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Blog by pratiksha | Digital Diary

" To Present local Business identity in front of global market"

Meri Kalam Se
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मिट्टी के बारे में जाने।

                -: मिट्टी :- मिट्टी:- मैं भूमि की सबसे ऊपरी परत हूं। मैं मौसम के प्रभाव से चट्टानों के टूटने से बनी हूं। मेरे अंदर जल, ऑक्सीजन एवं पोषक तत्व है। यह प्राकृतिक तत्व मुझे मौलिक शक्ति प्रदान करते हैं। मिट्टी:- मैं पृथ्वी पर चट्टानों एवं वातावरण की बिनता के कारण अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग रंग की दिखाती देती है। कहीं मेरा रंग लाल है तो कहीं कला। इसी आधार पर में लाल मिट्टी, काली मिट्टी एव... Read More
                -: मिट्टी :- मिट्टी:- मैं भूमि की सबसे ऊपरी परत हूं। मैं मौसम के प्रभाव से चट्टानों के टूटने से बनी हूं। मेरे अंदर जल, ऑक्सीजन एवं पोषक तत्व है। यह प्राकृतिक तत्व मुझे मौलिक शक्ति प्रदान करते हैं। मिट्टी:- मैं पृथ्वी पर चट्टानों एवं वातावरण की बिनता के कारण अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग रंग की दिखाती देती है। कहीं मेरा रंग लाल है तो कहीं कला। इसी आधार पर में लाल मिट्टी, काली मिट्टी एवं लेट लाइटमिट्टी कहलाती है। यही नहीं कही मेरे अंदर बालू की मात्रा अधिक होती है।
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[email protected] 20 Mar 2026 117 Views

मिट्टी के बारे में जाने।

                -: मिट्टी :- मिट्टी:- मैं भूमि की सबसे ऊपरी परत हूं। मैं मौसम के प्रभाव से चट्टानों के टूटने से बनी हूं। मेरे अंदर जल, ऑक्सीजन एवं पोषक तत्व है। यह प्राकृतिक तत्व मुझे मौलिक शक्ति प्रदान करते हैं। मिट्टी:- मैं पृथ्वी पर चट्टानों एवं वातावरण की बिनता के कारण अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग रंग की दिखाती देती है। कहीं मेरा रंग लाल है तो कहीं कला। इसी आधार पर में लाल मिट्टी, काली मिट्टी एव... Read More
                -: मिट्टी :- मिट्टी:- मैं भूमि की सबसे ऊपरी परत हूं। मैं मौसम के प्रभाव से चट्टानों के टूटने से बनी हूं। मेरे अंदर जल, ऑक्सीजन एवं पोषक तत्व है। यह प्राकृतिक तत्व मुझे मौलिक शक्ति प्रदान करते हैं। मिट्टी:- मैं पृथ्वी पर चट्टानों एवं वातावरण की बिनता के कारण अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग रंग की दिखाती देती है। कहीं मेरा रंग लाल है तो कहीं कला। इसी आधार पर में लाल मिट्टी, काली मिट्टी एवं लेट लाइटमिट्टी कहलाती है। यही नहीं कही मेरे अंदर बालू की मात्रा अधिक होती है।
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[email protected] 20 Mar 2026 110 Views

पर्यावरण

             -:पर्यावरण:-  पर्यावरण दो शब्दों से मिलकर बना है- परि तथा आवरण, परि का अर्थ है चरों ओर तथा आवरण का अर्थ है घेरा हुआ। हमारे चारों ओर जो भी दिखाई देता है। जैसे हवा, पानी, मिट्टी, धूप, पेड़ पौधे, जीव जंतु, मनुष्य व अन्य वस्तुएं सभी पर्यावरण का हिस्सा है। यह सभी हमारे जीवन को प्रभावित करते हैं। पर्यावरण की आवश्कता:- पर्यावरण सेही पृथ्वी पर समस्त जीवधारियों का अस्तित्व है। सांस लेने के लिए... Read More
             -:पर्यावरण:-  पर्यावरण दो शब्दों से मिलकर बना है- परि तथा आवरण, परि का अर्थ है चरों ओर तथा आवरण का अर्थ है घेरा हुआ। हमारे चारों ओर जो भी दिखाई देता है। जैसे हवा, पानी, मिट्टी, धूप, पेड़ पौधे, जीव जंतु, मनुष्य व अन्य वस्तुएं सभी पर्यावरण का हिस्सा है। यह सभी हमारे जीवन को प्रभावित करते हैं। पर्यावरण की आवश्कता:- पर्यावरण सेही पृथ्वी पर समस्त जीवधारियों का अस्तित्व है। सांस लेने के लिए ऑक्सीजन हमें पर्यावरण की हवा से मिलती है। इसी प्रकार जल भी समस्त जीवधारियों के लिए आवश्यक है। यहां तक हमारी मूलभूत आवश्यकताओं अर्थात भोजन, कपड़ा और मकान की पूर्ति भी हमारा पर्यावरण करता है। अन्य जिओ को भी भोजन और आवास पर्यावरण से ही मिलता है।
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[email protected] 20 Mar 2026 114 Views

खेलकूद को जाने।

               खेलकूद  खेलकूद (games and sports):-खेलकूद मनोरंजन आंतरिक या बाहरी हो सकती हैं। वॉलीबॉल, बेसबॉल, क्रिकेट अच्छी बाहरी (Outdoor) खेल के रूप में मनोरंजक क्रियाएं समझी जाती है। टेबल टेनिस, चैस, कैरम, बाउलिंग, (bowling) ? तैराकी आदि कुछ सर्वश्रेष्ठ आंतरिक (indoor) मनोरंजन क्रियाएं हैं। Read More
               खेलकूद  खेलकूद (games and sports):-खेलकूद मनोरंजन आंतरिक या बाहरी हो सकती हैं। वॉलीबॉल, बेसबॉल, क्रिकेट अच्छी बाहरी (Outdoor) खेल के रूप में मनोरंजक क्रियाएं समझी जाती है। टेबल टेनिस, चैस, कैरम, बाउलिंग, (bowling) ? तैराकी आदि कुछ सर्वश्रेष्ठ आंतरिक (indoor) मनोरंजन क्रियाएं हैं।
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[email protected] 13 Mar 2026 141 Views

मनोरंजन की अवधारणा।

      मनोरंजन की अवधारणा  प्राचीन काल में मनुष्य के पास कार्य काम होता था। वे साधारण जीवन व्यतीत करते थे। Read More
      मनोरंजन की अवधारणा  प्राचीन काल में मनुष्य के पास कार्य काम होता था। वे साधारण जीवन व्यतीत करते थे।
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[email protected] 12 Mar 2026 138 Views

मापन किसे कहते हैं? जाने!

मापन (Measurement):-  एक विशेष कौशल या किसी व्यक्ति की शारीरिक पुष्टि स्तर के विषय में जानकारी या आकड़ों को एक एकत्रित करनी हेतू परीक्षणों तथा तकनीकों के पयोग क्रोम ओपन कहा जाता है। उदाहरण के लिए , शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे बहुत से परीक्षण होते हैं; जैसे- फिटनेससग्राम, क्रॉस वॅबर टेस्ट, मिलर वॉलीबॉल टेस्ट, जॉनसन बास्केटबॉल एबिलिटी टेस्ट, ऑफर्ड का 'फिजिकल बेस्ट' टेस्ट आदि। मापन मूल्... Read More
मापन (Measurement):-  एक विशेष कौशल या किसी व्यक्ति की शारीरिक पुष्टि स्तर के विषय में जानकारी या आकड़ों को एक एकत्रित करनी हेतू परीक्षणों तथा तकनीकों के पयोग क्रोम ओपन कहा जाता है। उदाहरण के लिए , शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे बहुत से परीक्षण होते हैं; जैसे- फिटनेससग्राम, क्रॉस वॅबर टेस्ट, मिलर वॉलीबॉल टेस्ट, जॉनसन बास्केटबॉल एबिलिटी टेस्ट, ऑफर्ड का 'फिजिकल बेस्ट' टेस्ट आदि। मापन मूल्यांकन का एक ढंग है। जो व्यक्ति के उत्तर को मापन की विशेष इकाइयों; जैसे- ऊंचाई को इंच या मीटर में, गति को सैकड़ो में तथा भर को किलोग्राम या पाउंडस में रिकॉर्ड करता है। उत्तर या प्रतिक्रिया को गुण या मात्रा में मापा जा सकता है।  
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[email protected] 12 Mar 2026 115 Views

आंखों की सफाई

       - : आंखों की सफाई : - (1) आंखों की सफाई : - यह शरीर का महत्वपूर्ण अंग होता है। इसके बगैर जीवन का कुछ भी मूल्य नहीं है। आंखों की सफाई हेतु ठंडा जल का प्रयोग करना उचित होता है। आंखों को स्वस्थ रखने के लिए व्यायाम भी करना चाहिए। गंदे हाथों से अथवा गंदे कपड़ों से आंखों को कभी नहीं छूना चाहिए। दृष्टि कम होने पर आंखों की जांच करनी चाहिए। आंखों की अच्छी दष्टि बनाए रखने के लिए विटामिन 'A' औ... Read More
       - : आंखों की सफाई : - (1) आंखों की सफाई : - यह शरीर का महत्वपूर्ण अंग होता है। इसके बगैर जीवन का कुछ भी मूल्य नहीं है। आंखों की सफाई हेतु ठंडा जल का प्रयोग करना उचित होता है। आंखों को स्वस्थ रखने के लिए व्यायाम भी करना चाहिए। गंदे हाथों से अथवा गंदे कपड़ों से आंखों को कभी नहीं छूना चाहिए। दृष्टि कम होने पर आंखों की जांच करनी चाहिए। आंखों की अच्छी दष्टि बनाए रखने के लिए विटामिन 'A' और 'C' का प्रयोग भी लाभदायक होता है। इसके अतरिक्त तेज धूप में व्यक्ति को अच्छे चश्मे का प्रयोग करना चाहिए। कोई भी नेत्र होने की स्थिति में सदैव अच्छे नेत्र चिकित्साक से जांच करानी चाहिए। समय-समय पर नेत्रों की जांच करते रहना चाहिए।  
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[email protected] 11 Mar 2026 116 Views

बालों की सफाई

        - : बालों की सफाई : - (1) बालों की सफाई : - बालों में धूलिया मिट्टी हवा के साथ आकर जम जाती है। इस गंदगी के कारण जुएं उत्पन्न हो जाती है। जुएं अनेक रोगों के वाहक का काम भी करती है। बालों को स्वच्छ रखने के लिए नियमित रूप से कंगी करना बहुत जरूरी है। इससे बालों में चिपका हुआ मेल भी निकल जाता है। बालों को शैंपू करना भी अच्छा होता है। इसके अतिरिक्त बालों को साबुन अथवा रीठे के पानी से या पानी में... Read More
        - : बालों की सफाई : - (1) बालों की सफाई : - बालों में धूलिया मिट्टी हवा के साथ आकर जम जाती है। इस गंदगी के कारण जुएं उत्पन्न हो जाती है। जुएं अनेक रोगों के वाहक का काम भी करती है। बालों को स्वच्छ रखने के लिए नियमित रूप से कंगी करना बहुत जरूरी है। इससे बालों में चिपका हुआ मेल भी निकल जाता है। बालों को शैंपू करना भी अच्छा होता है। इसके अतिरिक्त बालों को साबुन अथवा रीठे के पानी से या पानी में भीगे आंवलों  से धोना चाहिए। बालों को आंवलों से धोने से बाल मुलायम, चिकनी वह चमकदार हो जाते हैं। बालों की जड़ों के आस-पास फास्फोरस वह गंधक होती है। जो बालों को काला रखने में मदद करती है। मानव को इंफ्लुएंजा रोग होने पर पोषक तत्वों की कमी हो जाती हैं जिसके परिणाम स्वरूप बाल सफेद होने लगते हैं। इस रोग से बचाव हेतु अंडे को फेंटकर लगाने से बालों को ज्यादा समय तक काला रखा जा सकता हैं। 
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[email protected] 11 Mar 2026 145 Views

सांप का काटना।

      - : सांप का काटना : - सांप काटना (Snake Biting):-भारत में प्रतिवर्ष लगभग 100000 व्यक्ति सांप के काटने से मर जाते है। जहरीले सांपों के काटने से व्यक्तिक जीवन खतरे में पड़ जाता है। विशेष रूप से कोरल तथा समुद्री सांपों के काटने से जहर का प्रभाव स्नायु संस्थान पर पड़ता है। और व्यक्ति जल्दी ही दम तोड़ देता है। प्रायः ऐसी दुर्घटनाएं भी ग्रामीण क्षेत्रों में ही अधिक होता है। यह सभी दुर्घटनाएं शाहरी... Read More
      - : सांप का काटना : - सांप काटना (Snake Biting):-भारत में प्रतिवर्ष लगभग 100000 व्यक्ति सांप के काटने से मर जाते है। जहरीले सांपों के काटने से व्यक्तिक जीवन खतरे में पड़ जाता है। विशेष रूप से कोरल तथा समुद्री सांपों के काटने से जहर का प्रभाव स्नायु संस्थान पर पड़ता है। और व्यक्ति जल्दी ही दम तोड़ देता है। प्रायः ऐसी दुर्घटनाएं भी ग्रामीण क्षेत्रों में ही अधिक होता है। यह सभी दुर्घटनाएं शाहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में मानव के जीवन में आए दिन होती रहती हैं। अतः मनुष्य को प्राथमिक उपचार की शिक्षा लेनी चाहिए। तथा समाज में जागरूकता फैलानी चाहिए। विश्व के सभी मानव समुदाय के साथ यह सभी दुर्घटनाएं भी हो सकती हैं। दुर्घटना का बचाव धैर्य वह जागरूकता हो सकते हैं।
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[email protected] 10 Mar 2026 113 Views

आइए घाव के बारे में जाने ‌।

घाव (Wounds)- खेल के मैदान में खिलाड़ी को खेलते समय ऐसी चोट लगती है। जिससे त्वचा तथा उसके नीचे के तंतु फट जाती है, या कट जाती है, उसे ही घाव कहते हैं। घाव कई प्रकार के होते है। • कटा हुआ घाव : - यह गांव गहरे होते हैं। चोट लगने से धमनियां या नाड़ियां भी कट जाती है। कांच चुभना, चाकू या ब्लेड से घाव हो जाते हैं। • कुचला हुआ घाव : - कई बार हाथ यहां जोड़ों की उंगलियों के को चल जाने से घाव हो जाते हैं ज... Read More
घाव (Wounds)- खेल के मैदान में खिलाड़ी को खेलते समय ऐसी चोट लगती है। जिससे त्वचा तथा उसके नीचे के तंतु फट जाती है, या कट जाती है, उसे ही घाव कहते हैं। घाव कई प्रकार के होते है। • कटा हुआ घाव : - यह गांव गहरे होते हैं। चोट लगने से धमनियां या नाड़ियां भी कट जाती है। कांच चुभना, चाकू या ब्लेड से घाव हो जाते हैं। • कुचला हुआ घाव : - कई बार हाथ यहां जोड़ों की उंगलियों के को चल जाने से घाव हो जाते हैं जिससे नील पड़ जाते हैं। पीड़ा भी हो जाती हैं। • फटाका हुआ घाव : - यह गांव काटे एवं कुचले हुए घाव से अधिक खतरनाक होते हैं। गांव के किनारे फटे फटे से एवं टेढ़े मेढ़े होते हैं। इसमें से रक्त अधिक नहीं बहता किंतु उनके विषैली होने का अधिक में भर  रहता है। घाव के भर जाने पर भी शरीर पर स्थायी एवं भद्दे निशान पड़ जाते हैं।
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[email protected] 09 Mar 2026 116 Views