
वायु के कार्य महत्व मुख्यतः वायु के कार्य तथा महत्व निम्नलिखित होते हैं गैसों का आदान-प्रदान - जब हम सांस लेते हैं तो कार्बन डाइऑक्साइड गैस बाहर निकलती है तथा ऑक्सीजन गैस ग्रहण करते हैं जीवित रहने के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है ऑक्सीजन शरीर में पहुंचकर रक्त को शुद्ध करती है वह शरीर की प्रत्येक कोशिका को जीवन देती है और शरीर में विभिन्न प्रकार की क्रियाएं होने के पश्...
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वायु के कार्य महत्व
मुख्यतः वायु के कार्य तथा महत्व निम्नलिखित होते हैं
गैसों का आदान-प्रदान - जब हम सांस लेते हैं तो कार्बन डाइऑक्साइड गैस बाहर निकलती है तथा ऑक्सीजन गैस ग्रहण करते हैं जीवित रहने के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है ऑक्सीजन शरीर में पहुंचकर रक्त को शुद्ध करती है वह शरीर की प्रत्येक कोशिका को जीवन देती है और शरीर में विभिन्न प्रकार की क्रियाएं होने के पश्चात कार्बन डाइऑक्साइड के रूप में शरीर से बाहर कर दी जाती है
शरीर के ताप को सामान्य बनती है- वायु शरीर की अशुद्धियों को बाहर करती है तथा शरीर को वाष्प के रूप में बदलकर त्वचा को सुख देती है और शरीर के ताप को सामान्य 98.4 डिग्री अप बना देती है
जल की उत्पत्ति करती है- दो भाग हाइड्रोजन और एफ भाग ऑक्सीजन को मिलने से जल की उत्पत्ति होती है इसका संकेत h2o लिखा जाता है
वनस्पति को भोजन देकर उनकी वृद्धि करती है - पेड़ पौधे कार्बन डाइऑक्साइड और सूर्य के प्रकाश से अपना भोजन बनाते हैं तथा वृद्धि करते हैं और बदले में ऑक्सीजन गैस वायुमंडल में छोड़ देते हैं इसके विपरीत मनुष्य ऑक्सीजन ग्रहण करता है और कार्बन डाइऑक्साइड निकलता है इसलिए मनुष्य को बाघों में टहलने तथा घूमने के लिए कहा जाता है क्योंकि ऐसे स्थान में ऑक्सीजन का अनुपात अधिक मात्रा में रहता है जो मानव के लिए हितकर होता है तथा स्वास्थ्य मैं वृद्धि करता है
धन्यवाद
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आएइ जाने की शुद्ध वायु का महत्व क्या है प्रस्तावना- "शरीर की निरोगाता में शुद्ध वायु का सर्वोपरि महत्व है और शुद्ध वायु की उपलब्धता उत्तम सब वतन व्यवस्था पर निर्भर है" वायु प्राणी के जीवन का आधार है भोजन के बिना मनुष्य कुछ दिन तक जीवित रह सकता है परंतु वायु के बिना मनुष्य कुछ क्षण भी जीवित नहीं रह सकता है हमारे चारों ओर वायु है वायु गैसों का मिश्रण है यह रंगीन गांधी तथा...
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आएइ जाने की शुद्ध वायु का महत्व क्या है
प्रस्तावना-
"शरीर की निरोगाता में शुद्ध वायु का सर्वोपरि महत्व है और शुद्ध वायु की उपलब्धता उत्तम सब वतन व्यवस्था पर निर्भर है"
वायु प्राणी के जीवन का आधार है भोजन के बिना मनुष्य कुछ दिन तक जीवित रह सकता है परंतु वायु के बिना मनुष्य कुछ क्षण भी जीवित नहीं रह सकता है हमारे चारों ओर वायु है वायु गैसों का मिश्रण है यह रंगीन गांधी तथा स्वाधीन होती है हमारे संपूर्ण वायुमंडल को विभिन्न गैसीय पदार्थ चारों ओर से घिरे रहते हैं अतः वायु को जीवन का आधार माना जाता है
वायु का संगठन-
वायु कोई तत्व नहीं है बल्कि तत्वों का योगिक मिश्रण है वायु में मुख्य रूप मैं ऑक्सीजन तथा नाइट्रोजन होती है इन गैसों के अतिरिक्त कार्बन डाइऑक्साइड ओजोन कार्बन मोनोऑक्साइड हाइड्रोजन अंग तथा जल वाष्प भी वायु में मौजूद रहती है वायु का लगभग पांचवा भाग ऑक्सीजन होती है
धन्यवाद
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जलवाष्प और अन्य गैस क्या है- जलवाष्प :-जलवाष्प का प्रतिशत वायुमंडल के तापक्रम पर आधारित होता है जहां जलवाष्प अधिक होती है वहां की वायु में नमी होती है और उसमें जीवाणु अधिक पनपते हैं जलवाष्प का कार्य वायु को नमीयुक्त तथा ठंडा करना होता है सर्दियों की वायु में वाष्प कारण अधिक होते हैं अब वर्षा ऋतु में उससे भी अधिक होती है इसलिए इन ऋतुओं में कपड़े देर से सकते हैं इसके अतिरिक्त वर्ष...
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जलवाष्प और अन्य गैस क्या है-
जलवाष्प :-जलवाष्प का प्रतिशत वायुमंडल के तापक्रम पर आधारित होता है जहां जलवाष्प अधिक होती है वहां की वायु में नमी होती है और उसमें जीवाणु अधिक पनपते हैं जलवाष्प का कार्य वायु को नमीयुक्त तथा ठंडा करना होता है सर्दियों की वायु में वाष्प कारण अधिक होते हैं अब वर्षा ऋतु में उससे भी अधिक होती है इसलिए इन ऋतुओं में कपड़े देर से सकते हैं इसके अतिरिक्त वर्ष के दिनों में प्रत्येक वस्तु सिली सी अनुभव होती है और खुली रखी वस्तुओं पर सीलन के कारण फौजी लग जाती है बंद रखी वस्तु खराब हो जाती है उनमें कीड़े पड़ जाते हैं इस प्रकार वायु में जलवाष्प की अधिक मात्रा मानव जीवन के लिए हानिकारक होती है परंतु इसके विपरीत वनस्पति जगत के लिए लाभदायक होती है वर्षा ऋतु में सभी पेड़ पौधे हरे-भरे हो जाते हैं जहां ना मात्र की मिट्टी होती है वहां भी छोटे-छोटे पौधे अपने आप उग जाते हैं अतः व्यू की नमी व पानी वनस्पति जगत के लिए लाभकारी होती है
अन्य गैस:- तीन मुख्य गैसों ऑक्सीजन नाइट्रोजन और कार्बन डाइऑक्साइड के अतिरिक्त वायु में कुछ अन्य गैस भी अति अल्प मात्रा में पाई जाती है इन गैसों में मुख्य है कार्बन मोनोऑक्साइड हाइड्रोजन अंग हीलियम आदि इन गैसों में कार्बन मोनोऑक्साइड गैस अत्यधिक विषैली गैस है जिसकी अल्प मात्रा भी घातक सिद्ध हो जाती है अन्य गैसों के भी अपने-अपने गुण होते हैं परंतु वायु में इनकी मात्रा अत्यंत अल्प होती है इसलिए इसके कोई स्पष्ट प्रभाव नहीं देखे जा सकते
धन्यवाद
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ऑक्सीजन क्या है ऑक्सीजन एक महत्वपूर्ण रंगीन गांधी में स्वाधीन गैस है जो सांसद प्राणियों के जीवन हेतु परम आवश्यक है शुद्ध वायु में लगभग 21% ऑक्सीजन की मात्रा पाई जाती है यह अत्यंत सक्रिय गैस है और अन्य अनेक गैसों से सिरका के साथ क्रिया करती है यह सभी वस्तुओं के जलने में सहायक होती है तथा गंदगियों को जलाकर वायुमंडल को शुद्ध करने का कार्य भी करती है इसके अभाव की स्थिति में ज्वलन क्रिया सं...
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ऑक्सीजन क्या है
ऑक्सीजन एक महत्वपूर्ण रंगीन गांधी में स्वाधीन गैस है जो सांसद प्राणियों के जीवन हेतु परम आवश्यक है शुद्ध वायु में लगभग 21% ऑक्सीजन की मात्रा पाई जाती है यह अत्यंत सक्रिय गैस है और अन्य अनेक गैसों से सिरका के साथ क्रिया करती है यह सभी वस्तुओं के जलने में सहायक होती है तथा गंदगियों को जलाकर वायुमंडल को शुद्ध करने का कार्य भी करती है इसके अभाव की स्थिति में ज्वलन क्रिया संभव नहीं है यह जब अन्य तत्वों से क्रिया करती है तो विभिन्न ऑक्साइड बनते हैं तथा इस क्रिया को ऑक्सीकरण कहा जाता है
प्राणी शरीर की विभिन्न क्रियो में भी ऑक्सीजन का उल्लेख में योगदान रहता है हमारे शरीर को गर्म रखने का कार्य ऑक्सीजन ही करती है इसके अतिरिक्त इसे ही हमारा शरीर शक्ति ग्रहण करता है हम जो भोजन ग्रहण करते हैं शरीर के अंदर उसे भोजन का ज्वलन भी इसके द्वारा ही होता है जोलना के बाद ही हमारा भोजन शरीर को शक्ति प्रदान करता है इसलिए हम निरंतर सांस लेते रहते हैं हम ऑक्सीजन ग्रहण करते हैं तथा कार्बन डाइऑक्साइड निकासीट करते हैं यह हमारे रक्त के शोध में भी सहायक होता है स्पष्ट है कि ऑक्सीजन एक उपयोगी एवं महत्वपूर्ण गैस है
धन्यवाद
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नाइट्रोजन क्या है वायु में मिश्रित दूसरी मुख्य गैस नाइट्रोजन है वायु में यह बहुत अधिक मात्रा में होती है यह ऑक्सीजन के विपरीत गुना से युक्त होती है इसलिए यह गैस वायुमंडल में ऑक्सीजन की तीव्रता तथा क्रियाशीलता को घटती है यह गैस जलने की क्रिया को रोकते हैं वायु में इसकी उपस्थिति ही वायु को स्वास्थ्य लेने के लिए उपयुक्त बनती है यदि वायु में नाइट्रोजन ना हो तो सांस लेने से हमारे फेफड़ों ही...
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नाइट्रोजन क्या है
वायु में मिश्रित दूसरी मुख्य गैस नाइट्रोजन है वायु में यह बहुत अधिक मात्रा में होती है यह ऑक्सीजन के विपरीत गुना से युक्त होती है इसलिए यह गैस वायुमंडल में ऑक्सीजन की तीव्रता तथा क्रियाशीलता को घटती है यह गैस जलने की क्रिया को रोकते हैं वायु में इसकी उपस्थिति ही वायु को स्वास्थ्य लेने के लिए उपयुक्त बनती है यदि वायु में नाइट्रोजन ना हो तो सांस लेने से हमारे फेफड़ों ही जल जाए यह भी स्वयं में एक गांधी रंगीन और स्वाधीन गैस होती है तथा पानी में अति अल्प मात्रा में घुलनशील होती है हमारे लिए नाइट्रोजन गैस का मुख्य उपयोग यह है कि इससे ऑक्सीजन की तीव्रता कम होती है
धन्यवाद
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कार्बन डाइऑक्साइड क्या है वायु में कार्बन डाइऑक्साइड गैस अल्प मात्रा में ही पाई जाती है यह भी एक रंगीन गैस है जिसमें गढ़ तथा हल्का स्वाद भी होता है यह गैस विभिन्न वस्तुओं के सड़ने गैलन तथा जीव धारी के श्वसन के परिणाम स्वरुप बनती रहती है ऑक्सीजन तथा नाइट्रोजन दोनों से भारी होने के कारण यह वायुमंडल में गेराज स्थान पर एकत्रित हो जाती है केन तथा गहरी खानों में इस गैस की मात्रा बहुत अधिक हो...
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कार्बन डाइऑक्साइड क्या है
वायु में कार्बन डाइऑक्साइड गैस अल्प मात्रा में ही पाई जाती है यह भी एक रंगीन गैस है जिसमें गढ़ तथा हल्का स्वाद भी होता है यह गैस विभिन्न वस्तुओं के सड़ने गैलन तथा जीव धारी के श्वसन के परिणाम स्वरुप बनती रहती है ऑक्सीजन तथा नाइट्रोजन दोनों से भारी होने के कारण यह वायुमंडल में गेराज स्थान पर एकत्रित हो जाती है केन तथा गहरी खानों में इस गैस की मात्रा बहुत अधिक होती है यह गैस जीवधारी के जीवित रहने में तो सहायक नहीं होती परंतु पेड़ पौधे के लिए बहुत उपयोगी होती है सूर्य के प्रकाश में पेड़ पौधे कार्बन डाइऑक्साइड ग्रहण करते हैं तथा अपना भोजन तैयार करते हैं यह गैस छूने के पानी को धो दिया तथा नीले लिटमस को लाल कर देती है ऑक्सीजन के विपरीत कार्बन डाइऑक्साइड जलने की क्रिया में बाधक होती है अतः आज को बुझाने के लिए इस गैस को इस्तेमाल किया जाता है यह डबल रोटी आदि बनाने हेतु आवश्यक खमीर तैयार करने के लिए भी उपयोगी होती है
धन्यवाद
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जल की कमी का स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव हमारे आहार में जल का भी विशेष महत्वपूर्ण स्थान है यदि हम जल की अल्प मात्रा ग्रहण करते हैं या शरीर में जल की कमी हो जाती है तो निश्चित रूप से व्यक्ति के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है शरीर में जल की कमी को निर्जलीकरण कहते हैं निर्जलीकरण अपने आप में एक गंभीर स्थिति है तथा इसके तुरंत उपचार न होने की दशा में व्यक्ति की मृत्यु तक हो सकती है  ...
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जल की कमी का स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव
हमारे आहार में जल का भी विशेष महत्वपूर्ण स्थान है यदि हम जल की अल्प मात्रा ग्रहण करते हैं या शरीर में जल की कमी हो जाती है तो निश्चित रूप से व्यक्ति के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है शरीर में जल की कमी को निर्जलीकरण कहते हैं निर्जलीकरण अपने आप में एक गंभीर स्थिति है तथा इसके तुरंत उपचार न होने की दशा में व्यक्ति की मृत्यु तक हो सकती है
उपयुक्त विवरण द्वारा स्वास्थ्य की कुछ उन असामान्य प्रतिकूल दशाओं का परिचय प्राप्त होता है जो आहार के पोषक तत्व ऑन की कमी के परिणाम स्वरुप उत्पन्न होती है यहां यह स्पष्ट कर देना आवश्यक है कि स्वास्थ्य की इन असामान्य दशाओं रोगों से मुक्ति पानी के लिए किसी उपचार की आवश्यकता नहीं होती बल्कि केवल आहार में विद्वान अभाव या कमी को दूर करना ही पर्याप्त होता है
उपयुक्त विवरण द्वारा स्पष्ट है कि आई हैव स्वास्थ्य का परस्पर घनिष्ठ संबंधी वास्तव में स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारकों में सर्वाधिक महत्व उचित पोषण का है नवीनतम अनुसंधानों से शुद्ध हो चुका है कि प्रत्येक मनुष्य को अपनी आयु लिंग एवं कार्य आदि के अनुसार एक निश्चित मात्रा में आहार की आवश्यकता होती है इस आहार में भोजन के सभी अनिवार्य तत्व एक निश्चित अनुपात में होने आवश्यक है यदि किसी व्यक्ति को आहार के माध्यम से भोजन के सभी तत्व समुचित मात्रा एवं अनुपात में प्राप्त होते रहते हैं तो उसे व्यक्ति का स्वास्थ्य ठीक रहता है तथा शरीर की वृद्धि विकास साहब रखरखाव की उचित प्रकार से होता है इस प्रकार के आहार प्राप्त होने की स्थिति को उचित पोषण कहते हैं उचित पोषण आहार प्राप्त करने की उसे अवस्था को कहा जाता है जिसमें आहार के सभी कार्य एवं उद्देश्य संचार रूप से पूर्ण होते रहते हैं उचित पोषण के अंतर्गत भोजन की मात्रा एवं प्रकार इस तरह का होता है कि शरीर की संसद आवश्यकताओं एवं क्रियाकलापों के लिए पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो जाते हैं इस अवस्था में शरीर की संसद कोशिकाओं का पोषण होता रहता है शरीर की संसद ग्रंथियां में उचित मात्रा में रसों का निर्माण एवं श्रवण होता रहता है सांसद एंजाइम उचित मात्रा में बनते रहते हैं इसके अतिरिक्त शरीर की क्रियो के लिए पर्याप्त ऊर्जा प्राप्त होती रहती है तथा शरीर में होने वाली टूट-फूट की मरम्मत भी होती रहती है उचित पोषण की अवस्था में शमशाद शारीरिक क्रियो सुचारू रूप से चलती रहती है तथा शरीर का ढांचा भी स्वस्थ एवं सुविक्षित होता रहता है इस प्रकार स्पष्ट है कि उत्तम स्वास्थ्य के लिए उचित पोषण अनिवार्य कारक है इस प्रकार की संदेश रूप से कहा जा सकता है कि आर एवं स्वास्थ्य में पारस्परिक घनिष्ठ संबंध है
धन्यवाद-
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मधुमक्खी पालन मधु या शहर का सावित्री उपयोग होता है तथा इसके लिए मधुमक्खी पालन का उगम एक कृषि उद्योग बन गया है क्योंकि मधुमक्खी पालन में पूंजी निवेश कम होता है इसलिए किसान इस धन अर्जन का अतिरिक्त साधन मानते हैं शहर के अतिरिक्त मधुमक्खी के चट्टे मॉम के बहुत अच्छे स्रोत है मॉम का उपयोग औषधि तैयार करने में किया जाता है व्यावसायिक स्तर पर मधु उत्पादन के लिए देसी किस्म की मक्खी एपिसोड...
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मधुमक्खी पालन
मधु या शहर का सावित्री उपयोग होता है तथा इसके लिए मधुमक्खी पालन का उगम एक कृषि उद्योग बन गया है क्योंकि मधुमक्खी पालन में पूंजी निवेश कम होता है इसलिए किसान इस धन अर्जन का अतिरिक्त साधन मानते हैं शहर के अतिरिक्त मधुमक्खी के चट्टे मॉम के बहुत अच्छे स्रोत है मॉम का उपयोग औषधि तैयार करने में किया जाता है
व्यावसायिक स्तर पर मधु उत्पादन के लिए देसी किस्म की मक्खी एपिसोड से रहना इंडिका सामान्य भारतीय मक्खी एपिसोड एक सेल मक्खी तथा एपिसोड फ्लोरी डिलीट मक्खी का उपयोग करते हैं एक इटली मक्खी एपिसोड का उपयोग मधु के उत्पादन को बढ़ाने के लिए किया जाता है अतः व्यवसायिक मधु उत्पादन में इस मक्खी का कार्य उपयोग किया जाता है
धन्यवाद-
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मत्स्य उत्पादन (मछली उत्पादन) हमारे भोजन में मछली प्रोटीन का एक समृद्ध स्रोत है मछली उत्पादन में प्रयुक्त मछलियां कवचीय मछलियां जैसे प्रों तथा मूल शक सम्मिलित है मछली प्राप्त करने की दो विधियां है एक प्राकृतिक स्रोत जिसे मछली पकड़ना कहते हैं तथा दूसरा स्रोत मछली पालन या मछली सावधान मछली के जल स्रोत समुद्री जल तथा ताजा जल अलवर में जल है अलबरणीय जल नदियां तथा तालाबों में होता...
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मत्स्य उत्पादन (मछली उत्पादन)
हमारे भोजन में मछली प्रोटीन का एक समृद्ध स्रोत है मछली उत्पादन में प्रयुक्त मछलियां कवचीय मछलियां जैसे प्रों तथा मूल शक सम्मिलित है मछली प्राप्त करने की दो विधियां है एक प्राकृतिक स्रोत जिसे मछली पकड़ना कहते हैं तथा दूसरा स्रोत मछली पालन या मछली सावधान
मछली के जल स्रोत समुद्री जल तथा ताजा जल अलवर में जल है अलबरणीय जल नदियां तथा तालाबों में होता है इसलिए मछली पकड़ना तथा मछली संवर्धन समुद्र तथा ताजे जल के पारिस्थितिकी तंत्र में किया जा सकता है
धन्यवाद-
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मुर्गी पालन- अंडे में कुक्कुट मास के उत्पादन को बढ़ाने के लिए मुर्गी पालन किया जाता है इसलिए कुकुट पालन में उन्नत मुर्गी की नेस्ले विकसित की जाती है अंडों के लिए अंडे देने वाली लेयर मुर्गी पालन किया जाता है तथा मांस के लिए ब्रायलर को पाला जाता है नइ -नई किस में विकसित की जाती है नहीं किस में बनाने के लिए देसी जैसे अश्लील तथा विदेशी जैसे लेखन नसों का संकरण कराया जाता है &nbs...
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मुर्गी पालन-
अंडे में कुक्कुट मास के उत्पादन को बढ़ाने के लिए मुर्गी पालन किया जाता है इसलिए कुकुट पालन में उन्नत मुर्गी की नेस्ले विकसित की जाती है अंडों के लिए अंडे देने वाली लेयर मुर्गी पालन किया जाता है तथा मांस के लिए ब्रायलर को पाला जाता है
नइ -नई किस में विकसित की जाती है नहीं किस में बनाने के लिए देसी जैसे अश्लील तथा विदेशी जैसे लेखन नसों का संकरण कराया जाता है
चीजों की संख्या तथा गुणवत्ता:
छोटे कद के रोलर माता पिता द्वारा चीजों के व्यावसायिक उत्पादन हेतु:
गर्मी अनुकूलन क्षमता उच्च तापमान को सहने की क्षमता
देखभाल में कम खर्च की आवश्यकता
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