श्री सूर्य आरती जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन। त्रिभुवन – तिमिर – निकन्दन, भक्त-हृदय-चन्दन॥ ॥जय कश्यप-नन्दन .. ॥ सप्त-अश्वरथ राजित, एक चक्रधारी। दु:खहारी, सुखकारी, मानस-मल-हारी॥ ॥ जय कश्यप-नन्दन .. ॥ सुर – मुनि – भूसुर – वन्दित...
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