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Blog by Vanshika | Digital Diary

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त्योहारों के अवसर पर धारण की जाने वाली वेशभूषा


 त्योहारों के अवसरों पर धारण की जाने वाली वेशभूषा  त्योहार भी हमारे समाज के कुछ विविष्ट अवसर होते हैं तथा प्रत्येक सामाजिक व्यक्ति इन अवसरों पर भरपूर हर्ष उत्साह एवं अल्लाह से संबंधित क्रियाकलापों में भाग लेता है इन विश अवसरों पर वेशभूषा धारण करते समय अवसरों की प्रकृति एवं उत्साह के वातावरण को ध्यान में रखना चाहिए इन अवसरों पर व्यक्ति अपनी रुचि के अनुसार आधुनिक आठ व पारंपरिक किसी भी प्रक... Read More

 त्योहारों के अवसरों पर धारण की जाने वाली वेशभूषा

 त्योहार भी हमारे समाज के कुछ विविष्ट अवसर होते हैं तथा प्रत्येक सामाजिक व्यक्ति इन अवसरों पर भरपूर हर्ष उत्साह एवं अल्लाह से संबंधित क्रियाकलापों में भाग लेता है इन विश अवसरों पर वेशभूषा धारण करते समय अवसरों की प्रकृति एवं उत्साह के वातावरण को ध्यान में रखना चाहिए इन अवसरों पर व्यक्ति अपनी रुचि के अनुसार आधुनिक आठ व पारंपरिक किसी भी प्रकार के वस्त्र धारण कर सकता है महिलाएं इन अवसरों पर लहंगा चुनरी घाघरा गरारा अथवा भारी साड़ियां पहले करती है किशोरावस्था की लड़कियां इन अवसरों पर जींस अथवा स्कर्ट आदि धारण करना पसंद करती है इन अवसरों पर बना श्रृंगार की पर्याप्त छूट होती है अतः अपनी रुचि आयु आदि के अनुसार पर्याप्त बना श्रृंगार किया जा सकता है तथा रंग-बिरंगे आकर्षक वह भड़कीले वस्त्र धारण किए जा सकते हैं सुविधा के अनुसार आभूषण भी धारण किए जा सकते हैं यदि मेल अथवा भीड़ भाड़ वाले स्थान पर जाना हो तो सुरक्षा के पहलू को अवसर ही ध्यान में रखना चाहिए

धन्यवाद


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शोक के अवसर पर धारण की जाने वाली वेशभूषा के बारे में जानते हैं


 शोक अवसर पर धारण की जाने वाली वेशभूषा   प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में ऐसे अवसर ऑन भी आते हैं जब हर और उदासीनता छाई होती है तथा उल्लास यह उमंग का नियंत्रांत अभाव होता है इस अवसर पर एक दूसरे के द्वारा परस्पर सब देना के भाव तथा स्वहानुभूति प्रकट की जाती है इस प्रकार के वातावरण में कुछ भिन्न प्रकार की वेशभूषाधारण की जानी चाहिए इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि व्यक्ति द्वारा धरण की गई वेशभू... Read More

 शोक अवसर पर धारण की जाने वाली वेशभूषा 

 प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में ऐसे अवसर ऑन भी आते हैं जब हर और उदासीनता छाई होती है तथा उल्लास यह उमंग का नियंत्रांत अभाव होता है इस अवसर पर एक दूसरे के द्वारा परस्पर सब देना के भाव तथा स्वहानुभूति प्रकट की जाती है इस प्रकार के वातावरण में कुछ भिन्न प्रकार की वेशभूषाधारण की जानी चाहिए इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि व्यक्ति द्वारा धरण की गई वेशभूषा में किसी प्रकार की चमक धमक या बढ़ कीलापन बिल्कुल ना हो जहां तक हो सके बिल्कुल शादी वेशभूषाही धरण की जानी चाहिए सामाजिक मान्यताओं के अनुसार इन अवसरों पर सफेद अथवा हल्के रंगों के वस्त्र धारण करने का प्रचलन है कुछ समाजों मे शोक के अवसरों पर काले रंग के वस्त्र धारण किए जाते हैं शौक के अवसरों पर व्यक्ति को हर प्रकार से सादगी के भाव को दर्शन चाहिए शादी वेशभूषा के साथ-साथ हर प्रकार के बना श्रृंगार से भी दूर रहना चाहिए अति साधारण आभूषणों को छोड़कर कोई भी विशेष आभूषण धारण नहीं करना चाहिए निष्कर्ष स्वरूप कहा जा सकता है किस रोग के अवसर पर व्यक्ति की वेशभूषा से सादगी का प्रदर्शन होना चाहिए ना कि दिखाए वह आकर्षण का

धन्यवाद


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आएइ जानते हैं रात्रि भोज के अवसरों पर धारण की जाने वाली वेशभूषा


 रात्रि भोज के अवसरों पर धारण की जाने वाली वेशभूषा:-  आधुनिक युग में व्यवस्था बढ़ती जा रही है तथा सामान्य रूप से खुशी के अवसरों पर अथवा किसी अन्य सर्वो पर अपने प्रयोजनों तथा मित्रों को रात्रि भोज के लिए आमंत्रित किया जाता है यह अवसर भी हर्ष हर्ष उल्लास एवं प्रशांत के होते हैं इस प्रकार के अवसरों पर सामान्य रूप से धरण की जाने वाली वेशभूषा से कुछ भिन्न प्रकार की वेशभूषा धारण की जा सकती है... Read More

 रात्रि भोज के अवसरों पर धारण की जाने वाली वेशभूषा:-

 आधुनिक युग में व्यवस्था बढ़ती जा रही है तथा सामान्य रूप से खुशी के अवसरों पर अथवा किसी अन्य सर्वो पर अपने प्रयोजनों तथा मित्रों को रात्रि भोज के लिए आमंत्रित किया जाता है यह अवसर भी हर्ष हर्ष उल्लास एवं प्रशांत के होते हैं इस प्रकार के अवसरों पर सामान्य रूप से धरण की जाने वाली वेशभूषा से कुछ भिन्न प्रकार की वेशभूषा धारण की जा सकती है रात्रि भोज के अवसरों पर अधिक औपचारिकता नहीं होती और प्रत्येक व्यक्ति अपनी रुचि के अनुसार आकर्षक एवं सुंदर वेशभूषाधारण कर सकता है महिलाएं यदि चाहे तो रात्रि भोज के अवसर पर चमकीले भड़कीले तथा जारी गोटे वाले बहुमूल्य वस्त्र भी पहन सकती है आधुनिक फैशन के अनुसार इन अवसरों पर सान तथा वेलवेट के वस्त्र धारण करने का भी प्रचलन है ऐसे अवसरों पर आकर्षक वेशभूषा के साथ-साथ अपनी रुचि के अनुसार काम या अधिक बना श्रृंगार किया जा सकता है बालों को सजाने के लिए ताजे फूलों का गजरा तथा परफ्यूम भी इस्तेमाल किया जा सकता है

धन्यवाद


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प्राथमिक चिकित्सा का अर्थ


 प्राथमिक चिकित्सा का अर्थ  प्राथमिक चिकित्सा एक प्रकार का उपचार है जो किसी भी दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को तुरंत प्रदान किया जाता है वैसे तो दुर्घटनाग्रस्त हो जाने पर उसके उपचार का कार्य किसी डॉक्टर या चिकित्सक द्वारा किया जाता है परंतु व्यवहार में देखा यह जाता है कि जहां कहीं दुर्घटना घटित होती है वहां कोई चिकित्सक उपलब्ध नहीं होता तथा ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सा सेवा उपलब्ध नहीं हो पात... Read More

 प्राथमिक चिकित्सा का अर्थ

 प्राथमिक चिकित्सा एक प्रकार का उपचार है जो किसी भी दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को तुरंत प्रदान किया जाता है वैसे तो दुर्घटनाग्रस्त हो जाने पर उसके उपचार का कार्य किसी डॉक्टर या चिकित्सक द्वारा किया जाता है परंतु व्यवहार में देखा यह जाता है कि जहां कहीं दुर्घटना घटित होती है वहां कोई चिकित्सक उपलब्ध नहीं होता तथा ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सा सेवा उपलब्ध नहीं हो पाती सामान्य रूप से दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को चिकित्सा के पास अथवा अस्पताल में ले जाने या चिकित्सा को दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति के पास बुलाने में कुछ ना कुछ समय तो अवश्य ही लगता है शरीर विज्ञान की मान्यता है कि दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को शीघ्र की शीघ्र कुछ ना कुछ सहायता दी जानी चाहिए इस प्रकार की सहायता प्राप्त हो जाने पर दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की स्थिति कुछ संभाल जाती है या अधिक बिगड़ने से बच जाती है इस प्रकार की सहायता प्राप्त हो जाने पर दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को कुछ सांत्वना मिल जाती है तथा उसका गिरता हुआ मनोबल भी कुछ संभल जाता है इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए ही कभी भी किसी भी प्रकार की दुर्घटना घटित होते ही उसे स्थल पर विद्यमान अन्य व्यक्तियों द्वारा दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति या व्यक्तियों को आवश्यक सहायता प्रदान की जाती है इस प्रकार से दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को दी जाने वाली सहायता को ही प्राथमिक चिकित्सा कहा जाता है निष्कर्ष रूप हम कह सकते हैं दुर्घटनाग्रता व्यक्ति को दी जाने वाली उसे सहायता को प्राथमिक चिकित्सा कहा जाता है जो डॉक्टर अथवा चिकित्सक द्वारा व्यवस्थित उपचार प्रारंभ करने से पूर्व ही दुर्घटना स्थल पर उपस्थित व्यक्तियों द्वारा प्रदान की जाती है प्राथमिक चिकित्सा से दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को विशेष लाभ होता है

धन्यवाद


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आईए जानते हैं की प्राथमिक चिकित्सा किसे कहते हैं


 प्राथमिक चिकित्सा किसे कहते हैं " प्राथमिक चिकित्सा वह है जो किसी को अनायास चोट लग जाने अथवा अचानक बीमार पड़ जाने पर डॉक्टर के आने तक रोगी की मरहम पट्टी अथवा उपचार करने में दी जा सके"  प्रत्येक व्यक्ति दिन भर कुछ ना कुछ कार्य करता रहता है कोई रोजी-रोटी कमाने के लिए खदानों में कार्यकर्ता है कोई खेतों में कोई कार्यालय में तो कोई नियंत्रण कहीं भी जाते समय कार्य करते समय गृह में क... Read More

 प्राथमिक चिकित्सा किसे कहते हैं

" प्राथमिक चिकित्सा वह है जो किसी को अनायास चोट लग जाने अथवा अचानक बीमार पड़ जाने पर डॉक्टर के आने तक रोगी की मरहम पट्टी अथवा उपचार करने में दी जा सके"

 प्रत्येक व्यक्ति दिन भर कुछ ना कुछ कार्य करता रहता है कोई रोजी-रोटी कमाने के लिए खदानों में कार्यकर्ता है कोई खेतों में कोई कार्यालय में तो कोई नियंत्रण कहीं भी जाते समय कार्य करते समय गृह में कार्य करते समय अर्थात कहीं भी और किसी के भी साथ कोई अक्षय कुमार दुर्घटना हो सकती है किसी वाहन में टकरा जाना फिसल जाना किसी जीव जंतु द्वारा काट लेना अधिक घटनाएं हो सकती है कभी-कभी यह घटनाएं साधारण होती है तथा कभी-कभी एसा धारण होती है ऐसे अवसरों पर तुरंत सहायता की आवश्यकता होती है ऐसे अवसरों पर ही प्राथमिक चिकित्सा की जाती है

धन्यवाद


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आएइ जाने जंग फूड के बारे में


 जंक फूड :-  आधुनिक सभ्यता के विकास के साथ-साथ मानव समाज ने विभिन्न पारंपरिक भोज्य पदार्थों के अतिरिक्त कुछ नए प्रकार के भोज्य पदार्थ तैयार करना प्रारंभ किया है इस वर्ग के कुछ अति लोकप्रिय भोज्य पदार्थों को जंक फूड या फास्ट फूड के नाम से जाना जाता है जंक फूड में मुख्य उदाहरण है चिप्स चॉकलेट पिज़्ज़ा बर्गर तथा अनेक प्रकार के तले होने भोज्य पदार्थ   जंक फूड का प्रचलन पूरे विश्व म... Read More

 जंक फूड :-

 आधुनिक सभ्यता के विकास के साथ-साथ मानव समाज ने विभिन्न पारंपरिक भोज्य पदार्थों के अतिरिक्त कुछ नए प्रकार के भोज्य पदार्थ तैयार करना प्रारंभ किया है इस वर्ग के कुछ अति लोकप्रिय भोज्य पदार्थों को जंक फूड या फास्ट फूड के नाम से जाना जाता है जंक फूड में मुख्य उदाहरण है चिप्स चॉकलेट पिज़्ज़ा बर्गर तथा अनेक प्रकार के तले होने भोज्य पदार्थ 

 जंक फूड का प्रचलन पूरे विश्व में बहुत तेजी से हुआ है वैसे तो यह भोज्य पदार्थ सभी आयु वर्ग के व्यक्तियों द्वारा अपनाई जा रहे हैं परंतु बच्चों तथा युवा वर्ग की यह पहली पसंद बन गए हैं

 परी सभी जंक फूड में पर संस्कृत कार्बोहाइड्रेट की अधिक मात्रा होती है इनमें तेल तथा खाद पदार्थों के संरक्षण के लिए इस्तेमाल होने वाले रासायनिक रेट काफी अधिक मात्रा में होती है इसके अतिरिक्त इन भोज्य पदार्थों को स्वादिष्ट बनाने के लिए अनेक प्रकार के मिर्च मसाले भी इस्तेमाल किए जाते हैं

 जंक फूड के प्रभाव

 जंक फूड का प्रचलन बहुत अधिक है तथा इन्होंने सुविधाजनक होने के कारण हमारे आहार में विशेष स्थान पा लिया है परंतु विभिन्न अध्ययनों से ज्ञात हुआ है कि जंक फूड के अधिक इस्तेमाल से जन स्वास्थ्य पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है

धन्यवाद

 


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आएइ जानते हैं कि प्लीहा क्या है


 प्लीहा   इसे दिल्ली भी कहते हैं यह एक पिलपीली ग्रंथि होती है इसका आकार से के बीच की तरह होता है इसका रंग बैंगनी होता है तथा लंबाई 12 सेमी होती है इसका मुख्य कार्य आमाशय तथा आंतों को रक्त प्रदान करना होता है पाचन क्रिया के समय रक्त देते समय यह सिकुड़ जाती है और जब पाचन क्रिया पूर्ण हो जाती है तो यह फेल कर उर्वरक हो जाती है  धन्यवाद Read More

 प्लीहा 

 इसे दिल्ली भी कहते हैं यह एक पिलपीली ग्रंथि होती है इसका आकार से के बीच की तरह होता है इसका रंग बैंगनी होता है तथा लंबाई 12 सेमी होती है इसका मुख्य कार्य आमाशय तथा आंतों को रक्त प्रदान करना होता है पाचन क्रिया के समय रक्त देते समय यह सिकुड़ जाती है और जब पाचन क्रिया पूर्ण हो जाती है तो यह फेल कर उर्वरक हो जाती है 

धन्यवाद


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कोल्लम ग्रंथि क्या है हम इसके बारे में जानेंगे


 कोल्लम ग्रंथि   कोल्लम ग्रंथि में इंसुलिन बनता है जो रक्त में मिलकर तंतुओं के जलने की क्रिया में मदद देता है और कार्बोहाइड्रेट को वह करने में सहयोग देता है जब इंसुलिन पर्याप्त मात्रा में नहीं बनता है तो कार्बोहाइड्रेट हुए नहीं हो पाता और मूत्र के साथ बाहर निकल जाता है यह एक प्रकार का रोग है जिसे डायबिटीज या मधुमेह रोग कहते हैं  धन्यवाद Read More

 कोल्लम ग्रंथि 

 कोल्लम ग्रंथि में इंसुलिन बनता है जो रक्त में मिलकर तंतुओं के जलने की क्रिया में मदद देता है और कार्बोहाइड्रेट को वह करने में सहयोग देता है जब इंसुलिन पर्याप्त मात्रा में नहीं बनता है तो कार्बोहाइड्रेट हुए नहीं हो पाता और मूत्र के साथ बाहर निकल जाता है यह एक प्रकार का रोग है जिसे डायबिटीज या मधुमेह रोग कहते हैं 

धन्यवाद


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अग्नाशय के बारे में जाने


 अग्नाशय के बारे में जाने  यह आमाशय के नीचे पीछे की ओर एक लंबी सी ग्रंथि होती है इसकी लंबाई 14 सेमी और चौड़ाई 4 सेमी होती है इसकी आकृति कुछ पिस्टल के आकार के समान होती है इसका दाहिनी भाग मोटा और गोल तथा बाय भाग पतला होता है इसे पूछ कहते हैं यहां पर अग्नाशय रस बनता है जो एक प्रकार का पाचक रस होता है अग्नाशय रस साफ पतला तथा संयुक्त होता है इस रस के तीन प्रकार के एंजाइम होते हैं धन्यवाद Read More

 अग्नाशय के बारे में जाने

 यह आमाशय के नीचे पीछे की ओर एक लंबी सी ग्रंथि होती है इसकी लंबाई 14 सेमी और चौड़ाई 4 सेमी होती है इसकी आकृति कुछ पिस्टल के आकार के समान होती है इसका दाहिनी भाग मोटा और गोल तथा बाय भाग पतला होता है इसे पूछ कहते हैं यहां पर अग्नाशय रस बनता है जो एक प्रकार का पाचक रस होता है अग्नाशय रस साफ पतला तथा संयुक्त होता है इस रस के तीन प्रकार के एंजाइम होते हैं

धन्यवाद


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आएइ जाने की पिताशय से क्या है


 पिताशय क्या है  यकृत के पीछे दहनी और एक थैली होती है यह पिताशय कहलाती है इसका आकार नाशपाती के समान होता है या ग्रंथ में बनने वाला पित्त रस यहीं पर संचित होता है पिताशय से एक नाली पित्त लेकर बकवास है में पहुंचती है इसी स्थान पर क्लास से रस भी पहुंचता है पित्त इस भोजन की अम्लीयत समाप्त करके उसे सरिए कर देता है क्योंकि अग्नाशक रस क्षारीय माध्यम में कार्य करता है  धन्यवाद Read More

 पिताशय क्या है

 यकृत के पीछे दहनी और एक थैली होती है यह पिताशय कहलाती है इसका आकार नाशपाती के समान होता है या ग्रंथ में बनने वाला पित्त रस यहीं पर संचित होता है पिताशय से एक नाली पित्त लेकर बकवास है में पहुंचती है इसी स्थान पर क्लास से रस भी पहुंचता है पित्त इस भोजन की अम्लीयत समाप्त करके उसे सरिए कर देता है क्योंकि अग्नाशक रस क्षारीय माध्यम में कार्य करता है

 धन्यवाद


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