... Read More
 छोटी आत   आहार नाल का शेष भाग 8 कहलाता है यह भाग अत्यधिक लंबा तथा कुंडली होता है यह लगभग पूरी तरह से गुहा को घेरे रहता है इसके दो प्रमुख भाग किया जा सकते हैं छोटी आंत तथा बड़ी आंत   छोटी आंत   ग्रैनी के निचले सिरे से छोटी आत आरंभ होती है यह सक्रिय तथा लगभग 6 मीटर लंबी पेशी नदी उधर के भीतर अत्यधिक कुंडली की स्थिति में स्थित रहती है छोटी आत की दीवार अपेक्षाकृत पतली होती है इसकी संरचना में सब स्टार वही होता है जो ग्रास मिली तथा आमाशय की दीवार में होते हैं लेकिन अंतर केवल पैसे सूत्रों के फैलाव की दिशा में ही होता है छोटी आंत की बाहरी परत को सिस आवरण कहते हैं यह अत्यंत सूक्ष्म होता है और भीतरी पर तो से बिल्कुल सत रहता है इसके बाद वाली परत पेशी सूत्रों की होती है इस प्रकार मांस सूत्र आंतरिक को गोलाकार घिरे हुए होते हैं धन्यवाद
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[email protected] 05 Mar 2026 97 Views

आए इ जानते हैं कि यकृत के बारे में

आए इ जानते हैं कि यकृत के बारे में
 यकृत ( liver)  यकृत शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि होती है यह शरीर के दहनी ओढ़नी चीनी पसलियों के पीछे तथा महापरिंचियां पेशी के ठीक नीचे स्थित होती है यह है डेढ़ किलोग्राम की होती है यह गहरे भूरे लाल रंग की होती है इसमें दो भाग होते हैं दया भाग और बाय भाग दाएं भाग बाय भाग्य अपेक्षा बड़ा होता है या ग्रंथ में पीले हरे रंग का रस निकलता है जिसे पित्त रस कहते हैं या ग्रंथ में दो रक्त नलिकाएं रक्त को लाने का... Read More
 यकृत ( liver)  यकृत शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि होती है यह शरीर के दहनी ओढ़नी चीनी पसलियों के पीछे तथा महापरिंचियां पेशी के ठीक नीचे स्थित होती है यह है डेढ़ किलोग्राम की होती है यह गहरे भूरे लाल रंग की होती है इसमें दो भाग होते हैं दया भाग और बाय भाग दाएं भाग बाय भाग्य अपेक्षा बड़ा होता है या ग्रंथ में पीले हरे रंग का रस निकलता है जिसे पित्त रस कहते हैं या ग्रंथ में दो रक्त नलिकाएं रक्त को लाने का कार्य करती है यह रक्त नलिका या ग्रंथ धमनी कहलाती है यह महाधमनी की एक शाखा है यह महाधमनी से शुद्ध रक्त लाकर यकृत का पोषण करती है दूसरी नाली अशुद्ध रक्त वाहिका शिरा है जो पोर्टल शिरा कहलाती है यह शिरा उन सिरप से मिलकर बनती है जो अमाशा ए पलीहा तथा अग्नाशय से अशुद्ध रक्त लेकर लौटती है   धन्यवाद
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[email protected] 05 Mar 2026 104 Views