LIC पोलिसी पर लोन कैसे ले How to take loan against LIC policy

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हेल्लो दोस्तों जैसा की आप सब जानते है पैसा खुदा नहीं पर खुदा से कम भी नहीं है यह कहावत आज के समय पर बिल्कुल सही प्रतीत होती दिख रही हैं क्युकी यदि किसी व्यक्ति के पास भरपूर पैसे है तो वह अपनी सभी जरूरतों को पूरा कर सकता है लकिन पैसो के आभाव में इंसान कुछ भी कर पाने में असमर्थ होता है और आर्थिक तंगी का सामना करने लगता है | इस आर्थिक तंगी की स्थिति से बाहर निकलने के लिए व्यक्ति पर्सनल लोन का सहारा लेता है या रिश्तेदारो से पैसो की मांग करता है | जहां रिश्तेदार पैसे देने से कतराते है वही बैंको से पर्सनल लोन बहुत ज्यादा इन्ट्रेस्ट रेट पर और बहुत ही कम समय के लिए मिलता है |

यदि आप पैसो के लिए कोई सस्ता और आसान विकल्प ढूढ़ रहे है तो सबसे अच्छा विकल्प है lic पोलिसी पर लोन क्युकी आपको एक LIC पोलिसी पर अच्छा सा पर्सनल लोन मिल जाता है | यह लोन पर्सनल लोन की तुलना में काफी सस्ता होता है क्युकी इसमें लोन लेने के लिए लोन पर लगने वाले प्रोसेसिंग चार्जेस, व्याज दर, जरुरी दस्तावेजो की जरुरत थोडी कम पड़ती है | तो चलिए जानते है LIC पोलिसी पर लोन कैसे ले, पोलिसी पर लोन लेने के लाभ, LIC से बीमा लोन लेने के लिए जरुरी दस्तावेज आदि से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी के लिए आपको इस आर्टिकल को पूरा पढ़ना होगा |

LIC पोलिसी पर लोन के फायदे

LIC इन्सुरेंस पर लोन लेने के कई सारे फायदे है जिसे जानकर हम बहुत आसानी से इन्सुरेंस लोन ले सकते है तो चलिए जानते है |

  • LIC लोन के लिए किसी क्रेडिट स्कोर की जरुरत नहीं पड़ती है |
  • पर्सनल लोन की तुलना में LIC Policy Loan का व्याज दर बहुत ही कम होता है |
  • LIC लोन लेने के लिए तुरंत ही मंजूरी मिल जाती है |
  • इसके लिए कोई प्रोसेसिंग चार्जेस नहीं लगते है |
  • समय के साथ बाजार की पोलिसी वैल्यू भी नहीं बदलती है जबकि सोने ( Gold ) लोन लेने पर समय के साथ पोलिसी वैल्यू पर बदलाव आता रहता है |
  • LIC इन्सुरेंस लोन की राशि को आय में नहीं जोड़ा जाता है इसलिए आपको टैक्स में छूट मिलती है |

किन LIC पोलिसी पर लोन मिलता है

LIC के तरफ से कई प्रकार के इन्सुरेंस प्लान/पोलिसी लोंच की गई है लेकिन सभी पोलिसी पर बीमा लोन नहीं दिया जाता है | लोन लेने से पहले यह देखना जरुरी हैं की आपकी इन्सुरेंस पोलिसी बीमा लोन लेने की योग्यता रखती है या नहीं तो चलिए जानते है इसके बारे में |

LIC इन्सुरेंस पोलिसी : जिस पर लोन मिलता है

  • एंडोमेंट प्लान / Endowment Plans
  • मनी बैक प्लान / Money – Back Plans
  • होल लाइफ प्लान / Whole Life Plans
  • LIC personal Loan के लिए कुछ पोपुलर LIC पोलिसी -:

  • जीवन लाभ
  • जीवन रक्षक
  • जीवन प्रगति
  • जीवन लक्ष्य
  • न्यू एंडोमेंट प्लान
  • न्यू जीवन आनंद
  • सिंगल प्रीमियम एंडोमेंट प्लान
  • लिमिटेम प्रीमियम एंडोमेंट प्लान
  • LIC इन्सुरेंस पोलिसी : जिस पर लोन नहीं मिलता

  • टर्म लाइफ इन्सुरेंस प्लान / Term Life Insurance plans
  • ULIP – यूनिट लिंक्ड इन्सुरेंस प्लान / Unit Linked Insurance Plans
  • नोट -: इन टर्म लाइफ इन्सुरेंस पोलिसी पर बीमा लोन नहीं मिलता है क्युकी इस पोलिसी पर सरेंडर वैल्यू और नकद वैल्यू जमा नहीं की जाती है |

    LIC इन्सुरेंस पर्सनल लोन की योग्यता शर्त

    LIC से किसी भी प्रकार का Insurance Loan लेने से पहले सबसे पहले उसके नियम और शर्तो को जानना बहुत जरुरी है जिसके बिना आप कोई भी Bima Loan नहीं ले पाएगे |

    • आवेदन कर्ता के पास कम से कम एक वैध LIC बीमा पोलिसी का होना जरुरी है |
    • आवेदन कर्ता कम से कम तीन वर्षो तक लगातार LIC प्रीमियम का भुगतान किया हो |
    • आवेदक के पास LIC पोलिसी का सरेंडर वैल्यू होना अनिवार्य है |
    • आवेदन कर्ता की न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष होना अनिवार्य है |

    LIC बीमा लोन में मिलने वाली राशि

    बीमाधारक को पोलिसी पर लोन लेने के लिए किसी विशेष वेरिफिकेशन की प्रोसेस से नहीं गुजरना पड़ता है क्युकी बीमाधारक बीमा पोलिसी लेते समय सभी जरुरी डॉक्यूमेंटेशन करा लिया होता है |

    LIC इन्सुरेंस पोलिसी पर लोंन लेने के लिए बीमाधारक की बीमा पोलिसी का सरेंडर वैल्यू देखा जाता है और बीमा पोलिसी की सरेंडर वैल्यू का 80 से 90% राशि लोन के रूप में बीमाधारक को दे दी जाती है |

    सरेंडर वैल्यू :- प्रीमियम के रूप में भरा गया टोटल अमाउंट का मौजूदा मूल्य जब आप अपनी इक्छा से पोलिसी को समाप्त करना चाहते है अर्थात पोलिसी को सरेंडर करना चाहते है |

    उदाहरण/Example – मान लीजिये आप कोई 20 लाख की एक LIC पोलिसी लेते है और उस बीमा पोलिसी के बदले आप लोन लेना चाहते है यदि प्रीमियम के रूप में आप ने 10 लाख रूपए का भुगतान किये है तो उस समय आपकी सरेंडर वैल्यू 10 लाख रूपए की होगी और उसका आपको लोन के रूप में 8 लाख से लेकर 8.5 लाख तक मिलेगा |

    LIC Insurance policy : जरुरी दस्तावेज

    लोन लेने के लिए कुछ जरुरी दस्तावेजो का होना अति आवश्यक है यदि इनमे से किसी जरुरी डाक्यूमेंट्स में कमी है तो आपका पर्सनल लोन रिजेक्ट हो सकता है |

    • पहचान प्रमाण पत्र – आधार कार्ड, पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाईसेंस, यूटिलिटी बिल
    • पासपोर्ट साइज़ फोटो
    • आय प्रमाण पत्र – सैलरी स्लिप, बैंक अकाउंट स्टेटमेंट
    • निवास प्रमाण पत्र
    • लोन के लिए फॉर्म
    • पोलिसी बांड

    LIC पोलिसी पर लोन की कुछ जरुरी बातें

    • LIC पोलिसी पर लोन तभी मिलेगा जब आवेदक लगातार तीन वर्षो तक प्रीमियम का भुगतान किया हो |
    • LIC बीमा लोन केवल LIC बीमाधारक को ही मिलेगी |
    • LIC इन्सुरेंस लोन टर्म लाइफ व यूलिप प्लान पर नहीं मिलता है |
    • बीमा लोन सरेंडर वैल्यू का 80 से 90% तक ही मिलता है और पेड-अप पोलिसी पर 85% मिलता है |
    • पोलिसी लोन केवल 10% के इंटरेस्ट रेट पर मिलती है |
    • LIC बीमा लोन लेने पर बीमा पोलिसी के प्रीमियम पर कोई फर्क नहीं पड़ता है जितना आप प्रीमियम का भुगतान कर रहे थे उसमे आपके बीमा लोन के अमाउंट का ब्याज ( हर 6 महीने में ) जुड़ता चला जायेगा |
    • आप अपने पोलिसी लोन का अमाउंट अपने प्रीमियम के साथ चाहे तो एक साथ या थोडा – थोडा करके जमा कर सकते है |
    • यदि आप लोन का अमाउंट जमा नहीं करते है सिर्फ आप लोन का ब्याज जमा करते है और जब आपकी पोलिसी मेच्चेयोर हो जाएगी तो उसमे से लोन अमाउंट काट कर बकाया राशि आपको वापस कर दी जाएगी |
    • यदि आप न बीमा लोन का अमाउंट जमा करते है और न ही बीमा लोन पर लगने वाला ब्याज जमा करते है सिर्फ आप अपने प्रीमियम का भुगतान करते है तो आपका लोन अमाउंट और ब्याज दोनों आपके प्रिंसीपल में ऐड होते रहेगे और जब आपकी पोलिसी मेच्चेयोर हो जाएगी तो उस सम इन्सोर्ड अमाउंट में से बीमा लोन और ब्याज काट कर बकाया बची आपके राशि का भुगतान कर दिया जायेगा |
    • यदि आप न बीमा लोन का अमाउंट जमा करते है और न ही ब्याज और न ही प्रीमियम का भुगतान करते है तो इस स्थिति में जब आपका लोन अमाउंट और व्याज मिलाकर सरेंडर वैल्यू के बराबर हो जायेगा वैसे ही आपकी पोलिसी फॉर क्लोज हो जाएगी |
    • फॉर-क्लोज के बाद 5 साल का समय मिलता है पोलिसी को री-इन्फोर्स करने का यदि आप पोलिसी रिकवर करना चाहते है तो आपको लोन अमाउंट + ब्याज + प्रीमियम का भुगतान करना होगा नहीं तो आपकी पोलिसी लेप्स हो जाएगी |
    • LIC बीमा लोन के लिए LIC बीमा पोलिसी को गिरवी रख लेती है यदि आपकी की इन्शुरन्स पोलिसी बीमा लोन चुकाने से पहले ही मेच्चेयोर हो जाती है तो LIC को इन्सुरेंस पोलिसी से लोन KI राशि कटाने का अधिकार मिल जाता है |

    LIC पोलिसी पर लोन लेने की प्रक्रिया/Procedure to take Loan Against LIC Policy

    LIC बीमा पोलिसी पर लोन लेने की दो तरीके है जिसकी मदद से आप लोन ले सकते है पहला – ऑफलाइन तरीका और दूसरा – ऑनलाइन तरीका है | यदि देखा जाए तो दोनों तरीको में से अभी सबसे आसान तरीका ऑफलाइन है जबकि ऑनलाइन तरीके से पोलिसी लोन लेना थोडा सा कठिन है क्युकी LIC द्वारा पोलिसी लोन लेने के लिए ऑनलाइन तरीका अभी से चालू किया गया है जिसका अभी तक प्रॉपर सेटअप नहीं हो पाया है |

    ऑफलाइन तरीके से LIC पोलिसी पर लोन लेना

    ऑफलाइन तरीके से LIC पोलिसी पर लोन लेने के लिए आपको कुछ जरुरी बातो और कुछ जरुरी दस्तावेजो को साथ ले जाना होगा जो की निम्न है |

    • LIC से बीमा लोन लेने के लिए आपको सबसे पहले होम ब्रांच पर जाना होगा |
    • बीमा लोन के लिए आधार कार्ड की फोटो कॉपी ले जाना होगा |
    • बैंक पासबुक की फोटो कॉपी और ओर्जिनल बैंक पासबुक जो क्लास 1 ऑफिसर से वेरीफाई की जाएगी |
    • ओर्जिनल LIC पोलिसी बांड जो की लोन लेते समय LIC ब्रांच में जमा हो जाएगी |
    • ब्रांच से एक लोन फॉर्म लेकर भरना पड़ेगा जिसमे ब्याज से संबंधित सभी जानकारिया होती है उसमे पोलिसी नंबर और एड्रेस भरकर और हस्ताक्षर करके सभी ओर्जिनल डाक्यूमेंट्स के साथ जमा करना पड़ता है |
    • लोन फॉर्म में विटनेस के रूप में किसी LIC एजेंट का हस्ताक्षर जरुरी होता है |
    • लोन फॉर्म के साथ सभी जरुरी डाक्यूमेंट्स सम्मिट करने के बाद आपको 3 से 7 दिनों के भीतर LIC बीमा लोन का पैसा आवेदक के खाते में जमा कर दिए जाते है |

    ऑनलाइन तरीके से LIC पोलिसी लोन लेने की प्रक्रिया

    LIC पोलिसी पर लोन लेने के लिए ऑनलाइन तरीका थोडा सा जटिल है | इसके लिए आवेदक का NEFT होना जरुरी है और ऑनलाइन पोलिसी लोन के लिए आपको अपने LIC होम ब्रांच में जाना जरुरी नहीं है इसके लिए आप किसी भी अपने नजदीकी ब्रांच में जा सकते है तो चलिए जानते है इसके बारे में |

    • LIC पोलिसी पर लोन लेने के लिए सबसे पहले आपको Lic india की ओफिसिअल वेबसाइट पर जाना होगा और LIC ई-सेवाओं के लिए रजिस्ट्रेसन करना होगा इसके लिए आपको अपना मोबाइल नंबर या ईमेल और पासवर्ड डाल कर साईनअप करना होगा |
    • इसके बाद आपको LIC पोर्टल पर जाकर online Loan पर क्लिक करना होगा |
    • इसके बाद ऑनलाइन लोन रिक्वेस्ट के लिए आपको Through Customer Portal पर क्लिक करकें लॉग इन करना होगा |
    • लॉग इन करने के बाद आपको पोलिसी की सारी डिटेल दिखेगी वहा पर आपको इंडिविजुअल पोलिसी डिटेल्स पर क्लिक करना होगा इसके बाद आपको सर्विस रिक्वेस्ट पर आपको प्रीमियम सर्विस रजिस्ट्रेसन दिखेगा वहा क्लिक करने के बाद आपको एक फॉर्म मिलेगा जिसे आप डाउनलोड करके और उसको भर कर व हस्ताक्षर करके अपलोड करना होता है |
    • इसके बाद आपका सर्विस रिक्वेस्ट सुक्सेसफुल हो जायेगा और आपको एक सर्विस रिक्वेस्ट नंबर मिल जायेगा |
    • इसके बाद आपको नियरेस्ट LIC ब्रांच में जाकर लोन फॉर्म को भरना होगा और साथ में 2 पासपोर्ट साइज़ फोटो, आधार कार्ड की फोटो कॉपी अटेस्टेड, पैन कार्ड की फोटो कॉपी अटेस्टेड, NEFT और ओर्जिनल पोलिसी बांड सम्मिट करना होगा |
    • लोन फॉर्म को भरकर सम्मिट करने के बाद आपको 3 से 7 दिनों में LIC बीमा लोन की राशि आपके खाते में ट्रासफर कर दी जाएगी |

    नोट – बीमा लोन के लिए लोन फॉर्म पर एक रूपए के स्टाम्प लगाकर उसके ऊपर हस्ताक्षर करना जरुरी है | लोन फार्म आप lic इंडिया की अधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भी डाउनलोड करके भर सकते है |

    LIC Insurance Policy लोन की नियम – शर्ते

    भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा दी जाने वाली बीमा पोलिसी पर लोन के कुछ नियम और शर्ते भी है जिसको जानना बहुत जरुरी है |

    • LIC पोलिसी लोन केवल LIC बीमाधारक को ही प्रदान की जा सकती है |
    • LIC बीमा पर लोन का ब्याज हर 6 महीने की अन्तराल में लगता है |
    • यदि आवेदक बीमा लोन की राशि को कुछ समय बाद ही चुकाना चाहता है तो भी आवेदक को पुरे 6 महीने का ब्याज देना पड़ेगा |
    • यदि LIC बीमाधारक के लोन की अवधी में ही पोलिसी मेच्चेयोर हो जाती है तो मेच्चेयोरटी राशि का उपयोग लोन की मूलराशि को चुकाने में किया जा सकता है |
    • यदि कोई बीमाधारक LIC से पोलिसी लोन लिया हुआ है और उसकी मृत्यु हो जाती है तो व्याज का भुगतान मृत्यु की तारीख तक ही करना होता है |

    LIC Policy loan को चुकाने का तरीका

    lic के जीवन बीमा पोलिसी से लोन लेने का सबसे बड़ा फायदा यह है की उस बीमा लोन को चुकाने का पूरा समय मिलता है | आप चाहे तो उस पोलिसी की मेच्चेयोरटी अवधी तक लोन को चुका सकते है इस पर कोई तय समय सीमा नहीं है |

    • आप चाहे तो LIC पोलिसी के लोन का ब्याज नियमित रूप से प्रीमियम के साथ ही चुका सकते है |
    • LIC बीमा लोन का ब्याज आप चाहे तो कुछ वर्षो तक भुगतान करे इसके बाद जब आपके पास एक्स्ट्रा पैसे हो जाए तो आप लोन की मूलराशि चुका सकते है |
    • आप चाहे तो पोलिसी लोन के ब्याज का बस भुगतान करे और जब आपकी पोलिसी मेच्चेयोर हो जाए तब आप बीमा पोलिसी की मेच्चेयोरटी अमाउंट से लोन की मूलराशि कटा सकते है लेकिन इस पद्धति से आपको समय तो बहुत मिल जायेगा लेकिन अंततः आपको LIC पोलिसी के सम-इस्योर्ड अमाउंट का जादा फायदा नहीं मिल पायेगा |

    LIC इन्सुरेंस पोलिसी पर लोन की सीमाए

    भारतीय जीवन बीमा निगम के द्वारा जारी की गयी इन्सुरेंस पोलिसी पर बीमा लोन की कुछ सीमाए भी है जिसके अंदर रहकर ही LIC बीमा पर लोन प्रदान कर सकता है | आपको इससे संबंधित समस्त सीमाए जानना बहुत जरुरी है नहीं तो आपको पोलिसी के लोन पर कुछ बाधाए अ सकती है |

    • LIC पोलिसी पर लोन सरेंडर वैल्यू का 90% तक अधिकतम मिल सकता है |
    • LIC बीमा लोन के लिए लाइफ इन्सुरेंस की खरीद के तारीख से 3 वर्ष तक इंतजार करना पड़ता है |
    • यदि आपकी LIC बीमा पोलिसी फॉर-क्लोज हो गयी है तो बीमा लोन का भुगतान सरेंडर वैल्यू के अमाउंट से किया जायेगा |
    • पेड-अप पोलिसी पर लोन की राशि सरेंडर वैल्यू 85% तक हो सकती है |
    • LIC की सभी इन्सुरेंस पोलिसी पर बीमा लोन नहीं मिलता है |

    LIC बीमा लोन की राशि का भुगतान कैसे करे

    LIC पोलिसी पर लोन लेने के बाद आपको लोन की EMI ऑनलाइन चुकाने के लिए LIC India की अधिकारिक वेबसाइट पर आ कर ई-सेवा पोर्टल पर लॉग इन करना होगा इसके बाद Loan Details सेलेक्ट करना होगा |

    इसके बाद आप लोन की अन्य जानकारी देख सकते है जैसे की लोन भुगतान की तारीख, बचा हुआ लोन अमाउंट आदि | अब आप भारत के किसी भी बैंक को सेलेक्ट करके अपनी लोन राशि का भुगतान कर सकते है इसके लिए आप डेबिट कार्ड/ क्रेडिट कार्ड या इंटरनेट बैंकिंग का इस्तमाल कर सकते है |

    धन्यवाद मित्रो, हमने इस आर्टिकल में LIC इन्सुरेंस पोलिसी पर लोन कैसे मिलेगा, LIC पोलिसी से लोन लेने के फायदे क्या है, पोलिसी लोन पर लोन कितना मिलता और ब्याज दर कितनी होती है, LIC पोलिसी पर लोन लेने का ऑफलाइन और ऑनलाइन प्रक्रिया क्या है और इससे जुडी हुई समस्त जानकारिया कवर किए है | इस आर्टिकल में दी गई समस्त जानकारी LIC इन्सुरेंस एडवाईजर द्वारा दी गई है जो मौजूदा नियम – शर्तो पर आधारित है जिसमे किसी भी प्रकार की त्रुटी होने की संभावना काफी कम है फिर भी यदि जानकारी में कोई त्रुटी रह जाती है तो आप हमें कमेन्ट करके जरुर बताईएगा | हमसे कोई भी सवाल पूछने के लिए आप Contact Form के माध्यम से पूछ सकते है और हमसे जुड़ने के लिए हमारे Bimamoney.com को सब्सक्राइब भी कर सकते है |

    पोलिसी बांड क्या है ?

    यह एक प्रकार इन्सुरेंस कंपनी द्वारा जारी क़ानूनी दस्तावेज होता है जिस पर बीमाधारक ( पोलिसी होल्डर ) LIC से लोन लेने के लिए हस्ताक्षर करता है |

    सरेंडर वैल्यू क्या है ?

    प्रीमियम के रूप में भरा गया टोटल अमाउंट का मौजूदा मूल्य जब आप अपनी इक्छा से पोलिसी को समाप्त करना चाहते है अर्थात पोलिसी को सरेंडर करना चाहते है |

    FAQ

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    मै हु आप का  वित्तीय सलाहकार (फाइनैंशल एडवाइजर) आपको वित्तीय जोखिम को खत्म करने और लंबी अवधि में वित्तीय लाभ के लिए रणनीति बनाने में मदद करता हु। मै आपको बेहतर प्लान दे सकता हु  जो आपको आपके वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सही रास्ते  पर रख सकता हु।

    वित्तीय सलाहकार (फाइनैंशल एडवाइजर)  विविध पृष्ठभूमि से आते हैं और सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करते हैं। इस वजह से, वे भ्रमित करने वाले शब्दजाल को समझाने और म्यूचुअल फंड चुनने में आपकी मदद करने के अलावा और भी बहुत कुछ कर सकते हैं।

    सीधे शब्दों में कहें तो वित्तीय सलाहकार आपको हर तरह की वित्तीय योजना (फाइनैंशल प्लानिंग) बनाने में मदद करते हैं। वह आपके आज को संवारने के साथ साथ रिटायरमेंट तक की प्लानिंग में आपकी मदद कर सकते हैं।

    फाइनेंशियल एडवाइजर निम्न प्रकार के होते हैंः

    • निवेश पेशेवर (Investment Professional)
    • कर पेशेवर (Tax Professional )
    • धन प्रबंधक (Wealth Manager)
    • वित्तीय योजनाकार (Financial Planner)

     

    एक वित्तीय सलाहकार क्या करता है?

    प्रत्येक प्रकार के वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) अलग-अलग वित्तीय लक्ष्यों तक पहुँचने में आपकी मदद करने के लिए विशिष्ट रूप से योग्य होते हैं।

    वित्तीय सलाहकार आपकी अभी की कंडिशन के साथ के आपकी भविष्य की योजनाओं का सही से विश्लेषण करता है। इसके बाद आपकी क्षमता के अनुसार बिना आपको सही निर्णय लेने में मदद करता है। हालांकि फाइनेंशियल एडवाजर की बातों पर आप हमेशा आंख बद करके विश्वास नहीं कर सकते हैं। इसके लिए आपको जरूरी है कि आप उससे सलाह लें और अन्य रिसर्च करके सही निर्णय लें। वित्तीय सलाहकार आपको निम्न बातों की जानकारी दे सकते हैं:

    सेवानिवृत्ति योजना (Retirement Planning)

    आप रिटायरेंट (Retirement) के बाद अपनी जिंदगी को कैसे देखते हैं? क्या आप दुनिया घूमना चाहते हैं? क्या आप अपना खुद का व्यवसाय खोलने के बारें में सोचते हैं? क्या आप अपनी एनजीओ खोल कर लोगों की मदद करना चाहता हैं? कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपका सपना क्या है, आपको दो या तीन दशकों या उससे अधिक तक ले जाने के लिए स्थिर आय स्त्रोतों की आवश्यकता है।

    एक इनवेस्टमेंट प्रोफेशनल (Investment Professional) की तरह एक वित्तीय सलाहकार आपको न केवल धन बनाने में मदद कर सकता है, बल्कि लंबी अवधि के लिए पैसा कैसे बचा कर रखें यह भी सिखाते हैं। वे आपकी अनुमानित वित्तीय जरूरतों का अनुमान लगा सकते हैं और आपकी रिटायमेंट सेविंग को बढ़ाने के तरीकों की प्लानिंग बना सकते हैं। वह आपको सलाह दे सकते हैं कि आपको वर्तमान में कैसी जगह पैसा लगाएं ताकि आने वाले समय में वह पैसा बढ़े और सुरक्षित भी रहे।

    रिटायरमेंट की प्लानिंग लंबी होती है इसलिए ऐसे निवेशों में लंबा समय मिलता है जहां आप रिस्क कम ही रखना चाहें जैसे लंबी अवधि के म्यूच्यूअल फंड्स, एलआईसी, नेशनल बॉंड्स आदि।

    निवेश (Investment)

    कुछ वित्तीय सलाहकार निवेश पेशेवर यानि इनवेस्टमेंट प्रोफेशनल भी होते हैं। स्मार्टवेस्टर पेशेवरों की तरह, वे आपको यह पता लगाने में मदद कर सकते हैं कि आपके लिए कौन से म्यूचुअल फंड या स्टॉक्स या आईपीओ सही हैं और आपको यह दिखा सकते हैं कि अपने निवेश का प्रबंधन और अधिकतम लाभ कैसे उठाएं? वे आपको जोखिमों को समझने में भी मदद कर सकते हैं? एक सफल इनवेस्टमेंट प्रोफेशनल रिस्क के साथ ही बेनेफिट को दिखाता है लेकिन वह जोखिम को भी आपके समक्ष रखता है ताकि आपसे कोई गलती ना हो।

    इनवेस्टमेंट प्रोफेशनल आपको आर्थिक जगत की उथल-पुथल से बचाने में मदद करते हैं। वह जानकारी रखते हैं कि कब कौन सा बाजार ऊपर जाएगा कब कौन सा नीचे।

    कर योजना (Tax Planning)

    हर साल टैक्स को लेकर अगर आप  भी परेशान रहते हैं तो आपको मदद लेनी चाहिए टैक्स प्लानर्स की। टैक्स एक ऐसी चीज है जो हर कुछ सालों में बदलती रहती हैं और इसे समझने में काफी मशक्त करनी पड़ती है। टैक्स प्लानिंग करने वाले शख्स आपको बताते हैं कि आपको कितना टैक्स भरना है और आप इस टैक्स को कैसे बचा सकते हैं? वह आपके टैक्स को भी आपकी सेविंग बनाने में निपुण होते हैं।

    लेकिन ध्यान रखें, आपको कभी भी केवल करों के आधार पर निवेश के निर्णय नहीं लेने चाहिए। कई बार टैक्स सेविंग के चक्कर में हम ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिसका आर्थिक लाभ हमें नहीं मिलता।

    संपत्ति विश्लेषक (Estate Planning)

    जीवन के अंत की योजना के बारे में बात करना सर्वथा निराशाजनक लग सकता है, लेकिन ऐसा होना जरूरी नहीं है। चाहे आपने अपना पहला घर खरीदा हो या 30 वर्षों से अपना खुद का व्यवसाय चला रहे हों, आपको यह चुनना होगा कि उन संपत्तियों का क्या करना है जिनके लिए आपने इतनी मेहनत की है।

    कल के लिए टालने के लिए यह सामान बहुत महत्वपूर्ण है! अधिकांश लोगों के लिए, एक वसीयत बनाना और जीवन बीमा प्राप्त करना पर्याप्त है- और आप हमेशा समायोजित और अनुकूलित कर सकते हैं क्योंकि आपके जीवन की परिस्थितियां (Circumstances  ) बदलती हैं।

    लेकिन अगर आपकी स्थिति अधिक जटिल (Complex ) है, तो वित्तीय सलाहकार (विशेष रूप से एक धन प्रबंधक यदि आप लाखों रूपए की संपत्ति का प्रबंधन कर रहे हैं) या संपत्ति नियोजन अनुभव वाले वकील के साथ काम करना जरूरी है। वे आपको यह सुनिश्चित करने के लिए एक योजना बनाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दे सकते हैं कि आपकी इच्छाओं को पूरा किया जाए। आप उसके साथ आने वाली मन की शांति पर मूल्य टैग नहीं लगा सकते हैं!

    स्वास्थ्य और दीर्घकालिक देखभाल योजना (Health and Long Term Care Planning)

    एक उम्र के बाद हमारा स्वास्थ्य ही एक ऐसा धन होता है जो बढ़ने की अपेक्षा कम हो सकता है। इसलिए हेल्थ प्लानिंग और आने वाले समय में बीमारियों पर होने वाले खर्च के लिए धन अर्जित करना एक चुनौती होती है। इस चुनौती के लिए हेल्थ या लॉन्ग टर्म केयर प्लानर आपकी मदद करते हैं।

    बुढ़ापे में आप अपने खर्चों की तैयारी के लिए आप क्या कर सकते हैं? एक वित्तीय सलाहकार या बीमा एजेंट (insurance agent ) दीर्घकालिक देखभाल बीमा के लिए आपको सुझाव दे सकता है। फिर आप एक ऐसी योजना चुन सकते हैं जो अभी और भविष्य में सस्ती हो, जब आपको इसकी सबसे अधिक आवश्यकता होगी।

    फाइनेंसियल एडवाइजर को चुनते हुए आपको निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिएः

    • उसका पोर्टफोलिया बेहतर और मजबूत हो।
    • उसे मार्केट की समझ हो।
    • विश्वसनीय हो और आपके पास उसकी पूरी जानकारी हो।
    • उसका रिकोर्ड बेहतर हो।
     




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