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Blog by Vanshika | Digital Diary

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Meri Kalam Se
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भारत की राजनीतिक एकता

भारत की राजनीतिक एकता
 भारत की राजनीतिक एकता  अंग्रेजी शासन में एक सी अधीनता एक सी समस्या एक से कानून ने भारत को एक से सांचे में डालना आरंभ कर दिया साम्राज्यवादी शक्तियों द्वारा देश में संप्रदाय एकता क्षेत्रीय तथा भाषण विरोध के बीच होने के बावजूद अखिल भारतीय भावना पंपी इसने  बेचारिक एवं भावात्मक एकता को बढ़ावा दिया   धन्यवाद Read More
 भारत की राजनीतिक एकता  अंग्रेजी शासन में एक सी अधीनता एक सी समस्या एक से कानून ने भारत को एक से सांचे में डालना आरंभ कर दिया साम्राज्यवादी शक्तियों द्वारा देश में संप्रदाय एकता क्षेत्रीय तथा भाषण विरोध के बीच होने के बावजूद अखिल भारतीय भावना पंपी इसने  बेचारिक एवं भावात्मक एकता को बढ़ावा दिया   धन्यवाद
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[email protected] 26 Mar 2026 163 Views

भारत में राष्ट्रवाद का उदय

भारत में राष्ट्रवाद का उदय
 भारत में राष्ट्रवाद का उदय  आधुनिक भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन बुनियादी तौर पर विदेशी आधिपत्य की चुनौती के जवाब के रूप में अधिक हुआ स्वयं ब्रिटिश शासन की परिस्थितियों ने भारतीय जनता में राष्ट्रीय भावना विकसित करने में सहायता दी  धन्यवाद   Read More
 भारत में राष्ट्रवाद का उदय  आधुनिक भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन बुनियादी तौर पर विदेशी आधिपत्य की चुनौती के जवाब के रूप में अधिक हुआ स्वयं ब्रिटिश शासन की परिस्थितियों ने भारतीय जनता में राष्ट्रीय भावना विकसित करने में सहायता दी  धन्यवाद  
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[email protected] 26 Mar 2026 149 Views

जन सुविधाओं में वृद्धि

जन सुविधाओं में वृद्धि
 जन सुविधाओं में वृद्धि  18 वीं शताब्दी तक अंग्रेजों ने देश के धार्मिक सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन में हस्ते शैंपू ना करने की नीति अपनाई किंतु 19वीं शताब्दी के प्रारंभ से ही उन्होंने भारतीय समाज और संस्कृति में परिवर्तन के लिए कुछ कदम उठाए   भारत स्थित ब्रिटिश प्रशासन कुछ सीमा तक भारतीयों में आधुनिक सोच पैदा करना चाहते थे लेकिन वही तक जहां तक ब्रिटिश हितों को नुकसान ना हो  अतः उन्होंने भारत में आधु... Read More
 जन सुविधाओं में वृद्धि  18 वीं शताब्दी तक अंग्रेजों ने देश के धार्मिक सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन में हस्ते शैंपू ना करने की नीति अपनाई किंतु 19वीं शताब्दी के प्रारंभ से ही उन्होंने भारतीय समाज और संस्कृति में परिवर्तन के लिए कुछ कदम उठाए   भारत स्थित ब्रिटिश प्रशासन कुछ सीमा तक भारतीयों में आधुनिक सोच पैदा करना चाहते थे लेकिन वही तक जहां तक ब्रिटिश हितों को नुकसान ना हो  अतः उन्होंने भारत में आधुनिकरण की संतुलित नीति अपनाई इसी नीति के तहत अंग्रेजों ने कई हजार किलोमीटर की रेलवे लाइन बिछाई जिससे आगमन तेज हो सके वह व्यापार को बढ़ावा मिले अंग्रेज ठंडा प्रदेश के रहने वाले थे और उन्हें भारत में पढ़ने वाली गर्मी को सहन करने की आदत नहीं थी अत उन्होंने अपने वह अपने परिवारों को भीषण गर्मी से बचने के लिए भारत में नए नगर जैसे नैनीताल शिमला दार्जिलिंग बसाई  धन्यवाद
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[email protected] 25 Mar 2026 133 Views

आधुनिक शिक्षा का प्रभाव

आधुनिक शिक्षा का प्रभाव
 आधुनिक शिक्षा का प्रभाव  भारत में आधुनिक विज्ञान का प्रयोग 19वीं साड़ी के आरंभ मैं हुआ उदारवादी वाला शिक्षा नीति के चलते भारत में विज्ञान तक नहीं किया प्रौद्योगिकी का विकास भी हुआ इससे भारत वैज्ञानिक युग में प्रवेश कर सका विश्व विद्यालयों की स्थापना के साथ उनमें विज्ञान विभाग की स्थापना हुई अधिकार अधिक भारतीय ने विज्ञान को अध्ययन के लिए चुना और विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए   चिकित्... Read More
 आधुनिक शिक्षा का प्रभाव  भारत में आधुनिक विज्ञान का प्रयोग 19वीं साड़ी के आरंभ मैं हुआ उदारवादी वाला शिक्षा नीति के चलते भारत में विज्ञान तक नहीं किया प्रौद्योगिकी का विकास भी हुआ इससे भारत वैज्ञानिक युग में प्रवेश कर सका विश्व विद्यालयों की स्थापना के साथ उनमें विज्ञान विभाग की स्थापना हुई अधिकार अधिक भारतीय ने विज्ञान को अध्ययन के लिए चुना और विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए   चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में महेंद्र लाल सरकार का नाम उल्लेखनीय है उन्होंने 1876 ईस्वी में इंडियन एसोसिएशन फॉर थे कल्टीवेशन ऑफ़ साइंस नामक संस्था की स्थापना के 20 सी सदी के तीसरे दशक में इंडियन साइंस कांग्रेस की स्थापना की गई साइंस कांग्रेस के अधिवेशन में देश की विभिन्न भागों के वैज्ञानिक भाग लेते थे और एक दूसरे से अपने विचारों व कार्यों का आदान  प्रदान करते थे  धन्यवाद  
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[email protected] 25 Mar 2026 150 Views

पाश्चात्य शिक्षा

पाश्चात्य शिक्षा
 पाश्चात्य शिक्षा   कंपनी का शासन प्रारंभ होने के समय देश में शिक्षा की व्यवस्था हेतु पाठशाला मकतपुर एवं मदरसे थे उच्च शिक्षा मुख्यतः अभिजात वर्ग के लोगों तक ही समिति उच्च वर्ग संस्कृत अरबी फारसी कानून तक्षशास्त्र व्याकरण चिकित्सा विज्ञान का अध्ययन करते थे देश में परंपरागत शिक्षा पद्धति ही चल रही थी  पाश्चात्य जगत के नवीन विचारों और आधुनिक विज्ञान का ज्ञान भारत लाने में शिक्षा में महत्वपूर्ण भूमिक... Read More
 पाश्चात्य शिक्षा   कंपनी का शासन प्रारंभ होने के समय देश में शिक्षा की व्यवस्था हेतु पाठशाला मकतपुर एवं मदरसे थे उच्च शिक्षा मुख्यतः अभिजात वर्ग के लोगों तक ही समिति उच्च वर्ग संस्कृत अरबी फारसी कानून तक्षशास्त्र व्याकरण चिकित्सा विज्ञान का अध्ययन करते थे देश में परंपरागत शिक्षा पद्धति ही चल रही थी  पाश्चात्य जगत के नवीन विचारों और आधुनिक विज्ञान का ज्ञान भारत लाने में शिक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की अंग्रेज भारत में आधुनिक शिक्षा आरंभ करने में अधिक सफल रहे की संदेश आधुनिक शिक्षा का प्रचार केवल सरकार के प्रयास से ही नहीं हुआ इस कार्य में ईसाई धर्म प्रचारकों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई उन्होंने कई जगहों पर कान्वेंट स्कूल खोलें   धन्यवाद
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[email protected] 25 Mar 2026 186 Views

अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा देने की नीति बनी

अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा देने की नीति बनी
 अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा देने की नीति बनी   अंग्रेज शासको पर शासको ने भारत में आधुनिक शिक्षा का प्रसार इस उद्देश्य से किया की अंग्रेजी शिक्षा प्राप्त भारतीय नेक समर्थक बन जाएंगे अंग्रेजी भाषा के रूप में उन्हें संपर्क भाषा प्राप्त हुई जिसके परिणाम स्वरुप में अंग्रेजी साहित्य के संपर्क में आए लॉर्ड में कॉलेज ने जब अंग्रेजी साहित्य की शिक्षा और अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा देने की नीति बनाई थी तो उसका... Read More
 अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा देने की नीति बनी   अंग्रेज शासको पर शासको ने भारत में आधुनिक शिक्षा का प्रसार इस उद्देश्य से किया की अंग्रेजी शिक्षा प्राप्त भारतीय नेक समर्थक बन जाएंगे अंग्रेजी भाषा के रूप में उन्हें संपर्क भाषा प्राप्त हुई जिसके परिणाम स्वरुप में अंग्रेजी साहित्य के संपर्क में आए लॉर्ड में कॉलेज ने जब अंग्रेजी साहित्य की शिक्षा और अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा देने की नीति बनाई थी तो उसका यह उद्देश्य था कि इस शिक्षा से ऐसे व्यक्ति तैयार होंगे जो आत्मा और आस्था से ब्रिटिश वादी होंगे वास्तव में में कोयले का यह अनुमान काफी सीमा तक सही निकला धन्यवाद
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[email protected] 25 Mar 2026 178 Views

वित्तीय प्रशासन

वित्तीय प्रशासन
 वित्तीय प्रशासन  सन 1857 ई के बाद बच्चे प्रशासन का भी पुनर्गठन किया गया 1860 ईस्वी में बजट की व्यवस्था शुरू की गई कुछ समय बाद केंद्रीय और प्रांतीय सरकारों के बीच आए के वितरण के बारे में भी निर्णय लिया गया डाकघर रेलवे अफीम तथा नमक की बिक्री और चुंगी से होने वाली आय को पुण्यात केंद्रीय सरकार के लिए सुरक्षित रखा गया भू राजस्व आबकारी आदि स्रोतों से होने वाली आय को केंद्रीय और प्रांतीय सरकारों के बीच... Read More
 वित्तीय प्रशासन  सन 1857 ई के बाद बच्चे प्रशासन का भी पुनर्गठन किया गया 1860 ईस्वी में बजट की व्यवस्था शुरू की गई कुछ समय बाद केंद्रीय और प्रांतीय सरकारों के बीच आए के वितरण के बारे में भी निर्णय लिया गया डाकघर रेलवे अफीम तथा नमक की बिक्री और चुंगी से होने वाली आय को पुण्यात केंद्रीय सरकार के लिए सुरक्षित रखा गया भू राजस्व आबकारी आदि स्रोतों से होने वाली आय को केंद्रीय और प्रांतीय सरकारों के बीच बांटा गया इससे मिलते-जलती व्यवस्था आज भी चल रही है अदालत में मुकदमा चलाने के लिए स्टांप ड्यूटी नामक एक नवीन कर भी लगाया गया 1892 ई के अधिनियम के द्वारा विधान परिषद के सदस्यों को बजट पर विचार करने का अधिकार दिया गया धन्यवाद
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[email protected] 25 Mar 2026 144 Views

न्यायिक संगठन

न्यायिक संगठन
 न्यायिक संगठन  भारत में न्याय की परंपरागत प्रणाली मुख्य रूप से प्रचलित कानून पर आधारित थी अनेक कानून शास्त्रों और शरण तथा सही फरमानों पर आधारित थे शुरू में अंग्रेज आमतौर से प्रचलित कानून ही लागू करते रहे लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने कानून की एक नई प्रणाली विकसित की तत्कालीन कानून को साहित्य वृद्धि किया गया इसका अर्थ था कि शासन कानून के अनुसार चलाया जाएगा ना कि शासन की इच्छा के अनुसार  अब कानून की निग... Read More
 न्यायिक संगठन  भारत में न्याय की परंपरागत प्रणाली मुख्य रूप से प्रचलित कानून पर आधारित थी अनेक कानून शास्त्रों और शरण तथा सही फरमानों पर आधारित थे शुरू में अंग्रेज आमतौर से प्रचलित कानून ही लागू करते रहे लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने कानून की एक नई प्रणाली विकसित की तत्कालीन कानून को साहित्य वृद्धि किया गया इसका अर्थ था कि शासन कानून के अनुसार चलाया जाएगा ना कि शासन की इच्छा के अनुसार  अब कानून की निगाह में सारे मनुष्य बराबर है जाति धर्म या वर्ग के आधार पर बिना भेदभाव के एक ही कानून सब लोगों पर लागू होता था पहले की न्याय प्रणाली जाति के भेदभाव का ख्याल करती थी जैसे यदि किसी ऊंची जाति के व्यक्ति ने कोई अपराध किया तो उसकी सजा किसी और जाति के व्यक्ति से भिन्न होती थी धन्यवाद
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[email protected] 24 Mar 2026 154 Views

सेना तथा पुलिस का पुनर्गठन

सेना तथा पुलिस का पुनर्गठन
सेना तथा पुलिस का पुनर्गठन  1857 ई के बाद पुनर्गठन की प्रक्रिया के अंतर्गत सी को भी पुनर्गठित किया गया 1857 ई के पूर्व बंगाल मद्रास चेन्नई तथा मुंबई प्रति की अपनी-अपनी अलग सेन थी यह स्वतंत्र रूप से कार्य करते थे 1893 में इनका एकीकरण किया गया ब्रिटिश सी अध्यक्ष के अधीन इस सेवा को रखा गया इसमें यूरोपीय सैनिकों का अनुपात भारतीय सैनिकों की तुलना में लगभग दुगना कर दिया गया भारतीय सैनिक साबूदार से ऊपर क... Read More
सेना तथा पुलिस का पुनर्गठन  1857 ई के बाद पुनर्गठन की प्रक्रिया के अंतर्गत सी को भी पुनर्गठित किया गया 1857 ई के पूर्व बंगाल मद्रास चेन्नई तथा मुंबई प्रति की अपनी-अपनी अलग सेन थी यह स्वतंत्र रूप से कार्य करते थे 1893 में इनका एकीकरण किया गया ब्रिटिश सी अध्यक्ष के अधीन इस सेवा को रखा गया इसमें यूरोपीय सैनिकों का अनुपात भारतीय सैनिकों की तुलना में लगभग दुगना कर दिया गया भारतीय सैनिक साबूदार से ऊपर किसी पद पर नियुक्त नहीं किए जाते थे यह व्यवस्था 1914 ई के प्रथम विश्व युद्ध तक ऐसी ही बनी रही पुलिस संगठन में दरोगा का पद भारतीय तथा पुलिस अध्यक्ष का पद यूरोपीय के लिए रखा गया क्योंकि सी और पुलिस दोनों ही ब्रिटिश साम्राज्य की सुरक्षा एवं विस्तार कार्यों में सहायक होती थी धन्यवाद
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[email protected] 24 Mar 2026 154 Views

सिविल सर्विसेज (लोक सेवा)

सिविल सर्विसेज (लोक सेवा)
 सिविल सर्विसेज (लोक सेवा )  घोषणा पत्र के तहत सन 1861 में भारतीय लोक सेवा अधिनियम इंडियन सिविल सर्विस एक्ट बनाया गया जिसके अंतर्गत सांसद महत्वपूर्ण पदों पर आई की अधिकारी नियुक्त किए जाते थे इनका चयन लंदन में होने वाली वार्षिक खुली प्रतियोगिता के द्वारा होता था यह परीक्षा अंग्रेजी भाषा में ही दी जाती थी 1853 ई तक इस परीक्षा में बैठने की अधिकतम आयु 23 वर्ष थी बाद में इसे घटकर 21 वर्ष कर दी गई जो 18... Read More
 सिविल सर्विसेज (लोक सेवा )  घोषणा पत्र के तहत सन 1861 में भारतीय लोक सेवा अधिनियम इंडियन सिविल सर्विस एक्ट बनाया गया जिसके अंतर्गत सांसद महत्वपूर्ण पदों पर आई की अधिकारी नियुक्त किए जाते थे इनका चयन लंदन में होने वाली वार्षिक खुली प्रतियोगिता के द्वारा होता था यह परीक्षा अंग्रेजी भाषा में ही दी जाती थी 1853 ई तक इस परीक्षा में बैठने की अधिकतम आयु 23 वर्ष थी बाद में इसे घटकर 21 वर्ष कर दी गई जो 1876 ईस्वी में घटकर 19 वर्ष कर दी गई 18 63 ईस्वी में यह परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले पहले भारतीय सत्येंद्र नाथ ठाकुर थे यह रविंद्र ठाकुर के बड़े भाई थे किंतु उम्र घटना से तो भारतीयों के लिए इसमें सम्मिलित होना लगभग संभव हो गया था आज आईसीएस को इस भारतीय प्रशासन सेवा कहते हैं  धन्यवाद  
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[email protected] 24 Mar 2026 202 Views