Company Logo

Vanshika

WEFRU9450291115202
Scan to visit website

Scan QR code to visit our website

Blog by Vanshika | Digital Diary

" To Present local Business identity in front of global market"

Meri Kalam Se
Digital Diary Submit Post Vanshika

जीवन की मौलिक की गई

जीवन की मौलिक  की गई
कारक की पतली कार्ड में अवलोकन पर रोबोट होने पाया कि इनमें उनके छोटे-छोटे पर कोर्ट है जिनकी संरचना मधुमक्खी के चट्टे जैसी प्रतीत होती है कर्क एक पदार्थ है जो वृक्ष की छाल से प्राप्त होता है सब 1665 में हुक ने इसे स्वर्णिमृत सूक्ष्मदर्शी से देखा था रोबोट हो कि नहीं इन प्रकोष्ठों को कोशिका कहा सेल कोशिका लैटिन शब्द है जिसका अर्थ है छोटा कैमरा उपरोक्त घटना छोटी तथा अर्थ ही लगती हो लेकिन विज्ञान के इति... Read More
कारक की पतली कार्ड में अवलोकन पर रोबोट होने पाया कि इनमें उनके छोटे-छोटे पर कोर्ट है जिनकी संरचना मधुमक्खी के चट्टे जैसी प्रतीत होती है कर्क एक पदार्थ है जो वृक्ष की छाल से प्राप्त होता है सब 1665 में हुक ने इसे स्वर्णिमृत सूक्ष्मदर्शी से देखा था रोबोट हो कि नहीं इन प्रकोष्ठों को कोशिका कहा सेल कोशिका लैटिन शब्द है जिसका अर्थ है छोटा कैमरा उपरोक्त घटना छोटी तथा अर्थ ही लगती हो लेकिन विज्ञान के इतिहास में यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण घटना है इसी प्रकार सबसे पिछले हक ने देखा कि सजीवों में अलग-अलग एक होते हैं इन एक को का वर्णन करने के लिए जीव विज्ञान में कोशिका शब्द का उपयोग आज तक किया जाता है  कोशिका किस से बनी होती है?कोशिका का संरचनात्मक संगठन क्या है?  हमने देखा की कोशिका में  जीने को से कम कहते हैं कोशिका कैसे संगठित होती है यदि हम कोशिका का अध्ययन सूक्ष्मदर्शी से करें तो हमें लगभग प्रत्येक कोशिकाओं में तीन गुण दिखाई देते हैं प्लाज्मा झिल्ली केंद्र तथा कोशिका द्रव्य कोशिका के अंदर होने वाले सांसद क्रियाकलाप तथा उनके गृह पर पर्यावरण से पारस्परिक क्रियाएं इन्हीं गुना के कारण आओ देखें कैसे?  प्लाज्मा झिल्ली अथवा कोशिका झिल्ली   यह कोशिका की सबसे भारी परत है जो कोशिका के घटकों को बाहरी पर्यावरण से अलग करती है प्लाज्मा झिल्ली कुछ पदार्थ को अंदर अथवा बाहर आने जाने देती है यह अन्य पदार्थों की गति को भी रुकते हैं कोशिका झिल्ली को इसलिए वर्णनात्मक पार्क में जल्दी कहते हैं कोशिका में पदार्थ की गति कैसे होती है पदार्थ कोशिका से बाहर कैसे   कोशिका भित्ति   पादप कोशिकाओं में प्लाज्मा झिल्ली के अतिरिक्त कोशिका भित्ति भी होती है पादप कोशिका भित्ति मुख्यतः सैलूलोज की बनी होती है सैलरी रोज एक बहुत जटिल पदार्थ है और यह पौधों को संरचनात्मक दंडता प्रदान करता है जब किसी पादप कोशिका में प्रसारण द्वारा पानी की हानि होती है तो कोशिका झिल्ली रहित आंतरिक पदार्थ संकुचित हो जाते हैं इस घटना को जीव धर्म क्वेश्चन कहते हैं   केंद्रक   आपको याद होगा कि हमने प्याज की जल्दी की स्थाई स्लाइड बनाई थी हमने इस जिले पर आयोडीन की बूंद डाली थी क्यों यदि हम बिना आयोडीन के स्लाइड रूप में विद्वान रहते हैं क्रोमेटं पदार्थ धागे की तरह की संरचना के एक लाल का पिंड होता है जब कभी भी कोशिका विभाजित होने वाली होती है तब यह हैदेखा तो हम क्या देखेंगे पर्यटन करो और देखो की क्या अंतर है जब हमने आयोडीन का गोल डाला तो क्या प्रत्येक कोशिका समान रूप से रंगीन हो गई कोशिका के विभिन्न भाग रासायनिक संगठन के आधार पर विभिन्न रंगों से रंगे जाते हैं कुछ क्षेत्र अधिक गहरे रंग से प्रतीत होते हैं तथा कुछ काम रूप में विद्वान रहते हैं क्रोमेटं पदार्थ धागे की तरह की संरचना के एक लाल का पिंड होता है जब कभी भी कोशिका विभाजित होने वाली होती है तब यह है  कोशिका अंग   प्रत्येक कोशिका के चारों ओर अपनी चिल्ली होती है जिससे कि उसमें स्थित पदार्थ ब्रह्म पर्यावरण से लग रहे बड़ी तथा जटिल कोशिकाओं जिसमें बहु कोशिका और जीवन की कोशिकाएं भी शामिल है को भी ऊपर चली क्रियो की बहुत आवश्यकता होती है जिससे कि मैं जटिल संरचना तथा कार्य को सहारा दे सके इन विभिन्न प्रकार की उपाय चाहिए क्रियो को अलग-अलग रखने के लिए कोशिकाएं झिल्ली युक्तऊपर चली क्रियो की बहुत आवश्यकता होती है जिससे कि मैं जटिल संरचना तथा कार्य को सहारा दे सके इन विभिन्न प्रकार की उपाय चाहिए क्रियो को अलग-अलग रखने के लिए कोशिकाएं झिल्ली युक्त छोटी-छोटी संरचना अंग का प्रयोग करती है यह यूकैरियोटिक कोशिकाओं का एक ऐसा गुण है जो उन्हें प्रोकैरियोटिक कोशिका से अलग करता है इसमें से कुछ अंगद केवल इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी से ही देखा जा सकता है हमने पिछले अनुभव में केंद्र के विषय में पढ़ा है अंतर्देवीय झाले का गला जी उपकरण लाइसोसोम माइटोकांड्रिया तथा प्लेलिस्ट कोशिका अंगों से महत्वपूर्ण उदाहरण है जिन पर हम विचार करेंगे यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कोशिका के बहुत निर्णायक कार्य करते हैं     
Read Full Blog
[email protected] 10 Dec 2025 388 Views

परमाणु की संरचना

परमाणु की संरचना
अध्याय 3 में हम पढ़ चुके हैं कि पदार्थ परमाणु और नो से मिलकर बने हैं विभिन्न प्रकार के पदार्थ का स्थित है उन परमाणुओं के कारण होता है जिसे वह बने हैं अब प्रश्न उठता है कि किसी एक तत्व का परमाणु दूसरे तत्व के परमाणु से भिन्न क्यों नहीं है और क्या परमाणु वास्तव में अभी पहुंचे होते हैं जैसे कि डाल्टन के प्रतिपादित किया था या परमाणु के भीतर छोटे-छोटे अन्य घटक विविधवान होते हैं इस अध्याय में हम इस प्रश... Read More
अध्याय 3 में हम पढ़ चुके हैं कि पदार्थ परमाणु और नो से मिलकर बने हैं विभिन्न प्रकार के पदार्थ का स्थित है उन परमाणुओं के कारण होता है जिसे वह बने हैं अब प्रश्न उठता है कि किसी एक तत्व का परमाणु दूसरे तत्व के परमाणु से भिन्न क्यों नहीं है और क्या परमाणु वास्तव में अभी पहुंचे होते हैं जैसे कि डाल्टन के प्रतिपादित किया था या परमाणु के भीतर छोटे-छोटे अन्य घटक विविधवान होते हैं इस अध्याय में हम इस प्रश्न का उत्तर मिलेगा हम अब परमाणु को और परमाणु के विभिन्न प्रकार के मॉडलों के बारे में पड़ेंगे जिसे यह पता चलता है कि यह कारण परमाणु के भीतर किस प्रकार व्यवस्थित होते हैं 19वीं शताब्दी के अंत में वैज्ञानिक को के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती थी वैज्ञानिक की संरचना और उनके गानों के बारे में पता लगाना परमाणु की संरचना को अनेक प्रयोगों के आधार पर समझाया गया है  परमाणु के भी अभी पहुंचे ना होने के संकेत में से एक संकेत स्थिर विद्युत तथा विभिन्न पदार्थों द्वारा विद्युत चलाने की परिस्थितियों के अध्ययन से मिला   पदार्थ में अवशेषित कर   पदार्थ में आवश्यक कानों की प्रकृति को जानने के लिए लिए हम निम्न प्रकार क्रियाकलाप करें 1. सूखे बालों पर कंगी कीजिए क्या कंगी कागज के छोटे-छोटे टुकड़ों को आकर्षित करती है 2. कांच की एक झाड़ को सिल्क के कपड़े पर रगडि़ए और इस छड़ को हवा से भरे गुब्बारे के पास लाइए क्या होता है ध्यान  इन क्रियाकलापों से क्या हम यह निर्देश निकाल सकते हैं कि दो वस्तुओं को आपस में रगड़ने से उनमें विद्युत आवेश आ जाता है यह आवेश कहां से आता है इसका उत्तर तब मिला जब यह पता चला कि परमाणु विभाज्य है और आवश्यक कानों से बना है परमाणु में उपस्थित अवशेषित कानों का पता लगाने में कई वैज्ञानिकों ने योगदान  19वीं शताब्दी तक यह जान लिया गया कि परमाणु साधारण और अभी पहुंचे कल नहीं है बल्कि इसमें कम से कम एक परमाणु कारण इलेक्ट्रॉन विद्वान होते हैं जिसका पता जे थॉमसन ने लगाया था इलेक्शन के संबंध में जानकारी प्राप्त होने के पहले ही गोल्डस्टीन ने 1886 में एक नए वितरण की खोज की जिसे उन्होंने कैनल का नाम दिया यह किरणें धनावेशित विकिरण थी जिसके द्वारा आता है तो दूसरे और परमाणु के कानों की खोज हुई इन कणों का आवेश इलेक्ट्रॉन के आवेश के बराबर किंतु विपरीत था इनका द्रव्यमान इलेक्ट्रॉनों की अपेक्षा लगभग 2000 गुना अधिक होता है उनको प्रोटॉन नाम दिया गया सामान्यतः इलेक्ट्रॉन को आई के द्वारा और प्रोटीन को पी प्लस के द्वारा दर्शाया गया है प्रोटोन का द्रव्यमान एक इकाई और इसका आवेश 1 प्लस लिया जाता है इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान नगरी और आवेश 1 - माना जाता है ऐसा माना गया है कि परमाणु प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉन से बने हैं जो प्रश्न आवेश को संतुलित करते हैं यह भी प्रतीत हुआ कि प्रोटॉन परमाणु के सबसे भीतरी भाग में होते हैं इलेक्ट्रॉन को आसानी से निकाला जा सकता है लेकिन प्रोटॉन को नहीं अब सबसे बड़ा परसों यह है था कि यह कारण परमाणु की संरचना किस प्रकार करते हैं हमें इस प्रश्न का उत्तर नीचे मिलेगा  परमाणु की संरचना  हमने अध्याय 3 में डाल्टन के परमाणु सिद्धांत के बारे में पढ़ा इसके अनुसार परमाणु अभी पहुंचे और अविनाशी था लेकिन परमाणु के भीतर दो मूल कणों इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन की खोज में डाल्टन के परमाणु सिद्धांत की इस धारणा को गलत साबित कर दिया अब यह जानना आवश्यक था कि इलेक्ट्रॉन और प्रोटोन परमाणु के भीतर किस तरह व्यवस्थित है इसको समझने के लिए बहुत से वैज्ञानिकों ने भिन्न प्रकार के मॉडलों को प्रस्तुत किया अजय जी थॉमसन पहले वैज्ञानिक थे जिन्होंने की खोज में डाल्टन के परमाणु सिद्धांत की इस धारणा को गलत साबित कर दिया अब यह जानना आवश्यक था कि इलेक्ट्रॉन और प्रोटोन परमाणु के भीतर किस तरह व्यवस्थित है इसको समझने के लिए बहुत से वैज्ञानिकों ने भिन्न प्रकार के मॉडलों को प्रस्तुत किया अजय जी थॉमसन पहले वैज्ञानिक थे जिन्होंने परमाणु की संरचना से संबंधित पहला मॉडल प्रस्तुत किया  डोमसन का परमाणु मॉडल  डांसर ने परमाणु की संरचना से संबंधित एक मॉडल प्रस्तुत किया जो क्रिसमस के की तरह था इसके अनुसार परमाणु एक धन आवेशित गोल था जिससे इलेक्ट्रॉन क्रिसमस डांसर ने परमाणु की संरचना से संबंधित एक मॉडल प्रस्तुत किया जो क्रिसमस के की तरह था इसके अनुसार परमाणु एक धन आवेशित गोल था जिससे इलेक्ट्रॉन क्रिसमस केक में लगे सुख में हो की तरह थे तरबूज का उदाहरण भी ले सकते हैं जिसके अनुसार परमाणु में धन आवेश मैं तरबूज के खाने वाले लाल बाग की तरह दिख रहा है जबकि इलेक्ट्रॉन धन आवेशित गले में तरबूज के बीच की भांति दूसरे है   रदरफोर्ड का परमाणु मॉडल  अर्नेस्ट रदरफोर्ड यह जानने के इच्छुक थे की इलेक्ट्रॉन परमाणु के भीतर कैसे व्यवस्थित है इन्होंने एक प्रयोग किया इस प्रयोग में तेज गति से चल रहे अल्फा कणों को सोने की पाली पर टकराया गया   इन्होंने सोने की बनी इसलिए चुन्नी क्योंकि मैं बहुत पतली परत चाहते थे सोने की यह पानी हजार परमाणु के बराबर मोटी थी अल्फा कण दुआ में सिद्ध हीलियम कान होते हैं अतः यह धन आवेशित होते हैं क्योंकि इनका द्रव्यमान का यू होता है इसलिए तीव्र गति से चल रहे इन अल्फा कणों में पर्याप्त ऊर्जा होती है यह अनुमान था कि अल्फा कंस होने के परमाणु में भी भगवान और परमाणु के कानों के द्वारा विक्षेपित होंगे जो की अल्फा कण प्रोटीन से बहुत भारी थे इसलिए उन्होंने उनके अधिक विक्षेपण  रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल की कमियां   वर्तुलाकर मार्ग में चक्रण करते हुए इलेक्ट्रॉन का स्थाई हो पाना संभावित नहीं है कोई भी आवश्यक कारण गोलाकार कक्षा में त्वरित होगा त्वरण के दौरान आवेशित कणों से ऊर्जा का वितरण होगा इस प्रकार स्थाई कक्षा में घूमता हुआ इलेक्ट्रॉन अपनी उर्जा विकसित करेगा और नाभिक से टकरा जाएगा अगर ऐसा होता तो परमाणु स्थिर होता जबकि हम जानते हैं कि परमाणु स्थाई है   बोर का प्रमाणिक मॉडल  रदरफोर्ड के मॉडल पर उठी आपत्तियों को दूर करने के लिए नील बारे में परमाणु की संरचना के बारे में निम्नलिखित अवधारणाएं प्रस्तुत की  इलेक्ट्रॉन केवल कुछ निश्चित कक्षाओं में ही चक्कर लगा सकते हैं जिन्हें इलेक्ट्रॉन की विवेक कक्षा कहते हैं जब इलेक्ट्रॉन इस विवेक कक्षा में चक्कर लगाते हैं तो उनकी ऊर्जा का वितरण नहीं होता   न्यूट्रॉन   1932 में जय चैडविक ने एक और अब परमाणु 1932 में जय चैडविक ने एक और अब परमाणु कल को खोज निकाला जो अन्वेषित और धर्म मन में प्रोटीन के बराबर था आता है इसका नाम न्यूट्रॉन पड़ा हाइड्रोजन को छोड़कर यह सभी परमाणुओं के नाभिक में होते हैं सामान्यत न्यूट्रॉन को न से दर्शाया जाता है परमाणु का द्रव्यमान नाभिक में उपस्थित प्रोटॉन और न्यूट्रॉन के द्रव्यमान के योग के द्वारा प्रकट किया जाता है  विभिन्न कक्षाओं में इलेक्ट्रॉन कैसे विपरीत होते हैं  परमाणु की विभिन्न कक्षाओं में इलेक्ट्रॉनों के विवरण के लिए बड़े बोर और भारी में कुछ नियम प्रस्तुत किया जिसे भर परी स्क्रीन के नाम से जाना जाता है  संयोजकता   हम पढ़ चुके हैं कि परमाणुओं की विभिन्न कक्षाओं या क्वेश्चन में इलेक्ट्रॉन किस प्रकार व्यवस्थित होते हैं किसी परमाणु की सबसे बाहरी कक्ष में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संयोजकता इलेक्ट्रॉन कहा जाता है  परमाणु संख्या एवं द्रव्यमान संख्या  परमाणु संख्या  हम जानते हैं कि परमाणु के नाभिक में प्रोटीन विद्वान होते हैं एक परमाणु में उपस्थित प्रोटॉन की संख्या उनकी परमाणु संख्या को बताती है इसे जड़ के द्वारा दर्शाया जाता है किसी तत्व के सभी अंगों की परमाणु संख्या जड़ समान होती है वास्तव में तत्वों को उनके परमाणु में विद्वान प्रोटेनों की संख्या से परिभाषित किया जाता है हाइड्रोजन के लिए स बराबर 1 क्योंकि हाइड्रोजन परमाणु के नाभिक में केवल एक प्रोटोन होता है इसी प्रकार कार्बन के लिए स बराबर 6 इस प्रकार एक परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉन की कुल संख्या को परमाणु संख्या कहते हैं   द्रव्यमान संख्या  एक परमाणु के और परमाणु के कानों के अध्ययन के बाद हम इस निर्देश पर पहुंच सकते हैं कि व्यावहारिक रूप में परमाणु का द्रव्यमान उसमें विद्वान प्रोटॉन और न्यूटन के विद्वानों के कारण होता है यह परमाणु के नाभिक में विद्वान होते हैं इसलिए न्यू कल्याण भी कहते हैं परमाणु का लगभग संपूर्ण द्रव्यमान उसके नाभिक में होता है उदाहरण के लिए कार्बन का द्रव्यमान 12 यू है क्योंकि उसमें 6 प्रोटॉन और 6 न्यूट्रॉन होते हैं 6 यू + 6u 12 इस प्रकार अल्युमिनियम का द्रव्यमान 27 यू है 13 प्रोटॉन प्लस 14 न्यूट्रॉन एक परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉन और न्यूट्रॉन की कुल संख्या के योग को द्रव्यमान संख्या कहा जाता है  समस्थानिक  प्रकृति में कुछ तत्वों के परमाणुओं की पहचान की गई है जिसकी परमाणु संख्या समान लेकिन द्रव्यमान संख्या अलग होती है उदाहरण के लिए हाइड्रोजन परमाणु को ले इनके तीन परमाण्विक स्पीशीज होते हैंइनके तीन परमाण्विक स्पीशीज होते हैं इसके तीन प्रमाणिक एक्सप्रेस होते हैं सोडियम डॉयटरियम टाइटेनियम प्रत्येक की परमाणु संख्या समान है लेकिन द्रव्यमान संख्या क्रमश एक दो और तीन है इस तरह के अन्य उदाहरण है कार्बन और क्लोरीन  संभारिक   दो तत्वों कैल्शियम परमाणु संख्या 20 और अंग परमाणु संख्या 18 के बारे में विचार कीजिए परमाणु में प्रोटॉन की संख्या भिन्न में दोनों तत्वों की रोमन संख्या 40 है यानी तत्वों के इस जोड़े के अंगों के रोमन संख्या 40 है यानी तत्वों के इस जोड़े के अंगों के समान है अलग-अलग परमाणु संख्या वाले तत्वों को जिनकी द्रव्यमान संख्या समान होती है संभारिक कहा जाता है      
Read Full Blog
[email protected] 10 Dec 2025 168 Views

परमाणु एवं अणु

परमाणु एवं अणु
प्राचीन भारतीय एग्रीकल्चर सैनिकों द्रव्य के औकात एवं अदृश्य रूप से सदैव चकित होते रहे पदार्थ की विभाज्यता के मत के बारे में भारत में बहुत पहले लगभग 50 हिंसा पूर्व विचार व्यक्त किया गया था भारतीय दार्शनिक को महर्षि कर्नाड ने प्रतिपादित किया था कि यदि हम धर्म को विभाजित करते जाए तो हमें छोटे-छोटे कारण प्राप्त होते जाएंगे तथा अंत में एक सीमा आएगी जब प्राप्त कान को पुनर्विवाहित नहीं किया जा सकेगा अर्थ... Read More
प्राचीन भारतीय एग्रीकल्चर सैनिकों द्रव्य के औकात एवं अदृश्य रूप से सदैव चकित होते रहे पदार्थ की विभाज्यता के मत के बारे में भारत में बहुत पहले लगभग 50 हिंसा पूर्व विचार व्यक्त किया गया था भारतीय दार्शनिक को महर्षि कर्नाड ने प्रतिपादित किया था कि यदि हम धर्म को विभाजित करते जाए तो हमें छोटे-छोटे कारण प्राप्त होते जाएंगे तथा अंत में एक सीमा आएगी जब प्राप्त कान को पुनर्विवाहित नहीं किया जा सकेगा अर्थात वह सुक्तम कारण अभी पहुंचे रहेगा इस अभी भोज्य सुक्तम कारण को उन्होंने परमाणु कहा एक अन्य भारतीय दर्शनी को खुदा का ध्यान ने इस बात को विस्तृत रूप से समझाया तथा कहा कि यह कान समानता संयुक्त रूप में पाए जाते हैं जो अंदर वह के भिन्न-भिन्न एन रूपों को प्रदान करते हैं लगभग इसी समग्र दार्शनिक को डेमोक्रेसी आई एम लुई पसीने सुझाव दिया था कि यदि हम धर्म को विभाजित करते जाए तो एक ऐसी स्थिति आएगी जब प्राप्त कर को पुनर विभाजित नहीं किया जा सकेगा उन्होंने अभिभावाचक कानों को परमाणु अर्थात अभी भाग्य कहा था यह सभी सुझाव दर्शनी को विचारों पर आधार थे में विचार की वैधता सिद्ध करने के लिए 18वीं शताब्दी तक कोई अधिक प्रयोगात्मक कार्य नहीं हुए थे 18वीं शताब्दी के अंत तक वैज्ञानिकों ने तत्व एवं योगी को के बीच भेद को समझा तथा स्वाभाविक रूप से यह पता करने के चुप हुए के तत्व कैसे जब तत्व परस्पर सहयोग करते हैं तब क्या होता है वैज्ञानिक अंतर लिखिए निरसायनिक संयोजन के दो महत्वपूर्ण नियमों को स्थापित किया जिसने रासायनिक विज्ञान को महत्वपूर्ण आधार प्रदान किया   रासायनिक संयोजन के नियम  लिक ऐप जोसेफ एल पाउडर ने बहुत अधिक प्रयोग कार्यों के पश्चात रासायनिक संयोजन के निम्नलिखित दो नियम प्रतिपादित किया  
Read Full Blog
[email protected] 10 Dec 2025 135 Views

डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन

डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन
 डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन क्या है  परिभाषा: डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन का मतलब है किसी भी जानकारी दस्तावेज या रिकार्ड को डिजिटल फॉर्मेट कंप्यूटर मोबाइल या क्लाउड स्टोरेज में बनाया स्टोर करना और मैनेज करना यह पेपर बेस्ट दस्तावेज का डिजिटल वजन होता है जिसे आसानी से एडिट शेर और सर्च किया जा सकता है  उदाहरण:  ईमेल:- कोड ऑफिशियल मीडिया पत्र डिजिटल रूप में भेजना  पीडीएफ वर्ड फाइल्स :- रिपोर्ट्स कांटेक्ट या प्रेजे... Read More
 डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन क्या है  परिभाषा: डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन का मतलब है किसी भी जानकारी दस्तावेज या रिकार्ड को डिजिटल फॉर्मेट कंप्यूटर मोबाइल या क्लाउड स्टोरेज में बनाया स्टोर करना और मैनेज करना यह पेपर बेस्ट दस्तावेज का डिजिटल वजन होता है जिसे आसानी से एडिट शेर और सर्च किया जा सकता है  उदाहरण:  ईमेल:- कोड ऑफिशियल मीडिया पत्र डिजिटल रूप में भेजना  पीडीएफ वर्ड फाइल्स :- रिपोर्ट्स कांटेक्ट या प्रेजेंटेशन को पीडीएफ या डीसी फॉर्मेट में सेव करना  (Google docs) ऑनलाइन डॉक्युमेंट बनाना और टीम के साथ शेयर करना  स्कैन किए हुए दस्तावेज एड ईयर कार्ड पी ए एन कार्ड कोर्स स्कैन करके कंप्यूटर मैं सेव करना   डिजाइन डिजिटल सिग्नेचर डिजिटल हस्ताक्षर से कानूनी दस्तावेजों को पैलेट करना   डिजिटल डॉक्यूमेंट के फायदे बेनिफिट्स   पेपर लाइंस वर्क कागज की बचत होती है आसान एक्सेस कहीं से भी किसी भी डिवाइस से ओपन किया जा सकता है सुरक्षित पासवर्ड या अंतरिक्ष पसंद से प्रोजेक्ट किया जा सकता है क्विक सर्च की वर्ड डालकर जरूरी जानकारी ढूंढना आसान होता है  पुराने समय में डिजिटल डॉक्यूमेंट कैसे तैयार किए गए पहले कंप्यूटर और मॉडर्न सॉफ्टवेयर नहीं होते थे फिर भी लोग कुछ हद तक डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक तरीके से दस्तावेज बनाते थे यहां कुछ पुराने तरीके से दस्तावेज बनाते थे यहां कुछ पुराने तरीके से बताए गए हैं 
Read Full Blog
[email protected] 10 Dec 2025 203 Views

Libre office क्या है

Libre office क्या है
Libre office एक फ्री और ओपन सोर्स ऑफिस स्वीट है जिसका उपयोग डॉक्यूमेंट स्पीड सेट प्रेजेंटेशन ड्राइंग्स और डेटाबेस बनाने के लिए किया जाता है यह माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस-Ex -word, Excel का एक शक्तिशाली विकल्प है और windows, macos, linux पर चलता है Libre office के मुख्य कम्यु नीड्स :- Writer- वर्ड प्रोसेसिंग M.S Word  Cale- स्प्रेडशीट M.S Excel Impress- प्रेजेंटेशंस M.S PowerPoint Draw- डायग्राम फॉर फ्लोचार... Read More
Libre office एक फ्री और ओपन सोर्स ऑफिस स्वीट है जिसका उपयोग डॉक्यूमेंट स्पीड सेट प्रेजेंटेशन ड्राइंग्स और डेटाबेस बनाने के लिए किया जाता है यह माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस-Ex -word, Excel का एक शक्तिशाली विकल्प है और windows, macos, linux पर चलता है Libre office के मुख्य कम्यु नीड्स :- Writer- वर्ड प्रोसेसिंग M.S Word  Cale- स्प्रेडशीट M.S Excel Impress- प्रेजेंटेशंस M.S PowerPoint Draw- डायग्राम फॉर फ्लोचार्ट बनाने के लिए Base- डेटाबेस मैनेजमेंट  M.S Access Access Math- फॉर्मूला और इक्वेशन एडिटर libre office​​​​​​ का पहला स्टेबल संस्करण 25 जनवरी 2011 को द डॉक्यूमेंट फाउंडेशन द्वारा जारी किया गया यह एक निशुल्क ओपन सोर्स ऑफिस सेट है जो मुख्य रूप से सी प्लस प्लस में विकसित की गई है और इसमें पाइथन में जावा का सीमित उपयोग होता है libre office का इतिहास  लाइब्रेरी को अभिषेक फ्री और ओपन सोर्स ऑफिस स्वीट है जिसका इतिहास 1980 के दशक से जुड़ा है यह स्टार ऑफिस और ओपन ऑफिस आर्ग विकसित हुआ है लिए इसकी पूरी कहानी समझते हैं  शुरुआत:- स्टार ऑफिस 1985 से 1999 1985: जर्मन  कंपनी स्टार डिवीजन ने स्टार ऑफिस लॉन्च किया जो एक प्रॉपर्टी ऑफिस स्वीट था  1999 सन माइक्रो सिस्टम सन माइक्रो सिस्टम ने स्टार डिवीजन को खरीद और स्टार ऑफिस को मुफ्त में बांटना शुरू किया  2. ओपन ऑफिस आर्ग का जर्मन (1999 से 1910)  2000 सन माइक्रो सिस्टम ने स्टार ऑफिस का कोड ओपन सोर्स कर दिया और ओपन ऑफिस आर्ग नाम दिया 2000: ओपन ऑफिस आर्ग लोकप्रिय हुआ लेकिन सन माइक्रो सिस्टम के अधिग्रहण और अंकल प्रोजेक्ट को बंद कर दिया 3. इलेक्ट्रिक ऑफिस का उद्देश्य (2010 वर्तमान)  सितंबर 2010 और अंकल के नियंत्रण से नाखुश होकर कुछ टेबल पर स्नेहा डॉक्यूमेंट फाउंडेशन बना है और ओपन ऑफिस लॉन्च किया जनवरी 2011 लाइब्रेरी ऑफिस का पहला स्टेबल वर्जन 3.3 रिलीज हुआ 2011 के बाद बड़ी कंपनियों जैसे रेड है गूगल कम्यूनिक एंड कम्युनिटी इन डिलीवरी ऑफिस को सपोर्ट देना शुरू किया 2015 तक लिफ्ट ऑफिस ओपन ऑफिस आर्ग से ज्यादा पॉपुलर हो गया और आज दुनिया का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला ओपन सोर्स ऑफिस स्वीट है           
Read Full Blog
[email protected] 10 Dec 2025 277 Views

Libre office क्या है libre office का इतिहास

Libre office क्या है libre office का इतिहास
Libre office एक फ्री और ओपन सोर्स ऑफिस स्वीट है जिसका उपयोग डॉक्यूमेंट स्पीड सेट प्रेजेंटेशन ड्राइंग्स और डेटाबेस बनाने के लिए किया जाता है यह माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस-Ex -word, Excel का एक शक्तिशाली विकल्प है और windows, macos, linux पर चलता है Libre office के मुख्य कम्यु नीड्स :- Writer- वर्ड प्रोसेसिंग M.S Word  Cale- स्प्रेडशीट M.S Excel Impress- प्रेजेंटेशंस M.S PowerPoint Draw- डायग्राम फॉर फ्लोचार... Read More
Libre office एक फ्री और ओपन सोर्स ऑफिस स्वीट है जिसका उपयोग डॉक्यूमेंट स्पीड सेट प्रेजेंटेशन ड्राइंग्स और डेटाबेस बनाने के लिए किया जाता है यह माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस-Ex -word, Excel का एक शक्तिशाली विकल्प है और windows, macos, linux पर चलता है Libre office के मुख्य कम्यु नीड्स :- Writer- वर्ड प्रोसेसिंग M.S Word  Cale- स्प्रेडशीट M.S Excel Impress- प्रेजेंटेशंस M.S PowerPoint Draw- डायग्राम फॉर फ्लोचार्ट बनाने के लिए Base- डेटाबेस मैनेजमेंट  M.S Access Access Math- फॉर्मूला और इक्वेशन एडिटर libre office​​​​​​ का पहला स्टेबल संस्करण 25 जनवरी 2011 को द डॉक्यूमेंट फाउंडेशन द्वारा जारी किया गया यह एक निशुल्क ओपन सोर्स ऑफिस सेट है जो मुख्य रूप से सी प्लस प्लस में विकसित की गई है और इसमें पाइथन में जावा का सीमित उपयोग होता है libre office का इतिहास  लाइब्रेरी को अभिषेक फ्री और ओपन सोर्स ऑफिस स्वीट है जिसका इतिहास 1980 के दशक से जुड़ा है यह स्टार ऑफिस और ओपन ऑफिस आर्ग विकसित हुआ है लिए इसकी पूरी कहानी समझते हैं  शुरुआत:- स्टार ऑफिस 1985 से 1999 1985: जर्मन  कंपनी स्टार डिवीजन ने स्टार ऑफिस लॉन्च किया जो एक प्रॉपर्टी ऑफिस स्वीट था  1999 सन माइक्रो सिस्टम सन माइक्रो सिस्टम ने स्टार डिवीजन को खरीद और स्टार ऑफिस को मुफ्त में बांटना शुरू किया  2. ओपन ऑफिस आर्ग का जर्मन (1999 से 1910)  2000 सन माइक्रो सिस्टम ने स्टार ऑफिस का कोड ओपन सोर्स कर दिया और ओपन ऑफिस आर्ग नाम दिया 2000: ओपन ऑफिस आर्ग लोकप्रिय हुआ लेकिन सन माइक्रो सिस्टम के अधिग्रहण और अंकल प्रोजेक्ट को बंद कर दिया 3. इलेक्ट्रिक ऑफिस का उद्देश्य (2010 वर्तमान)  सितंबर 2010 और अंकल के नियंत्रण से नाखुश होकर कुछ टेबल पर स्नेहा डॉक्यूमेंट फाउंडेशन बना है और ओपन ऑफिस लॉन्च किया जनवरी 2011 लाइब्रेरी ऑफिस का पहला स्टेबल वर्जन 3.3 रिलीज हुआ 2011 के बाद बड़ी कंपनियों जैसे रेड है गूगल कम्यूनिक एंड कम्युनिटी इन डिलीवरी ऑफिस को सपोर्ट देना शुरू किया 2015 तक लिफ्ट ऑफिस ओपन ऑफिस आर्ग से ज्यादा पॉपुलर हो गया और आज दुनिया का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला ओपन सोर्स ऑफिस स्वीट है           
Read Full Blog
[email protected] 10 Dec 2025 174 Views

The sentences kind

परिभाषा- शब्दों का वह समूह जो पूर्ण भाव प्रकट करता है वाक्य कहलाता है Definition- a group of words which gives its complete sence is called sentence. Example :-   She is a queen - वह एक रानी है  He goes to Jaipur- वह जयपुर जाता है  The fox run away - लोमड़ी भाग गई है How nice you are - तुम कितने अच्छे हो  kinds of sentence   वाक्य पांच प्रकार के होते हैं  1. Astrative sentence - विधि सूचक वाक्य  2... Read More
परिभाषा- शब्दों का वह समूह जो पूर्ण भाव प्रकट करता है वाक्य कहलाता है Definition- a group of words which gives its complete sence is called sentence. Example :-   She is a queen - वह एक रानी है  He goes to Jaipur- वह जयपुर जाता है  The fox run away - लोमड़ी भाग गई है How nice you are - तुम कितने अच्छे हो  kinds of sentence   वाक्य पांच प्रकार के होते हैं  1. Astrative sentence - विधि सूचक वाक्य  2. Interrogative sentence- प्रश्न सूचक वाक्य  3. Imperative sentence - आगया सूचक वाक्य 4. Exclamatory sentence - विश्मय सूचक वाक्य 5. Optative sentence- इच्छा सूचक वाक्य  1.Assertive sentence:- इन वाक्यों से कोई सामान्य जानकारी मिलती है यह दो प्रकार के हैं  A. Affirmative sentence- इससे सकारात्मक जानकारी मिलती है a. A plays cricket - वह क्रिकेट खेलता है b. Sania ise good player - सानिया एक अच्छे खिलाड़ी है  B.  Negative sentence- इससे नकारात्मक जानकारी  मिलती है 2. Interrogative sentence- इन वाक्यों से कोई प्रश्न पूछा जाता है यह दो प्रकार के होते हैं i. Helping verb से शुरू होने वाले वाक्य जैसे  Do you play cricket?- क्या तुम क्रिकेट खेलते हो?  Have you seen the wild?- क्या तुमने हवा को देखा है? ii. Interrogative word से शुरू होने वाले वाक्य जैसे  Where do you live- आप कहां रहते हो?  Why does the babies cry - बच्चा क्यों रोता है?  3. Imperative sentence :​​​ इन वाक्यों से आजा आदेश प्रार्थना सलाह एवं शिक्षा का भाव प्रकट होता है  A.Open the me- दरवाजा खोल दो B.please help me- कृपया मेरी सहायता करो 4. Exclamatory sentence:-  इन वाक्यों से आश्चर्य खुशी शोक दुःख करुणा प्रशंसा आदि भाव प्रकट होते हैं 1. What a pit - कितने दुख की बात है 2.how beautiful she is! - वह कितना सुंदर है   5. operative sentence: इसे इच्छा शुभकामनाएं आशीर्वाद श्रव्य भगवान से दुआ की जाती है  A. May you get success- भगवान करे तुम सफल हो जाओ  B.May you go to hell- तुम नरक में जाओ                   
Read Full Blog
[email protected] 10 Dec 2025 173 Views

गृह विज्ञान के तत्व तथा क्षेत्र

 प्रस्तावना:-  घर एक ऐसा स्थान होता है जहां प्रत्येक मनुष्य सुख और शांति से परिवार के लिए सदस्य के साथ अपना जीवन व्यतीत करता है तथा अपने नृत्य कर्तव्य तथा अधिकारों का ज्ञान अर्जित करता है दुख सुख में एक दूसरे के साथ सहयोग करना सीखना है गृह में ही मनुष्य ही आवश्यकता पूरी होती है और संतुष्ट के साथ उसका जीवन व्यतीत होता है इस सब के पीछे एक कुशल करने का हाथ होता है इसलिए आज गृह विज्ञान के क्षेत्र की स... Read More
 प्रस्तावना:-  घर एक ऐसा स्थान होता है जहां प्रत्येक मनुष्य सुख और शांति से परिवार के लिए सदस्य के साथ अपना जीवन व्यतीत करता है तथा अपने नृत्य कर्तव्य तथा अधिकारों का ज्ञान अर्जित करता है दुख सुख में एक दूसरे के साथ सहयोग करना सीखना है गृह में ही मनुष्य ही आवश्यकता पूरी होती है और संतुष्ट के साथ उसका जीवन व्यतीत होता है इस सब के पीछे एक कुशल करने का हाथ होता है इसलिए आज गृह विज्ञान के क्षेत्र की सीमा बहुत व्यवस्थित हो गई है इसलिए आज की बालिकाएं ही भविष्य की श्रेणी होगी इसलिए उन्हें केवल भोजन पकाना वस्त्र सिंह ने का ही ज्ञान नहीं दिया जाता वर्णन घर से संबंधित सभी विषयों के संबंध में वैज्ञानिक सिद्धांत एवं नियमों का पूर्ण ज्ञान कराया जाता है में इस संपूर्ण ज्ञान का उपयोग ग्रह संचालन में करते हुए अपने परिवार को सुखिया संपर्क बना सकती है प्रस्तुत अध्याय में गृह विज्ञान के क्षेत्र प्रकृति और तत्वों के साथ-साथ महत्व के विषय में भी जानकारी दी गई है  गृह विज्ञान का अर्थ तथा परिभाषा:- गृह विज्ञान दो शब्द ग्रह और विज्ञान से मिलकर बना है ग्रह का अर्थ है घर जिसमें परिवार निवास करता है विज्ञान का अर्थ है संधानित अध्ययन अतः गृह विज्ञान का अर्थ है घर में परिवार से संबंधित सभी पहलुओं का सिद्धांत एक तथा व्यवहारिक अध्ययन गृह विज्ञान में परिवार के सभी सदस्यों की आवश्यकताओं की पूर्ति उनके विकास में समृद्धि के विषय में विस्तार से अध्ययन किया जाता है इस विषय में घर में परिवार से संबंधित सभी आवश्यकताओं जैसे भोजन वस्त्र मकान शरीर रचना वह स्वास्थ्य गृह व्यवस्था एवं गृह सज्जन आदि को सिद्धांत नियमों के अनुसार संपन्न किया जाता है जिससे परिवार सुखी वह समृद्धि साली हो  
Read Full Blog
[email protected] 09 Dec 2025 185 Views

रोगी का बिस्तर

 रोगी के बिस्तर का महत्व:-  रोजी अथवा दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति के लिए आरामदायक बिस्तर आवश्यक होता है इसका प्रमुख कारण यह है कि रोगी व्यक्ति को अधिकांश समय विश्राम के लिए बिस्तर पर ही लेटना पड़ता है कुछ दुर्घटनाग्रस्त व्यक्तियों जैसे कि कूल्हे की हड्डी टूट जाने पर के लिए तो बिस्तर पर लेटने के अतिरिक्त और कोई विकल्प ही नहीं बचता और स्थिति में स्पष्ट है कि रोगी के लिए उपयुक्त विस्तार आवश्यक एवं महत्वपू... Read More
 रोगी के बिस्तर का महत्व:-  रोजी अथवा दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति के लिए आरामदायक बिस्तर आवश्यक होता है इसका प्रमुख कारण यह है कि रोगी व्यक्ति को अधिकांश समय विश्राम के लिए बिस्तर पर ही लेटना पड़ता है कुछ दुर्घटनाग्रस्त व्यक्तियों जैसे कि कूल्हे की हड्डी टूट जाने पर के लिए तो बिस्तर पर लेटने के अतिरिक्त और कोई विकल्प ही नहीं बचता और स्थिति में स्पष्ट है कि रोगी के लिए उपयुक्त विस्तार आवश्यक एवं महत्वपूर्ण होता है रोगी के बिस्तर किया व्यवस्था करना परिचारिका का ही उत्तर होता है परिचारिका को चाहिए कि वह रोजी अथवा दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की शारीरिक स्थिति को ध्यान में रखकर उपयुक्त बिस्तर की उचित व्यवस्था करें बिस्तर की उचित व्यवस्था के अभाव में रोगी को आवश्यक विश्राम नहीं मिल पाता तथा स्वास्थ्य लाभ में भी सहायता प्राप्त नहीं होती  बिस्तर लगाने का स्थान:-  बिस्तर लगाते समय स्थान का विशेष ध्यान रखना चाहिए इन निम्नलिखित  बिस्तर दीवार से सट्टा कर नहीं लगना चाहिए बिस्तर के पास स्वच्छ व शुद्ध वायु तथा प्रकाश की उत्तम व्यवस्था होनी चाहिए शौचालय रोगी के बिस्तर के पास होना चाहिए  श्या घाव :-  मैं अंदर लंबे समय तक बिस्तर पर लेटने वाले रोगी तथा दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को सैया घाव हो जाने की आशंका रहती है लगातार एक ही बिस्तर पर रोगी के लंबे समय तक पड़े रहने के कारण रोगी के शरीर में घाव हो जाते हैं इन्हीं को सैया गाव कहते हैं यह घाव बिस्तर की निरंतर रगड़ नामी तथा करवट न बदलने के कारण होते हैं एक बार घाव होने या त्वचा के फट जाने पर इनका ठीक होना कठिन हो जाता है और रोगी को अपनी बीमारी के अलावा इन गांव से अतिरिक्त कष्ट हो जाता है अतः ऐसे गांव को पहले से ही रोकना आवश्यक होता है   उपचार:-  गांव वाले स्थान पर स्पीड लगाकर साफ करना चाहिए घाव पर बोरिक पाउडर लगाना चाहिए लिंग कुशन जो की रबड़ का गोल छल्ला होता है हवा भरकर घाव वाले भाग के नीचे लगा देना चाहिए ऐसा करने सिखाओ पर रगड़ नहीं लगती है  उपाय:- रोगी का बिस्तर मुलायम होना चाहिए चादर में सिलवट नहीं होने चाहिए रोगी को गड़बड़ दिलाते रहना चाहिए होगी कभी बिस्तर स्वच्छ होना चाहिए   
Read Full Blog
[email protected] 09 Dec 2025 269 Views

स्वास्थ्य

 स्वास्थ्य का अर्थ एवं परिभाषा  साधारणता स्वास्थ्य का अर्थ व्यक्ति की रोग मुक्त दशा से लगाया जाता है जबकि स्वास्थ्य का सही अर्थ यह नहीं होता विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार स्वास्थ्य शब्द में मनुष्य का केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं भरन उसकी मानसिक एवं संवेगात्मक स्वास्थ्य को भी सम्मिलित किया जाता है आधुनिक स्वास्थ्य विज्ञान भी मानव शरीर के विभिन्न अंगों की अधिकतम पुष्टि तथा विकास करके मनुष्य की क... Read More
 स्वास्थ्य का अर्थ एवं परिभाषा  साधारणता स्वास्थ्य का अर्थ व्यक्ति की रोग मुक्त दशा से लगाया जाता है जबकि स्वास्थ्य का सही अर्थ यह नहीं होता विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार स्वास्थ्य शब्द में मनुष्य का केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं भरन उसकी मानसिक एवं संवेगात्मक स्वास्थ्य को भी सम्मिलित किया जाता है आधुनिक स्वास्थ्य विज्ञान भी मानव शरीर के विभिन्न अंगों की अधिकतम पुष्टि तथा विकास करके मनुष्य की कार्य कुशलता बढ़ाने की बात कहता है  विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 1948 में स्वास्थ्य की परिभाषा इस प्रकार दी है शरीर केवल रोग और दुर्बलता से मुक्ति ना हो बल्कि वही शरीर स्वस्थ होगा जिसमें शारीरिक व मानसिक शक्तियों का पूर्ण विकास हो साथ ही सामाजिक रूप से वह एक कुशल व्यक्ति हो  इस दृष्टिकोण के आधार पर भारत के संविधान में यह निर्धारित किया गया है राज्य जनता के जीवन स्तर को उठाने और पोषण स्तर में उन्नति करने तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य में विकास को अपने कर्तव्य में प्राथमिकता देगा  उत्तम स्वास्थ्य के लक्षण  विश्व स्वास्थ्य संगठन की परिभाषा के अनुसार कोई भी व्यक्ति पूर्ण स्वस्थ कभी माना जाएगा जिसमें शारीरिक मानसिक तथा सामाजिक स्वास्थ्य संबंधित निम्नलिखित लक्षण होंगे   शारीरिक स्वास्थ्य  शारीरिक रूप में स्वस्थ व्यक्ति के निम्नलिखित लक्षण होते हैं  व्यक्ति प्रत्येक कार्य को उत्साह के साथ करता हो शरीर का बार-बार लंबाई आयु के अनुसार होती है शरीर की त्वचा साफ व्यायाम के लिए होती है आंखें चमकदार होती है बाल घने व चमकदार होते हैं जिसे गहरी निंद्रा आती है जिसे भूख ठीक से लगती है व्यक्ति के शरीर का तापमान सामान्य रहता है मानसिक रूप से स्वस्थ होता है अस्तित्व संस्थान सुरक्षित होता है   मानसिक स्वास्थ्य  मानसिक रूप में स्वस्थ व्यक्ति के निम्नलिखित लक्षण होते हैं  सभी प्रकार के संवेगों पर उसका नियंत्रण रहता है अर्थात उसे बहुत तेज क्रोध आता कभी नहीं आता है आवश्यकता अनुसार स्वीडन सेल होता है अर्थात दुख के अवसर पर दुखी और सुख के अवसर पर खुश होता है छोटी-छोटी बातों पर तुरंत तनाव व चिंता में नहीं आता उसे अपने ऊपर पूर्ण विश्वास होता है व्यक्ति समय-समय पर अपना आत्म निरीक्षण कर सकता है  सामाजिक स्वास्थ्य  सामाजिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति के निम्नलिखित लक्षण होते हैं  उसके अपने मित्रों संबंधियों आदि सभी से मधुर संबंध बने हुए होते हैं वह दूसरों को सहयोग देने के लिए सदैव तट पर रहता है प्रत्येक के साथ उचित व्यवहार करता है दूसरों के प्रति अपने कर्तव्य एवं जिम्मेदारियां को पूरा करता है समाचार राष्ट्र के उत्थान में सहयोग करता है अपने छोटों के प्रति प्रेम में बड़ों के प्रति सम्मान रखना है       
Read Full Blog
[email protected] 09 Dec 2025 257 Views