"औषधि का जीवन में बहुमूल्य स्थान है औषधि का सामान्य अनुसार शुद्ध प्रयोग प्राण रक्षा की जा सकती है"
भारतवर्ष में प्राचीन काल से ही विभिन्न देसी औषधीय का प्रयोग होता आ रहा है मनुष्य ने अपने दीर्घकालीन अनुभव तथा कुछ खोजो द्वारा ज्ञात कर लिया है कि विभिन्न साधारण रोगों के उपचार के लिए कुछ साधारण का सामग्रियां तथा उपयोग के घरेलू पदार्थ भी विशेष रूप से लाभदायक होते हैं उदाहरण के लिए घरों में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न मसाले लवण फल तथा पौधों के कुछ भाग विभिन्न रोगों के उपचार के लिए उपयोगी होते हैं इस प्रकार की खाद सामग्री या सामान्य पदार्थों को घरेलू देशजुष औषधीय कहा जाता है इस प्रकार स्पष्ट है कि सामान्य रूप से घरों में इस्तेमाल होने वाले शारीरिक विकार निवारक सामान्य पदार्थों को ही घरेलू औषधियां कहते हैं परंतु इनके रस द्वारा भेजा जैसे भयंकर रोग के प्रारंभिक उपचार में बहुत अधिक सहायता मिलती है यही कारण है कि यह घरेलू पदार्थ औषधीय के रूप में जाने जाते हैं उदाहरण के लिए प्याज या पुदीना साधारण इस्तेमाल की घरेलू औषधियां के रूप में भी जाने जाते हैं मनुष्य ने अपने दीर्घकालिक अनुभव द्वारा संख्या घरेलू औषधियां की जानकारी प्राप्त कर ली है तथा इस प्रकार से अर्जित जानकारी आज भी हमारे समाज में पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तांतरित हो रही है
धन्यवाद
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