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Investment Tips: सिक्योर्ड लोन देकर लोग कर रहे मोटी कमाई आप भी समझें पी2पी और उठाएं फायदा

बैंक (Bank) हमारे ही पैसे पर इंडस्ट्री, होम लोन, व्हीकल लोन, एजुकेशन लोन देकर मोटी कमाई करते हैं लेकिन हमें मिलता है मामूली ब्याज (Interest). लिहाजा, अब अपने ही पैसे पर ज्यादा ब्याज या रिटर्न हासिल करने के लिए  यह नया तरीका पीयर-टु-पीयर (पी2पी) का है. इसमें आप जो भी रकम निवेश करना चाह रहे हैं, उसे क्रेडिट फर्में या फाइनेंस कंपनियां एप के जरिए जरूरतमंंदों को लोन के रूप में दे रही हैं. इससे आपको सीध... Read More
बैंक (Bank) हमारे ही पैसे पर इंडस्ट्री, होम लोन, व्हीकल लोन, एजुकेशन लोन देकर मोटी कमाई करते हैं लेकिन हमें मिलता है मामूली ब्याज (Interest). लिहाजा, अब अपने ही पैसे पर ज्यादा ब्याज या रिटर्न हासिल करने के लिए  यह नया तरीका पीयर-टु-पीयर (पी2पी) का है. इसमें आप जो भी रकम निवेश करना चाह रहे हैं, उसे क्रेडिट फर्में या फाइनेंस कंपनियां एप के जरिए जरूरतमंंदों को लोन के रूप में दे रही हैं. इससे आपको सीधे फाइनेंस के क्षेत्र में ऊंची दर से ब्याज कमाने का मौका बना सकते हैं.  भारतपे ने भी 12% क्लब नाम की ऐप के जरिये पी2पी उधारी शुरू करने का फैसला किया है. https://twelveclub.onelink.me/2Cmd/racow4yp    पी2पी से किस तरह मिलता है फायदा पी2पी प्लेटफॉर्म पर कर्ज देने वालों को ऊंची दर से ब्याज कमाने का मौका मिलता है. भारतपे का कहना है कि कर्ज देने वालों को सालाना 12 फीसदी तक ब्याज मिल जाएगा. जबकि, क्रेड अपने प्लेटफॉर्म से कर्ज देने वालों को 9 फीसदी तक का रिटर्न देने का दावा कर रही है. लेनदेनक्लब के मुख्य कार्य अधिकारी और सह-संस्थापक भविन पटेल कहते हैं कि उनके प्लेटफॉर्म पर उधार देने वालों को आसानी से 10-12 फीसदी सालाना रिटर्न मिल सकता है  उधार देने में जोखिम भी कम उधार देने वाले प्लेटफार्म उधारी के लिए दी जाने वाली रकम की गारंटी तो नहीं लेते हैं लेकिन वे इसे सिक्योर्ड बनाने के लिए कई तरह के तरीके अपनाते हैं. वे ऐसे लोगों को कर्ज प्रदान करते है, जिनसे चूक होने की संभावना कम होती है. यही नहीं, वे आपकी रकम को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर कई लोगों को कर्ज देते हैं, जिससे जोखिम कम हो जाता है. जैसे, क्रेड मिंट पर उधार दी जाने वाली रकम औसतन 200 से अधिक कर्ज मांगने वालों के बीच बांटी जाती है. लेनदेनक्लब भी ऐसा ही करता है.     .  
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[email protected] 07 Nov 2022 1081 Views

जीवन बीमा पोलिसी के प्रकार Jeevan Bima Policy ke Prakar

हेल्लो दोस्तों स्वागत है आपका Bimamoney.com पर आज हम बात करेगे बीमा क्या हैं, बीमा के प्रकार, जीवन बीमा क्या हैं और जीवन बीमा पोलिसी के प्रकार के बारे में और बीमा से जुड़े हुए कुछ कठिन शब्दावली के बारे में | हम सब  लोग जानते है की हमारा जीवन कितना कीमती है और आज के समय में जीवन में कब क्या घटित हो जाये कोई  नहीं जानता। सड़कों पर जिस तरह से रोज इतनी तेजी से गाड़ियाँ चल रही है जिससे हर दिन दुर्घटनाएँ... Read More
हेल्लो दोस्तों स्वागत है आपका Bimamoney.com पर आज हम बात करेगे बीमा क्या हैं, बीमा के प्रकार, जीवन बीमा क्या हैं और जीवन बीमा पोलिसी के प्रकार के बारे में और बीमा से जुड़े हुए कुछ कठिन शब्दावली के बारे में | हम सब  लोग जानते है की हमारा जीवन कितना कीमती है और आज के समय में जीवन में कब क्या घटित हो जाये कोई  नहीं जानता। सड़कों पर जिस तरह से रोज इतनी तेजी से गाड़ियाँ चल रही है जिससे हर दिन दुर्घटनाएँ बढ़ती ही जा रही है ऐसे में जीवन बीमा हर व्यक्ति के लिए जरुरी हो जाता है। दुर्घटना भरे इस जीवन में अपनी कीमती चीजों का बीमा करवाने से आपको बहुत सारे लाभ हो सकते है। यदि आपके परिवार वाले आप के इनकम पर आश्रित है और आप अपनी मृत्यु के बाद अपने परिवार की मदद करना चाहते है तो जीवन बीमा आपके लिए बहुत ही सुरक्षित तरीका है। तो आज इसी के बारे में हम बात करते है। बीमा (Insurance) क्या हैं भविष्य को ध्यान में रख कर वर्तमान में किया गया जोखिम प्रबंधन का एक रूप है जो आकस्मिक अथवा अनिश्चित हानि से सुरक्षा प्रदान करता हैं| यह बीमाकर्ता (बीमा कम्पनी) और बीमित व्यक्ति (बीमाधारक) के बीच किया गया एक एग्रीमेंट होता है जिसमे बीमित व्यक्ति को किसी प्रकार की दुर्घटना होने पर बीमाकर्ता द्वारा तय की गयी राशि या सेवा अदा की जाती हैं बीमा के बिभिन्न प्रकार/Different types of insurance जीवन बीमा – Life Insurance गैर जीवन बीमा – General Insurance पुनर्बीमा – Reinsurance 1. जीवन बीमा क्या हैं/What is Life Insurance यह एक ऐसी व्यवस्था है जिसमे बीमित व्यक्ति के जीवन का बीमा कर उसे मृत्यु के खिलाफ कवरेज प्रदान किया जाता हैं और बीमित व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर या पोलिसी मेचेओर हो जाने पर बीमाकर्ता (पोलिसी होल्डर) द्वारा उस व्यक्ति (बीमित व्यक्ति) को या उसके परिवार को एकमुस्त राशि का भुगतान किया जाता हैं | जीवन बीमा पोलिसी के प्रकार/Types of Life Insurance Policy भारत में जीवन बीमा पोलिसी के मुख्यतः कई प्रकार हैं जिसमे से आज हम कुछ महत्वपूर्ण जीवन बीमा पोलिसी के प्रकार के बारे में संक्षेप में चर्चा करेगे | टर्म जीवन बीमा प्लान/ Term Life Insurance Plans – प्योर रिस्क कवर मनी बैक बीमा प्लान/ Money Back Insurance Plans – बीमा के साथ समय-2 पर रिटर्न एंडोमेंट बीमा प्लान/ Endowment Life Insurance Plans– बीमा कवर और सेविंग यूनिट लिंक्ड बीमा प्लान/ Unit Linked Insurance Plans(ULIPs) – बीमा के साथ -2 इन्वेस्टमेंट के अवसर सम्पूर्ण जीवन बीमा/ Whole Life Insurance Plans – बीमित व्यक्ति का सम्पूर्ण लाइफ कवर बचत और निवेश  बीमा प्लान/ Savings & Investment Insurance Plans – जीवन बीमा कवर के साथ समय-2 पर मनी रिटर्न चाइल्ड लाइफ बीमा प्लान/ Child Insurance Plans – बच्चों के लाइफ गोल की सुरक्षा रिटायर्मेंट बीमा प्लान/ Retirement Insurance Plans – सेवानिब्रिती के बाद बित्तीय सुरक्षा 1. टर्म जीवन बीमा प्लान/ Term Life Insurance Plans यह जीवन बीमा का सबसे शुद्ध रूप है जो बिना किसी प्रॉफिट एलिमेंट के साथ जीवन कवर प्रदान करता हैं | इसमें बीमित व्यक्ति (पोलिसी धारक) को पोलिसी की अवधि के दौरान आकस्मिक मृत्यु पर बीमाकर्ता(बीमा कम्पनी) द्वारा मृत्यु लाभ में एकमुश्त राशि प्रदान की जाती हैं, यदि बीमित व्यक्ति की मृत्यु पोलिसी की अवधी के दोरान नहीं होती है और पोलिसी expire हो जाती है तो बीमित व्यक्ति को कोई कवर नहीं मिलता हैं और लाभ का दावा भी नहीं कर सकते हैं | टर्म लाइफ इन्सुरेंस एक आय प्रतिस्थापन पोलिसी होती हैं और इसके प्लान जीवन बीमा प्लान की तुलना में प्रीमियम काफी सस्ते होते हैं अतः यह सबसे सस्ता जीवन बीमा प्लान हैं | आमतौर पर टर्म लाइफ इन्सुरेंस के तीन और भी प्रकार हैं जैसे की -: डिक्रिजिंग टर्म लाइफ इन्सुरेंस इन्क्रिजिंग टर्म लाइफ इन्सुरेंस कैशबैक टर्म लाइफ इन्सुरेंस  1. डिक्रिजिंग टर्म लाइफ इन्सुरेंस इस प्रकार के बीमा पोलिसी में सम इंश्योर्ड निश्चित दर पर हर साल घटता रहता है और पोलिसी के अंतिम साल के ख़त्म होने पर यह जीरो हो जाता हैं| इसमें प्रीमियम नहीं घटता है बल्कि सम इंश्योर्ड घटता हैं और इसका फायदा यह है की प्रीमियम की दर काफी कम होती हैं | 2. इन्क्रिजिंग टर्म लाइफ इन्सुरेंस इस प्रकार के बीमा पोलिसी में सम इंश्योर्ड हर साल बढ़ता हैं इसलिए इस बढ़ता हुआ टर्म लाइफ इन्सुरेंस कहते हैं, इसमें इसका प्रीमियम थोडा सा जादा होता हैं | 3. कैशबैक टर्म लाइफ इन्सुरेंस इस प्रकार के पोलिसी में टर्म लाइफ इन्सुरेंस का प्लान समाप्त होने पर अदा किया गया प्रीमियम बीमा कम्पनी द्वारा वापस कर दिया जाता हैं इसलिए इसका प्रीमियम अन्य टर्म प्लान की तुलना में जादा होता हैं | Note -:  किसी भी टर्म लाइफ इन्सुरेंस की पोलिसी के समाप्त होने पर यदि बीमित व्यक्ति जीवित है तो उसे किसी भी प्रकार का लाभ नहीं मिलता हैं सिर्फ कैशबैक टर्म लाइफ इन्सुरेंस को छोड़ कर | 2. मनी बैक बीमा प्लान/ Money Back Insurance Plans मनी बैक इन्सुरेंस प्लान एक अलग प्रकार की लाइफ इन्सुरेंस पोलिसी होती हैं जिसमे किये गए बीमा की कुछ राशि समय -2 पर सर्वायवल बेनिफिट के रूप में बीमित व्यक्ति को नियमित अन्तराल में सीधे भुगतान कर दी जाती हैं | अगर बीमित व्यक्ति इस पोलिसी की अवधी के समाप्त होने के बाद भी जीवित रहता हैं तो बची हुई शेष राशि और बोनस बीमा कम्पनी द्वारा वापस कर दी जाती हैं | मनी बैक इन्सुरेंस प्लान में बीमा कम्पनी द्वारा समय -2 बोनस घोषित कर बीमित व्यक्ति को उसका भुगतान कर दिया जाता है जिससे उसकी वित्तीय कमी की कुछ पूर्ति हो जाती हैं | Note -: मनी बैक इन्सुरेंस प्लान में अच्छा बीमा कवर के साथ समय – समय पर रिटर्न भी मिलता जाता हैं | 3. एंडोमेंट बीमा प्लान/ Endowment Life Insurance Plans एंडोमेंट बीमा प्लान एक तरह का ट्रेडिसनल लाइफ इन्सुरेंस पोलिसी होती हैं जो सेविंग्स और बीमा कवर का मिला जुला रूप हैं | एंडोमेंट बीमा प्लान में बीमित व्यक्ति को बीमा कवर के साथ बचत का भी विकल्प मिलता हैं, इस प्लान के अंतर्गत जीवन बीमा कंपनिया बीमित व्यक्ति के प्रीमियम में से एक निश्चित राशि को जीवन बीमा के लिए रखती है और शेष राशि को शेयर बाजार में निवेश कर देती हैं | एंडोमेंट बीमा प्लान में जो बीमाधारक अपनी बीमा पोलिसी के प्रीमियम का नियमित रूप से भुगतान करता है और पोलिसी के समाप्त होने तक वह जीवित रह जाता है तो बीमा कम्पनी उस बीमाधारक को मेच्चेयोरिटी बेनिफिट के साथ समय – समय पर बोनस भी प्रदान करती हैं जो नामित व्यक्ति को परिपक्कत्ता के बाद भुगतान कर दिया जाता हैं | Note -: एंडोमेंट बीमा प्लान में दो प्रकार के लाभ मिलते हैं पहला बीमा कवर लाभ दूसरा निवेश का लाभ | 4. यूनिट लिंक्ड बीमा प्लान/ Unit Linked Insurance Plans(ULIPs) यूलिप प्लान इन्सुरेंस और इन्वेस्टमेंट का मिश्रण होता हैं इसमें भुगतान किया गया प्रीमियम का एक हिस्सा रिस्क कवर के रूप में और एक हिस्सा फंड के रूप में निवेश किया जाता हैं | यूलिप प्लान में बीमाधारक (बीमित व्यक्ति) अपने जोखिम लेने की क्षमता के आधार पर बीमा प्रदाता द्वारा दिए गए बिभिन्न फंड में निवेश कर सकता हैं | Note -: यूलिप बीमा प्लान बीमाधारक को बिभिन्न मार्केट लिंक्ड फंड में निवेश करने का मौका प्रदान करता हैं | 5. सम्पूर्ण जीवन बीमा/ Whole Life Insurance Plans होल लाइफ इन्सुरेंस प्लान बीमित व्यक्ति के सम्पूर्ण जीवन या कुछ मामलो में 100 वर्ष तक का लाइफ कवर प्रदान करता हैं, इस प्लान की सबसे बड़ी विशेषता यह है की जिस दिन से आप यह प्लान खरीद लेते है उस दिन से लेकर मृत्यु तक आप को यह प्लान लाइफ बीमा कवर प्रदान करता हैं | होल लाइफ इन्सुरेंस प्लान का सबसे बड़ा लाभ यह है की बीमित व्यक्ति को प्रीमियम का कुछ भाग समय – समय पर आपको मिलता रहता है और उसके मृत्यु के बाद टोटल सम इस्योर्ड राशि डेथ क्लेम के बाद बीमित व्यक्ति के परिवार को मिल जाती हैं | इसमें प्रीमियम दो प्रकार से भरा जाता है पहला फिक्स्ड प्रीमियम जिसमे बीमाधारक द्वारा फिक्स किया गया प्रीमियम भरा जाता है और दूसरा लाइफ टाइम प्रीमियम जिसमे जब तक बीमाधारक जीवित है तब तक प्रीमियम का भुगतान करता रहता हैं | Note -: होल लाइफ इन्सुरेंस प्लान में फिक्स प्रीमियम की अवधी समाप्त होने पर पोलिसी समाप्त न हो कर सम्पूर्ण लाइफ कवर प्रदान करती हैं और सम इस्योर्ड राशि मृत्यु के बाद ही मिलती हैं | 6. बचत और निवेश बीमा प्लान/ Savings & Investment Insurance Plans बचत और निवेश बीमा प्लान एक प्रकार का जीवन बीमा पोलिसी का प्रकार हैं जिसमे बीमा कम्पनी बीमा कर बीमाधारक के सुरक्षित भविष्य के लिए बचत और निवेश को प्रोत्शाहित करती हैं | किसी भी व्यक्ति के लिए बीमा में निवेश सबसे अच्छा विकल्प और रिटर्न का साधन हो सकता  है जो व्यक्ति के मुख्य रूप से चार कारको पर निर्भर करता हैं, जैसे की जोखिम लेने की क्षमता, नगदी की जरुरत, निवेश अवधी और टैक्स स्लैब | बचत और निवेश बीमा प्लान काफी बडी पोलिसी है जो पारंपरिक और यूनिट लिंक्ड योजना दोनों को कवरेज प्रदान करती हैं | 7. चाइल्ड लाइफ बीमा प्लान / Child Life Insurance Plans चाइल्ड लाइफ इन्सुरेंस प्लान बच्चे के स्वर्णिम भविष्य के विकास के लिए मार्ग में आने वाली बाधाओं का सामना करने के लिए तैयार किया गया फंड जैसे की बच्चो की शिक्षा, शादी आदि के लिए पैसो की उपलब्धता सुनिश्चित करना | बच्चे की चाइल्ड लाइफ इन्सुरेंस पोलिसी मेच्चेयोर हो जाने पर बच्चे को वार्षिक तौर पर क़िस्त या एकमुश्त राशि का भुगतान बीमाकर्ता द्वारा कर दिया जाता है | यदि पोलिसी टर्म के दौरान इंस्योर्ड (बीमित ) पालक की अचानक मृत्यु हो जाती है तो भविष्य के सभी प्रीमियम माफ़ हो जाते है और पोलिसी बेनिफिट भी बिना रुकावट के उपलब्ध्य करा दी जाती है जिससे की बीमाधारक को किसी बड़ी चुनौती का सामना कम से कम करना पड़े | 8. रिटायर्मेंट बीमा प्लान/ Retirement Insurance Plans रिटायर्मेंट लाइफ इन्सुरेंस प्लान एक व्यक्ति के लिए रिटायर्मेंट के बाद पैसो की उपलब्धता सुनिश्चित करता है जिसकी मदद से व्यक्ति अपने रिटायर्मेंट के बाद आर्थिक रूप से मजबूत बना रहता है | यह पोलिसी बिना किसी रुकावट के बिना किसी के सहारे के जीवन जीने में मदद करती है | आमतौर पर रिटायर्मेंट लाइफ इन्सुरेंस प्लान 60 वर्ष पूरा हो जाने के बाद बीमा कम्पनी द्वारा बीमाधारक को वार्षिक रूप से या एकमुश्त राशि के रूप में भुगतान कर दिया जाता है | रिटायर्मेंट के बाद नियमित रूप से आय की इस प्रकार की सुविधा को वार्षिकी या पेंशन के रूप में जाना जाता हैं | 2.गैर जीवन बीमा – General Insurance गैर जीवन बीमा को सामान्य बीमा के नाम से भी जानते है | इस बीमा में मिलने वाले लाभ के अलावा कई प्रकार के नुकसान की कवरेज प्रदान की जाती है | दुसरे शव्दों में देखे तो जीवन बीमा कवर के अलावा अन्य प्रकार के बीमा कवर प्रदान करने वाली सेवा को सामान्य जीवन बीमा कहते है और इस प्रकार की बीमा करने वाली कम्पनियों को जनरल इन्सुरेंस कम्पनी कहते है | जीवन बीमा पोलिसी के प्रकार के अलवा भी भारत में मुख्यतःकई प्रकार के सामान्य बीमा उपलब्ध्य है जिसमे से आज हम कुछ बीमा के बारे में जानेगे | सामान्य बीमा के प्रकार -:  होम बीमा/ Home Insurance मोटर बीमा/ Moter Insurance स्वास्थ्य बीमा/ Health Insurance यात्रा बीमा/ Travel Insurance फसल बीमा/ Crop Insurance गैजेट बीमा/ Gadget Insurance समुद्री बीमा/ Marine Insurance अग्नि बीमा/ Fire Insurance नियोक्ता दायित्व बीमा/ Eployers Liability Insurance 1. होम बीमा/ Home Insurance होम इन्सुरेंसे जो की जनरल इन्सुरेंस का एक प्रकार है | होम इन्सुरेंस के द्वारा घर की और उसके सामान की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है और किसी भी प्रकार से आई प्राकृतिक आपदा के नुकसान की भरपाई या घर के किसी भी सामान के चोरी हो जाने पर बीमा कम्पनी द्वारा उसकी भरपाई की जाती है | आमतौर पर इसके प्रीमियम काफी सस्ते होते है फिर भी भारत जैसे बड़े देश में जानकारी के आभाव में लोग इस प्रकार के बीमा नहीं कराते है और एक बहुत बड़े लाभ से वंचित रह जाते है | 2. मोटर बीमा/ Moter Insurance मोटर बीमा में मुख्यतः वाहनों के लिए बीमा होता है जिससे वाहनों में होने वाला किसी भी प्रकार की क्षतिपूर्ति बीमा कम्पनी द्वारा किया जाता है | इस प्रकार के इन्सुरेंस में फर्स्ट पार्टी और थर्ड पार्टी इन्सुरेंस कराये जाते है जो की भारतीय मोटर वाहन अधिनियम -1988  के अनुसार प्रतेक वाहन के लिए अनिवार्य होता है | अपने आने वाले अर्टिकल में मोटर इन्सुरेंस, फर्स्ट पार्टी इन्सुरेंस, थर्ड पार्टी इन्सुरेंस, मोटर वाहन बीमा क्लेम के बारे में बिस्तार से जानेगे | 3. स्वास्थ्य बीमा/ Health Insurance हेल्थ इन्सुरेंस जो की जनरल इन्सुरेंस का एक प्रकार है जिसके अंदर स्वास्थ्य सम्बंधित सेवाओं के लिए कवरेज प्रदान किया जाता है | हेल्थ इन्सुरेंस में बीमाधारक हेल्थ इन्सुरेंस कम्पनी को प्रीमियम प्रदान करता है और बीमा कम्पनी उसके बदले बीमाधारक को स्वास्थ्य संबंधी समस्या ( बीमारी, अस्पताल खर्च, दुर्घटना ) पर आर्थिक सहायता प्रदान करती है और अचानक मृत्यु पर बीमाधारक को मुआवजा भी प्रदान करती है | अपने अगले अर्टिकल में हेल्थ इन्सुरेंस के बारे में और इससे जुडी सभी प्रकार की जानकारी पर विस्तार से चर्चा करेगे | 4. यात्रा बीमा/ Travel Insurance यह जनरल इन्सुरेंस का एक प्रकार का हैं जो यात्रा के दौरान होने वाली आकस्मिक दुर्घटना और यात्री के लगेज की चोरी का बीमा कम्पनी द्वारा कवरेज प्रदान किया जाता है | आमतौर पर यह इन्सुरेंस बहुत सस्ते होते है इस प्रकार के बीमा यात्रा के दौरान ही टिकेट के माध्यम से प्रदान किये जाता है जो यात्रा के ख़त्म होने के साथ ही स्वतः ही समाप्त हो जाते है | उदाहरण के लिए : जैसे आप भारत से अमेरिका के लिए हवाई जहाज की टिकेट खरीदते है तो टिकेट के साथ ही आप का यात्रा बीमा कर दिया जाता है और आप के अमेरिका पहुचाते ही आप का यात्रा बीमा स्वतः ही समाप्त हो जाता हैं | 5. फसल बीमा/ Crop Insurance यह मुख्यतः किसानो के लिए सरकार द्वारा तैयार किया एक प्रकार का सुरक्षा कवच होता है जो किसानो को किसी भी प्रकार की आकस्मिक या अनिश्चित प्राकृतिक हानि ( ओला, वृष्टि, सुखा, बाढ़ या आग ) से फसलो को होने वाले नुकसान से सुरक्षा प्रदान करता हैं | फसल बीमा लेने के बाद इस प्रकार के किसी भी प्रकार से फसलो को होने वाले नुकसान से बीमा कम्पनी भरपाई करती है| फसल बीमा लेने के लिए सरकार द्वारा भी करी प्रकार की स्कीम लोंच की गयी हैं | 6. गैजेट बीमा/ Gadget Insurance गैजेट बीमा एक प्रकार का जनरल इन्सुरेंस का प्रकार है जिसका उद्देश्य टेक्नोलोजिकल गैजेट्स को सुरक्षा प्रदान करना होता है | इस प्रकार के बीमा के माध्यम से इलेक्ट्रोनिक उपकरणों ( मोबाइल फ़ोन, लैपटॉप, टी.वी) आदि को कवरेज प्रदान किया जाता है और पोलिसी पिरीअड के दौरान इन उपकरणों में किसी भी प्रकार की कोई हानि होने पर बीमा कम्पनी द्वारा क्लेम बेनिफिट दिया जाता है | 7. समुद्री बीमा/ Marine Insurance आयात और निर्यात के दौरान समुद्र में चलने वाली व्यापारिक जहाजो को होने वाली आकस्मिक हानि की क्षतिपूर्ति के लिए कराया जाने वाला बीमा समुद्री बीमा कहलाता है जिसके माध्यम से समुद्री जहाजो और उन पर लदे सामानो को सुरक्षा प्रदान की जाती है | 8. अग्नि बीमा/ Fire Insurance आग लगाने के कारण होने वाले नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए कराया जाने वाला बीमा अग्नि बीमा कहलाता है | पोलिसी अवधी के दौरान आग के कारण होने वाले नुकसान की भरपाई बीमा कम्पनी द्वारा की जाती है | अक्सर कई बार देखा जाता है की बड़े – बड़े उद्योगपति या व्यापारीयो को आग के कारण बहुत भारी नुकसान हो जाता है तो इस प्रकार की बीमा पोलिसी इन लोगो के सामान को सुरक्षा प्रदान करती हैं | 9. नियोक्ता दायित्व बीमा/ Eployers Liability Insurance कारखानों में काम करने वाले कर्मचारीयो को किसी प्रकार की चोट लगाने या नुकसान होने पर या उससे होने वाली मृत्यु होने पर कारखाना मालिक द्वारा उस व्यक्ति को या उसके परिवार को मुआबजा राशि की भरपाई की जाती है जिससे बचने के लिए कारखाना मालिक नियोक्ता दायित्व बीमा का चुनाव करता है | इस प्रकार नियोक्ता दायित्व बीमा लेने पर कर्मचारी को होने वाले नुकसान की भरपाई बीमा कम्पनी द्वारा किया जाता है और कम्पनी मालिक की बचत हो जाती है | 3. पुनर्बीमा – Reinsurance जब एक बीमा कम्पनी किसी दुसरे बीमा कम्पनी को बीमा कवरेज प्रदान करती है तो इस प्रकार किये गए बीमा को पुनर्बीमा ( Reinsurance ) कहते हैं | जब किसी एक बीमा कम्पनी के पास बहुत सारे इन्सुरेंस क्लेम एक साथ आ जाते है तो बीमा कम्पनी पैसो या किसी अन्य जोखिम से बचाने के लिए बीमा कम्पनी किसी दूसरी बीमा कम्पनी से अपना बीमा करवाती है तो ऐसे बीमा को पुनर्बीमा कहते हैं | यह किसी भी बीमा कम्पनी का एक प्रकार का जोखिम प्रबंधन तकनीक है जिसके माध्यम से बीमा कम्पनी खुद के अस्तित्व को बनाये रखती है | जीवन बीमा से जुड़े कुछ कठिन शब्दावली किसी भी प्रकार का जीवन बीमा लेते समय हमें सभी जीवन बीमा के प्रकारों को समझाना जरुरी है, उन बीमा में प्रयोग होने वाले कुछ कठिन शब्दावली है जिसे जानना बहुत जरुरी है | लाइफ अश्योर्ड/ Life Assured प्रीमियम/ Premium मेच्योरिटी बेनिफिट्स/ Maturity Benifits ग्रेस पीरियड/ Grace Period रिवाइवल पीरियड/ Revival Period फ्री लुक पिरीयड/ Free look Period राइडर/ Rider बीमाधारक/ Insured बीमाधन/ Insurance Money नॉमिनी/ Nominee पोलोसी अवधी/ Policy Period मृत्यु लाभ/ Death benefit लैप्सेड पोलिसी/ Lapsed Policy क्लेम प्रक्रिया/ Claim Process एक्सक्लूजन/ Exclusion 1. लाइफ अश्योर्ड/ Life Assured बीमा के माध्यम से जिस व्यक्ति के जीवन को सुरक्षित किया जाता है उसे लाइफ अश्योर्ड कहा जाता है | पोलिसी अवधी के दौरान लाइफ अश्योर्ड की मृत्यु होने पर नॉमिनी को बीमा धन का लाभ मिलता है | 2. प्रीमियम/ Premium जीवन बीमा प्लान को लेते समय बीमा कम्पनी द्वारा बीमाधारक के लिएजो देय राशि निर्धारित की जाती है उसे प्रीमियम कहा जाता हैं | यदि नियत तारीख पर बीमा के प्रीमियम का भुगतान नहीं किया जाता है तो ग्रेस पीरियड लग जाता है और यदि ग्रेस पीरियड में भी बीमा का भुगतान नहीं किया जाता है तो पोलिसी समाप्त हो जाती हैं | 3. मेच्योरिटी बेनिफिट्स/ Maturity Benifits बीमा पालिसी लेने के बाद जब पोलिसी की अवधी समाप्त हो जाती है तो बीमा कम्पनी की द्वारा मिलाने वाली राशि को मेच्योरिटी बेनिफिट्स कहते है | 4. ग्रेस पीरियड/ Grace Period जब बीमाधारक बीमा पोलिसी के प्रीमियम को नहीं चुका पता है तो उस प्रीमियम का भुगतान करने के लिए बीमा कम्पनी द्वारा बीमाधारक को जो अतिरिक्त समय दिया जाता है तो उसे ग्रेस पीरियड कहा जाता हैं | 5. रिवाइवल पीरियड/ Revival Period यदि बीमा पोलिसी में ग्रेस पीरियड लग गया है और आप फिर भी बीमा नहीं चुकाते है तो बीमा पोलिसी समाप्त हो जाती हैं | अगर बीमा धारक दुबारा अपनी बीमा पोलिसी शुरू करना चाहता है तो एक निश्चित समय तक इंतजार करने के बाद ही बीमा पोलिसी शुरू करवा सकते है तो इस प्रकार के पीरियड को रिवाइवल पीरियड कहते हैं | 6. फ्री लुक पिरीयड/ Free look Period अगर बीमाधारक पोलिसी लेने के कुछ समय बाद पोलिसी के नियम और शर्तो से संतुष्ट नहीं है तो एक निश्चित समय के बाद पोलिसी के नियमानुसार पोलिसी वापस कर ली जाती है तो इसे फ्री लुक पीरियड कहते है | फ्री लुक पीरियड में स्टाम्प डियूटी चार्ज कट कर मेडिकल एग्जामिनेशन, प्रोपोर्शनेट रिस्क प्रीमियम और प्रीमियम राशि वापस कर दी जाती हैं | 7. राइडर/ Rider लिए गए जीवन बीमा प्लान में यदि आप प्रसार/विस्तार करना चाहते है तो राइडर के माध्यम से किया जाता है | राइडर एक प्रकार का अतिरिक्त बेनिफिट्स होते है जो जीवन बीमा प्लान के साथ लिए जाते है | राइडर लाभ ऐच्छिक होते है और यह बीमाधारक को अतिरिक्त वितीय सुरक्षा प्रदान करते हैं जो अतिरिक्त प्रीमियम दे कर लिए जाते हैं | 8. बीमाधारक/ Insured ऐसा व्यक्ति जो बीमा कम्पनी से बीमा प्लान खरीदता है और उस प्लान का प्रीमियम भरता है बीमाधारक कहलाता है | जो व्यक्ति बीमा खरीदता है जरुरी नहीं की उसका जीवन बीमित हो कोई भी व्यक्ति बीमा का मालिक हो सकता है | 9. बीमाधन/ Insurance Money बीमाधन वह राशि है जो बीमित व्यक्ति की मृत्यु पर लाभार्थी या नॉमिनी को प्राप्त होता है | बीमा कम्पनी से जीवन बीमा प्लान खरीदते समय बीमाधारक जिस राशि का चुनाव करता है तो पोलिसी के अवधी के दौरान यदि बीमाधारक की मृत्यु हो जाती है तो वह समस्त राशि लाभार्थी को प्रदान की जाती है | 10. नॉमिनी/ Nominee बीमा पोलिसी खरीदते समय बीमाधारक द्वारा नामांकित किये गए व्यक्ति को नॉमिनी या लाभार्थी कहा जाता है | बीमाधारक को किसी प्रकार की आकस्मिक घटना (मृत्यु, पैरालायिज आदि ) होने पर बीमा कम्पनी द्वारा पेआउट नॉमिनी को ही प्रदान किये जाते है | बीमा पोलिसी खरीदते समय ही नॉमिनी का चुनाव किया जाता है आमतौर पर यह बीमाधारक की पत्नी, बच्चे, या माता – पिता होते है | 11. पोलोसी अवधी/ Policy Period जितने समय के लिए बीमा कम्पनी द्वारा जीवन बीमा कवरेज प्रदान किया जाता है उस अवधी को पोलिसी पीरियड कहा जाता है | 12. मृत्यु लाभ/ Death benefit पोलिसी पीरियड के दौरान बीमाधारक की मृत्यु होने पर बीमा कम्पनी द्वारा नॉमिनी को प्रदान की गयी राशि मृत्यु लाभ कहलाता है | यदि पोलिसी की अवधी समाप्त हो जाती है तो मृत्यु का लाभ नहीं मिल पता है | आमतौर पर मृत्यु लाभ बीमा पोलिसी की टर्म एंड कंडीशन पर निर्भर करता हैं | 13. लैप्सेड पोलिसी/ Lapsed Policy यदि बीमा पोलिसी में ग्रेस पीरियड लग गयी तो ग्रेस पीरियड लगने के बाद भी यदि बीमाधारक प्रीमियम नहीं भर पाता तो पोलिसी लेप्स हो जाती है तो इसे लैप्सेड पोलिसी कहते हैं | 14. क्लेम प्रक्रिया/ Claim Process बीमाधारक द्वारा बीमा कम्पनी से बीमा लेने के बाद पोलिसी अवधी के दौरान यदि बीमाधारक की मृत्यु हो जाती है तो लाभार्थी मृत्यु लाभ के लिए क्लेम भरता है तो इसे क्लेम प्रक्रिया कहते हैं | 15. एक्सक्लूजन/ Exclusion जीवन बीमा में बहुत सारे बीमा प्लान होते है और सभी प्लान में सारी परिस्थितिया कवर नहीं हो सकती है फिर भी आप उस परिस्थिति में बीमा क्लेम करते है जो बीमा पोलिसी में कवर नहीं है तो आप को कोई बीमा लाभ नहीं मिलता है इसे एक्सक्लूजन कहा जाता हैं | जीवन बीमा पोलिसी के लाभ/ Benefits of Life Insurance Policy ऊपर में हम जीवन बीमा और जीवन बीमा पोलिसी के प्रकारो के बारे में जाने है अब हम जानेगे की जीवन बीमा लेने के क्या फायदे होते है | दोस्तों जीवन बीमा लेने के बहुत सारे फायदे होते है और समय के साथ आप के बढ़ते हुए इनकम में कर लाभ भी प्रदान करते है, चलिए आज हम कुछ फायदों के बारे में चर्चा करते है | जीवन बीमा का सबसे बड़ा फायदा आप के परिवार की सुरक्षा | जीवन बीमा के माध्यम से लोन की प्राप्ति | बच्चो की उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य और चिकित्सा में मदद | इससे आप के परिवार की नियमित आय भी हो सकती है | ऑनलाइन भुगतान की छूट | इनकम टैक्स अधिनियम -1961 के तहत धारा 80c और 80d के अंतगर्त प्रीमियम भुगतान पर कर ( Tax ) लाभ | जीवन बीमा पोलिसी के नुकसान/ Disadvantages of Life Insurance Policy जहा जीवन बीमा पोलिसी के बहुत सारे लाभ है वही जीवन बीमा पोलिसी के कुछ नुकसान भी है तो चलिए हम आज इसके बारे में जानते है | पोलिसी के ख़त्म होने तक पैसे देने पड़ते है तभी आप क्लेम कर सकते हैं | यदि आप पोलिसी सरेंडर ( पोलिसी वापस ) करते है तो आप को पूरे पैसे नहीं मिलेगे जितने आप दिए हैं | मेडिकल या हेल्थ इन्सुरेंस को हर साल रिनुअल कराना पड़ता है | जीवन बीमा प्लान की वापसी पर को पैसे कोई वापस नहीं मिलते | जीवन बीमा पोलिसी खरीदने के लिए जरुरी दस्तावेज/ Documents required to buy life insurance policy जीवन बीमा पोलिसी खरीदते समय बीमा कम्पनी केवाईसी के बहुत से जरुरी दस्तावेजो की माग करते है जिसके न होने पर आप को बीमा पोलिसी लेने में प्रोब्लेम हो सकती है | आज हम जानेगे कुछ जरुरी डाक्यूमेंट्स के बारे में | इनकम प्रमाण पत्र | ऐड्रेस प्रूव :- आधार कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस वोटर आईडी कार्ड राशन कार्ड पासपोर्ट पहचान पत्र | उम्र का प्रमाण पत्र | अन्य दस्तावेज | जीवन बीमा पोलिसी की जरुरत क्यों पड़ती है/ Why is a Life Insurance Policy Needed आपत्तिकाल में वित्तीय सुरक्षा के लिए | बच्चो के शैक्षणिक व वित्तीय सुरक्षा के लिए | रिटायर्मेंट के बाद आय के नियमित स्रोत के लिए | किसी विकट बीमारी या दुर्घटना में वित्तीय सुरक्षा के लिए | बीमाधारक के मृत्यु पर परिवार की आर्थिक सुरक्षा के लिए | जीवन बीमा पोलिसी लेते समय किन बातो का ध्यान रखें/ Things to keep in mind while taking a life insurance policy आज के समय अलग – अलग बीमा कम्पनियों के अलग -2 प्लान है लेकिन सबसे जादा जरुरी है की हम अपने प्लान का चुनाव करते समय बीमा कम्पनी में क्या देखना चाहिए जिससे की अपने लिए एक अच्छा जीवन बीमा प्लान खरीद सके | आज हम इससे जुडी कुछ बाते जानते है | क्लेम सेटलमेंट रेसियो -: बीमा प्लान खरीदते समय सबसे पहले देखना है की उस कम्पनी का क्लेम सेटलमेंट रेसियो कितना है सबसे जादा क्लेम सेटलमेंट रेसिओ वाली कम्पनी प्रायः अच्छी मानी जाती है | क्लेम सेटलमेंट अमाउंट -: क्लेम सेटलमेंट रेसिओ से भी जादा जरुरी है क्लेम सेटलमेंट अमाउंट को देखना क्युकी कम्पनी कई बार छोटे – छोटे अमाउंट को क्लियर करके अपना क्लेम सेटलमेंट रेसिओ बढ़ा लेती है और बड़े – बड़े अमाउंट को पेन्डिंग में डाल देती है इसलिए जादा जरुरी हो जाता है क्लेम सेटलमेंट अमाउंट को देखना | कस्टमर रिव्यू -: कोई भी पोलिसी लेते समय बहुत जरुरी है की देखे उस कम्पनी के प्रति लोगो के रिव्यू कैसे है क्युकी इससे पता चलता है की बीमा कम्पनी अपने कस्टमर को कितना सपोर्ट करती है | बीमा कम्पनी की प्रतिष्ठा | धन्यवाद दोस्तों हम लोगो ने आज जाना है की बीमा क्या है, बीमा के कितने प्रकार होते है, जीवन बीमा क्या है, जीवन बीमा पोलिसी के प्रकार क्या है, जनरल इन्सुरेंस क्या है और कितने प्रकार है, जीवन बीमा से जुड़े कुछ कठिन शब्द, जीवन बीमा के लाभ, जीवन बीमा के नुकसान और भी बहुत कुछ | हम अपने आने वाले आर्टिकल में जानेगे की राइडर क्या है इसे किसके साथ खरीदना चाहिए और क्यों, क्लेम प्रक्रिया कैसे काम करती है, बीमा से लोन कैसे लेते है, बीमा लेने के लिए कौन – कौन से ऐप है, हेल्थ इन्सुरेंस क्या है, बेस्ट हेल्थ इन्सुरेंस कौन सा है आदि | आप को हमारा आर्टिकल कैसा लगा कमेन्ट करके जरुर बताये और हमसे जुड़ने के लिए इस वेबसाइट को सब्सक्राइब भी करले और किसी भी प्रकार के प्रश्न के लिए कांटेक्ट फॉर्म के माध्यम से संपर्क कर सकते है आप को जल्द से जल्द जबाब दिया जायेगा | धन्यबाद FAQ Related to Jivan Bima सबसे बढ़िया जीवन बीमा कौन सा है? सबसे बढ़िया जीवन बीमा प्लान LIC का जीवन उमंग है जो होल लाइफ कवरेज प्रदान करता हैं | जीवन बीमा कितने प्रकार का होता है? आमतौर पर जीवन बीमा 8 प्रकार के होते है | 1. टर्म जीवन बीमा प्लान 2. मनी बैक बीमा प्लान 3. एंडोमेंट बीमा प्लान 4. सम्पूर्ण जीवन बीमा 5. बचत और निवेश बीमा प्लान 6. चाइल्ड लाइफ बीमा प्लान 7. रिटायर्मेंट बीमा प्लान 8. यूनिट लिंक्ड बीमा प्लान जीवन बीमा कैसे किया जाता है? जीवन बीमा दो प्रकार से किया जाता है | 1. ऑफलाइन बीमा – जो बीमा एजेंट द्वारा किया जाता है | 2. ऑनलाइन बीमा – जो आप स्वयं इन्टरनेट के माध्यम से बीमा प्लेटफार्म में जाकर कर सकते है | जीवन बीमा से क्या फायदा है? जीवन बीमा करके बीमा से मिलने वाले लोन पर टैक्स नहीं लगता है और हम अपने परिवार की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते है | रिटायर्मेंट के बाद हम अपने वित्तीय लक्ष्य को पा सकते है | कितने का जीवन बीमा खरीदना चाहिए? आमतौर पर देखे तो जीवन बीमा लगभग अपनी अनुअल इनकम की 20 से 30 गुना लेनी चाहिए |    
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[email protected] 29 Oct 2022 1534 Views

LIC पोलिसी पर लोन कैसे ले How to take loan against LIC policy

हेल्लो दोस्तों जैसा की आप सब जानते है पैसा खुदा नहीं पर खुदा से कम भी नहीं है यह कहावत आज के समय पर बिल्कुल सही प्रतीत होती दिख रही हैं क्युकी यदि किसी व्यक्ति के पास भरपूर पैसे है तो वह अपनी सभी जरूरतों को पूरा कर सकता है लकिन पैसो के आभाव में इंसान कुछ भी कर पाने में असमर्थ होता है और आर्थिक तंगी का सामना करने लगता है | इस आर्थिक तंगी की स्थिति से बाहर निकलने के लिए व्यक्ति पर्सनल लोन का सहारा ल... Read More
हेल्लो दोस्तों जैसा की आप सब जानते है पैसा खुदा नहीं पर खुदा से कम भी नहीं है यह कहावत आज के समय पर बिल्कुल सही प्रतीत होती दिख रही हैं क्युकी यदि किसी व्यक्ति के पास भरपूर पैसे है तो वह अपनी सभी जरूरतों को पूरा कर सकता है लकिन पैसो के आभाव में इंसान कुछ भी कर पाने में असमर्थ होता है और आर्थिक तंगी का सामना करने लगता है | इस आर्थिक तंगी की स्थिति से बाहर निकलने के लिए व्यक्ति पर्सनल लोन का सहारा लेता है या रिश्तेदारो से पैसो की मांग करता है | जहां रिश्तेदार पैसे देने से कतराते है वही बैंको से पर्सनल लोन बहुत ज्यादा इन्ट्रेस्ट रेट पर और बहुत ही कम समय के लिए मिलता है | यदि आप पैसो के लिए कोई सस्ता और आसान विकल्प ढूढ़ रहे है तो सबसे अच्छा विकल्प है lic पोलिसी पर लोन क्युकी आपको एक LIC पोलिसी पर अच्छा सा पर्सनल लोन मिल जाता है | यह लोन पर्सनल लोन की तुलना में काफी सस्ता होता है क्युकी इसमें लोन लेने के लिए लोन पर लगने वाले प्रोसेसिंग चार्जेस, व्याज दर, जरुरी दस्तावेजो की जरुरत थोडी कम पड़ती है | तो चलिए जानते है LIC पोलिसी पर लोन कैसे ले, पोलिसी पर लोन लेने के लाभ, LIC से बीमा लोन लेने के लिए जरुरी दस्तावेज आदि से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी के लिए आपको इस आर्टिकल को पूरा पढ़ना होगा | LIC पोलिसी पर लोन के फायदे LIC इन्सुरेंस पर लोन लेने के कई सारे फायदे है जिसे जानकर हम बहुत आसानी से इन्सुरेंस लोन ले सकते है तो चलिए जानते है | LIC लोन के लिए किसी क्रेडिट स्कोर की जरुरत नहीं पड़ती है | पर्सनल लोन की तुलना में LIC Policy Loan का व्याज दर बहुत ही कम होता है | LIC लोन लेने के लिए तुरंत ही मंजूरी मिल जाती है | इसके लिए कोई प्रोसेसिंग चार्जेस नहीं लगते है | समय के साथ बाजार की पोलिसी वैल्यू भी नहीं बदलती है जबकि सोने ( Gold ) लोन लेने पर समय के साथ पोलिसी वैल्यू पर बदलाव आता रहता है | LIC इन्सुरेंस लोन की राशि को आय में नहीं जोड़ा जाता है इसलिए आपको टैक्स में छूट मिलती है | किन LIC पोलिसी पर लोन मिलता है LIC के तरफ से कई प्रकार के इन्सुरेंस प्लान/पोलिसी लोंच की गई है लेकिन सभी पोलिसी पर बीमा लोन नहीं दिया जाता है | लोन लेने से पहले यह देखना जरुरी हैं की आपकी इन्सुरेंस पोलिसी बीमा लोन लेने की योग्यता रखती है या नहीं तो चलिए जानते है इसके बारे में | LIC इन्सुरेंस पोलिसी : जिस पर लोन मिलता है एंडोमेंट प्लान / Endowment Plans मनी बैक प्लान / Money – Back Plans होल लाइफ प्लान / Whole Life Plans LIC personal Loan के लिए कुछ पोपुलर LIC पोलिसी -: जीवन लाभ जीवन रक्षक जीवन प्रगति जीवन लक्ष्य न्यू एंडोमेंट प्लान न्यू जीवन आनंद सिंगल प्रीमियम एंडोमेंट प्लान लिमिटेम प्रीमियम एंडोमेंट प्लान LIC इन्सुरेंस पोलिसी : जिस पर लोन नहीं मिलता टर्म लाइफ इन्सुरेंस प्लान / Term Life Insurance plans ULIP – यूनिट लिंक्ड इन्सुरेंस प्लान / Unit Linked Insurance Plans नोट -: इन टर्म लाइफ इन्सुरेंस पोलिसी पर बीमा लोन नहीं मिलता है क्युकी इस पोलिसी पर सरेंडर वैल्यू और नकद वैल्यू जमा नहीं की जाती है | LIC इन्सुरेंस पर्सनल लोन की योग्यता शर्त LIC से किसी भी प्रकार का Insurance Loan लेने से पहले सबसे पहले उसके नियम और शर्तो को जानना बहुत जरुरी है जिसके बिना आप कोई भी Bima Loan नहीं ले पाएगे | आवेदन कर्ता के पास कम से कम एक वैध LIC बीमा पोलिसी का होना जरुरी है | आवेदन कर्ता कम से कम तीन वर्षो तक लगातार LIC प्रीमियम का भुगतान किया हो | आवेदक के पास LIC पोलिसी का सरेंडर वैल्यू होना अनिवार्य है | आवेदन कर्ता की न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष होना अनिवार्य है | LIC बीमा लोन में मिलने वाली राशि बीमाधारक को पोलिसी पर लोन लेने के लिए किसी विशेष वेरिफिकेशन की प्रोसेस से नहीं गुजरना पड़ता है क्युकी बीमाधारक बीमा पोलिसी लेते समय सभी जरुरी डॉक्यूमेंटेशन करा लिया होता है | LIC इन्सुरेंस पोलिसी पर लोंन लेने के लिए बीमाधारक की बीमा पोलिसी का सरेंडर वैल्यू देखा जाता है और बीमा पोलिसी की सरेंडर वैल्यू का 80 से 90% राशि लोन के रूप में बीमाधारक को दे दी जाती है | सरेंडर वैल्यू :- प्रीमियम के रूप में भरा गया टोटल अमाउंट का मौजूदा मूल्य जब आप अपनी इक्छा से पोलिसी को समाप्त करना चाहते है अर्थात पोलिसी को सरेंडर करना चाहते है | उदाहरण/Example – मान लीजिये आप कोई 20 लाख की एक LIC पोलिसी लेते है और उस बीमा पोलिसी के बदले आप लोन लेना चाहते है यदि प्रीमियम के रूप में आप ने 10 लाख रूपए का भुगतान किये है तो उस समय आपकी सरेंडर वैल्यू 10 लाख रूपए की होगी और उसका आपको लोन के रूप में 8 लाख से लेकर 8.5 लाख तक मिलेगा | LIC Insurance policy : जरुरी दस्तावेज लोन लेने के लिए कुछ जरुरी दस्तावेजो का होना अति आवश्यक है यदि इनमे से किसी जरुरी डाक्यूमेंट्स में कमी है तो आपका पर्सनल लोन रिजेक्ट हो सकता है | पहचान प्रमाण पत्र – आधार कार्ड, पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाईसेंस, यूटिलिटी बिल पासपोर्ट साइज़ फोटो आय प्रमाण पत्र – सैलरी स्लिप, बैंक अकाउंट स्टेटमेंट निवास प्रमाण पत्र लोन के लिए फॉर्म पोलिसी बांड LIC पोलिसी पर लोन की कुछ जरुरी बातें LIC पोलिसी पर लोन तभी मिलेगा जब आवेदक लगातार तीन वर्षो तक प्रीमियम का भुगतान किया हो | LIC बीमा लोन केवल LIC बीमाधारक को ही मिलेगी | LIC इन्सुरेंस लोन टर्म लाइफ व यूलिप प्लान पर नहीं मिलता है | बीमा लोन सरेंडर वैल्यू का 80 से 90% तक ही मिलता है और पेड-अप पोलिसी पर 85% मिलता है | पोलिसी लोन केवल 10% के इंटरेस्ट रेट पर मिलती है | LIC बीमा लोन लेने पर बीमा पोलिसी के प्रीमियम पर कोई फर्क नहीं पड़ता है जितना आप प्रीमियम का भुगतान कर रहे थे उसमे आपके बीमा लोन के अमाउंट का ब्याज ( हर 6 महीने में ) जुड़ता चला जायेगा | आप अपने पोलिसी लोन का अमाउंट अपने प्रीमियम के साथ चाहे तो एक साथ या थोडा – थोडा करके जमा कर सकते है | यदि आप लोन का अमाउंट जमा नहीं करते है सिर्फ आप लोन का ब्याज जमा करते है और जब आपकी पोलिसी मेच्चेयोर हो जाएगी तो उसमे से लोन अमाउंट काट कर बकाया राशि आपको वापस कर दी जाएगी | यदि आप न बीमा लोन का अमाउंट जमा करते है और न ही बीमा लोन पर लगने वाला ब्याज जमा करते है सिर्फ आप अपने प्रीमियम का भुगतान करते है तो आपका लोन अमाउंट और ब्याज दोनों आपके प्रिंसीपल में ऐड होते रहेगे और जब आपकी पोलिसी मेच्चेयोर हो जाएगी तो उस सम इन्सोर्ड अमाउंट में से बीमा लोन और ब्याज काट कर बकाया बची आपके राशि का भुगतान कर दिया जायेगा | यदि आप न बीमा लोन का अमाउंट जमा करते है और न ही ब्याज और न ही प्रीमियम का भुगतान करते है तो इस स्थिति में जब आपका लोन अमाउंट और व्याज मिलाकर सरेंडर वैल्यू के बराबर हो जायेगा वैसे ही आपकी पोलिसी फॉर क्लोज हो जाएगी | फॉर-क्लोज के बाद 5 साल का समय मिलता है पोलिसी को री-इन्फोर्स करने का यदि आप पोलिसी रिकवर करना चाहते है तो आपको लोन अमाउंट + ब्याज + प्रीमियम का भुगतान करना होगा नहीं तो आपकी पोलिसी लेप्स हो जाएगी | LIC बीमा लोन के लिए LIC बीमा पोलिसी को गिरवी रख लेती है यदि आपकी की इन्शुरन्स पोलिसी बीमा लोन चुकाने से पहले ही मेच्चेयोर हो जाती है तो LIC को इन्सुरेंस पोलिसी से लोन KI राशि कटाने का अधिकार मिल जाता है | LIC पोलिसी पर लोन लेने की प्रक्रिया/Procedure to take Loan Against LIC Policy LIC बीमा पोलिसी पर लोन लेने की दो तरीके है जिसकी मदद से आप लोन ले सकते है पहला – ऑफलाइन तरीका और दूसरा – ऑनलाइन तरीका है | यदि देखा जाए तो दोनों तरीको में से अभी सबसे आसान तरीका ऑफलाइन है जबकि ऑनलाइन तरीके से पोलिसी लोन लेना थोडा सा कठिन है क्युकी LIC द्वारा पोलिसी लोन लेने के लिए ऑनलाइन तरीका अभी से चालू किया गया है जिसका अभी तक प्रॉपर सेटअप नहीं हो पाया है | ऑफलाइन तरीके से LIC पोलिसी पर लोन लेना ऑफलाइन तरीके से LIC पोलिसी पर लोन लेने के लिए आपको कुछ जरुरी बातो और कुछ जरुरी दस्तावेजो को साथ ले जाना होगा जो की निम्न है | LIC से बीमा लोन लेने के लिए आपको सबसे पहले होम ब्रांच पर जाना होगा | बीमा लोन के लिए आधार कार्ड की फोटो कॉपी ले जाना होगा | बैंक पासबुक की फोटो कॉपी और ओर्जिनल बैंक पासबुक जो क्लास 1 ऑफिसर से वेरीफाई की जाएगी | ओर्जिनल LIC पोलिसी बांड जो की लोन लेते समय LIC ब्रांच में जमा हो जाएगी | ब्रांच से एक लोन फॉर्म लेकर भरना पड़ेगा जिसमे ब्याज से संबंधित सभी जानकारिया होती है उसमे पोलिसी नंबर और एड्रेस भरकर और हस्ताक्षर करके सभी ओर्जिनल डाक्यूमेंट्स के साथ जमा करना पड़ता है | लोन फॉर्म में विटनेस के रूप में किसी LIC एजेंट का हस्ताक्षर जरुरी होता है | लोन फॉर्म के साथ सभी जरुरी डाक्यूमेंट्स सम्मिट करने के बाद आपको 3 से 7 दिनों के भीतर LIC बीमा लोन का पैसा आवेदक के खाते में जमा कर दिए जाते है | ऑनलाइन तरीके से LIC पोलिसी लोन लेने की प्रक्रिया LIC पोलिसी पर लोन लेने के लिए ऑनलाइन तरीका थोडा सा जटिल है | इसके लिए आवेदक का NEFT होना जरुरी है और ऑनलाइन पोलिसी लोन के लिए आपको अपने LIC होम ब्रांच में जाना जरुरी नहीं है इसके लिए आप किसी भी अपने नजदीकी ब्रांच में जा सकते है तो चलिए जानते है इसके बारे में | LIC पोलिसी पर लोन लेने के लिए सबसे पहले आपको Lic india की ओफिसिअल वेबसाइट पर जाना होगा और LIC ई-सेवाओं के लिए रजिस्ट्रेसन करना होगा इसके लिए आपको अपना मोबाइल नंबर या ईमेल और पासवर्ड डाल कर साईनअप करना होगा | इसके बाद आपको LIC पोर्टल पर जाकर online Loan पर क्लिक करना होगा | इसके बाद ऑनलाइन लोन रिक्वेस्ट के लिए आपको Through Customer Portal पर क्लिक करकें लॉग इन करना होगा | लॉग इन करने के बाद आपको पोलिसी की सारी डिटेल दिखेगी वहा पर आपको इंडिविजुअल पोलिसी डिटेल्स पर क्लिक करना होगा इसके बाद आपको सर्विस रिक्वेस्ट पर आपको प्रीमियम सर्विस रजिस्ट्रेसन दिखेगा वहा क्लिक करने के बाद आपको एक फॉर्म मिलेगा जिसे आप डाउनलोड करके और उसको भर कर व हस्ताक्षर करके अपलोड करना होता है | इसके बाद आपका सर्विस रिक्वेस्ट सुक्सेसफुल हो जायेगा और आपको एक सर्विस रिक्वेस्ट नंबर मिल जायेगा | इसके बाद आपको नियरेस्ट LIC ब्रांच में जाकर लोन फॉर्म को भरना होगा और साथ में 2 पासपोर्ट साइज़ फोटो, आधार कार्ड की फोटो कॉपी अटेस्टेड, पैन कार्ड की फोटो कॉपी अटेस्टेड, NEFT और ओर्जिनल पोलिसी बांड सम्मिट करना होगा | लोन फॉर्म को भरकर सम्मिट करने के बाद आपको 3 से 7 दिनों में LIC बीमा लोन की राशि आपके खाते में ट्रासफर कर दी जाएगी | नोट – बीमा लोन के लिए लोन फॉर्म पर एक रूपए के स्टाम्प लगाकर उसके ऊपर हस्ताक्षर करना जरुरी है | लोन फार्म आप lic इंडिया की अधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भी डाउनलोड करके भर सकते है | LIC Insurance Policy लोन की नियम – शर्ते भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा दी जाने वाली बीमा पोलिसी पर लोन के कुछ नियम और शर्ते भी है जिसको जानना बहुत जरुरी है | LIC पोलिसी लोन केवल LIC बीमाधारक को ही प्रदान की जा सकती है | LIC बीमा पर लोन का ब्याज हर 6 महीने की अन्तराल में लगता है | यदि आवेदक बीमा लोन की राशि को कुछ समय बाद ही चुकाना चाहता है तो भी आवेदक को पुरे 6 महीने का ब्याज देना पड़ेगा | यदि LIC बीमाधारक के लोन की अवधी में ही पोलिसी मेच्चेयोर हो जाती है तो मेच्चेयोरटी राशि का उपयोग लोन की मूलराशि को चुकाने में किया जा सकता है | यदि कोई बीमाधारक LIC से पोलिसी लोन लिया हुआ है और उसकी मृत्यु हो जाती है तो व्याज का भुगतान मृत्यु की तारीख तक ही करना होता है | LIC Policy loan को चुकाने का तरीका lic के जीवन बीमा पोलिसी से लोन लेने का सबसे बड़ा फायदा यह है की उस बीमा लोन को चुकाने का पूरा समय मिलता है | आप चाहे तो उस पोलिसी की मेच्चेयोरटी अवधी तक लोन को चुका सकते है इस पर कोई तय समय सीमा नहीं है | आप चाहे तो LIC पोलिसी के लोन का ब्याज नियमित रूप से प्रीमियम के साथ ही चुका सकते है | LIC बीमा लोन का ब्याज आप चाहे तो कुछ वर्षो तक भुगतान करे इसके बाद जब आपके पास एक्स्ट्रा पैसे हो जाए तो आप लोन की मूलराशि चुका सकते है | आप चाहे तो पोलिसी लोन के ब्याज का बस भुगतान करे और जब आपकी पोलिसी मेच्चेयोर हो जाए तब आप बीमा पोलिसी की मेच्चेयोरटी अमाउंट से लोन की मूलराशि कटा सकते है लेकिन इस पद्धति से आपको समय तो बहुत मिल जायेगा लेकिन अंततः आपको LIC पोलिसी के सम-इस्योर्ड अमाउंट का जादा फायदा नहीं मिल पायेगा | LIC इन्सुरेंस पोलिसी पर लोन की सीमाए भारतीय जीवन बीमा निगम के द्वारा जारी की गयी इन्सुरेंस पोलिसी पर बीमा लोन की कुछ सीमाए भी है जिसके अंदर रहकर ही LIC बीमा पर लोन प्रदान कर सकता है | आपको इससे संबंधित समस्त सीमाए जानना बहुत जरुरी है नहीं तो आपको पोलिसी के लोन पर कुछ बाधाए अ सकती है | LIC पोलिसी पर लोन सरेंडर वैल्यू का 90% तक अधिकतम मिल सकता है | LIC बीमा लोन के लिए लाइफ इन्सुरेंस की खरीद के तारीख से 3 वर्ष तक इंतजार करना पड़ता है | यदि आपकी LIC बीमा पोलिसी फॉर-क्लोज हो गयी है तो बीमा लोन का भुगतान सरेंडर वैल्यू के अमाउंट से किया जायेगा | पेड-अप पोलिसी पर लोन की राशि सरेंडर वैल्यू 85% तक हो सकती है | LIC की सभी इन्सुरेंस पोलिसी पर बीमा लोन नहीं मिलता है | LIC बीमा लोन की राशि का भुगतान कैसे करे LIC पोलिसी पर लोन लेने के बाद आपको लोन की EMI ऑनलाइन चुकाने के लिए LIC India की अधिकारिक वेबसाइट पर आ कर ई-सेवा पोर्टल पर लॉग इन करना होगा इसके बाद Loan Details सेलेक्ट करना होगा | इसके बाद आप लोन की अन्य जानकारी देख सकते है जैसे की लोन भुगतान की तारीख, बचा हुआ लोन अमाउंट आदि | अब आप भारत के किसी भी बैंक को सेलेक्ट करके अपनी लोन राशि का भुगतान कर सकते है इसके लिए आप डेबिट कार्ड/ क्रेडिट कार्ड या इंटरनेट बैंकिंग का इस्तमाल कर सकते है | धन्यवाद मित्रो, हमने इस आर्टिकल में LIC इन्सुरेंस पोलिसी पर लोन कैसे मिलेगा, LIC पोलिसी से लोन लेने के फायदे क्या है, पोलिसी लोन पर लोन कितना मिलता और ब्याज दर कितनी होती है, LIC पोलिसी पर लोन लेने का ऑफलाइन और ऑनलाइन प्रक्रिया क्या है और इससे जुडी हुई समस्त जानकारिया कवर किए है | इस आर्टिकल में दी गई समस्त जानकारी LIC इन्सुरेंस एडवाईजर द्वारा दी गई है जो मौजूदा नियम – शर्तो पर आधारित है जिसमे किसी भी प्रकार की त्रुटी होने की संभावना काफी कम है फिर भी यदि जानकारी में कोई त्रुटी रह जाती है तो आप हमें कमेन्ट करके जरुर बताईएगा | हमसे कोई भी सवाल पूछने के लिए आप Contact Form के माध्यम से पूछ सकते है और हमसे जुड़ने के लिए हमारे Bimamoney.com को सब्सक्राइब भी कर सकते है | पोलिसी बांड क्या है ? यह एक प्रकार इन्सुरेंस कंपनी द्वारा जारी क़ानूनी दस्तावेज होता है जिस पर बीमाधारक ( पोलिसी होल्डर ) LIC से लोन लेने के लिए हस्ताक्षर करता है | सरेंडर वैल्यू क्या है ? प्रीमियम के रूप में भरा गया टोटल अमाउंट का मौजूदा मूल्य जब आप अपनी इक्छा से पोलिसी को समाप्त करना चाहते है अर्थात पोलिसी को सरेंडर करना चाहते है |
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[email protected] 29 Oct 2022 1153 Views

एलआईसी जीवन लक्ष्य (टेबल नं 933)

बच्चों और परिवार की वित्तीय सुरक्षा के लिए, लीछ जीवन लक्ष्य प्लान सबसे उपयुक्त है। यह बचत का संग्रह है और इसमें जोखिम कारक भी शामिल है। यह एक सीमित प्रीमियम भुगतान योजना है जो नोन-लिंक्ड और पार्टिसिपेटिंग एंडॉवमेंट आश्वासन योजना के साथ वर्गीकृत है। यह योजना वर्ष 2015 में मार्च महीने में शुरू हुई थी। पॉलिसीधारक की मृत्यु के मामले में, यह योजना वार्षिक आय प्रदान करेगी जो मृतक के परिवार के लिए फायदेम... Read More
बच्चों और परिवार की वित्तीय सुरक्षा के लिए, लीछ जीवन लक्ष्य प्लान सबसे उपयुक्त है। यह बचत का संग्रह है और इसमें जोखिम कारक भी शामिल है। यह एक सीमित प्रीमियम भुगतान योजना है जो नोन-लिंक्ड और पार्टिसिपेटिंग एंडॉवमेंट आश्वासन योजना के साथ वर्गीकृत है। यह योजना वर्ष 2015 में मार्च महीने में शुरू हुई थी। पॉलिसीधारक की मृत्यु के मामले में, यह योजना वार्षिक आय प्रदान करेगी जो मृतक के परिवार के लिए फायदेमंद हो सकती है। परिपक्वता अवधि के अंत में एकमुश्त राशि भी दी जाती है भले ही पॉलिसीधारक जीवित है या नहीं। यह योजना ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस पॉलिसी को खरीदने के लिए एजेंटों से संपर्क करने की ज़रूरत है कोई भी व्यक्ति कंपनी कार्यालयों की शाखा का दौरा करके या अपने एजेंटों से मिलकर इस योजना को खरीद सकता है। एलआईसी जीवन लक्ष्य प्लान की मुख्य विशेषताएं पॉलिसी के लिए न्यूनतम उद्धृत राशि 1,00,000 रुपये है और अधिकतम किसी भी सीमा तक हो सकती है। मूल बीमा राशि केवल 10,000 रुपये के गुणकों में हो सकती है। पॉलिसी अवधि 13 से 25 साल के बीच है। प्रीमियम का भुगतान सालाना, अर्ध-वार्षिक, त्रैमासिक और मासिक अवधि किया जा सकता है। इलेक्ट्रॉनिक क्लियरिंग सर्विस (ईसीएस) का एक और विकल्प है जो प्रीमियम का भुगतान करने का एक आसान विकल्प प्रदान करता है। पॉलिसी लेने के लिए व्यक्ति की न्यूनतम आयु 18 वर्ष पूरी होनी चाहिए और अधिकतम आयु 50 वर्ष है। इस नीति के लिए अधिकतम परिपक्वता आयु 65 वर्ष है। इस पॉलिसी के साथ बोनस संलग्न हैं। एंडॉवमेंट अश्यूरेन्स पॉलिसी के साथ होने के नाते, यह प्लान सरल रिवर्सनरी बोनस और अंतिम अतिरिक्त बोनस (यदि लागू हो) के माध्यम से भारत के जीवन बीमा निगम द्वारा दिए गए लाभ एकत्र करती है और परिपक्वता अवधि समाप्त होने पर इन्हें भुगतान किया जाता है जिस भी अवधि के लिए प्रीमियम का भुगतान किया जाना है, वह पॉलिसी अवधि से तीन साल कम होती है, चाहे आपकी पॉलिसी अवधि कितनी भी हो। यहां तक कि लीछ में दुर्घटनाग्रस्त मौत और विकलांगता लाभ राइडर नीति के लिए दो वैकल्पिक राइडर भी हैं। जिसमे दूसरा लीछ न्यू टर्म एश्योरेंस राइडर है। एलआईसी जीवन लक्ष्य प्लान (टेबल नं. 933) के लाभ परिपक्वता लाभ: इस योजना से परिपक्वता लाभ हैं। यदि पॉलिसीधारक ने पूर्ण प्रीमियम का भुगतान किया है और पॉलिसी समाप्ति अवधि तक जीवित रहता है तो परिपक्वता पर निहित सरल रिवर्सनरी लाभ और अंतिम अतिरिक्त बोनस यदि कोई है तो जोड़ा जाएगा ।परिपक्वता पर बीमा राशि मूल बीमा राशि के समान है। मृत्यु का लाभ: पॉलिसी में मृत्यु लाभ भी है। इस लाभ के तहत, यदि पॉलिसी धारक पॉलिसी की अवधि के भीतर मर जाता है तो मृत्यु पर बीमा राशि, सरल रिवर्सनरी बोनस और अंतिम अतिरिक्त बोनस दिया जाएगा। इस नीति के लिए, कर लाभ भी हैं। योजना के लिए भुगतान किया गया प्रीमियम 80 सी के तहत आयकर पर छूट का लाभ उठाने के लिए स्वीकार्य है और परिपक्वता राशि धारा 10 डी के अनुसार कर से मुक्त है। एलआईसी जीवन लक्ष्य प्लान के बहिष्कार भारतीय जीवन बीमा निगम की पॉलिसी व्यवस्था में बड़े ही सरल नियम है और इस तरह, कोई बहिष्करण प्रदान नहीं किया जाता है।हालांकि, आत्महत्या के लिए एक खंड है जो जीवन लक्ष्य प्लान के लिए उपयुक्त है। यदि जीवन बीमाधारक या पॉलिसीधारक पॉलिसी शुरू होने की तिथि से 12 महीने के भीतर आत्महत्या करता है, तो भुगतान किए गए सिंगल प्रीमियम का 80% (करों को छोड़कर) और अतिरिक्त प्रीमियम (यदि कोई हो) वापस कर दिया जाएगा। पॉलिसी खरीदने के लिए आवश्यक दस्तावेज लीछ की जीवन लक्ष्य योजना खरीदने के लिए निम्न दस्तावेजों को जमा किया जाना है। योजना प्रस्ताव प्रपत्र होना चाहिए जिसे विधिवत भरा और हस्ताक्षरित किया जया हो। इसके अलावा पहली अवधि के लिए चेक या नकदी जमा करनी होगी। आपको पासपोर्ट आकार की तस्वीर और एक वैध पहचान प्रमाण जमा करने की आवश्यकता है जो आपके आवासीय पते का विवरण आपकी जन्मतिथि और अन्य विवरण देता है। एक आय प्रमाण दस्तावेज भी साथ में संलग्न किया जाना है। पॉलिसी के बारे में अधिक जानकारी यदि प्रीमियम लगातार तीन वर्षों के लिए चुकाया गया है और उसके बाद पॉलिसी से भुगतान नहीं किया जाता है तो पॉलिसी पेड-अप मान प्राप्त कर लेती है। गारंटीकृत सरेंडर वैल्यू की एक सुविधा भी मौजूद है जिसे कम से कम तीन साल प्रीमियम के भुगतान के बाद पॉलिसी सरेंडर कर दी जाती है। यह उस समय तक चुकाए गए कुल प्रीमियम का प्रतिशत है। यदि पॉलिसी समाप्त हो गई है तो आप इसे पुनर्जीवित कर सकते हैं बशर्ते कि यह पिछले अवैतनिक प्रीमियम की तारीख से लगातार 2 साल से कम हो। इस नीति पर ऋण लेने की एक विशेषता है। तीन साल के लिए प्रीमियम के भुगतान के बाद, आप इसके पक्ष में भी ऋण ले सकते हैं। पॉलिसी के लिए प्रीमियम छूट सालाना 2% और छमाही के लिए 1% है। त्रैमासिक और मासिक विकल्प के लिए कोई छूट नहीं है। पॉलिसी प्रीमियम का नियमित रूप से प्रत्येक देय तिथि पर भुगतान किया जाना है। यदि देय तिथि से प्रीमियम का भुगतान नहीं किया जाता है, तो प्रीमियम का भुगतान करने के लिए एक अनुग्रह अवधि दी जाती है जिसमे प्रीमियम का भुगतान किया जा सकता है। यह अवधि उन पॉलिसियों के लिए 30 दिनों के बराबर है जहां प्रीमियम भुगतान का तरीका वार्षिक, अर्ध-वार्षिक या त्रैमासिक तरीका चुना जाता है। यदि प्रीमियम भुगतान का तरीका मासिक है तो अनुग्रह अवधि के लिए केवल 15 दिन की अनुमति है। नीति को रद्द करने के लिए भी एक प्रक्रिया है। यदि पॉलिसीधारक योजना से खुश नहीं है तो उसे रद्द कर दिया जा सकता है, बशर्ते कि रद्दीकरण योजना जारी करने के 15 दिनों के भीतर किया जाए। इस अवधि को फ्री-लुक अवधि कहा जाता है। रद्दीकरण पर, पॉलिसी से सम्बंधित प्रीमियम वापस कर दिया जाएगा।    
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[email protected] 29 Oct 2022 1135 Views

जीवन उमंग पॉलिसी क्या है : Jeevan Umang Plan 945

LIC भारत की सर्वश्रेष्ठ जीवन बीमा कंपनी है जो जीवन बीमा के क्षेत्र में ग्राहकों की सबसे लोकप्रिय बीमा कंपनी है जिसका क्लेम सेटलमेंट रेशियो सभी जीवन बीमा कंपनी में सबसे अधिक है | आज हम इसी कंपनी LIC द्वारा लोंच किए भारत के सर्वश्रेष्ठ जीवन बीमा प्लान जीवन उमंग टेबल नंबर 945 के बारे में जानेगे | LIC द्वारा पहले से चल रही जीवन बीमा पोलिसी जीवन उमंग Table No. 845 को कुछ बदलाव के साथ 1 फरवरी 2020 को जी... Read More
LIC भारत की सर्वश्रेष्ठ जीवन बीमा कंपनी है जो जीवन बीमा के क्षेत्र में ग्राहकों की सबसे लोकप्रिय बीमा कंपनी है जिसका क्लेम सेटलमेंट रेशियो सभी जीवन बीमा कंपनी में सबसे अधिक है | आज हम इसी कंपनी LIC द्वारा लोंच किए भारत के सर्वश्रेष्ठ जीवन बीमा प्लान जीवन उमंग टेबल नंबर 945 के बारे में जानेगे | LIC द्वारा पहले से चल रही जीवन बीमा पोलिसी जीवन उमंग Table No. 845 को कुछ बदलाव के साथ 1 फरवरी 2020 को जीवन उमंग Table No. 945 को शुरू किया गया है | दोस्तों जीवन उमंग प्लान की विशेषताए जानकर आप हैरान हो जाएगे क्युकी यह एक होल लाइफ प्लान है जो आपको 100 वर्ष तक की जीवन बीमा कवरेज प्रदान करता है | इस प्लान को लेने के बाद जब आपकी पोलिसी का पीपीटी (PPT) – premium paying term समाप्त हो जायेगा तब उसके बाद बीमाधारक को टोटल सम-इन्सोर्ड अमाउंट का 8% प्रति वर्ष पेंशन के रूप में मिलने लगता है और यह आपको तब तक मिलता है जब तक आप जीवित रहते है अधिकतम 100% वर्ष तक इसके बाद आपको टोटल मेच्चेयोरटी अमाउंट और बोनस के साथ नॉमिनी को प्रदान कर दिया जाता है तो चलिए दोस्तों आज हम Jeevan umang LIC plan hindi में विस्तार से जानेगे जिसमे जीवन उमंग पॉलिसी क्या है :- Jeevan Umang Plan 945, जीवन उमंग प्लान के फायदे, जीवन उमंग प्लान की शर्तें व नियम और इसके लिए आवश्यक दस्तावेज क्या है जानेगे इसके लिए आपको यह आर्टिकल शुरू से लेकर अंत तक पढ़ना पड़ेगा |   जीवन उमंग पॉलिसी क्या है :- Jeevan Umang Plan 945 भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा 1 फरवरी 2020 से शुरू किया गया एक प्लान है जो की एक प्रकार का होल लाइफ प्लान है | यह बीमाधारक को सम्पूर्ण जीवन की कवरेज 100 वर्षो तक प्रदान करता है जिसमे बीमाधारक को मेच्चेयोरटी के पहले जब तक बीमाधारक जीवित रहता है उसको Sum insured amount का 8 प्रतिशत प्रति वर्ष पेंशन के रूप में प्रदान किया जाता है | जब बीमाधारक की मृत्यु हो जाती है तो सम्पूर्ण राशि, बोनस के साथ बीमित व्यक्ति को प्रदान कर दी जाती है | अतः इस पोलिसी को जीवन के साथ भी और जीवन के बाद भी के नाम से जाना जाता है | नाम LIC's Jeevan Umang प्लान नंबर 945 UIN No. 512N312V02 कंपनी Life Insurance Corporation of India / भारतीय जीवन बीमा निगम वेबसाइट www.licindia.in जीवन उमंग प्लान के फायदे / benefits of jeevan umang policy Jeevan umang LIC plan hindi में आज हम जानेगे की इस प्लान को लेने के क्या-क्या फायदे है तो चलिए जानते है इसके बारे में | 8% गारंटी रिटर्न सर्वाइवल लाभ के रूप में – जीवन उमंग प्लान का यह सबसे यूनिक फायदा है जिसमे बीमाधारक के प्रीमियम भुगतान अवधी समाप्त होते ही उसके टोटल सम- इन्स्योर्ड का 8 प्रतिशत प्रति वर्ष पेंशन के रूप में आजीवन अवधि तक प्रदान किया जाता है | उदाहरण :- जैसे यदि कोई व्यक्ति 10 लाख का सम इन्स्योर्ड अमाउंट की पोलिसी लिया है तो उसके प्रीमियम की समाप्ति के बाद उसको 80 हजार रूपए प्रति वर्ष आजीवन ( अधिकतम 100 वर्ष तक ) प्रदान किया जाता है | लोन की प्राप्ति के रूप में – Lic jeevan umang plan के अंदर लोन की सुविधा भी प्रदान की जाती है इसके लिए पोलिसी को कम से कम 3 वर्षो तक चलाना पड़ता है | लोन का अमाउंट सरेंडर वैल्यू पर और पोलिसी कितने समय तक चली है इस पर निर्भर करता है | इन फ़ोर्स पोलिसी पर लोन सरेंडर वैल्यू का 90% तक मिलता है | पैड-अप पोलिसी पर लोन सरेंडर वैल्यू का 80% तक मिलता है | लाइफ टाइम गिफ्ट के रूप में – यह पोलिसी आप अपने बच्चो के लिए या अपने पोते-पोतियों के लिए भी ले सकते है इसके लिए इसमें यह सुविधा प्रदान की गयी है | डेट बैकिंग के माध्यम से यह अपने बच्चो के बर्थ डेट पर या मैरिज एनुवार्शरी के दिन पोलिसी को डेट ऑफ़ कमिटमेंट के माध्यम से उसी दिन ले कर उनको एक गिफ्ट के तौर पर दे सकते है | जब उनके प्रीमियम भरने का समय समाप्त होगा तो उसी डेट पर टोटल सम-इन्स्योर्ड का 8% प्रदान कर दिया जायेगा जो माता-पिता द्वारा अपने बच्चो के लिए गिफ्ट हो सकता है | मृत्यु लाभ के रूप में – बीमाधारक द्वारा Jeevan umang पोलिसी लेने के दिन से लेकर 100 वर्ष की अवधि तक पुरे पोलिसी पीरियड के अंदर यदि बीमाधारक की मृत्यु हो जाती है तो इस दौरान नॉमिनी को टोटल सम-इन्स्योर्ड और उस समय तक का बोनस प्रदान कर दिया जाता है | ऐसे समय में बोनस का अमाउंट पोलिसी पीरियड के समय पर निर्भर करता है अर्थात पोलिसी जितनी समय तक चलेगी बोनस उतना ही ज्यादा प्रदान किया जायेगा | टैक्स बेनिफिट्स के रूप में – Jeevan umang LIC plan hindi में जानते है की इसमें टैक्स बेनिफिट भी प्रदान किया जाता है | यदि बीमाधारक प्रीमियम का भुगतान करता है तो उसको इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के तहत टैक्स पर छूट प्रदान की जाती है | बीमाधारक को मेच्चेयोरटी का भुगतान और मृत्यु के समय नॉमिनी को डेथ बेनिफिट के समय इनकम टैक्स के सेक्शन 10(10D) के तहत टैक्स पर छूट प्रदान किया जाता है | काम्मेंसमेंट ऑफ़ रिस्क के रूप में – Jeevan umang LIC plan hindi जो की बच्चे के जीवन को भी सुरक्षित करती है और आप अपने बच्चो के लिए भी ले रहे है तो यह जानना बहुत जरुरी है की बच्चे के रिस्क की कवरेज कब से शुरू होती है | यदि बच्चे की उम्र 8 वर्ष या उससे अधिक है तो पोलिसी को लेते समय से ही रिस्क की कवरेज शुरू हो जाती है | यदि बच्चे की उम्र 8 वर्ष से कम है तो बच्चे की उम्र यदि 8 वर्ष हो जाए या पोलिसी के 2 वर्ष कम्पलीट हो जाए तो रिस्क की कवरेज शुरू हो जाती है | जीवन उमंग प्लान की शर्तें व नियम – eligibility criteria for jeevan umang policy Jeevan umang LIC plan hindi में आज हम जानेगे की इस प्लान को लेने के क्या नियम और शर्ते है ताकि हम अपने जरुरत के हिसाब से सही टर्म की पोलिसी का चुनाव कर सके |   क्र. नं. नाम ऑप्शन 1 ऑप्शन 2 ऑप्शन 3 ऑप्शन 4 1. पीपीटी (PPT) – premium paying term 15 वर्ष 20 वर्ष 25 वर्ष 30 वर्ष 2. प्लान खरीदने की अधिकतम उम्र 55 वर्ष 50 वर्ष 45 वर्ष 40 वर्ष 3. प्लान खरीदने की न्यूनतम उम्र 15 वर्ष 10 वर्ष 5 वर्ष 90 दिन 4. PPT के ख़त्म होते समय न्यूनतम उम्र 30 वर्ष 30 वर्ष 30 वर्ष 30 वर्ष 5. PPT के ख़त्म होते समय अधिकतम उम्र 70 वर्ष 70 वर्ष 70 वर्ष 70 वर्ष 6. पोलिसी मेच्चेयोरटी के समय उम्र 100 वर्ष 100 वर्ष 100 वर्ष 100 वर्ष 7. न्यूनतम सम-अस्योर्ड अमाउंट 2 लाख रूपए 2 लाख रूपए 2 लाख रूपए 2 लाख रूपए 8. अधिकतम सम-अस्योर्ड अमाउंट कोई सीमा नहीं कोई सीमा नहीं कोई सीमा नहीं कोई सीमा नहीं   नोट – यह प्लान चार प्रकार के ऑप्शन में प्रदान किया जाता है जो बीमाधारक अपने प्रीमियम भरने के हिसाब से प्लान का चुनाव कर सकता है | LIC 945 जीवन उमंग प्लान की विशेषताए – यह प्लान भारत की सभी नागरिको के लिए उपलब्ध्य है | यह प्लान भारत की सबसे बड़ी बीमा क्षेत्र की कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा संचालित किया जाता है | जीवन उमंग प्लान 90 दिन से लेकर 55 वर्ष के व्यक्ति के लिए उपलब्ध्य है | प्रीमियम पे करने के हिसाब यह प्लान चार ऑप्शन में मौजूद है 15 वर्ष, 20 वर्ष, 25 वर्ष और 30 वर्ष | प्रीमियम पेमेंट टर्म (PPT) समाप्त होने के बाद 100 वर्ष की उम्र तक प्रति वर्ष 8% टोटल सम-इन्स्योर्ड अमाउंट का पेंशन के रूप में रिटर्न प्रदान किया जाता है | यदि व्यक्ति 100 वर्ष तक जीवित रहता है तो उसको जीवन उमंग प्लान की मेच्चेयोरटी मिल जाती है जिसमे टोटल सम-इन्स्योर्ड अमाउंट + सिंपल रिवार्संनरी बोनस + फाइनल एडिसन बोनस शामिल रहता है | यदि बीमाधारक की 100 वर्ष से पहले ही मृत्यु हो जाती है समस्त मेच्चेयोरटी अमाउंट नॉमिनी को प्रदान कर दिया जाता है | यदि बीमाधारक चाहे तो अपने जीवित रहते समय ही पोलिसी को क्लोज करके 90 प्रतिशत तक का अमाउंट प्राप्त कर सकता है | Jeevan umang LIC plan hindi Table No. 945 में प्रीमियम भुगतान करने चार तरह के ऑप्शन मौजूद है मासिक, तिमाही, छमाही और वार्षिक | इस प्लान में बीमाधारक को न्यूनतम सम-इन्स्योर्ड अमाउंट 2 लाख रूपए तक का लेना जरुरी है | Jeevan umang LIC plan hindi 945 के लिए आवश्यक दस्तावेज LIC जीवन उमंग प्लान खरीदने से पहले बीमाधारक व्यक्ति को प्लान से जुडी हुई दस्तावेजो के बारे विस्तार से जानकारी होना बहुत जरुरी है तो चलिए जानते है इसके बारे में | पहचान प्रमाण पत्र – आधार कार्ड, पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाईसेंस, यूटिलिटी बिल | पासपोर्ट साइज़ फोटो | निवास प्रमाण पत्र | आय प्रमाण पत्र – सैलरी स्लिप, बैंक अकाउंट स्टेटमेंट रजिस्टर मोबाइल नंबर | मेडिकल हिस्ट्री फॉर्म | जीवन उमंग टेबल नंबर 945 का फॉर्म | LIC जीवन उमंग के अतिरिक्त राइडर प्लान – LIC के जीवन उमंग प्लान के इतने फायदे है जो आपको किसी और दुसरे प्लान में देखने को नहीं मिलेगा | इसके अतिरिक्त जीवन उमंग प्लान अपने ग्राहकों को कुछ अन्य फायदे पहुचाने के राइडर प्लान भी ऑफर करता है जिसको बीमाधारक अपने जरुरत के हिसाब से ले सकता है और अतिरिक्त लाभ उठा सकता है | एक्सीडेंटल डेथ एंड डिसेबिलिटी बेनिफिट राइडर | एक्सीडेंट बेनिफिट राइडर | न्यू टर्म अस्सुरंस राइडर | न्यू क्रिटिकल इलनेस बेनिफिट राइडर | प्रीमियम वेवर बेनिफिट राइडर | नोट – राइडर का मतलब प्लान के अलावा अतिरिक बेनिफिट होता है जिसको लेने के लिए बीमाधारक को अतिरिक्त प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है | यदि बीमाधारक पोलिसी अपने बच्चे के लिए खरीद रहा है तो उसे प्रीमियम वेवर बेनिफिट राइडर जरुर लेना चाहिए क्युकी यदि बीमाधारक को कुछ हो जाए तो बचे हुए प्रीमियम का भुगतान बीमा कंपनी स्वयं करेगी | Jeevan umang LIC plan hindi के अतिरिक्त फायदे 1. ग्रेस पीरियड / Grace Period – ग्रेस पीरियड का मतलब होता है प्रीमियम भरने के लिए अतिरिक्त समय | ग्रेस पीरियड के दौरान पूरी कवरेज बनी रहती है और इस दौरान यदि क्लेम आता है तो LIC उसका पूरा भुगतान करती है | ग्रेस पीरियड इस बात पर निर्भर करता है की बीमाधारक प्रीमियम का भुगतान करने के लिए कौन सा पेमेंट मोड अपने लिए चुना है | यदि बीमाधारक तिमाही, छमाही या वार्षिक प्रीमियम पेमेंट मोड को चुना है तो उन्हें ग्रेस पीरियड अतिरिक्त 30 दिनों का मिलता है | यदि बीमाधारक मंथली ( मासिक ) प्रीमियम पेमेंट मोड को चुना है तो उन्हें ग्रेस पीरियड 15 दिनों का मिलता है | 2. सरेंडर वैल्यू / Surrender Value – जीवन उमंग प्लान में इसकी भी सुविधा प्राप्त होती है | यदि बीमाधारक 3 वर्ष या इससे अधिक समय तक प्रीमियम का भुगतान लगातार करता है तो बीमाधारक अपने पोलिसी को सरेंडर कर सकता है | 3. रिवाइवल ऑफ़ पोलिसी / Revival of Policy – यदि आप किसी वजह से प्रीमियम का भुगतान नहीं कर पाते तो कुछ समय बाद आपकी की पोलिसी बंद हो जाती है तो बंद हुई पोलिसी को पुनः चालू करना रिवाइवल ऑफ़ पोलिसी कहलाता है | यदि आपकी पोलिसी बंद हो गई या पेड-अप वैल्यू में चली गई तो बीमाधारक जीवन उमंग पोलिसी को 5 वर्ष के भीतर कभी भी बचे हुए प्रीमियम का भुगतान ब्याज ( Intrest ) के साथ करके इस पोलिसी को चालू कर सकता है | ध्यान रहे अन्य LIC पोलिसी में यह 2 वर्ष के लिए मिलता है | 4. पेड-अप वैल्यू / Paid-Up Value – पेड-अप वैल्यू ही lic के जीवन उमंग पोलिसी को सबसे अलग और सबसे अच्छी बनाता है | यदि बीमाधारक लगातार 3 वर्ष या उससे कुछ अधिक समय तक पोलिसी का प्रीमियम भरा है और फिर पोलिसी का प्रीमियम नहीं भर पाता है तो भी बीमाधारक की पोलिसी बंद नहीं होती बल्कि उसके घटे हुए सम-अस्सोर्ड के साथ चलती रहती है और यह पोलिसी तब तक चलेगी जब तक बीमाधारक की मृत्यु न हो जाए या बीमाधारक पोलिसी को बंद न कर दे | शर्त – 1. पोलिसी कम से कम 3 वर्षो तक चली हो | 2. पेड-अप वैल्यू कम से कम 2 लाख हो या ज्यादा हो अर्थात बीमाधारक जितना प्रीमियम का भुगतान किया है उसकी टोटल वैल्यू 2 लाख तक होनी चाहिए | Jeevan umang LIC plan hindi का ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया – यदि आप LIC Jeevan Umang plan को ऑनलाइन घर बैठे आवेदन करना चाहते है तो आप कर सकते है बस इससे जुडी हुई कुछ जानकारिया आपके पास होनी चाहिए जिससे आवेदन के दौरान आपको किसी प्रकार से परेशानी का सामना न करना पड़े | सबसे पहले बीमा लेने वाले व्यक्ति को LIC की अधिकारिक वेबसाइट licindia.in पर जाना होगा | इसके बाद उसको LIC के होम पेज पर Products पर क्लिक करना होगा | इसके बाद बीमाधारक को insurance plan पर क्लिक करना होगा | इसके बाद बीमाधारक whole life Plan no. 945 और UIN no. 512N312V02 दिखेगा | यही पर jeevan umang प्लान दिखेगा जहा प्र बीमाधारक को क्लिक करना होगा | इसके बाद कुछ जरुरी जानकारीया होगी जिन्हें बहुत ध्यान से पढ़ कर भरना होगा | सभी प्रकार की जानकारी एकदम सही-सही भर कर सम्मिट करते ही बीमाधारक को एक पोलिसी बांड प्राप्त होगा जिससे सभाल कर रखना होगा | LIC jeevan umang 945 का ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया – यदि बीमा खरीदने वाले व्यक्ति को ऑनलाइन फॉर्म भरने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तो व्यक्ति भारतीय जीवन बीमा निगम की पास की ब्रांच ऑफिस में जाकर ऍलआईसी जीवन उमंग का प्लान no. 945 खरीद सकता है | सबसे पहले बीमा लेने वाले व्यक्ति को पास के lic office में जाना होगा | इसके बाद आपको जीवन उमंग योजना का फॉर्म भरने के लिए आवेदन फॉर्म लेना होगा | इसके बाद उसको ध्यान से पढ़ कर उसमे मागे गए जरुरी दस्तावेजो को अटैच करना होगा | फिर उमंग फॉर्म को सही-सही भर कर दस्तावेजो के साथ lic office में जमा करना होगा | इसके बाद आपको पोलिसी से जुडी जानकारी और पोलिसी बांड एजेंट द्वारा प्रदान किया जायेगा | जीवन उमंग पोलिसी क्या है? जीवन उमंग पोलिसी एक होल लाइफ प्लान जो बीमाधारक को 100 वर्ष तक की कवरेज प्रदान करता है और PPT ख़त्म होते ही बीमित व्यक्ति को उसके टोटल सम-अस्सोर्ड अमाउंट का 8% पेंशन के रूप में रिटर्न प्रदान करता है | जीवन उमंग पोलिसी के क्या फायदे है? जीवन उमंग पोलिसी बीमित व्यक्ति को पुरे लाइफ की कवरेज प्रदान करता है साथ ही उसको डेथ बेनिफिट, टैक्स बेनिफिट, 8% पेंशन क रूप में रिटर्न और सरवाईवल बेनिफिट आदि प्रकार के फायदे प्राप्त होते है | जीवन उमंग 945 टेबल नंबर क्या कहलाता है? जब आप LIC से Insurance policy खरीदते है तो उस समय जीवन उमंग टेबल नंबर 945 का चुनाव करते है जो बीमाधारक को lic के प्लान की आइडेंटिटी प्रदान करता है | सबसे अच्छी एलआईसी पोलिसी कौन सी है? जीवन बीमा के क्षेत्र में भारत की सबसे अच्छी LIC पोलिसी जीवन उमंग प्लान है जो आपको बहुत कम प्रीमियम में पूरी लाइफ का कवरेज प्रदान करता है | Jeevan umang 845 vs 945 जीवन उमंग प्लान 845 को lic द्वारा सबसे पहले लोंच किया गया था लेकिन 1 फरवरी 2020 को इसमें कुछ परिवर्तन करते हुए एलआईसी द्वारा इसे एक नए नाम जीवन उमंग प्लान नंबर 945 के नाम से लोंच किया गया है |  
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[email protected] 29 Oct 2022 5426 Views

LIC जीवन लाभ प्लान क्या है – What is lic jeevan labh policy

आज हम एक ऐसे बीमा प्लान के बारे में जानने जा रहे है जिसने जीवन बीमा के क्षेत्र में धूम मचा दी है | जी है दोस्तों और वह है LIC का जीवन लाभ प्लान नं. 936 जिसे LIC ने जीवन लाभ प्लान 836 की जगह कुछ नए फीचर के साथ 2020 में लोंच किया है | यह LIC का सबसे ज्यादा बिकने वाले प्लानों में से एक है | आज हम LIC jeevan labh policy in hindi में में जानेगे की LIC जीवन लाभ क्या है | LIC जीवन लाभ के फायदे क्या-क्या... Read More
आज हम एक ऐसे बीमा प्लान के बारे में जानने जा रहे है जिसने जीवन बीमा के क्षेत्र में धूम मचा दी है | जी है दोस्तों और वह है LIC का जीवन लाभ प्लान नं. 936 जिसे LIC ने जीवन लाभ प्लान 836 की जगह कुछ नए फीचर के साथ 2020 में लोंच किया है | यह LIC का सबसे ज्यादा बिकने वाले प्लानों में से एक है | आज हम LIC jeevan labh policy in hindi में में जानेगे की LIC जीवन लाभ क्या है | LIC जीवन लाभ के फायदे क्या-क्या है | LIC जीवन लाभ को लेने के नियम और शर्ते क्या है आदि और भी विस्तार से जानने के लिए आपको यह आर्टिकल अंत तक पूरा पढ़ना पड़ेगा | LIC जीवन लाभ प्लान क्या है – What is lic jeevan labh policy यह LIC ( Life Insurance Corporation of India – भारतीय जीवन बीमा निगम ) द्वारा शुरू किया गया एक नॉन-लिंक्ड प्लान है अर्थात शेयर मार्केट के रिस्क से जुड़ा हुआ नहीं है यह एक लिमिटेड प्रीमियम पेमेंट प्लान है अर्थात बीमित व्यक्ति को चुने हुए पॉलिसी पीरियड से कम समय तक प्रीमियम का भुगतान करना है यह एक With Profit प्लान है अर्थात LIC अपने फाइनेंसियल परफॉर्मेंस के आधार पर प्रॉफिट को वेस्टेड सिम्पल रिवार्संनरी बोनस + फाइनल एडिसनल बोनस के आधार पर बीमाधारक के साथ शेयर करती है | यह प्लान पहले LIC जीवन लाभ प्लान 836 के नाम से जाना जाता था जिसे LIC ने कुछ बदलाव और नए फीचर के साथ 1 फरवरी 2020 को एक नए नाम LIC जीवन लाभ प्लान नं. 936 के नाम से लोंच की है |   नाम LIC's Jeevan Labh प्लान नं. 936 UIN No. 512N304V02 कंपनी Life Insurance Corporation of India – भारतीय जीवन बीमा निगम वेबसाइट www.licindia.in उद्देश्य लॉन्ग टर्म फाइनेंसियल गोल को पाना, बच्चो की शादी और पढ़ाई के लिए |   LIC जीवन लाभ प्लान के फायदे / Benefits of lic jeevan labh LIC jeevan labh policy in hindi में जानेगे इसके फायदो की बारे में है | बीमाधारक को जीवन बीमा लेने से पहले सभी प्रकार के फायदो के बारे में जानना बहुत जरुरी है ताकि अपने जरुरत के हिसाब से सही जीवन बीमा प्लान का चूनाव कर सके तो चलिए जानते है इसके जीवन लाभ के फायदे के बारे में | लोन की प्राप्ति – LIC जीवन लाभ प्लान के अंदर लोन की सुविधा भी प्रदान की जाती है जिससे बीमाधारक जरुरत पड़ने पर पॉलिसी बोंड को गिरवी रख कर लोन की प्रप्ति कर सकता है इसके लिए जरुरी है की बीमाधारक की पॉलिसी कम से कम 2 वर्ष चलाई गयी हो | लोन का अमाउंट सरेंडर वैल्यू और पॉलिसी कितनी चली है इस बात पर निर्भर करता है | इन फ़ोर्स पॉलिसी पर लोन सरेंडर वैल्यू का 90% तक मिल सकता है | पैड-अप पॉलिसी पर लोन सरेंडर वैल्यू का 80% तक मिल सकता है | मेच्चेयोरटी बेनिफिटस की प्राप्ति – पॉलिसी का समय पूरा होने के बाद बिमाधारक को मेच्चेयोरटी बेनिफिट प्रदान कर दिया जाता है इस मेच्चेयोरटी बेनिफिट लेने के दो तरीके मौजूद होते है बीमाधारक अपने सुविधा के अनुसार मेच्चेयोरटी पेमेंट मोड़ का चुनाव कर सकता है | A. सिंगल पेमेंट मोड़ – इसमें बीमाधारक अपने सभी मेच्चेयोरटी अमाउंट को एक साथ ले सकता है | B. इनस्टॉलमेंट पेमेंट मोड़ – इसमें यदि बीमाधारक चाहे तो अपने मेच्चेयोरटी अमाउंट को 5, 10 या 15 वर्ष के इनस्टॉलमेंट में ले सकता है और यह इनस्टॉलमेंट मासिक / तिमाही / अर्द्ध वार्षिक या वार्षिक के रूप में ले सकता है | बीमाधारक चाहे तो पूरा अमाउंट एक बार इनस्टॉलमेंट में ले चाहे तो कुछ मेच्चेयोरटी अमाउंट एक बार में ले और बाकि इनस्टॉलमेंट में यह बीमाधारक के ऊपर निर्भर करता है | इस ऑप्शन का चुनाव बीमाधारक जब तक जीवित है कर सकता है इसका चुनाव नॉमिनी नहीं कर सकता है | डेथ बेनिफिट की प्राप्ति – LIC jeevan labh policy in hindi में जानते है की डेथ बेनिफिट कैसे प्रदान किया जाता है | बीमाधारक के पॉलिसी लेने के दिन से लेकर पुरे पॉलिसी पीरियड तक के समय में में यदि बीमाधारक की आकस्मिक मृत्यु हो जाती है तो नॉमिनी को डेथ बेनिफिट प्रदान कर दिया जाता है | इसमें नॉमिनी को पूरा सम-अस्योर्ड अमाउंट और वेस्टेड सिम्पल रिवार्संनरी बोनस भी प्रदान किया जाता है लेकिन यह बोनस पॉलिसी के समय पर निर्भर करता है | टैक्स बेनिफिट की प्राप्ति – LIC जीवन लाभ प्लान का प्रीमियम भरने पर बीमाधारक को इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के तहत टैक्स पर छूट प्रदान की जाती है | बीमाधारक को मेच्चेयोरटी अमाउंट पर और नॉमिनी को डेथ बेनिफिट पर इनकम टैक्स के सेक्शन 10(10D) के तहत टैक्स पर छूट प्रदान की जाती है | PPT-प्रीमियम पेमेंट ऑप्शन में छूट – LIC jeevan labh policy in hindi में PPT के लिए मुख्यतः चार ऑप्शन मौजूद है | मासिक ( Monthly ) तिमाही ( Quarterly ) अर्द्ध-वार्षिक ( Half-Yearly ) वार्षिक ( Yearly ) इसके अलावा PPT में छूट भी प्रदान की जाती है और बीमाधारक को पॉलिसी पीरियड पूरा होने पर पूरा मेच्चेयोरटी अमाउंट प्रदान किया जाता है |   पॉलिसी पीरियड 16 वर्ष 21 वर्ष 25 वर्ष PPT – प्रीमियम पेमेंट ऑप्शन 10 वर्ष 15 वर्ष 16 वर्ष PPT में छूट 6 वर्ष 6 वर्ष 9 वर्ष   रिवाइवल पॉलिसी का होना – बीमाधारक द्वारा प्रीमियम न भर पाने की स्थिति में बंद हुई पॉलिसी को पुनः चालू करना रिवाइवल ऑफ़ पॉलिसी कहलाता है | जीवन लाभ प्लान के भीतर बीमाधारक 5 वर्ष की अवधि के भीतर कभी भी पॉलिसी को रिवाइव कर सकता है बसर्ते उसे बचे हुए वर्षो के प्रीमियम का भुगतान व्याज के साथ करना होगा | सरेंडर वैल्यू का होना – LIC जीवन लाभ पॉलिसी का 2 वर्ष या इससे अधिक समय तक पुरे प्रीमियम का भुगतान करने के बाद बीमाधारक अपनी पॉलिसी को सरेंडर कर सकता है | जीवन बीमा पॉलिसी को सरेंडर करने से बीमाधारक को फायदे की वजाय नुकसान ज्यादा होता है | पेड-अप वैल्यू का होना – LIC जीवन लाभ पॉलिसी के भीतर पेड-अप वैल्यू को भी शामिल किया गया है | इसके अंतर्गत यदि बीमाधारक कम से कम 2 वर्ष या उससे अधिक समय तक लगातार प्रीमियम का भुगतान किया है और किसी वजह से आगे के प्रीमियम का भुगतान नहीं कर पाता है तो बीमाधारक की पॉलिसी बंद नहीं होती बल्कि भरे हुए प्रीमियम के सम-अस्योर्ड के साथ चलती रहती है | फ्री लुक पीरियड का होना – LIC के जीवन लाभ प्लान के अंदर फ्री लुक पीरियड का भी प्रावधान किया गया है | इसके द्वारा यदि बीमाधारक LIC का जीवन लाभ प्लान लिया है और वह इस प्लान के फायदों से संतुष्ट नहीं है तो पॉलिसी लेने के 15 दिनों के भीतर इस पॉलिसी को कैंसल कर सकता है | इस स्थिति में बीमाधारक द्वारा दिए गए प्रीमियम में से कुछ शुल्क काट कर जैसे स्टाम्प शुल्क आदि बाकि बचे प्रीमियम को वापस कर दिया जाता है | इस प्रकार LIC द्वारा बीमाधारक को 15 दिनों के भीतर पॉलिसी को वापस करने के प्रावधान को फ्री लुक पीरियड कहा जाता है | Eligibility Criteria for LIC Jeevan Labh – LIC jeevan labh policy 936 LIC की जीवन लाभ पॉलिसी खरीदना बहुत आसान है लेकिन इसे खरीदने के कुछ नियम और शर्ते है जिसे जानना बहुत जरुरी है जिससे बीमाधारक को बीमा पॉलिसी का चुनाव करते समय किसी भी प्रकार की दिक्कतों का सामना न करना पड़े तो आज हम LIC jeevan labh policy in hindi में इसके बारे में जानेगे |   क्रं नं. नाम ऑप्शन 1 ऑप्शन 2 ऑप्शन 3 1. पॉलिसी पीरियड 16 वर्ष 21 वर्ष 25 वर्ष 2. PPT – premium paying term 10 वर्ष 15 वर्ष 16 वर्ष 3. प्लान खरीदने की न्यूनतम उम्र 8 वर्ष 8 वर्ष 8 वर्ष 4. प्लान खरीदने की अधिकतम उम्र 59 वर्ष 54 वर्ष 50 वर्ष 5. न्यूनतम सम-अस्योर्ड अमाउंट 2 लाख रूपए 2 लाख रूपए 2 लाख रूपए 6. अधिकतम सम-अस्योर्ड अमाउंट कोई सीमा नहीं कोई सीमा नहीं कोई सीमा नहीं   LIC jeevan labh policy 936 की विशेषताए यह प्लान भारत के सभी नागरिको के लिए उपलब्ध है | जीवन लाभ प्लान LIC- भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा चलाया जाता है | यह एक प्रकार का Endowment Life Insurance Plans है | LIC जीवन लाभ खरीदने की न्यूनतम उम्र 8 वर्ष है और अधिकतम उम्र 59 वर्ष निर्धारित किया गया है | जीवन लाभ प्लान को लेने की न्यूनतम सम-अस्योर्ड अमाउंट 2 लाख रू. है और अधिकतम सम-अस्योर्ड अमाउंट की कोई सीमा नहीं है यह आपकी इनकम पर निर्भर करता है | LIC जीवन लाभ प्लान को खरीदने के लिए तीन पॉलिसी पीरियड मौजूद है 16 वर्ष, 21 वर्ष और 25 वर्ष जिसमे से तीनो पॉलिसी पीरियड के प्रीमियम के भुगतान पर छूट प्रदान की गई है इसमें क्रमशः 10 वर्ष, 15 वर्ष और 16 वर्ष तक ही प्रीमियम का भुगतान करना है | जीवन लाभ पॉलिसी में प्रीमियम पेमेंट ऑप्शन के चार विकल्प मौजूद है मासिक, तिमाही, छमाही और वार्षिक जिसमे से बीमाधारक अपने सुविधा के अनुसार PPT का चुनाव कर सकता है | जीवन लाभ प्लान नॉन-लिंक्ड प्लान, लिमिटेड प्रीमियम पेमेंट प्लान और With Profit plan है | इस प्लान को खरीदने से टैक्स पर छूट प्रदान की जाती है | LIC जीवन लाभ प्लान के राईडर प्लान – LIC जीवन लाभ को खरीदने के अपने फायदे है इन प्लानो की विशेषता यह है की इसमें लिखित सभी प्रकार की कवरेज बीमाधारक को बीमा लेने के दिन से ही शुरू हो जाती है जो पॉलिसी के अंतिम समय तक मान्य होती है लेकिन प्लान की कवरेज बीमाधारक को एक सीमा तक ही लाभ पहुचा सकती है | यदि बीमाधारक को किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त कवरेज की जरुरत है तो इस प्लान में बीमाधारक राईडर की मदद लेकर अपनी कवरेज को अनिश्चित कर सकता है | प्रत्येक राईडर के अपने-अपने खाश बेनिफिटस है जिसे बीमाधारक ले सकते है लेकिन इन राईडर प्लान को लेने के लिए बीमाधारक को कुछ अतिरिक्त प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है | न्यू क्रिटिकल इलनेस बेनिफिट राइडर | प्रीमियम वेवर बेनिफिट राइडर  एक्सीडेंटल डेथ एंड डिसेबिलिटी बेनिफिट राइडर | एक्सीडेंट बेनिफिट राइडर | न्यू टर्म अस्सुरंस राइडर | LIC jeevan labh policy 936 को खरीदने के लिए आवश्यक दस्तावेज – LIC jeevan labh policy को खरीदने से पहले इससे जुड़े आवश्यक दस्तावेजो के बारे में जानना बहुत जरुरी है जिससे बीमा प्लान को खरीदते समय बीमाधारक को किसी भी प्रकार की समस्याओ का सामना न करना पड़े | आज हम इसके दस्तावेज के बारे में LIC jeevan labh policy in hindi में जानेगे | पहचान प्रमाण पत्र – आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाईसेंस, पासपोर्ट, यूटिलिटी बिल | निवास प्रमाण पत्र | पासपोर्ट साइज़ फोटो | रजिस्टर मोबाइल नंबर | आय प्रमाण पत्र – सैलरी स्लिप, बैंक अकाउंट स्टेटमेंट मेडिकल हिस्ट्री फॉर्म | जीवन लाभ का फॉर्म | जीवन लाभ पॉलिसी को खरीदने के तरीके – LIC की जीवन लाभ पॉलिसी उन सभी लोगो के लिए है जो भारत में निवास करते है और जिन्हें भारत की नागरिकता प्राप्त है | जीवन लाभ पॉलिसी को खरीदना बहुत आसान है लेकिन यदि इसके बारे में सही जानकारी न हो तो ग्राहक को कुछ परेशानियों का सामना करना पद सकता है तो आज हम LIC jeevan labh policy in hindi में इस प्लान को खरीदने के बारे संक्षेप में जानेगे | LIC जीवन लाभ पॉलिसी को मुख्यतः दो तरीको से ख़रीदा जाता है | ऑनलाइन / Online ऑफलाइन / Offline (1) ऑनलाइन / Online – जीवन लाभ प्लान खरीदने के लिए सबसे पहले ग्राहक को LIC के अधिकारिक वेबसाइट www.licindia.in पर जाना होगा | इसके बाद होम पेज पर आपको products का ऑप्शन मिलेगा जिसको क्लिक करने के बाद insurance plan का ऑप्शन मिलेगा जिस पर क्लिक करना होगा | इसके बाद आपको Endowment Plan में क्रमांक नंबर 7 पर जीवन लाभ प्लान नं. 936 मिलेगा जिस पर क्लिक करने के बाद आपके लिए फॉर्म खुल जायेगा | इस फॉर्म को सावधानी पूर्वक पूछे गए सभी जरुरी इन्फोर्मेशन और डॉक्यूमेंटस को भरना और सम्मिट करना पड़ेगा | इसके बाद आपको पेमेंट करने के बाद एक पॉलिसी बोंड की प्राप्ति होगी जिसे संभाल कर रखना पड़ेगा | (2) ऑफलाइन / Offline – जीवन लाभ प्लान को ऑफलाइन खरीदने के लिए सबसे पहले ग्राहक को अपने पास के नजदीकी LIC की Branch Office में जाना होगा | इसके बाद आपको वहा के किसी LIC Agent की मदद से LIC Jeevan labh Form को भरना होगा | सभी जरुरी जानकारिया और दस्तावेज के साथ फॉर्म को summit करना होगा | इसके कुछ दिनों के भीतर बीमाधारक को पॉलिसी बोंड की प्राप्ति हो जाती है | धन्यवाद दोस्तों, आज हमने जाना की क्या होता है LIC jeevan labh policy in hindi में, इस प्लान को खरीदने के क्या-क्या फायदे है, इस प्लान को खरीदने की क्या नियम और शर्ते है, इस जीवन लाभ प्लान को कैसे ख़रीदा जा सकता है आदि | यदि आपको मेरा यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो हमें कॉमेंट करके जरुर बताए और मुझसे किसी भी प्रकार सवाल पूछने के लिए CONTACT FORM के माध्यम या कमेंट करके पूछ सकते है हम यथा शीघ्र आपके सवाल का जवाब देगे, धन्यवाद |
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[email protected] 29 Oct 2022 1146 Views

15 Critical Illness Rider Disease List

1.Cancer of specified severity 2.Open chest CABG (Except Angioplasty) 3.Myocardial Infraction (First Heart Attack of specific Severity) 4.Kidney Failure with Regular dialysis 5.Major Organ/Bone Marrow Transplant (Example Heart,lung, liver,,Kidney, Pancreas) 6.Storke resulting in permanent symptom. 7.Permanent paralysis of Limb (Present for more than 30 Months) 8.Multiple sclerosis with permanent s... Read More
1.Cancer of specified severity 2.Open chest CABG (Except Angioplasty) 3.Myocardial Infraction (First Heart Attack of specific Severity) 4.Kidney Failure with Regular dialysis 5.Major Organ/Bone Marrow Transplant (Example Heart,lung, liver,,Kidney, Pancreas) 6.Storke resulting in permanent symptom. 7.Permanent paralysis of Limb (Present for more than 30 Months) 8.Multiple sclerosis with permanent symptom 9.Aortic Surgery. 10.Primary (Idiopathic) Pulmonary Hypertension 11.Alzheimer's Disease/Dementia 12.Blindness (Both Eyes) 13.Third Degree burns 14.Open Heart Repalcement or repairs of Heart value 15.Benign Brain Tumor   Other Condition -Waiting Period- 90 days from DOC or Revival date , waiting period not applicable for accidents. -Survival Period- 30days from date of diagnosism ,if death occurs in the these 30 days CIR will not be paid.   इन प्लान में Critical Illness Rider ले सकते हैं 1. Plan 914  2   .Plan 915  3.   Plan 920 & 921  4.   Plan 936   Note CIR Rider का लाभ पूरी पालिसी अबधि में केबल एक बार ले सकते हैं
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[email protected] 14 Oct 2022 1493 Views

बिमा करने के लिए बेसिक बातें एवं जरुरी कागजात

ग्राहक का बिमा कराने के लिए अभिकर्ता द्वारा ग्राहक का कलर फोटो , आयु प्रमाण पत्र एवं फोटो युक्त  ID प्रूफ तथा प्रीमियम (क़िस्त ) लेनी होती है, क़िस्त सलाना, छमाही , तिमाही , या मासिक ले जाती है तीसरे महीने (खाते से) हो सकता है, मासिक क़िस्त में बिमा करते समय शुरुवात में  दो महीने की क़िस्त नकद ली जाती है तीसरे महीने से खाते से कटती है।  आयु प्रमाण पत्र एवं ID Proof का विवरण निचे दी गया गया है  आयु प्र... Read More
ग्राहक का बिमा कराने के लिए अभिकर्ता द्वारा ग्राहक का कलर फोटो , आयु प्रमाण पत्र एवं फोटो युक्त  ID प्रूफ तथा प्रीमियम (क़िस्त ) लेनी होती है, क़िस्त सलाना, छमाही , तिमाही , या मासिक ले जाती है तीसरे महीने (खाते से) हो सकता है, मासिक क़िस्त में बिमा करते समय शुरुवात में  दो महीने की क़िस्त नकद ली जाती है तीसरे महीने से खाते से कटती है।  आयु प्रमाण पत्र एवं ID Proof का विवरण निचे दी गया गया है  आयु प्रमाण पत्र ('Age Proof) 1. स्कूल का कोई भी प्रमाण पत्र जैसे -मार्कशीट ,सनद ,टी सी, चरत्रि पत्र, रिजल्ट कार्ड किसी भी कक्षा का इत्यादि / 2. सरकारी कर्मचारी का आई कार्ड (उस पर जनम तिथि अंकित होनी चाहिए 3. पासपोर्ट 4.पैन कार्ड 5. ड्राइविंग लाइसेंस 6.आधार कार्ड (Full Date of Birth)   फोटो युक्त ID Proof के उदहारण   1. वोटर कार्ड 2.आधार कार्ड 3. ड्राइविंग लाइसेंस 4.मूल निवास प्रमाण पत्र 5. पासपॉर्ट 6.बैंक पास बुक (With Photo & Stamp & With Latest Entry) 7.सरकारी आई कार्ड (अगर उसमे घर का पता हैं तो)  8. पैन कार्ड तथा राशन कार्ड (अगर दोनों एक साथ दिए हैं तो अलग-अलग मान्य नहीं होंगे )   Special Note: अगर ग्राहक की पुरानी एल आई सी की कोई भी पालिसी है तो उसका विवरण निचे बीमे में अबश्य दें अन्यथा मर्त्यु दावें के समय दिक्कत होगी Special Note: Nominee की ID Proof भी आबश्यक हैं (उपरोक्त में से कोई एक अभिकर्ता अगर संभब हो सके ग्राहक का  Covid Vaccine Certificate भी ले सकते हैं  बच्चे के बीमे  में आयु प्रमाण पात्र 1. 1 दिन  से 4 महीने 29 दिन तक के बच्चे के लिए जनम प्रमाण पत्र के रूप में मान्य होगा (जनम प्रमाण पत्र नगर पालिका या ग्राम      पंचायत सेक्येटरी द्वारा ही जारी होना चाइये, हॉस्पिटल का जनम प्रमाण पात्र मान्य नहीं होगा )   2. 5 से 17 बर्ष 11 महीने 29 दिन तक के बच्चे के लिए स्कूल का कोई कार्ड भी प्रमाण पात्र जैसे Result Card,स्कूल पहचान पत्र (ID Card) स्कूल पेड पर लिखा गया जन्मतिथि का बिबरन (जिस पर प्रधानाचार्य की मोहर ब हस्ताक्षर अनिवार्य है इत्यादि/   नोट- बच्चो का बीमा करने में बच्चो के आयु प्रमाण पत्र के साथ पिता का भी आयु प्रमाण पत्र लगाना अनिवार्य है जो भी उपलब्ध हो तथा फोटो युक्त ईद प्रूफ भी पिता की ही लगेगी क्यूंकि बच्चे की ईद प्रूफ मान्य नहीं है फोटो दोनों के लगेंगे (बच्चे तथा पिता दोनों के) जैसे a. फार्म संख्या 300- यह 18 वर्ष की आयु से ऊपर बाले सभी ग्राहकों के लिए भरा जायेगा b.  फार्म संख्या 360- यह 1 दिन के बच्चे से 17 वर्ष 11 महीने 29 दिन तक की आयु बाले बच्चे के बीच में प्रयोग होगा                                                    
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[email protected] 14 Oct 2022 1349 Views

इंश्योरेंस कंपनियों के खिलाफ करना चाहते हैं शिकायत तो यह है तरीका

 बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) ने पॉलिसीधरकों के लिए इंश्योरेंस कंपनियों के खिलाफ शिकायत करने के लिए एक सुविधा दी हुई है। इसके तहत पॉलिसीधारक किसी भी बीमा कंपनी के खिलाफ इरडा के पास अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।   जानिए कैसे दर्ज करा सकते हैं अपनी शिकायत: बीमा कंपनी में शिकायत आपको सबसे पहले उस बीमा कंपनी के शिकायत निवारण अधिकारी (GRO) से संपर्क करना चाहिए. आप उनसे लिखित शिकायत देकर अपनी... Read More
 बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) ने पॉलिसीधरकों के लिए इंश्योरेंस कंपनियों के खिलाफ शिकायत करने के लिए एक सुविधा दी हुई है। इसके तहत पॉलिसीधारक किसी भी बीमा कंपनी के खिलाफ इरडा के पास अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।   जानिए कैसे दर्ज करा सकते हैं अपनी शिकायत: बीमा कंपनी में शिकायत आपको सबसे पहले उस बीमा कंपनी के शिकायत निवारण अधिकारी (GRO) से संपर्क करना चाहिए. आप उनसे लिखित शिकायत देकर अपनी समस्या व्यक्त कर सकते हैं. वह अधिकारी एक निश्चित समय-सीमा में आपकी शिकायत दूर करने की कोशिश करेगा. अगर आपको वहां से 15 दिन में कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता तो आप सीधे इरडा से संपर्क कर सकते हैं. इन चार तरीकों से कर सकते हैं इरडा को शिकायत-   शिकायत के लिए इरडा के कंज्यूमर रिड्रैसल डिपार्टमेंट के ग्रीव्येंस रिड्रैसल सेल के टोल फ्री नंबर 155255 या 1800 4254 732 पर कॉल कर सकते हैं। मेल पर शिकायत करने के लिए जरूरी दस्तावेजों के साथ [email protected] पर मेल कर सकते हैं। इरडा के ऑनलाइन पोर्टल इंटिग्रेटिड ग्रीव्येंस मैनेजमेंट के माध्यम से भी शिकायत दर्ज की जा सकती है। इसके लिए अपनी शिकायत को igms.irda.gov.in पर दर्ज कर मॉनिटर कर सकते हैं।   इरडा को शिकायत लिखकर भी भेज सकते हैं- इसके लिए कंप्लेंट रजिस्ट्रेशन फॉर्म को डाउनलोड कर प्रिंट निकाल लें। इसके बाद इस फॉर्म के साथ जरूरी दस्तावेज लगाकर पोस्ट या कोरियर कर सकते हैं।   इस लेटर को नीचे दिये गए पते पर भेज सकते हैं- जनरल मैनेजर   बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) कंज्यूमर अफेयर डिपार्टमेंट- ग्रेव्येंस रिड्रैसल सेल *अगर आप चाहें तो शिकायत डाक से इरडा को भेज सकते हैं. पता है :  Sy.No.115/1, फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट, नानकरामगुडा, गच्छीबाउली, हैदराबाद-500032   प्रोसेसिंग- ऊपर बताए गये किसी भी माध्यम से की गई शिकायत को इंश्योरेंस कंपनी को फॉर्वड कर दिया जाता है। ताकि कंपनी निर्धारित समय में कंज्यूमर को जवाब दे। अगर आप कंपनी की ओर से मिले जवाब से संतुष्ट नहीं है तो आपकी शिकायत को लोकपाल के पास भेज दिया जाता है।   किन बातों का रखें ध्यान- अपनी शिकायत की लिखित में रसीद प्राप्त कर लें। या फिर शिकायत का रेफरेंस नंबर संभाल कर रखें ताकि भविष्य में जररूत पड़ने पर काम आ सके। इंटिग्रेटिड ग्रेव्येंस मैनेजमेंट (आईजीएमएस) के माध्यम से शिकायत दर्ज करने से शिकायत के निपटारे तक इसे ट्रैक किया जा सकता है। अगर यहां शिकायत करने के बाद कुछ नहीं होता है तो आप बीमा लोकपास के पास इसकी शिकायत कर सकते हैं. क्या है बीमा लोकपाल बीमा लोकपाल बीमाधारक और बीमा कंपनी के बीच कोर्डिनेशन करता है और कागजों के आधार पर क्लेम का एक अमाउंट तय भी कर सकता है. अगर बीमाधारक क्लेम की राशि से सहमत है तो आदेश पास कर दिया जाता है और कंपनी को 15 दिनों में उसका पालन करना होता है. फिर लोकपाल फैसला सुनाता है, जिसे बीमा कंपनी को मानना ही होता है. इसके अलावा आप कंज्‍यूमर कमीशन में कंपनी के खिलाफ अपनी अपील डाल सकते हैं. इसके लिए ऑनलाइन भी शिकायत करने की सुविधा है. हालांकि, बाद में आपको कंज्यूमर कोर्ट में मौजूद होना होगा और फिर आपकी न्याय दिलवाने की पूरी कोशिश की जाएगी. हालांकि, इसमें क्लेम करने वाले लोगों को इंश्योरेंस कंपनी की सभी शर्तों को पूरा करना होता है, इसके बाद भी क्लेम रिजेक्ट होता है तो आपको जरूर न्याय मिलता है.
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[email protected] 18 Apr 2022 1380 Views

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