Blog by Vanshika | Digital Diary
" To Present local Business identity in front of global market"
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रैयतवाड़ी प्रथा दक्षिण भारत के मद्रास प्रांत में मालगुजारी देने का उत्तरदायित्व रयत काश्तकार को सोपा गया मालगुजारी की धनराशि लगभग 3 वर्ष के लिए निश्चित कर दी गई रेस अपनी उपज का लगभग आधा भाग सरकार को मालगुजारी के रूप में देता था धन्यवाद
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स्थाई बंदोबस्त लागू उसने अधिक से अधिक मालगुजारी वसूल करके देने वाले को नीलामी बोली के आधार पर उन्हें तथा उनके पुत्रों को आजीवन स्थाई रूप से उसे गांव का जमीदार घोषित कर दिया यही जमींदारी प्रथा या स्थाई बंदोबस्त कहलाता है अब यह लोग जमीन के मालिक हो गए किंतु यह है स्वामित्व तभी तक रहता जब तक में माल गुजरी देते रहते थे उन्हें जमीन जोतने बोले वाले कष्ट करो को हटाने और उनसे जमीन छीन ले...
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भूमि सुधार अंग्रेज सरकार अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए मालगुजारी भूमिका वसूल करने के तरीके पर भी विचार करने लगी बारे में हिस्ट्री गैस में यह नियम बनाया कि गांव की मालगुजारी वसूल करने के लिए किसी को ठेका दे दिया जाए और यदि माल गुजरी वसूल करने वाले का काम ठीक ना हो तो दूसरे व्यक्ति को यह काम सौंप दिया जाए लड़ कारण वाली सुनने इस प्रथा में कुछ सुधार किए हैं इसके बारे में हम आपको अगले ब्लॉग मैं...
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बंगाल में दोहरी शासन व्यवस्था बंगाल पर नियंत्रण होने के बाद लाड क्लाइव ने बंगाल में दोहरी शासन व्यवस्था प्रारंभ की इस व्यवस्था में कंपनी के पास राज्यसभा वसूली का कार्य था और नेपाल के पास राज्य की कानून व्यवस्था तथा राज्य के विकास कार्यों की जिम्मेदारी थी कंपनी के पास अधिकार थे परंतु कोई दायित्व नहीं जबकि नवाब के पास दायित्व थे परंतु अधिकार नहीं किसी दौरान 1769 से 70 ई...
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भारत में कंपनी राज्य का प्रभाव अंग्रेजों ने भारत के विशाल साम्राज्य पर कब्जा जमाने के बाद उसे पर नियंत्रण रखने और शासन चलाने के तरीके तैयार किए प्लासी के युद्ध 1757 ई से प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 ई की 100 वर्षों की लंबी अवधि के दौरान भारत पर कंपनी की पकड़ को बनाए रखा और उसे सुगंद करने की प्रसाद सैनिक नीति में अक्सर बदलाव आता रहा अंग्रेजी शासन का प्रस सैनिक ढांचा इन्हीं...
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भारत में कंपनी राज्य का विस्तार जिस समय अंग्रेज भारत के उत्तर पूर्वी भाग में अपने साम्राज्य का विस्तार कर रहे थे उसी समय दक्षिण भारत के मैसूर हैदराबाद तथा मराठा राज्य के शासक आपसी युद्ध में व्यस्त थे देश के शासन कार्य अपनी सीमा के विस्तार या उत्तर अधिकार के लिए संघर्षरत थे जो राजा या शासक अपने को कमजोर समझने में अंग्रेजों की शरण में चले जाते जो शासन अंग्रेजों से मदद मांगने के लिए जाते...
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हैदर अली हैदर को आगे बढ़ने से रोकने के लिए अंग्रेजों ने हैदर अली के विरुद्ध निजाम मराठों और कर्नाटक के अनुभव का एक सम्मिलित मोर्चा बनाया किंतु हैदर अली विचलित नहीं हुआ उसने मैराथन को धन देकर तथा निजाम को प्रदेश का रोल बंद देकर अपनी और मिल लिया इसके पश्चात उसने कर्नाटक पर आक्रमण कर दिया डेढ़ वर्ष तक युद्ध होता रहा हैदर अली ने मद्रास चेन्नई को घेर लिया 4 अप्रैल 1769 ई को हैदर अली तथा अंग्रेजों...
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डलहौजी की विलय नीति सहायक संधि नीति द्वारा जिस तरह वेलेजली ने भारत के अनेक राजाओं को अपने नियंत्रण में कर लिया था उसी प्रकार लडल हो जी ने भी राज्यों को हड़पने की एक नीति अपनाई इस नीति के अंतर्गत उसने यह नियम घोषित किया कि भारत के जिन जिन राजाओं को कोई पुत्र ना हो, वह अंग्रेजों की अनुमति के बिना किसी को गोद नहीं ले सकते थे हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार प्रत्य...
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सिराजुद्दौला के बारे में 1756 ईस्वी में अली वर्दी कहां की मृत्यु होने पर उसका पुत्र सिराजुद्दौला बंगाल का नवाब बना सत्ता संभालते ही उसे घरेलू और बाहरी शत्रुओं का सामना करना पड़ा नवाब के इन विरोधियों को बंगाल के कुछ धनी सीटों का भी समर्थन प्राप्त था अवसर पाकर ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने नवाब के विरोधियों की साजिशों में भाग लेना आरंभ कर दिया इस समय यूरोपीय कंपनियां शाही फरमान द्वा...
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बक्सर का युद्ध उपयुक्त तीनों की संयुक्त सेनन का अंग्रेजों की सेवा के साथ 17 64 ईस्वी में बक्सर के मैदान में भीषण संग्राम हुआ परंतु सफलता अंग्रेजों को ही मिली आमिर कासिम युद्ध भूमि से भागने को विवश हुआ अंग्रेजों ने एक बार फिर मिर्जापुर को बंगाल का नवाब बना दिया बक्सर के युद्ध का भारतीय इतिहास में बहुत महत्व है अंग्रेजों की राज्य विजय से न केवल मीर कासिम की शक्ति छीन भिन्न हो गई बल्कि अव...
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