
त्योहारों के अवसरों पर धारण की जाने वाली वेशभूषा त्योहार भी हमारे समाज के कुछ विविष्ट अवसर होते हैं तथा प्रत्येक सामाजिक व्यक्ति इन अवसरों पर भरपूर हर्ष उत्साह एवं अल्लाह से संबंधित क्रियाकलापों में भाग लेता है इन विश अवसरों पर वेशभूषा धारण करते समय अवसरों की प्रकृति एवं उत्साह के वातावरण को ध्यान में रखना चाहिए इन अवसरों पर व्यक्ति अपनी रुचि के अनुसार आधुनिक आठ व पारंपरिक किसी भी प्रक...
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त्योहारों के अवसरों पर धारण की जाने वाली वेशभूषा
त्योहार भी हमारे समाज के कुछ विविष्ट अवसर होते हैं तथा प्रत्येक सामाजिक व्यक्ति इन अवसरों पर भरपूर हर्ष उत्साह एवं अल्लाह से संबंधित क्रियाकलापों में भाग लेता है इन विश अवसरों पर वेशभूषा धारण करते समय अवसरों की प्रकृति एवं उत्साह के वातावरण को ध्यान में रखना चाहिए इन अवसरों पर व्यक्ति अपनी रुचि के अनुसार आधुनिक आठ व पारंपरिक किसी भी प्रकार के वस्त्र धारण कर सकता है महिलाएं इन अवसरों पर लहंगा चुनरी घाघरा गरारा अथवा भारी साड़ियां पहले करती है किशोरावस्था की लड़कियां इन अवसरों पर जींस अथवा स्कर्ट आदि धारण करना पसंद करती है इन अवसरों पर बना श्रृंगार की पर्याप्त छूट होती है अतः अपनी रुचि आयु आदि के अनुसार पर्याप्त बना श्रृंगार किया जा सकता है तथा रंग-बिरंगे आकर्षक वह भड़कीले वस्त्र धारण किए जा सकते हैं सुविधा के अनुसार आभूषण भी धारण किए जा सकते हैं यदि मेल अथवा भीड़ भाड़ वाले स्थान पर जाना हो तो सुरक्षा के पहलू को अवसर ही ध्यान में रखना चाहिए
धन्यवाद
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शोक अवसर पर धारण की जाने वाली वेशभूषा प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में ऐसे अवसर ऑन भी आते हैं जब हर और उदासीनता छाई होती है तथा उल्लास यह उमंग का नियंत्रांत अभाव होता है इस अवसर पर एक दूसरे के द्वारा परस्पर सब देना के भाव तथा स्वहानुभूति प्रकट की जाती है इस प्रकार के वातावरण में कुछ भिन्न प्रकार की वेशभूषाधारण की जानी चाहिए इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि व्यक्ति द्वारा धरण की गई वेशभू...
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शोक अवसर पर धारण की जाने वाली वेशभूषा
प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में ऐसे अवसर ऑन भी आते हैं जब हर और उदासीनता छाई होती है तथा उल्लास यह उमंग का नियंत्रांत अभाव होता है इस अवसर पर एक दूसरे के द्वारा परस्पर सब देना के भाव तथा स्वहानुभूति प्रकट की जाती है इस प्रकार के वातावरण में कुछ भिन्न प्रकार की वेशभूषाधारण की जानी चाहिए इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि व्यक्ति द्वारा धरण की गई वेशभूषा में किसी प्रकार की चमक धमक या बढ़ कीलापन बिल्कुल ना हो जहां तक हो सके बिल्कुल शादी वेशभूषाही धरण की जानी चाहिए सामाजिक मान्यताओं के अनुसार इन अवसरों पर सफेद अथवा हल्के रंगों के वस्त्र धारण करने का प्रचलन है कुछ समाजों मे शोक के अवसरों पर काले रंग के वस्त्र धारण किए जाते हैं शौक के अवसरों पर व्यक्ति को हर प्रकार से सादगी के भाव को दर्शन चाहिए शादी वेशभूषा के साथ-साथ हर प्रकार के बना श्रृंगार से भी दूर रहना चाहिए अति साधारण आभूषणों को छोड़कर कोई भी विशेष आभूषण धारण नहीं करना चाहिए निष्कर्ष स्वरूप कहा जा सकता है किस रोग के अवसर पर व्यक्ति की वेशभूषा से सादगी का प्रदर्शन होना चाहिए ना कि दिखाए वह आकर्षण का
धन्यवाद
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रात्रि भोज के अवसरों पर धारण की जाने वाली वेशभूषा:- आधुनिक युग में व्यवस्था बढ़ती जा रही है तथा सामान्य रूप से खुशी के अवसरों पर अथवा किसी अन्य सर्वो पर अपने प्रयोजनों तथा मित्रों को रात्रि भोज के लिए आमंत्रित किया जाता है यह अवसर भी हर्ष हर्ष उल्लास एवं प्रशांत के होते हैं इस प्रकार के अवसरों पर सामान्य रूप से धरण की जाने वाली वेशभूषा से कुछ भिन्न प्रकार की वेशभूषा धारण की जा सकती है...
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रात्रि भोज के अवसरों पर धारण की जाने वाली वेशभूषा:-
आधुनिक युग में व्यवस्था बढ़ती जा रही है तथा सामान्य रूप से खुशी के अवसरों पर अथवा किसी अन्य सर्वो पर अपने प्रयोजनों तथा मित्रों को रात्रि भोज के लिए आमंत्रित किया जाता है यह अवसर भी हर्ष हर्ष उल्लास एवं प्रशांत के होते हैं इस प्रकार के अवसरों पर सामान्य रूप से धरण की जाने वाली वेशभूषा से कुछ भिन्न प्रकार की वेशभूषा धारण की जा सकती है रात्रि भोज के अवसरों पर अधिक औपचारिकता नहीं होती और प्रत्येक व्यक्ति अपनी रुचि के अनुसार आकर्षक एवं सुंदर वेशभूषाधारण कर सकता है महिलाएं यदि चाहे तो रात्रि भोज के अवसर पर चमकीले भड़कीले तथा जारी गोटे वाले बहुमूल्य वस्त्र भी पहन सकती है आधुनिक फैशन के अनुसार इन अवसरों पर सान तथा वेलवेट के वस्त्र धारण करने का भी प्रचलन है ऐसे अवसरों पर आकर्षक वेशभूषा के साथ-साथ अपनी रुचि के अनुसार काम या अधिक बना श्रृंगार किया जा सकता है बालों को सजाने के लिए ताजे फूलों का गजरा तथा परफ्यूम भी इस्तेमाल किया जा सकता है
धन्यवाद
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प्राथमिक चिकित्सा का अर्थ प्राथमिक चिकित्सा एक प्रकार का उपचार है जो किसी भी दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को तुरंत प्रदान किया जाता है वैसे तो दुर्घटनाग्रस्त हो जाने पर उसके उपचार का कार्य किसी डॉक्टर या चिकित्सक द्वारा किया जाता है परंतु व्यवहार में देखा यह जाता है कि जहां कहीं दुर्घटना घटित होती है वहां कोई चिकित्सक उपलब्ध नहीं होता तथा ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सा सेवा उपलब्ध नहीं हो पात...
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प्राथमिक चिकित्सा का अर्थ
प्राथमिक चिकित्सा एक प्रकार का उपचार है जो किसी भी दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को तुरंत प्रदान किया जाता है वैसे तो दुर्घटनाग्रस्त हो जाने पर उसके उपचार का कार्य किसी डॉक्टर या चिकित्सक द्वारा किया जाता है परंतु व्यवहार में देखा यह जाता है कि जहां कहीं दुर्घटना घटित होती है वहां कोई चिकित्सक उपलब्ध नहीं होता तथा ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सा सेवा उपलब्ध नहीं हो पाती सामान्य रूप से दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को चिकित्सा के पास अथवा अस्पताल में ले जाने या चिकित्सा को दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति के पास बुलाने में कुछ ना कुछ समय तो अवश्य ही लगता है शरीर विज्ञान की मान्यता है कि दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को शीघ्र की शीघ्र कुछ ना कुछ सहायता दी जानी चाहिए इस प्रकार की सहायता प्राप्त हो जाने पर दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की स्थिति कुछ संभाल जाती है या अधिक बिगड़ने से बच जाती है इस प्रकार की सहायता प्राप्त हो जाने पर दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को कुछ सांत्वना मिल जाती है तथा उसका गिरता हुआ मनोबल भी कुछ संभल जाता है इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए ही कभी भी किसी भी प्रकार की दुर्घटना घटित होते ही उसे स्थल पर विद्यमान अन्य व्यक्तियों द्वारा दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति या व्यक्तियों को आवश्यक सहायता प्रदान की जाती है इस प्रकार से दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को दी जाने वाली सहायता को ही प्राथमिक चिकित्सा कहा जाता है निष्कर्ष रूप हम कह सकते हैं दुर्घटनाग्रता व्यक्ति को दी जाने वाली उसे सहायता को प्राथमिक चिकित्सा कहा जाता है जो डॉक्टर अथवा चिकित्सक द्वारा व्यवस्थित उपचार प्रारंभ करने से पूर्व ही दुर्घटना स्थल पर उपस्थित व्यक्तियों द्वारा प्रदान की जाती है प्राथमिक चिकित्सा से दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को विशेष लाभ होता है
धन्यवाद
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प्राथमिक चिकित्सा किसे कहते हैं " प्राथमिक चिकित्सा वह है जो किसी को अनायास चोट लग जाने अथवा अचानक बीमार पड़ जाने पर डॉक्टर के आने तक रोगी की मरहम पट्टी अथवा उपचार करने में दी जा सके" प्रत्येक व्यक्ति दिन भर कुछ ना कुछ कार्य करता रहता है कोई रोजी-रोटी कमाने के लिए खदानों में कार्यकर्ता है कोई खेतों में कोई कार्यालय में तो कोई नियंत्रण कहीं भी जाते समय कार्य करते समय गृह में क...
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प्राथमिक चिकित्सा किसे कहते हैं
" प्राथमिक चिकित्सा वह है जो किसी को अनायास चोट लग जाने अथवा अचानक बीमार पड़ जाने पर डॉक्टर के आने तक रोगी की मरहम पट्टी अथवा उपचार करने में दी जा सके"
प्रत्येक व्यक्ति दिन भर कुछ ना कुछ कार्य करता रहता है कोई रोजी-रोटी कमाने के लिए खदानों में कार्यकर्ता है कोई खेतों में कोई कार्यालय में तो कोई नियंत्रण कहीं भी जाते समय कार्य करते समय गृह में कार्य करते समय अर्थात कहीं भी और किसी के भी साथ कोई अक्षय कुमार दुर्घटना हो सकती है किसी वाहन में टकरा जाना फिसल जाना किसी जीव जंतु द्वारा काट लेना अधिक घटनाएं हो सकती है कभी-कभी यह घटनाएं साधारण होती है तथा कभी-कभी एसा धारण होती है ऐसे अवसरों पर तुरंत सहायता की आवश्यकता होती है ऐसे अवसरों पर ही प्राथमिक चिकित्सा की जाती है
धन्यवाद
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जंक फूड :- आधुनिक सभ्यता के विकास के साथ-साथ मानव समाज ने विभिन्न पारंपरिक भोज्य पदार्थों के अतिरिक्त कुछ नए प्रकार के भोज्य पदार्थ तैयार करना प्रारंभ किया है इस वर्ग के कुछ अति लोकप्रिय भोज्य पदार्थों को जंक फूड या फास्ट फूड के नाम से जाना जाता है जंक फूड में मुख्य उदाहरण है चिप्स चॉकलेट पिज़्ज़ा बर्गर तथा अनेक प्रकार के तले होने भोज्य पदार्थ जंक फूड का प्रचलन पूरे विश्व म...
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जंक फूड :-
आधुनिक सभ्यता के विकास के साथ-साथ मानव समाज ने विभिन्न पारंपरिक भोज्य पदार्थों के अतिरिक्त कुछ नए प्रकार के भोज्य पदार्थ तैयार करना प्रारंभ किया है इस वर्ग के कुछ अति लोकप्रिय भोज्य पदार्थों को जंक फूड या फास्ट फूड के नाम से जाना जाता है जंक फूड में मुख्य उदाहरण है चिप्स चॉकलेट पिज़्ज़ा बर्गर तथा अनेक प्रकार के तले होने भोज्य पदार्थ
जंक फूड का प्रचलन पूरे विश्व में बहुत तेजी से हुआ है वैसे तो यह भोज्य पदार्थ सभी आयु वर्ग के व्यक्तियों द्वारा अपनाई जा रहे हैं परंतु बच्चों तथा युवा वर्ग की यह पहली पसंद बन गए हैं
परी सभी जंक फूड में पर संस्कृत कार्बोहाइड्रेट की अधिक मात्रा होती है इनमें तेल तथा खाद पदार्थों के संरक्षण के लिए इस्तेमाल होने वाले रासायनिक रेट काफी अधिक मात्रा में होती है इसके अतिरिक्त इन भोज्य पदार्थों को स्वादिष्ट बनाने के लिए अनेक प्रकार के मिर्च मसाले भी इस्तेमाल किए जाते हैं
जंक फूड के प्रभाव
जंक फूड का प्रचलन बहुत अधिक है तथा इन्होंने सुविधाजनक होने के कारण हमारे आहार में विशेष स्थान पा लिया है परंतु विभिन्न अध्ययनों से ज्ञात हुआ है कि जंक फूड के अधिक इस्तेमाल से जन स्वास्थ्य पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है
धन्यवाद
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प्लीहा इसे दिल्ली भी कहते हैं यह एक पिलपीली ग्रंथि होती है इसका आकार से के बीच की तरह होता है इसका रंग बैंगनी होता है तथा लंबाई 12 सेमी होती है इसका मुख्य कार्य आमाशय तथा आंतों को रक्त प्रदान करना होता है पाचन क्रिया के समय रक्त देते समय यह सिकुड़ जाती है और जब पाचन क्रिया पूर्ण हो जाती है तो यह फेल कर उर्वरक हो जाती है धन्यवाद
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प्लीहा
इसे दिल्ली भी कहते हैं यह एक पिलपीली ग्रंथि होती है इसका आकार से के बीच की तरह होता है इसका रंग बैंगनी होता है तथा लंबाई 12 सेमी होती है इसका मुख्य कार्य आमाशय तथा आंतों को रक्त प्रदान करना होता है पाचन क्रिया के समय रक्त देते समय यह सिकुड़ जाती है और जब पाचन क्रिया पूर्ण हो जाती है तो यह फेल कर उर्वरक हो जाती है
धन्यवाद
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कोल्लम ग्रंथि कोल्लम ग्रंथि में इंसुलिन बनता है जो रक्त में मिलकर तंतुओं के जलने की क्रिया में मदद देता है और कार्बोहाइड्रेट को वह करने में सहयोग देता है जब इंसुलिन पर्याप्त मात्रा में नहीं बनता है तो कार्बोहाइड्रेट हुए नहीं हो पाता और मूत्र के साथ बाहर निकल जाता है यह एक प्रकार का रोग है जिसे डायबिटीज या मधुमेह रोग कहते हैं धन्यवाद
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कोल्लम ग्रंथि
कोल्लम ग्रंथि में इंसुलिन बनता है जो रक्त में मिलकर तंतुओं के जलने की क्रिया में मदद देता है और कार्बोहाइड्रेट को वह करने में सहयोग देता है जब इंसुलिन पर्याप्त मात्रा में नहीं बनता है तो कार्बोहाइड्रेट हुए नहीं हो पाता और मूत्र के साथ बाहर निकल जाता है यह एक प्रकार का रोग है जिसे डायबिटीज या मधुमेह रोग कहते हैं
धन्यवाद
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अग्नाशय के बारे में जाने यह आमाशय के नीचे पीछे की ओर एक लंबी सी ग्रंथि होती है इसकी लंबाई 14 सेमी और चौड़ाई 4 सेमी होती है इसकी आकृति कुछ पिस्टल के आकार के समान होती है इसका दाहिनी भाग मोटा और गोल तथा बाय भाग पतला होता है इसे पूछ कहते हैं यहां पर अग्नाशय रस बनता है जो एक प्रकार का पाचक रस होता है अग्नाशय रस साफ पतला तथा संयुक्त होता है इस रस के तीन प्रकार के एंजाइम होते हैं धन्यवाद
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अग्नाशय के बारे में जाने
यह आमाशय के नीचे पीछे की ओर एक लंबी सी ग्रंथि होती है इसकी लंबाई 14 सेमी और चौड़ाई 4 सेमी होती है इसकी आकृति कुछ पिस्टल के आकार के समान होती है इसका दाहिनी भाग मोटा और गोल तथा बाय भाग पतला होता है इसे पूछ कहते हैं यहां पर अग्नाशय रस बनता है जो एक प्रकार का पाचक रस होता है अग्नाशय रस साफ पतला तथा संयुक्त होता है इस रस के तीन प्रकार के एंजाइम होते हैं
धन्यवाद
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पिताशय क्या है यकृत के पीछे दहनी और एक थैली होती है यह पिताशय कहलाती है इसका आकार नाशपाती के समान होता है या ग्रंथ में बनने वाला पित्त रस यहीं पर संचित होता है पिताशय से एक नाली पित्त लेकर बकवास है में पहुंचती है इसी स्थान पर क्लास से रस भी पहुंचता है पित्त इस भोजन की अम्लीयत समाप्त करके उसे सरिए कर देता है क्योंकि अग्नाशक रस क्षारीय माध्यम में कार्य करता है धन्यवाद
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पिताशय क्या है
यकृत के पीछे दहनी और एक थैली होती है यह पिताशय कहलाती है इसका आकार नाशपाती के समान होता है या ग्रंथ में बनने वाला पित्त रस यहीं पर संचित होता है पिताशय से एक नाली पित्त लेकर बकवास है में पहुंचती है इसी स्थान पर क्लास से रस भी पहुंचता है पित्त इस भोजन की अम्लीयत समाप्त करके उसे सरिए कर देता है क्योंकि अग्नाशक रस क्षारीय माध्यम में कार्य करता है
धन्यवाद
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