जीवन बीमा पोलिसी के प्रकार Jeevan Bima Policy ke Prakar
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हेल्लो दोस्तों स्वागत है आपका Bimamoney.com पर आज हम बात करेगे बीमा क्या हैं, बीमा के प्रकार, जीवन बीमा क्या हैं और जीवन बीमा पोलिसी के प्रकार के बारे में और बीमा से जुड़े हुए कुछ कठिन शब्दावली के बारे में |
हम सब लोग जानते है की हमारा जीवन कितना कीमती है और आज के समय में जीवन में कब क्या घटित हो जाये कोई नहीं जानता। सड़कों पर जिस तरह से रोज इतनी तेजी से गाड़ियाँ चल रही है जिससे हर दिन दुर्घटनाएँ बढ़ती ही जा रही है ऐसे में जीवन बीमा हर व्यक्ति के लिए जरुरी हो जाता है। दुर्घटना भरे इस जीवन में अपनी कीमती चीजों का बीमा करवाने से आपको बहुत सारे लाभ हो सकते है। यदि आपके परिवार वाले आप के इनकम पर आश्रित है और आप अपनी मृत्यु के बाद अपने परिवार की मदद करना चाहते है तो जीवन बीमा आपके लिए बहुत ही सुरक्षित तरीका है। तो आज इसी के बारे में हम बात करते है।
भविष्य को ध्यान में रख कर वर्तमान में किया गया जोखिम प्रबंधन का एक रूप है जो आकस्मिक अथवा अनिश्चित हानि से सुरक्षा प्रदान करता हैं|
यह बीमाकर्ता (बीमा कम्पनी) और बीमित व्यक्ति (बीमाधारक) के बीच किया गया एक एग्रीमेंट होता है जिसमे बीमित व्यक्ति को किसी प्रकार की दुर्घटना होने पर बीमाकर्ता द्वारा तय की गयी राशि या सेवा अदा की जाती हैं
यह एक ऐसी व्यवस्था है जिसमे बीमित व्यक्ति के जीवन का बीमा कर उसे मृत्यु के खिलाफ कवरेज प्रदान किया जाता हैं और बीमित व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर या पोलिसी मेचेओर हो जाने पर बीमाकर्ता (पोलिसी होल्डर) द्वारा उस व्यक्ति (बीमित व्यक्ति) को या उसके परिवार को एकमुस्त राशि का भुगतान किया जाता हैं |
भारत में जीवन बीमा पोलिसी के मुख्यतः कई प्रकार हैं जिसमे से आज हम कुछ महत्वपूर्ण जीवन बीमा पोलिसी के प्रकार के बारे में संक्षेप में चर्चा करेगे |
यह जीवन बीमा का सबसे शुद्ध रूप है जो बिना किसी प्रॉफिट एलिमेंट के साथ जीवन कवर प्रदान करता हैं |
इसमें बीमित व्यक्ति (पोलिसी धारक) को पोलिसी की अवधि के दौरान आकस्मिक मृत्यु पर बीमाकर्ता(बीमा कम्पनी) द्वारा मृत्यु लाभ में एकमुश्त राशि प्रदान की जाती हैं, यदि बीमित व्यक्ति की मृत्यु पोलिसी की अवधी के दोरान नहीं होती है और पोलिसी expire हो जाती है तो बीमित व्यक्ति को कोई कवर नहीं मिलता हैं और लाभ का दावा भी नहीं कर सकते हैं |
टर्म लाइफ इन्सुरेंस एक आय प्रतिस्थापन पोलिसी होती हैं और इसके प्लान जीवन बीमा प्लान की तुलना में प्रीमियम काफी सस्ते होते हैं अतः यह सबसे सस्ता जीवन बीमा प्लान हैं |
आमतौर पर टर्म लाइफ इन्सुरेंस के तीन और भी प्रकार हैं जैसे की -:
1. डिक्रिजिंग टर्म लाइफ इन्सुरेंस
इस प्रकार के बीमा पोलिसी में सम इंश्योर्ड निश्चित दर पर हर साल घटता रहता है और पोलिसी के अंतिम साल के ख़त्म होने पर यह जीरो हो जाता हैं| इसमें प्रीमियम नहीं घटता है बल्कि सम इंश्योर्ड घटता हैं और इसका फायदा यह है की प्रीमियम की दर काफी कम होती हैं |
2. इन्क्रिजिंग टर्म लाइफ इन्सुरेंस
इस प्रकार के बीमा पोलिसी में सम इंश्योर्ड हर साल बढ़ता हैं इसलिए इस बढ़ता हुआ टर्म लाइफ इन्सुरेंस कहते हैं, इसमें इसका प्रीमियम थोडा सा जादा होता हैं |
3. कैशबैक टर्म लाइफ इन्सुरेंस
इस प्रकार के पोलिसी में टर्म लाइफ इन्सुरेंस का प्लान समाप्त होने पर अदा किया गया प्रीमियम बीमा कम्पनी द्वारा वापस कर दिया जाता हैं इसलिए इसका प्रीमियम अन्य टर्म प्लान की तुलना में जादा होता हैं |
Note -: किसी भी टर्म लाइफ इन्सुरेंस की पोलिसी के समाप्त होने पर यदि बीमित व्यक्ति जीवित है तो उसे किसी भी प्रकार का लाभ नहीं मिलता हैं सिर्फ कैशबैक टर्म लाइफ इन्सुरेंस को छोड़ कर |
मनी बैक इन्सुरेंस प्लान एक अलग प्रकार की लाइफ इन्सुरेंस पोलिसी होती हैं जिसमे किये गए बीमा की कुछ राशि समय -2 पर सर्वायवल बेनिफिट के रूप में बीमित व्यक्ति को नियमित अन्तराल में सीधे भुगतान कर दी जाती हैं |
अगर बीमित व्यक्ति इस पोलिसी की अवधी के समाप्त होने के बाद भी जीवित रहता हैं तो बची हुई शेष राशि और बोनस बीमा कम्पनी द्वारा वापस कर दी जाती हैं |
मनी बैक इन्सुरेंस प्लान में बीमा कम्पनी द्वारा समय -2 बोनस घोषित कर बीमित व्यक्ति को उसका भुगतान कर दिया जाता है जिससे उसकी वित्तीय कमी की कुछ पूर्ति हो जाती हैं |
Note -: मनी बैक इन्सुरेंस प्लान में अच्छा बीमा कवर के साथ समय – समय पर रिटर्न भी मिलता जाता हैं |
एंडोमेंट बीमा प्लान एक तरह का ट्रेडिसनल लाइफ इन्सुरेंस पोलिसी होती हैं जो सेविंग्स और बीमा कवर का मिला जुला रूप हैं |
एंडोमेंट बीमा प्लान में बीमित व्यक्ति को बीमा कवर के साथ बचत का भी विकल्प मिलता हैं, इस प्लान के अंतर्गत जीवन बीमा कंपनिया बीमित व्यक्ति के प्रीमियम में से एक निश्चित राशि को जीवन बीमा के लिए रखती है और शेष राशि को शेयर बाजार में निवेश कर देती हैं |
एंडोमेंट बीमा प्लान में जो बीमाधारक अपनी बीमा पोलिसी के प्रीमियम का नियमित रूप से भुगतान करता है और पोलिसी के समाप्त होने तक वह जीवित रह जाता है तो बीमा कम्पनी उस बीमाधारक को मेच्चेयोरिटी बेनिफिट के साथ समय – समय पर बोनस भी प्रदान करती हैं जो नामित व्यक्ति को परिपक्कत्ता के बाद भुगतान कर दिया जाता हैं |
Note -: एंडोमेंट बीमा प्लान में दो प्रकार के लाभ मिलते हैं पहला बीमा कवर लाभ दूसरा निवेश का लाभ |
यूलिप प्लान इन्सुरेंस और इन्वेस्टमेंट का मिश्रण होता हैं इसमें भुगतान किया गया प्रीमियम का एक हिस्सा रिस्क कवर के रूप में और एक हिस्सा फंड के रूप में निवेश किया जाता हैं |
यूलिप प्लान में बीमाधारक (बीमित व्यक्ति) अपने जोखिम लेने की क्षमता के आधार पर बीमा प्रदाता द्वारा दिए गए बिभिन्न फंड में निवेश कर सकता हैं |
Note -: यूलिप बीमा प्लान बीमाधारक को बिभिन्न मार्केट लिंक्ड फंड में निवेश करने का मौका प्रदान करता हैं |
होल लाइफ इन्सुरेंस प्लान बीमित व्यक्ति के सम्पूर्ण जीवन या कुछ मामलो में 100 वर्ष तक का लाइफ कवर प्रदान करता हैं, इस प्लान की सबसे बड़ी विशेषता यह है की जिस दिन से आप यह प्लान खरीद लेते है उस दिन से लेकर मृत्यु तक आप को यह प्लान लाइफ बीमा कवर प्रदान करता हैं |
होल लाइफ इन्सुरेंस प्लान का सबसे बड़ा लाभ यह है की बीमित व्यक्ति को प्रीमियम का कुछ भाग समय – समय पर आपको मिलता रहता है और उसके मृत्यु के बाद टोटल सम इस्योर्ड राशि डेथ क्लेम के बाद बीमित व्यक्ति के परिवार को मिल जाती हैं |
इसमें प्रीमियम दो प्रकार से भरा जाता है पहला फिक्स्ड प्रीमियम जिसमे बीमाधारक द्वारा फिक्स किया गया प्रीमियम भरा जाता है और दूसरा लाइफ टाइम प्रीमियम जिसमे जब तक बीमाधारक जीवित है तब तक प्रीमियम का भुगतान करता रहता हैं |
Note -: होल लाइफ इन्सुरेंस प्लान में फिक्स प्रीमियम की अवधी समाप्त होने पर पोलिसी समाप्त न हो कर सम्पूर्ण लाइफ कवर प्रदान करती हैं और सम इस्योर्ड राशि मृत्यु के बाद ही मिलती हैं |
बचत और निवेश बीमा प्लान एक प्रकार का जीवन बीमा पोलिसी का प्रकार हैं जिसमे बीमा कम्पनी बीमा कर बीमाधारक के सुरक्षित भविष्य के लिए बचत और निवेश को प्रोत्शाहित करती हैं |
किसी भी व्यक्ति के लिए बीमा में निवेश सबसे अच्छा विकल्प और रिटर्न का साधन हो सकता है जो व्यक्ति के मुख्य रूप से चार कारको पर निर्भर करता हैं, जैसे की जोखिम लेने की क्षमता, नगदी की जरुरत, निवेश अवधी और टैक्स स्लैब |
बचत और निवेश बीमा प्लान काफी बडी पोलिसी है जो पारंपरिक और यूनिट लिंक्ड योजना दोनों को कवरेज प्रदान करती हैं |
चाइल्ड लाइफ इन्सुरेंस प्लान बच्चे के स्वर्णिम भविष्य के विकास के लिए मार्ग में आने वाली बाधाओं का सामना करने के लिए तैयार किया गया फंड जैसे की बच्चो की शिक्षा, शादी आदि के लिए पैसो की उपलब्धता सुनिश्चित करना |
बच्चे की चाइल्ड लाइफ इन्सुरेंस पोलिसी मेच्चेयोर हो जाने पर बच्चे को वार्षिक तौर पर क़िस्त या एकमुश्त राशि का भुगतान बीमाकर्ता द्वारा कर दिया जाता है |
यदि पोलिसी टर्म के दौरान इंस्योर्ड (बीमित ) पालक की अचानक मृत्यु हो जाती है तो भविष्य के सभी प्रीमियम माफ़ हो जाते है और पोलिसी बेनिफिट भी बिना रुकावट के उपलब्ध्य करा दी जाती है जिससे की बीमाधारक को किसी बड़ी चुनौती का सामना कम से कम करना पड़े |
रिटायर्मेंट लाइफ इन्सुरेंस प्लान एक व्यक्ति के लिए रिटायर्मेंट के बाद पैसो की उपलब्धता सुनिश्चित करता है जिसकी मदद से व्यक्ति अपने रिटायर्मेंट के बाद आर्थिक रूप से मजबूत बना रहता है | यह पोलिसी बिना किसी रुकावट के बिना किसी के सहारे के जीवन जीने में मदद करती है |
आमतौर पर रिटायर्मेंट लाइफ इन्सुरेंस प्लान 60 वर्ष पूरा हो जाने के बाद बीमा कम्पनी द्वारा बीमाधारक को वार्षिक रूप से या एकमुश्त राशि के रूप में भुगतान कर दिया जाता है |
रिटायर्मेंट के बाद नियमित रूप से आय की इस प्रकार की सुविधा को वार्षिकी या पेंशन के रूप में जाना जाता हैं |
गैर जीवन बीमा को सामान्य बीमा के नाम से भी जानते है | इस बीमा में मिलने वाले लाभ के अलावा कई प्रकार के नुकसान की कवरेज प्रदान की जाती है | दुसरे शव्दों में देखे तो जीवन बीमा कवर के अलावा अन्य प्रकार के बीमा कवर प्रदान करने वाली सेवा को सामान्य जीवन बीमा कहते है और इस प्रकार की बीमा करने वाली कम्पनियों को जनरल इन्सुरेंस कम्पनी कहते है |
जीवन बीमा पोलिसी के प्रकार के अलवा भी भारत में मुख्यतःकई प्रकार के सामान्य बीमा उपलब्ध्य है जिसमे से आज हम कुछ बीमा के बारे में जानेगे |
सामान्य बीमा के प्रकार -:
होम इन्सुरेंसे जो की जनरल इन्सुरेंस का एक प्रकार है | होम इन्सुरेंस के द्वारा घर की और उसके सामान की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है और किसी भी प्रकार से आई प्राकृतिक आपदा के नुकसान की भरपाई या घर के किसी भी सामान के चोरी हो जाने पर बीमा कम्पनी द्वारा उसकी भरपाई की जाती है |
आमतौर पर इसके प्रीमियम काफी सस्ते होते है फिर भी भारत जैसे बड़े देश में जानकारी के आभाव में लोग इस प्रकार के बीमा नहीं कराते है और एक बहुत बड़े लाभ से वंचित रह जाते है |
मोटर बीमा में मुख्यतः वाहनों के लिए बीमा होता है जिससे वाहनों में होने वाला किसी भी प्रकार की क्षतिपूर्ति बीमा कम्पनी द्वारा किया जाता है |
इस प्रकार के इन्सुरेंस में फर्स्ट पार्टी और थर्ड पार्टी इन्सुरेंस कराये जाते है जो की भारतीय मोटर वाहन अधिनियम -1988 के अनुसार प्रतेक वाहन के लिए अनिवार्य होता है |
अपने आने वाले अर्टिकल में मोटर इन्सुरेंस, फर्स्ट पार्टी इन्सुरेंस, थर्ड पार्टी इन्सुरेंस, मोटर वाहन बीमा क्लेम के बारे में बिस्तार से जानेगे |
हेल्थ इन्सुरेंस जो की जनरल इन्सुरेंस का एक प्रकार है जिसके अंदर स्वास्थ्य सम्बंधित सेवाओं के लिए कवरेज प्रदान किया जाता है |
हेल्थ इन्सुरेंस में बीमाधारक हेल्थ इन्सुरेंस कम्पनी को प्रीमियम प्रदान करता है और बीमा कम्पनी उसके बदले बीमाधारक को स्वास्थ्य संबंधी समस्या ( बीमारी, अस्पताल खर्च, दुर्घटना ) पर आर्थिक सहायता प्रदान करती है और अचानक मृत्यु पर बीमाधारक को मुआवजा भी प्रदान करती है |
अपने अगले अर्टिकल में हेल्थ इन्सुरेंस के बारे में और इससे जुडी सभी प्रकार की जानकारी पर विस्तार से चर्चा करेगे |
यह जनरल इन्सुरेंस का एक प्रकार का हैं जो यात्रा के दौरान होने वाली आकस्मिक दुर्घटना और यात्री के लगेज की चोरी का बीमा कम्पनी द्वारा कवरेज प्रदान किया जाता है |
आमतौर पर यह इन्सुरेंस बहुत सस्ते होते है इस प्रकार के बीमा यात्रा के दौरान ही टिकेट के माध्यम से प्रदान किये जाता है जो यात्रा के ख़त्म होने के साथ ही स्वतः ही समाप्त हो जाते है |
उदाहरण के लिए : जैसे आप भारत से अमेरिका के लिए हवाई जहाज की टिकेट खरीदते है तो टिकेट के साथ ही आप का यात्रा बीमा कर दिया जाता है और आप के अमेरिका पहुचाते ही आप का यात्रा बीमा स्वतः ही समाप्त हो जाता हैं |
यह मुख्यतः किसानो के लिए सरकार द्वारा तैयार किया एक प्रकार का सुरक्षा कवच होता है जो किसानो को किसी भी प्रकार की आकस्मिक या अनिश्चित प्राकृतिक हानि ( ओला, वृष्टि, सुखा, बाढ़ या आग ) से फसलो को होने वाले नुकसान से सुरक्षा प्रदान करता हैं |
फसल बीमा लेने के बाद इस प्रकार के किसी भी प्रकार से फसलो को होने वाले नुकसान से बीमा कम्पनी भरपाई करती है|
फसल बीमा लेने के लिए सरकार द्वारा भी करी प्रकार की स्कीम लोंच की गयी हैं |
गैजेट बीमा एक प्रकार का जनरल इन्सुरेंस का प्रकार है जिसका उद्देश्य टेक्नोलोजिकल गैजेट्स को सुरक्षा प्रदान करना होता है |
इस प्रकार के बीमा के माध्यम से इलेक्ट्रोनिक उपकरणों ( मोबाइल फ़ोन, लैपटॉप, टी.वी) आदि को कवरेज प्रदान किया जाता है और पोलिसी पिरीअड के दौरान इन उपकरणों में किसी भी प्रकार की कोई हानि होने पर बीमा कम्पनी द्वारा क्लेम बेनिफिट दिया जाता है |
आयात और निर्यात के दौरान समुद्र में चलने वाली व्यापारिक जहाजो को होने वाली आकस्मिक हानि की क्षतिपूर्ति के लिए कराया जाने वाला बीमा समुद्री बीमा कहलाता है जिसके माध्यम से समुद्री जहाजो और उन पर लदे सामानो को सुरक्षा प्रदान की जाती है |
आग लगाने के कारण होने वाले नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए कराया जाने वाला बीमा अग्नि बीमा कहलाता है | पोलिसी अवधी के दौरान आग के कारण होने वाले नुकसान की भरपाई बीमा कम्पनी द्वारा की जाती है |
अक्सर कई बार देखा जाता है की बड़े – बड़े उद्योगपति या व्यापारीयो को आग के कारण बहुत भारी नुकसान हो जाता है तो इस प्रकार की बीमा पोलिसी इन लोगो के सामान को सुरक्षा प्रदान करती हैं |
कारखानों में काम करने वाले कर्मचारीयो को किसी प्रकार की चोट लगाने या नुकसान होने पर या उससे होने वाली मृत्यु होने पर कारखाना मालिक द्वारा उस व्यक्ति को या उसके परिवार को मुआबजा राशि की भरपाई की जाती है जिससे बचने के लिए कारखाना मालिक नियोक्ता दायित्व बीमा का चुनाव करता है |
इस प्रकार नियोक्ता दायित्व बीमा लेने पर कर्मचारी को होने वाले नुकसान की भरपाई बीमा कम्पनी द्वारा किया जाता है और कम्पनी मालिक की बचत हो जाती है |
जब एक बीमा कम्पनी किसी दुसरे बीमा कम्पनी को बीमा कवरेज प्रदान करती है तो इस प्रकार किये गए बीमा को पुनर्बीमा ( Reinsurance ) कहते हैं |
जब किसी एक बीमा कम्पनी के पास बहुत सारे इन्सुरेंस क्लेम एक साथ आ जाते है तो बीमा कम्पनी पैसो या किसी अन्य जोखिम से बचाने के लिए बीमा कम्पनी किसी दूसरी बीमा कम्पनी से अपना बीमा करवाती है तो ऐसे बीमा को पुनर्बीमा कहते हैं |
यह किसी भी बीमा कम्पनी का एक प्रकार का जोखिम प्रबंधन तकनीक है जिसके माध्यम से बीमा कम्पनी खुद के अस्तित्व को बनाये रखती है |
किसी भी प्रकार का जीवन बीमा लेते समय हमें सभी जीवन बीमा के प्रकारों को समझाना जरुरी है, उन बीमा में प्रयोग होने वाले कुछ कठिन शब्दावली है जिसे जानना बहुत जरुरी है |
बीमा के माध्यम से जिस व्यक्ति के जीवन को सुरक्षित किया जाता है उसे लाइफ अश्योर्ड कहा जाता है | पोलिसी अवधी के दौरान लाइफ अश्योर्ड की मृत्यु होने पर नॉमिनी को बीमा धन का लाभ मिलता है |
जीवन बीमा प्लान को लेते समय बीमा कम्पनी द्वारा बीमाधारक के लिएजो देय राशि निर्धारित की जाती है उसे प्रीमियम कहा जाता हैं | यदि नियत तारीख पर बीमा के प्रीमियम का भुगतान नहीं किया जाता है तो ग्रेस पीरियड लग जाता है और यदि ग्रेस पीरियड में भी बीमा का भुगतान नहीं किया जाता है तो पोलिसी समाप्त हो जाती हैं |
बीमा पालिसी लेने के बाद जब पोलिसी की अवधी समाप्त हो जाती है तो बीमा कम्पनी की द्वारा मिलाने वाली राशि को मेच्योरिटी बेनिफिट्स कहते है |
जब बीमाधारक बीमा पोलिसी के प्रीमियम को नहीं चुका पता है तो उस प्रीमियम का भुगतान करने के लिए बीमा कम्पनी द्वारा बीमाधारक को जो अतिरिक्त समय दिया जाता है तो उसे ग्रेस पीरियड कहा जाता हैं |
यदि बीमा पोलिसी में ग्रेस पीरियड लग गया है और आप फिर भी बीमा नहीं चुकाते है तो बीमा पोलिसी समाप्त हो जाती हैं |
अगर बीमा धारक दुबारा अपनी बीमा पोलिसी शुरू करना चाहता है तो एक निश्चित समय तक इंतजार करने के बाद ही बीमा पोलिसी शुरू करवा सकते है तो इस प्रकार के पीरियड को रिवाइवल पीरियड कहते हैं |
अगर बीमाधारक पोलिसी लेने के कुछ समय बाद पोलिसी के नियम और शर्तो से संतुष्ट नहीं है तो एक निश्चित समय के बाद पोलिसी के नियमानुसार पोलिसी वापस कर ली जाती है तो इसे फ्री लुक पीरियड कहते है |
फ्री लुक पीरियड में स्टाम्प डियूटी चार्ज कट कर मेडिकल एग्जामिनेशन, प्रोपोर्शनेट रिस्क प्रीमियम और प्रीमियम राशि वापस कर दी जाती हैं |
लिए गए जीवन बीमा प्लान में यदि आप प्रसार/विस्तार करना चाहते है तो राइडर के माध्यम से किया जाता है | राइडर एक प्रकार का अतिरिक्त बेनिफिट्स होते है जो जीवन बीमा प्लान के साथ लिए जाते है |
राइडर लाभ ऐच्छिक होते है और यह बीमाधारक को अतिरिक्त वितीय सुरक्षा प्रदान करते हैं जो अतिरिक्त प्रीमियम दे कर लिए जाते हैं |
ऐसा व्यक्ति जो बीमा कम्पनी से बीमा प्लान खरीदता है और उस प्लान का प्रीमियम भरता है बीमाधारक कहलाता है | जो व्यक्ति बीमा खरीदता है जरुरी नहीं की उसका जीवन बीमित हो कोई भी व्यक्ति बीमा का मालिक हो सकता है |
बीमाधन वह राशि है जो बीमित व्यक्ति की मृत्यु पर लाभार्थी या नॉमिनी को प्राप्त होता है |
बीमा कम्पनी से जीवन बीमा प्लान खरीदते समय बीमाधारक जिस राशि का चुनाव करता है तो पोलिसी के अवधी के दौरान यदि बीमाधारक की मृत्यु हो जाती है तो वह समस्त राशि लाभार्थी को प्रदान की जाती है |
बीमा पोलिसी खरीदते समय बीमाधारक द्वारा नामांकित किये गए व्यक्ति को नॉमिनी या लाभार्थी कहा जाता है | बीमाधारक को किसी प्रकार की आकस्मिक घटना (मृत्यु, पैरालायिज आदि ) होने पर बीमा कम्पनी द्वारा पेआउट नॉमिनी को ही प्रदान किये जाते है |
बीमा पोलिसी खरीदते समय ही नॉमिनी का चुनाव किया जाता है आमतौर पर यह बीमाधारक की पत्नी, बच्चे, या माता – पिता होते है |
जितने समय के लिए बीमा कम्पनी द्वारा जीवन बीमा कवरेज प्रदान किया जाता है उस अवधी को पोलिसी पीरियड कहा जाता है |
पोलिसी पीरियड के दौरान बीमाधारक की मृत्यु होने पर बीमा कम्पनी द्वारा नॉमिनी को प्रदान की गयी राशि मृत्यु लाभ कहलाता है | यदि पोलिसी की अवधी समाप्त हो जाती है तो मृत्यु का लाभ नहीं मिल पता है |
आमतौर पर मृत्यु लाभ बीमा पोलिसी की टर्म एंड कंडीशन पर निर्भर करता हैं |
यदि बीमा पोलिसी में ग्रेस पीरियड लग गयी तो ग्रेस पीरियड लगने के बाद भी यदि बीमाधारक प्रीमियम नहीं भर पाता तो पोलिसी लेप्स हो जाती है तो इसे लैप्सेड पोलिसी कहते हैं |
बीमाधारक द्वारा बीमा कम्पनी से बीमा लेने के बाद पोलिसी अवधी के दौरान यदि बीमाधारक की मृत्यु हो जाती है तो लाभार्थी मृत्यु लाभ के लिए क्लेम भरता है तो इसे क्लेम प्रक्रिया कहते हैं |
जीवन बीमा में बहुत सारे बीमा प्लान होते है और सभी प्लान में सारी परिस्थितिया कवर नहीं हो सकती है फिर भी आप उस परिस्थिति में बीमा क्लेम करते है जो बीमा पोलिसी में कवर नहीं है तो आप को कोई बीमा लाभ नहीं मिलता है इसे एक्सक्लूजन कहा जाता हैं |
ऊपर में हम जीवन बीमा और जीवन बीमा पोलिसी के प्रकारो के बारे में जाने है अब हम जानेगे की जीवन बीमा लेने के क्या फायदे होते है | दोस्तों जीवन बीमा लेने के बहुत सारे फायदे होते है और समय के साथ आप के बढ़ते हुए इनकम में कर लाभ भी प्रदान करते है, चलिए आज हम कुछ फायदों के बारे में चर्चा करते है |
जहा जीवन बीमा पोलिसी के बहुत सारे लाभ है वही जीवन बीमा पोलिसी के कुछ नुकसान भी है तो चलिए हम आज इसके बारे में जानते है |
जीवन बीमा पोलिसी खरीदते समय बीमा कम्पनी केवाईसी के बहुत से जरुरी दस्तावेजो की माग करते है जिसके न होने पर आप को बीमा पोलिसी लेने में प्रोब्लेम हो सकती है | आज हम जानेगे कुछ जरुरी डाक्यूमेंट्स के बारे में |
आज के समय अलग – अलग बीमा कम्पनियों के अलग -2 प्लान है लेकिन सबसे जादा जरुरी है की हम अपने प्लान का चुनाव करते समय बीमा कम्पनी में क्या देखना चाहिए जिससे की अपने लिए एक अच्छा जीवन बीमा प्लान खरीद सके | आज हम इससे जुडी कुछ बाते जानते है |
धन्यवाद दोस्तों हम लोगो ने आज जाना है की बीमा क्या है, बीमा के कितने प्रकार होते है, जीवन बीमा क्या है, जीवन बीमा पोलिसी के प्रकार क्या है, जनरल इन्सुरेंस क्या है और कितने प्रकार है, जीवन बीमा से जुड़े कुछ कठिन शब्द, जीवन बीमा के लाभ, जीवन बीमा के नुकसान और भी बहुत कुछ |
हम अपने आने वाले आर्टिकल में जानेगे की राइडर क्या है इसे किसके साथ खरीदना चाहिए और क्यों, क्लेम प्रक्रिया कैसे काम करती है, बीमा से लोन कैसे लेते है, बीमा लेने के लिए कौन – कौन से ऐप है, हेल्थ इन्सुरेंस क्या है, बेस्ट हेल्थ इन्सुरेंस कौन सा है आदि |
आप को हमारा आर्टिकल कैसा लगा कमेन्ट करके जरुर बताये और हमसे जुड़ने के लिए इस वेबसाइट को सब्सक्राइब भी करले और किसी भी प्रकार के प्रश्न के लिए कांटेक्ट फॉर्म के माध्यम से संपर्क कर सकते है आप को जल्द से जल्द जबाब दिया जायेगा | धन्यबाद
सबसे बढ़िया जीवन बीमा प्लान LIC का जीवन उमंग है जो होल लाइफ कवरेज प्रदान करता हैं |
आमतौर पर जीवन बीमा 8 प्रकार के होते है |
1. टर्म जीवन बीमा प्लान
2. मनी बैक बीमा प्लान
3. एंडोमेंट बीमा प्लान
4. सम्पूर्ण जीवन बीमा
5. बचत और निवेश बीमा प्लान
6. चाइल्ड लाइफ बीमा प्लान
7. रिटायर्मेंट बीमा प्लान
8. यूनिट लिंक्ड बीमा प्लान
जीवन बीमा दो प्रकार से किया जाता है |
1. ऑफलाइन बीमा – जो बीमा एजेंट द्वारा किया जाता है |
2. ऑनलाइन बीमा – जो आप स्वयं इन्टरनेट के माध्यम से बीमा प्लेटफार्म में जाकर कर सकते है |
जीवन बीमा करके बीमा से मिलने वाले लोन पर टैक्स नहीं लगता है और हम अपने परिवार की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते है | रिटायर्मेंट के बाद हम अपने वित्तीय लक्ष्य को पा सकते है |
आमतौर पर देखे तो जीवन बीमा लगभग अपनी अनुअल इनकम की 20 से 30 गुना लेनी चाहिए |
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मै हु आप का वित्तीय सलाहकार (फाइनैंशल एडवाइजर) आपको वित्तीय जोखिम को खत्म करने और लंबी अवधि में वित्तीय लाभ के लिए रणनीति बनाने में मदद करता हु। मै आपको बेहतर प्लान दे सकता हु जो आपको आपके वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सही रास्ते पर रख सकता हु।
वित्तीय सलाहकार (फाइनैंशल एडवाइजर) विविध पृष्ठभूमि से आते हैं और सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करते हैं। इस वजह से, वे भ्रमित करने वाले शब्दजाल को समझाने और म्यूचुअल फंड चुनने में आपकी मदद करने के अलावा और भी बहुत कुछ कर सकते हैं।
सीधे शब्दों में कहें तो वित्तीय सलाहकार आपको हर तरह की वित्तीय योजना (फाइनैंशल प्लानिंग) बनाने में मदद करते हैं। वह आपके आज को संवारने के साथ साथ रिटायरमेंट तक की प्लानिंग में आपकी मदद कर सकते हैं।
प्रत्येक प्रकार के वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) अलग-अलग वित्तीय लक्ष्यों तक पहुँचने में आपकी मदद करने के लिए विशिष्ट रूप से योग्य होते हैं।
वित्तीय सलाहकार आपकी अभी की कंडिशन के साथ के आपकी भविष्य की योजनाओं का सही से विश्लेषण करता है। इसके बाद आपकी क्षमता के अनुसार बिना आपको सही निर्णय लेने में मदद करता है। हालांकि फाइनेंशियल एडवाजर की बातों पर आप हमेशा आंख बद करके विश्वास नहीं कर सकते हैं। इसके लिए आपको जरूरी है कि आप उससे सलाह लें और अन्य रिसर्च करके सही निर्णय लें। वित्तीय सलाहकार आपको निम्न बातों की जानकारी दे सकते हैं:
आप रिटायरेंट (Retirement) के बाद अपनी जिंदगी को कैसे देखते हैं? क्या आप दुनिया घूमना चाहते हैं? क्या आप अपना खुद का व्यवसाय खोलने के बारें में सोचते हैं? क्या आप अपनी एनजीओ खोल कर लोगों की मदद करना चाहता हैं? कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपका सपना क्या है, आपको दो या तीन दशकों या उससे अधिक तक ले जाने के लिए स्थिर आय स्त्रोतों की आवश्यकता है।
एक इनवेस्टमेंट प्रोफेशनल (Investment Professional) की तरह एक वित्तीय सलाहकार आपको न केवल धन बनाने में मदद कर सकता है, बल्कि लंबी अवधि के लिए पैसा कैसे बचा कर रखें यह भी सिखाते हैं। वे आपकी अनुमानित वित्तीय जरूरतों का अनुमान लगा सकते हैं और आपकी रिटायमेंट सेविंग को बढ़ाने के तरीकों की प्लानिंग बना सकते हैं। वह आपको सलाह दे सकते हैं कि आपको वर्तमान में कैसी जगह पैसा लगाएं ताकि आने वाले समय में वह पैसा बढ़े और सुरक्षित भी रहे।
रिटायरमेंट की प्लानिंग लंबी होती है इसलिए ऐसे निवेशों में लंबा समय मिलता है जहां आप रिस्क कम ही रखना चाहें जैसे लंबी अवधि के म्यूच्यूअल फंड्स, एलआईसी, नेशनल बॉंड्स आदि।
कुछ वित्तीय सलाहकार निवेश पेशेवर यानि इनवेस्टमेंट प्रोफेशनल भी होते हैं। स्मार्टवेस्टर पेशेवरों की तरह, वे आपको यह पता लगाने में मदद कर सकते हैं कि आपके लिए कौन से म्यूचुअल फंड या स्टॉक्स या आईपीओ सही हैं और आपको यह दिखा सकते हैं कि अपने निवेश का प्रबंधन और अधिकतम लाभ कैसे उठाएं? वे आपको जोखिमों को समझने में भी मदद कर सकते हैं? एक सफल इनवेस्टमेंट प्रोफेशनल रिस्क के साथ ही बेनेफिट को दिखाता है लेकिन वह जोखिम को भी आपके समक्ष रखता है ताकि आपसे कोई गलती ना हो।
इनवेस्टमेंट प्रोफेशनल आपको आर्थिक जगत की उथल-पुथल से बचाने में मदद करते हैं। वह जानकारी रखते हैं कि कब कौन सा बाजार ऊपर जाएगा कब कौन सा नीचे।
हर साल टैक्स को लेकर अगर आप भी परेशान रहते हैं तो आपको मदद लेनी चाहिए टैक्स प्लानर्स की। टैक्स एक ऐसी चीज है जो हर कुछ सालों में बदलती रहती हैं और इसे समझने में काफी मशक्त करनी पड़ती है। टैक्स प्लानिंग करने वाले शख्स आपको बताते हैं कि आपको कितना टैक्स भरना है और आप इस टैक्स को कैसे बचा सकते हैं? वह आपके टैक्स को भी आपकी सेविंग बनाने में निपुण होते हैं।
लेकिन ध्यान रखें, आपको कभी भी केवल करों के आधार पर निवेश के निर्णय नहीं लेने चाहिए। कई बार टैक्स सेविंग के चक्कर में हम ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिसका आर्थिक लाभ हमें नहीं मिलता।
जीवन के अंत की योजना के बारे में बात करना सर्वथा निराशाजनक लग सकता है, लेकिन ऐसा होना जरूरी नहीं है। चाहे आपने अपना पहला घर खरीदा हो या 30 वर्षों से अपना खुद का व्यवसाय चला रहे हों, आपको यह चुनना होगा कि उन संपत्तियों का क्या करना है जिनके लिए आपने इतनी मेहनत की है।
कल के लिए टालने के लिए यह सामान बहुत महत्वपूर्ण है! अधिकांश लोगों के लिए, एक वसीयत बनाना और जीवन बीमा प्राप्त करना पर्याप्त है- और आप हमेशा समायोजित और अनुकूलित कर सकते हैं क्योंकि आपके जीवन की परिस्थितियां (Circumstances ) बदलती हैं।
लेकिन अगर आपकी स्थिति अधिक जटिल (Complex ) है, तो वित्तीय सलाहकार (विशेष रूप से एक धन प्रबंधक यदि आप लाखों रूपए की संपत्ति का प्रबंधन कर रहे हैं) या संपत्ति नियोजन अनुभव वाले वकील के साथ काम करना जरूरी है। वे आपको यह सुनिश्चित करने के लिए एक योजना बनाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दे सकते हैं कि आपकी इच्छाओं को पूरा किया जाए। आप उसके साथ आने वाली मन की शांति पर मूल्य टैग नहीं लगा सकते हैं!
एक उम्र के बाद हमारा स्वास्थ्य ही एक ऐसा धन होता है जो बढ़ने की अपेक्षा कम हो सकता है। इसलिए हेल्थ प्लानिंग और आने वाले समय में बीमारियों पर होने वाले खर्च के लिए धन अर्जित करना एक चुनौती होती है। इस चुनौती के लिए हेल्थ या लॉन्ग टर्म केयर प्लानर आपकी मदद करते हैं।
बुढ़ापे में आप अपने खर्चों की तैयारी के लिए आप क्या कर सकते हैं? एक वित्तीय सलाहकार या बीमा एजेंट (insurance agent ) दीर्घकालिक देखभाल बीमा के लिए आपको सुझाव दे सकता है। फिर आप एक ऐसी योजना चुन सकते हैं जो अभी और भविष्य में सस्ती हो, जब आपको इसकी सबसे अधिक आवश्यकता होगी।
फाइनेंसियल एडवाइजर को चुनते हुए आपको निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिएः
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