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Vanshika

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Blog by Vanshika | Digital Diary

" To Present local Business identity in front of global market"

Meri Kalam Se
Digital Diary Submit Post Vanshika

शांति क्या है

  शांति क्या है? जिस प्रकार एक प्यासे व्यक्ति को पानी की अत्यंत आवश्यकता होती है, ठीक उसी प्रकार जीवन की भागदौड़ और परेशानियों से थके हुए इंसान को शांति की ज़रूरत होती है। मनुष्य की ज्ञानेंद्रियों और उसके मन का पूरी तरह संतुष्ट हो जाना ही, उसकी आत्मा की सबसे बड़ी शांति है। शांति: एक आंतरिक अनुभव शांति कोई बाहर से दिखाई देने वाली स्थूल वस्तु नहीं है, और न ही इसे बाज़ार से मूल्य चुकाकर खरीदा जा सकत... Read More
  शांति क्या है? जिस प्रकार एक प्यासे व्यक्ति को पानी की अत्यंत आवश्यकता होती है, ठीक उसी प्रकार जीवन की भागदौड़ और परेशानियों से थके हुए इंसान को शांति की ज़रूरत होती है। मनुष्य की ज्ञानेंद्रियों और उसके मन का पूरी तरह संतुष्ट हो जाना ही, उसकी आत्मा की सबसे बड़ी शांति है। शांति: एक आंतरिक अनुभव शांति कोई बाहर से दिखाई देने वाली स्थूल वस्तु नहीं है, और न ही इसे बाज़ार से मूल्य चुकाकर खरीदा जा सकता है। यह तो मनुष्य का अपने मन के साथ किया गया एक आंतरिक समझौता है, जिसे केवल वही महसूस कर सकता है जो इसे पाता है। जैसे ही मनुष्य के मन में शांति का वास होता है, उसे ऐसा प्रतीत होता है मानो संसार की सारी निधियां (सुख) उसे मिल गई हैं। इसके विपरीत, संसार की भौतिक सुख-सुविधाओं और चकाचौंध ने मानव को केवल मानसिक तनाव, दुःख और निराशा ही दी है। आधुनिक युग और अशांति आज विज्ञान के विनाशकारी आविष्कारों ने भी मानव मन की शांति को भंग करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। केवल हमारा देश ही नहीं, बल्कि संपूर्ण विश्व आज परमाणु युद्ध के साए में जी रहा है। दूसरी ओर, मनुष्य की असीमित इच्छाएं और अभिलाषाएं उसे कभी चैन से बैठने नहीं देतीं। जैसे ही एक इच्छा पूरी होती है, मन में दूसरी इच्छा जन्म ले लेती है। इस प्रकार, मनुष्य जीवन भर अपनी अधूरी इच्छाओं के पीछे भागता रहता है और तड़पता रहता है, पर सच्चा संतोष कहीं नहीं पाता। इसके साथ ही, आज समाज में फैली हिंसा, आतंकवाद, सांप्रदायिकता और भ्रष्टाचार जैसी भीषण समस्याएं देश की शांति को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचा रही हैं। इन्हीं सब कारणों से आज का इंसान पृथ्वी पर निरंतर चिंता और असंतोष के साए में जीने को मजबूर है। 'शांति' और 'परेशान' शब्द का गहरा अर्थ यदि हम 'शांति' शब्द का संधि विच्छेद करें-'शान + स्थिति' (अर्थात अपने आत्म-गौरव या आसन की स्थिति)-तो इसका अर्थ समझ आता है कि शांति का सीधा संबंध मनुष्य की आत्मा के 'स्वमान' (आत्म-सम्मान) से है। जब व्यक्ति की यह आंतरिक शान या मानसिक संतुलन बिगड़ जाता है, तभी वह 'अशांत' या 'परेशान' होता है। यहाँ 'परेशान' का एक प्रतीकात्मक अर्थ 'पैर + स्थान' (अपने स्थान पर पैर मारना या छटपटाना) भी लिया जा सकता है। ऐसी छटपटाहट की स्थिति तभी बनती है जब इंसान अंदर से अशांत होता है। शांति: ईश्वर का दिव्य वरदान मानव जीवन के लिए शांति किसी अमृत से कम नहीं है। यह गुण ईश्वर की ओर से मिला हुआ एक दिव्य वरदान है। मूल रूप से मनुष्य का स्वभाव शांतिप्रिय ही होता है, परंतु जब काम, क्रोध, लोभ जैसे मानसिक विकार हावी होते हैं, तो व्यक्ति का ध्यान भटक जाता है और उसकी आत्मिक शांति भंग हो जाती है। शांति: ईश्वर का दिव्य वरदान मानव जीवन के लिए शांति किसी अमृत से कम नहीं है। यह गुण ईश्वर की ओर से मिला हुआ एक दिव्य वरदान है। मूल रूप से मनुष्य का स्वभाव शांतिप्रिय ही होता है, परंतु जब काम, क्रोध, लोभ जैसे मानसिक विकार हावी होते हैं, तो व्यक्ति का ध्यान भटक जाता है और उसकी आत्मिक शांति भंग हो जाती है। निष्कर्ष यदि मनुष्य को बहुत सारा धन, स्वादिष्ट भोजन या महंगे कपड़े न भी मिलें, तब भी वह सादगी से अपना जीवन आराम से जी सकता है। लेकिन, यदि उसके जीवन से मानसिक शांति समाप्त हो जाए, तो वह एक दिन भी सुख से नहीं जी सकता। ऐसी अशांत स्थिति में उसे जीवन का एक-एक पल वर्षों के समान भारी और कठिन लगने लगता है।
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[email protected] 08 Sep 2026 196 Views

बैठक की सजावट किस प्रकार करते हैं आज इस ब्लॉग में आप जानेंगे

बैठक की सजावट किस प्रकार करते हैं आज इस ब्लॉग में आप जानेंगे
  बैठक हमारे घर का वह मुख्य हिस्सा है जिसका उपयोग हम विश्राम, मनोरंजन और मेहमानों से मिलने के लिए करते हैं। इसलिए बैठक की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जो दिखने में सुंदर और बैठने में आरामदायक हो। आइए जानते हैं बैठक को सजाने के कुछ बेहतरीन तरीके: 1. बैठने का सही प्रबंध और फर्नीचर  सोफा सेट: बैठक के लिए सोफा सेट सबसे आरामदायक होता है। इसे हमेशा अपने कमरे के साइज (नाप) के अनुसार छोटा या बड़ा चुनें।... Read More
  बैठक हमारे घर का वह मुख्य हिस्सा है जिसका उपयोग हम विश्राम, मनोरंजन और मेहमानों से मिलने के लिए करते हैं। इसलिए बैठक की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जो दिखने में सुंदर और बैठने में आरामदायक हो। आइए जानते हैं बैठक को सजाने के कुछ बेहतरीन तरीके: 1. बैठने का सही प्रबंध और फर्नीचर  सोफा सेट: बैठक के लिए सोफा सेट सबसे आरामदायक होता है। इसे हमेशा अपने कमरे के साइज (नाप) के अनुसार छोटा या बड़ा चुनें। बजट अनुकूल विकल्प: यदि गद्देदार सोफा बजट से बाहर या महंगा है, तो आप बेंत (वेद) का सोफा सेट या कुर्सियां इस्तेमाल कर सकते हैं। यह दिखने में भी बेहद सुंदर लगती हैं। पारंपरिक दीवान या तखत: भारतीय रीति के अनुसार लकड़ी का तखत या दीवान भी बैठक में उपयोगी होता है। इन्हें आकर्षक गद्दों और सुंदर रंग-बिरंगे बेडशीट व तकियों (पलंग पोस और गाड़ी के गिलास) से सजाएं। इन्हें समय-समय पर धोकर और बदल-बदलकर आप कमरे को हमेशा एक नया लुक दे सकते हैं। 2. मेज और जरूरी अलमारियां  सेंटर टेबल (बीच की मेज): सोफा सेट के ठीक बीच में एक कम ऊंचाई वाली मेज होनी चाहिए, जिस पर एक सुंदर फूलों का गुलदस्ता रखा जा सके। यह कमरे की शोभा बढ़ाता है। छोटी मेज (Side Table): कमरे में एक छोटी मेज भी रखें ताकि चाय के कप या अन्य छोटी-मोटी वस्तुएं आसानी से रखी जा सकें। स्टोरेज और शेल्फ: कमरे में टेलीविजन, रेडियो और अन्य चीजें रखने के लिए शेल्फ बनवाएं। इसके अलावा, किताबें, पत्रिकाएं और समाचार पत्र व्यवस्थित रखने के लिए एक छोटी अलमारी जरूर होनी चाहिए। 3. रोशनी (प्रकाश) का सही प्रबंध  बैठक में रोशनी की व्यवस्था केवल सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि जरूरत के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है। कमरे में एक आकर्षक लैंप की व्यवस्था जरूर करें। प्रकाश का प्रबंध ऐसा होना चाहिए जिससे बैठक का प्रत्येक कोना अच्छी तरह से आलोकित (प्रकाशित) हो सके। 4. मनोरंजन और खेलकूद का कोना  बैठक में मेहमानों और परिवार के मनोरंजन के लिए कुछ इनडोर गेम्स (खेलों का सामान) जैसे- कैरम बोर्ड, लूडो और पासा आदि जरूर होने चाहिए। मधुर संगीत सुनने के लिए ग्रामोफोन या म्यूजिक सिस्टम की व्यवस्था भी बैठक में चार चांद लगा देती है। 5. दीवारें, फर्श और सजावटी वस्तुएं  मुख्य बदलाव जो आपके ब्लॉग को बेहतर बनाएंगे: पैराग्राफ को छोटा किया गया: पुराना ब्लॉग एक बड़े पैराग्राफ में था, जिसे पढ़ना मुश्किल था। अब इसे छोटे-छोटे हिस्सों में बांट दिया गया है। बुलेट पॉइंट्स और हेडिंग्स: महत्वपूर्ण जानकारियों को पॉइंट्स में लिखने से पाठक का ध्यान आसानी से आकर्षित होता है। मुख्य शब्दों को बोल्ड (Bold) करना: जो जरूरी चीजें हैं (जैसे सोफा, कालीन, लैंप), उन्हें बोल्ड किया गया है ताकि यूजर जल्दी से पूरा ब्लॉग  यदि आप चाहें, तो मैं इस ब्लॉग के लिए एक आकर्षक और छोटा टाइटल (Title) और गूगल सर्च (SEO) के लिए मुख्य कीवर्ड्स भी तैयार कर सकता हूँ। क्या आप इसे और आगे बढ़ाना चाहते हैं? दीवारों का रंग: बैठक की दीवारों पर हमेशा सफेद रंग या कोई हल्का व शांत रंग करवाना चाहिए। तस्वीरें और कलाकृतियां: दीवारों को सूना न छोड़ें। इस पर कुछ आकर्षक प्राकृतिक दृश्य (सीनरी) या किसी महापुरुष के प्रेरणादायक चित्र लगाएं। इसके अलावा कुछ कलात्मक और हस्तशिल्प की वस्तुएं भी कमरे में रखें। कालीन (Carpet): फर्श की सुंदरता बढ़ाने के लिए कालीन का प्रयोग करें। ध्यान रहे, कालीन को पूरे फर्श पर बिछाने के बजाय कमरे के मध्य (बीच) में बिछाना ज्यादा आकर्षक लगता है। दीवार घड़ी: कमरे की एक दीवार पर एक सुंदर और आकर्षक घड़ी भी लगी होनी 
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[email protected] 01 Sep 2026 188 Views

रोज नियम से है जो पड़ता

रोज नियम से है जो पड़ता
रोज नियम से जो पड़ता पढ़ने में जो बात ना करता पुस्तक पर वह कर चढ़ता पढ़ने में गाना नहीं गाता  नहीं करता वह काम अधूरा रखता वह हर काम को पूरा करता नहीं आज को वह कल कक्षा में आता वह अव्वल   धन्यवाद Read More
रोज नियम से जो पड़ता पढ़ने में जो बात ना करता पुस्तक पर वह कर चढ़ता पढ़ने में गाना नहीं गाता  नहीं करता वह काम अधूरा रखता वह हर काम को पूरा करता नहीं आज को वह कल कक्षा में आता वह अव्वल   धन्यवाद
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[email protected] 31 Aug 2026 136 Views

रहे हमेशा जो मुस्कुराता है

रहे हमेशा जो मुस्कुराता है
 रहे हमेशा जो मुस्कुराता   रहे हमेशा जो मुस्कुराता गीत खुशी के जो वह गाता रोने का जो नाम न लेता  सदा खुशी से उत्तर देता   औरों को वह नहीं चीढ़ाता   मुंह अपना  कभी नहीं बनाता  सचमुच ही वह बहुत भला है अच्छे घर में वह पल है   धन्यवाद Read More
 रहे हमेशा जो मुस्कुराता   रहे हमेशा जो मुस्कुराता गीत खुशी के जो वह गाता रोने का जो नाम न लेता  सदा खुशी से उत्तर देता   औरों को वह नहीं चीढ़ाता   मुंह अपना  कभी नहीं बनाता  सचमुच ही वह बहुत भला है अच्छे घर में वह पल है   धन्यवाद
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[email protected] 31 Aug 2026 160 Views

रोज नियम से कसरत करता

रोज नियम से कसरत करता
 रोज नियम से कसरत करता  रोज नियम से कसरत करता पैदल चलने से नहीं डरता दौड़ में रहता सबसे आगे सबसे पहले प्राप्त जागे.  होता जो तैयार समय से   डरता नहीं किसी भी भय से, हैं वह ऊंचे संस्कार कर   है अधिकारी वही प्यार  का  Read More
 रोज नियम से कसरत करता  रोज नियम से कसरत करता पैदल चलने से नहीं डरता दौड़ में रहता सबसे आगे सबसे पहले प्राप्त जागे.  होता जो तैयार समय से   डरता नहीं किसी भी भय से, हैं वह ऊंचे संस्कार कर   है अधिकारी वही प्यार  का 
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[email protected] 31 Aug 2026 171 Views

रोज नहाता है जो बच्चा

 रोज नहाता है जो बच्चा  रोज नहाता है जो बच्चा लगता है वह सबको अच्छा  पानी से नहीं कतराता है  साबुन भी जो लगवाता है   मल - मल अंग साफ करता जो गंदा नहीं कभी रहता वो   यह आदत उसकी प्यारी है माता उसे पर बलिहारी है  धन्यवाद✍️ Read More
 रोज नहाता है जो बच्चा  रोज नहाता है जो बच्चा लगता है वह सबको अच्छा  पानी से नहीं कतराता है  साबुन भी जो लगवाता है   मल - मल अंग साफ करता जो गंदा नहीं कभी रहता वो   यह आदत उसकी प्यारी है माता उसे पर बलिहारी है  धन्यवाद✍️
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[email protected] 31 Aug 2026 165 Views

झगड़ा जो बालक करता है

 झगड़ा जो बालक करता है  झगड़ा जो बालक करता है   हरदम जो सबसे लड़ता है  है वह सचमुच गंदा बच्चा  लगता नहीं किसी को अच्छा  करता है बदनाम पिता को  माता को दुख पहुंचता है  दूर सभी उसे रहते हैं  प्यार किसी से नहीं पता है Read More
 झगड़ा जो बालक करता है  झगड़ा जो बालक करता है   हरदम जो सबसे लड़ता है  है वह सचमुच गंदा बच्चा  लगता नहीं किसी को अच्छा  करता है बदनाम पिता को  माता को दुख पहुंचता है  दूर सभी उसे रहते हैं  प्यार किसी से नहीं पता है
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[email protected] 23 Aug 2026 154 Views

छुप छुप कर वह मिट्टी खाता है

 छिप-छिपकर मिट्टी वह खाता है   छिप-छिपकर वह मिट्टी खाता  गंदा होकर घर में आता  हाथ नहीं धोता घर जाकर  करता नहीं कुला वह खाकर   वह सचमुच ही गंदा बच्चा  लगता नहीं तनिक भी अच्छा  कामना अच्छे कर पाएगा  असफल ही वह रह जाएगा Read More
 छिप-छिपकर मिट्टी वह खाता है   छिप-छिपकर वह मिट्टी खाता  गंदा होकर घर में आता  हाथ नहीं धोता घर जाकर  करता नहीं कुला वह खाकर   वह सचमुच ही गंदा बच्चा  लगता नहीं तनिक भी अच्छा  कामना अच्छे कर पाएगा  असफल ही वह रह जाएगा
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[email protected] 23 Aug 2026 153 Views

बालक जो पढ़ने में रोता

 बालक जो पढ़ने में रोता  बालक जो पढ़ने में रोता   हर पल वह रहता ही सोता   जान ना दुनिया को पता है   नहीं किसी को वह बाह ता है   बोल नहीं पता कक्षा में  उत्तर वह नहीं दे पता है  उसे देखकर मुर्गा बनते   सबको मजा बहुत आता है  असफल रहता इम्तिहान में  राहत पीछे हर काम में  मुश्किल से घबरा जाता है  बड़ा नाम जग में पता है Read More
 बालक जो पढ़ने में रोता  बालक जो पढ़ने में रोता   हर पल वह रहता ही सोता   जान ना दुनिया को पता है   नहीं किसी को वह बाह ता है   बोल नहीं पता कक्षा में  उत्तर वह नहीं दे पता है  उसे देखकर मुर्गा बनते   सबको मजा बहुत आता है  असफल रहता इम्तिहान में  राहत पीछे हर काम में  मुश्किल से घबरा जाता है  बड़ा नाम जग में पता है
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[email protected] 23 Aug 2026 176 Views

बालक है जो गुस्सा करता

बालक है जो गुस्सा करता
 बालक है जो गुस्सा करता   बालक है जो गुस्सा करता  गुस्से में फिर बात ना करता   ताकत अपनी व्यर्थ गवाता  अपना ही अपमान कराता   व्यर्थ समय उसका होता है स्वम मान अपना खोता है   अपनी जग में हंसी कराता   खुद को है बदनाम करता,  मात-पिता उसके दुख पाते  लेकिन वह कुछ कह नहीं पाते  दुनिया में पीछे रहता है  ताने वह सबके  सहता है   Read More
 बालक है जो गुस्सा करता   बालक है जो गुस्सा करता  गुस्से में फिर बात ना करता   ताकत अपनी व्यर्थ गवाता  अपना ही अपमान कराता   व्यर्थ समय उसका होता है स्वम मान अपना खोता है   अपनी जग में हंसी कराता   खुद को है बदनाम करता,  मात-पिता उसके दुख पाते  लेकिन वह कुछ कह नहीं पाते  दुनिया में पीछे रहता है  ताने वह सबके  सहता है  
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[email protected] 23 Aug 2026 162 Views