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Vanshika

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Blog by Vanshika | Digital Diary

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जल के कार्य क्या है आए इ जाने


 जल के कार्य क्या है:_  शरीर के विसर्जन योग्य पदार्थ को शरीर से बाहर निकलने में सहायक होता है  चेहरे में चमक लाता है  शरीर के ताप को नियंत्रित रखता है  विभिन्न प्रकार के पाचक रसों का निर्माण करता है   रक्त को तरलता प्रदान करता है   धन्यवाद   Read More

 जल के कार्य क्या है:_

 शरीर के विसर्जन योग्य पदार्थ को शरीर से बाहर निकलने में सहायक होता है

 चेहरे में चमक लाता है

 शरीर के ताप को नियंत्रित रखता है

 विभिन्न प्रकार के पाचक रसों का निर्माण करता है 

 रक्त को तरलता प्रदान करता है 

 धन्यवाद

 


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जल (वाटर) क्या है


वाटर :-  पेपरदार तुम्हें जल का मुख्य स्थान है शरीर का लगभग एक अध्याय भाग जल की होती है तो शरीर को भोजन के अपेक्षा जल की अधिक मात्रा में आवश्यकता होती है यही कारण है कि भोजन के बिना मनुष्य 30 या 40 दिन तक जीवित रह सकता है परंतु जल के बिना दो या तीन दिन तक जीवित रहना भी कठिन हो जाता है की आवश्यकता मुख्य रूप से जल की पीकर पूर्ण की जाती है तथा कुछ जल हमें पूज्य पदार्थ तथा पर पदार्थ द्वारा भी प्रा... Read More

वाटर :-

 पेपरदार तुम्हें जल का मुख्य स्थान है शरीर का लगभग एक अध्याय भाग जल की होती है तो शरीर को भोजन के अपेक्षा जल की अधिक मात्रा में आवश्यकता होती है यही कारण है कि भोजन के बिना मनुष्य 30 या 40 दिन तक जीवित रह सकता है परंतु जल के बिना दो या तीन दिन तक जीवित रहना भी कठिन हो जाता है की आवश्यकता मुख्य रूप से जल की पीकर पूर्ण की जाती है तथा कुछ जल हमें पूज्य पदार्थ तथा पर पदार्थ द्वारा भी प्राप्त होता है

 जल की आवश्यक मात्रा:-

 व्यक्ति को केवल पीने के लिए ही नहीं बल्कि अनेक देने कार्यों के लिए भी जल की आवश्यकता होती है जैसे नहाने धोने सफाई भोजन पकाने आदि के लिए

 परंतु पीने के लिए प्रतिदिन एक व्यक्ति को लगभग चार लीटर जल पानी चाहिए वैसे यह अपनी रुचि मौसम आदि के अनुसार काम या अधिक भी हो सकता है किंतु अत्यधिक जल पीना तथा भोजन के बीच-बीच में अधिक जल पीना हानिकारक होता है इसमें भोजन अधिक पतला हो जाता है तथा पाचन में कठिनाई होती है हां प्यास लगने पर खूब जल पीना चाहिए तथा पीते समय स्वास्थ्य की दृष्टि से जल की शुद्धता का ध्यान रखना भी नियंत्रांता आवश्यक है 

 धन्यवाद 


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गंधक के प्राप्ति के स्रोत


 प्राप्ति के स्रोत  प्रोटीन के अतिरिक्त मांस मछली अंडे तथा दूध से भी गंधक की प्राप्ति होती रहती है अनाज डाले मूली पालक आदि भी गंधक प्राप्ति के स्रोत है  उपयोगिता एवं महत्व  गंधक एक उपयोगी खनिज है या प्रोटीन के पाचन एवं अवशोषण में सहायक है इसके अतिरिक्त बलों तथा नाखूनों की उचित वृद्धि और स्वास्थ्य के लिए भी यह उपयोगी है शरीर में होने वाली ऑक्सीकरण की प्रक्रिया में भी इसका योगदान... Read More

 प्राप्ति के स्रोत

 प्रोटीन के अतिरिक्त मांस मछली अंडे तथा दूध से भी गंधक की प्राप्ति होती रहती है अनाज डाले मूली पालक आदि भी गंधक प्राप्ति के स्रोत है

 उपयोगिता एवं महत्व

 गंधक एक उपयोगी खनिज है या प्रोटीन के पाचन एवं अवशोषण में सहायक है इसके अतिरिक्त बलों तथा नाखूनों की उचित वृद्धि और स्वास्थ्य के लिए भी यह उपयोगी है शरीर में होने वाली ऑक्सीकरण की प्रक्रिया में भी इसका योगदान होता है


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गंधक क्या है


 गंधक क्या है  शरीर के लिए अल्प मात्रा में आवश्यक खनिजों में गंधक भी एक है हमारे शरीर में गंधक की समानता कमी नहीं होती है वास्तव में प्रोटीन के एक आवश्यक के रूप में हमारे शरीर में पहुंचता रहता है यदि हमारे आहार में प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा हो तो शरीर में गंधक की कमी का प्रश्न ही नहीं उठाता   प्राप्ति के स्रोत  प्रोटीन के अतिरिक्त मांस मछली अंडे तथा दूध से भी गंधक की प्रा... Read More

 गंधक क्या है

 शरीर के लिए अल्प मात्रा में आवश्यक खनिजों में गंधक भी एक है हमारे शरीर में गंधक की समानता कमी नहीं होती है वास्तव में प्रोटीन के एक आवश्यक के रूप में हमारे शरीर में पहुंचता रहता है यदि हमारे आहार में प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा हो तो शरीर में गंधक की कमी का प्रश्न ही नहीं उठाता 

 प्राप्ति के स्रोत

 प्रोटीन के अतिरिक्त मांस मछली अंडे तथा दूध से भी गंधक की प्राप्ति होती रहती है अनाज दालें मूली पालक आदि भी गंधक प्राप्ति के स्रोत है

 उपयोगिता एवं महत्व

 गंधक एक उपयोगी खनिज है यह प्रोटीन के पाचन एवं अवशोषण में सहायक है इसके अतिरिक्त बलों तथा नाखूनों की उचित वृद्धि एवं स्वास्थ्य के लिए भी यह उपयोगी है शरीर में होने वाली ऑक्सीकरण की प्रक्रिया में भी इसका योगदान है

 कमी के प्रभाव

 यदि किसी कारण में शरीर में गंधक की कमी हो जाए तो इसका प्रतिकूल प्रभाव बलों तथा एवं नाखूनों के अतिरिक्त प्रोटीन के अवशोषण पर भी पड़ता है

धन्यवाद


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तांबा क्या है


 तांबा क्या है  हमारे शरीर के स्वस्थ बने रहने तथा सुचारू रूप से कार्य करते रहने के लिए तांबा नमक खनिज भी आवश्यक होता है शरीर में पाए जाने वाले विभिन्न एंजाइमों में यह आवश्यक तत्व के रूप में तथा रक्त में प्रोटीन के साथ जटिल रूप में विद्यमान होता है एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में लगभग 100 से 150 मिलीग्राम तांबा सामान्य पाया जाता है  प्राप्ति के स्रोत  सामान्य रूप से सभी अनाजों में... Read More

 तांबा क्या है

 हमारे शरीर के स्वस्थ बने रहने तथा सुचारू रूप से कार्य करते रहने के लिए तांबा नमक खनिज भी आवश्यक होता है शरीर में पाए जाने वाले विभिन्न एंजाइमों में यह आवश्यक तत्व के रूप में तथा रक्त में प्रोटीन के साथ जटिल रूप में विद्यमान होता है एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में लगभग 100 से 150 मिलीग्राम तांबा सामान्य पाया जाता है

 प्राप्ति के स्रोत

 सामान्य रूप से सभी अनाजों में तांबे की अल्प मात्रा विद्यमान होती है अनाजों के अतिरिक्त या करंट मांस चाय कॉफी है कोक भी तांबा प्राप्ति के स्रोत है मां के दूध में भी तांबा पाया जाता है

 उपयोगिता तथा महत्व धन्यवाद

 तांबे उपयोगी खनिज है यह लोहे खनिज वसा तथा विटामिन सी के अवशोषण में सहायक रक्त के हीमोग्लोबिन के निर्माण में योगदान देता है

 कमी के प्रभाव

 यदि किसी कारणवश व्यक्ति के शरीर में तांबा की कमी हो जाए तो उसे व्यक्ति में व्यक्त एनीमिया या रक्त अल्पता का शिकार हो जाता है इससे मुक्त होने के लिए तांबे तथा लोहे खनिज का मिश्रण लिया जा सकता है

 धन्यवाद


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मैग्नीशियम की कमी के प्रभाव


 मैग्नीशियम की कमी के प्रभाव  यदि किसी कारणवश किसी व्यक्ति के शरीर में मैग्नीशियम की कमी आ जाती है तो उसे व्यक्ति की मांसपेशियां कांपने लगती है हाथ पांव में ऐंठन रहने लगती है उनमें आज शैंपू भी हो जाता है तथा गंभीर स्थिति में दिल्ली  धन्यवाद Read More

 मैग्नीशियम की कमी के प्रभाव

 यदि किसी कारणवश किसी व्यक्ति के शरीर में मैग्नीशियम की कमी आ जाती है तो उसे व्यक्ति की मांसपेशियां कांपने लगती है हाथ पांव में ऐंठन रहने लगती है उनमें आज शैंपू भी हो जाता है तथा गंभीर स्थिति में दिल्ली

 धन्यवाद


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मैग्नीशियम की उपयोगिता एवं महत्व


 मैग्नीशियम की उपयोगिता एवं महत्व  मैग्नीशियम भी हमारे शरीर के लिए एक उपयोगी खनिज है इसका मुख्य कार्य शरीर में विद्वान ऐसे एंजाइमों को सक्रियता प्रदान करता है जो कार्बोहाइड्रेट के पक्ष में सहायक होते हैं यह कैल्शियम तथा फास्फोरस के जयापक्ष में भी सहायक होता है  धन्यवाद Read More

 मैग्नीशियम की उपयोगिता एवं महत्व

 मैग्नीशियम भी हमारे शरीर के लिए एक उपयोगी खनिज है इसका मुख्य कार्य शरीर में विद्वान ऐसे एंजाइमों को सक्रियता प्रदान करता है जो कार्बोहाइड्रेट के पक्ष में सहायक होते हैं यह कैल्शियम तथा फास्फोरस के जयापक्ष में भी सहायक होता है

 धन्यवाद


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मैग्नीशियम क्या हैआए इ जानले


 मैग्नीशियम-  अन्य कुछ खनिजों के समान मैग्नीशियम भी अल्प मात्रा में हमारे शरीर के लिए आवश्यक है यह हमारे शरीर के उत्तर को एवं कोशिकाओं में विद्यमान रहता है इसका कुछ भाग प्रोटीन के साथ मिलकर कोमल उत्तकों में भी विद्यमान रहता है सामान्य रूप से एक वेदक व्यक्ति के शरीर में इसकी 20 से 28 ग्राम मात्रा रहती है  प्राप्ति के स्रोत-  सामान्य रूप से सभी अनाजों डालो सब्जियां किले एवं खजूर... Read More

 मैग्नीशियम-

 अन्य कुछ खनिजों के समान मैग्नीशियम भी अल्प मात्रा में हमारे शरीर के लिए आवश्यक है यह हमारे शरीर के उत्तर को एवं कोशिकाओं में विद्यमान रहता है इसका कुछ भाग प्रोटीन के साथ मिलकर कोमल उत्तकों में भी विद्यमान रहता है सामान्य रूप से एक वेदक व्यक्ति के शरीर में इसकी 20 से 28 ग्राम मात्रा रहती है

 प्राप्ति के स्रोत-

 सामान्य रूप से सभी अनाजों डालो सब्जियां किले एवं खजूर में मैग्नीशियम की कुछ ना कुछ मात्रा आवश्यक पाई जाती है इन खाक सामग्रियों से हमारी आवश्यकता के अनुरूप ही अभीष्ट मंत्र हमें प्राप्त हो जाती है

 


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पोटेशियम की कमी


 पोटेशियम की कमी   सामान्य रूप से हमारे शरीर में पोटेशियम की कमी नहीं हुआ करती परंतु विशेष परिस्थितियों में यदि इसकी कमी हो ही जाए तो हमारी मांसपेशियां कमजोर पड़ जाती है तथा शरीर में चुस्ती नहीं रहती बच्चों में प्रोटीन के पर्याप्त शोषण के अभाव में पोटेशियम की कमी आ जाती है बड़ों में इसकी कमी के कारण हृदय की सामान्य गति भी प्रभावित होती है धन्यवाद Read More

 पोटेशियम की कमी 

 सामान्य रूप से हमारे शरीर में पोटेशियम की कमी नहीं हुआ करती परंतु विशेष परिस्थितियों में यदि इसकी कमी हो ही जाए तो हमारी मांसपेशियां कमजोर पड़ जाती है तथा शरीर में चुस्ती नहीं रहती बच्चों में प्रोटीन के पर्याप्त शोषण के अभाव में पोटेशियम की कमी आ जाती है बड़ों में इसकी कमी के कारण हृदय की सामान्य गति भी प्रभावित होती है

धन्यवाद


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पोटेशियम के कार्य एवं महत्व


 पोटेशियम के कार्य महत्व - ​​​​​​ यह शरीर में सर एवं अम्ल की मात्रा को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है   अंत कोशिका रस के बनने में भी इसका उल्लेखनीय योगदान है   अस्थियों के उत्तम कैलशिफिकेशन में भी यह सहायक होता है  हमारे शरीर में यह विभिन्न नियामक कार्य भी करता है यह हृदय की गति को नियमित बनाए रखना है तथा मांसपेशियों के संकुचन एवं स्नायु उतरे जन के... Read More

 पोटेशियम के कार्य महत्व -

​​​​​​ यह शरीर में सर एवं अम्ल की मात्रा को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है 

 अंत कोशिका रस के बनने में भी इसका उल्लेखनीय योगदान है 

 अस्थियों के उत्तम कैलशिफिकेशन में भी यह सहायक होता है

 हमारे शरीर में यह विभिन्न नियामक कार्य भी करता है यह हृदय की गति को नियमित बनाए रखना है तथा मांसपेशियों के संकुचन एवं स्नायु उतरे जन के संवहन में सहायक होता है

 धन्यवाद

 


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