पाचन तंत्र का अर्थ सभी प्राणी नियमित रूप से आहार ग्रहण करते हैं परंतु उत्तम पोषण के लिए केवल आहार ग्रहण करना ही पर्याप्त नहीं होता इसके लिए ग्रहण किए गए आहार का पूर्ण रूप से पाचन तथा पचे हुए आहार के पोषक तत्वों का आवश्यकता अनुसार अवशोषण भी आवश्यक होता है इस आवश्यकता की पूर्ति के लिए सभी प्राणियों के शरीर में आहार के पाचन एवं शोषण के लिए अलग से एक तंत्र या संस्थान होता है जिसे शरीर रचना शास्त्र की भाषा में पाचन तंत्र या पाचन संस्थान कहते हैं पाचन तंत्र के कुछ भाग आहार के पाचन का कार्य करते हैं तथा कुछ भाग पोषक तत्वों के अवशोषण का कार्य करते हैं इस प्रकार कुछ आहार की पाचन संबंधी यांत्रिक क्रियो को पूरा करते हैं जैसे की डांट तथा आमाशय इसी प्रकार पाचन तंत्र में कुछ ऐसे अंग भी है जो आहार की पाचन संबंधी रासायनिक क्रियो को संपन्न करने में सहायक होते हैं इन अंगों के अतिरिक्त कुछ ऐसे अंग भी है जो बचे हुए आहार में से पोषक तत्वों के अवशोषण का कार्य करते हैं शरीर में विद्वान यह सभी अंग सम्मिलित रूप से कार्य करते हैं तथा इन सांसद अंगों को ही सम्मिलित रूप में पाचन तंत्र या पाचन संस्थान कहते हैं इस प्रकार निष्कर्ष स्वरूप हम कह सकते हैं कि शरीर द्वारा ग्रहण किए गए आहार पाचन तथा पोषक तत्वों के अवशोषण के विभिन्न कार्यों को पूरा करने वाले सांसद अंगों की समग्रता को पाचन तंत्र कहा जाता है धन्यवाद
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