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Vanshika

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Blog by Vanshika | Digital Diary

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राजनीतिक एवं प्रशासनिक पुनर्गठन


 राजनीतिक एवं प्रसाद सैनिक पुनर्गठन  भारत में प्रसाद सैनिक पुनर्गठन की शुरुआत ब्रिटिश सरकार ने इंडिया काउंसिल एक्ट से की 1861 ई के इस एक्ट के द्वारा गवर्नर जनरल की काउंसिल परिषद का नाम म रियल लेजिसलेटिव पड़ गया   धन्यवाद Read More

 राजनीतिक एवं प्रसाद सैनिक पुनर्गठन

 भारत में प्रसाद सैनिक पुनर्गठन की शुरुआत ब्रिटिश सरकार ने इंडिया काउंसिल एक्ट से की 1861 ई के इस एक्ट के द्वारा गवर्नर जनरल की काउंसिल परिषद का नाम म रियल लेजिसलेटिव पड़ गया 

 धन्यवाद


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महारानी विक्टोरिया के घोषणा पत्र की कुछ खास बातें


 महारानी विक्टोरिया के घोषणा पत्र की कुछ खास बातें  क्षेत्र के सीमा विस्तार की नीति समाप्त कर दी गई  अंग्रेजों की हत्या के दोषियों को छोड़ से सभी को समा कर दिया गया   विद्रोह में भाग लेने वाले तालुकेदारों को राजभक्ति प्रदर्शित करने पर उन्हें इसकी जागीर वापस कर दी गई   बिना भेदभाव के योग्यता के आधार पर सरकारी सेवा में भर्ती करने का वचन दिया गया  यूर... Read More

 महारानी विक्टोरिया के घोषणा पत्र की कुछ खास बातें

  •  क्षेत्र के सीमा विस्तार की नीति समाप्त कर दी गई

  •  अंग्रेजों की हत्या के दोषियों को छोड़ से सभी को समा कर दिया गया 

  •  विद्रोह में भाग लेने वाले तालुकेदारों को राजभक्ति प्रदर्शित करने पर उन्हें इसकी जागीर वापस कर दी गई 

  •  बिना भेदभाव के योग्यता के आधार पर सरकारी सेवा में भर्ती करने का वचन दिया गया

  •  यूरोपीय सैनिकों की संख्या बढ़ा दी गई तथा भारतीय सैनिकों की संख्या घटकर निश्चित कर दी गई बंगाल प्रेसीडेंसी में 1:2 तथा मद्रास चेन्नई और मुंबई प्रेसिडेंसी में 1:3 का अनुपात निश्चित कर दिया गया

 धन्यवाद


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ब्रिटिश राज के अधीन भारत


 ब्रिटिश राज के अधीन भारत  सन 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के परिणाम स्वरुप भारत में कंपनी का शासन समाप्त हो गया अब भारत का शासन ब्रिटिश सरकार ने ग्रहण किया तथा रानी विक्टोरिया को भारत की शासिका घोषित किया गया   धन्यवाद Read More

 ब्रिटिश राज के अधीन भारत

 सन 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के परिणाम स्वरुप भारत में कंपनी का शासन समाप्त हो गया अब भारत का शासन ब्रिटिश सरकार ने ग्रहण किया तथा रानी विक्टोरिया को भारत की शासिका घोषित किया गया 

 धन्यवाद


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क्रांति के परिणाम


 क्रांति के परिणाम  सन 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम भारतीय इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना थी इसने एक युग का अंत कर दिया और एक नवीन युग के बीच बॉय प्रादेशिक विस्तार के स्थान पर आर्थिक शोषण का युग प्रारंभ हुआ  सन 57 के विद्रोह कायदापि पूर्णतया दमन हो गया फिर भी इसने भारत में अंग्रेजी साम्राज्य को छड़ से हिला दिया था दोबारा सन 57 जैसी घटना ना हो तथा ब्रिटिश शासन को व्यवस्थित एवं सूडा... Read More

 क्रांति के परिणाम

 सन 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम भारतीय इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना थी इसने एक युग का अंत कर दिया और एक नवीन युग के बीच बॉय प्रादेशिक विस्तार के स्थान पर आर्थिक शोषण का युग प्रारंभ हुआ

 सन 57 के विद्रोह कायदापि पूर्णतया दमन हो गया फिर भी इसने भारत में अंग्रेजी साम्राज्य को छड़ से हिला दिया था दोबारा सन 57 जैसी घटना ना हो तथा ब्रिटिश शासन को व्यवस्थित एवं सूडान करने के लिए महारानी विक्टोरिया ने 1858 ई के अपने घोषणा पत्र में कुछ महत्वपूर्ण नीतियों का उल्लेख किया इस घोषणा में दोहरा नियंत्रण समाप्त हो गया और ब्रिटिश सरकार ही सीधे भारतीय मामलों के लिए उत्तरदाई हो गई

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क्रांति की योजना


 क्रांति की योजना  देश में ऐसी अशांत परिस्थितियों में एक सशक्त संघर्ष द्वारा भारत से अंग्रेजों को बाहर निकालने की योजना बनाई गई स्वतंत्रता संघर्ष की योजना का कार्य नाना साहब तात्या टोपे झांसी की रानी लक्ष्मीबाई तथा कुंवर सिंह आदि ने आरंभ किया इस आंदोलन का अखिल भारतीय नेतृत्व करने के लिए बहादुर शाह जफर को चुना गया दिल्ली लखनऊ झांसी मैसूर वह अवध के नवाबों राजाओं तथा जमीदारों से संपर्क किया... Read More

 क्रांति की योजना

 देश में ऐसी अशांत परिस्थितियों में एक सशक्त संघर्ष द्वारा भारत से अंग्रेजों को बाहर निकालने की योजना बनाई गई स्वतंत्रता संघर्ष की योजना का कार्य नाना साहब तात्या टोपे झांसी की रानी लक्ष्मीबाई तथा कुंवर सिंह आदि ने आरंभ किया इस आंदोलन का अखिल भारतीय नेतृत्व करने के लिए बहादुर शाह जफर को चुना गया दिल्ली लखनऊ झांसी मैसूर वह अवध के नवाबों राजाओं तथा जमीदारों से संपर्क किया गया

धन्यवाद


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सन 1857 ई की क्रांति


 सन 1857 ई की क्रांति  लगभग 150 वर्षों में अंग्रेज शासको ने सभी भारतीय संस्थानों में राजनीतिक धार्मिक सामाजिक न्यायालय दखल दिया इससे भारत में प्रभुत्व वर्ग वालों को सीधे ठेस पहुंची और शासन एवं जनता के बीच संदेह का माहौल बन गया   धन्यवाद Read More

 सन 1857 ई की क्रांति

 लगभग 150 वर्षों में अंग्रेज शासको ने सभी भारतीय संस्थानों में राजनीतिक धार्मिक सामाजिक न्यायालय दखल दिया इससे भारत में प्रभुत्व वर्ग वालों को सीधे ठेस पहुंची और शासन एवं जनता के बीच संदेह का माहौल बन गया 

 धन्यवाद


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प्रथम स्वतंत्रता संग्राम कारण एवं परिणाम


 प्रथम स्वतंत्रता संग्राम कारण और परिणाम  लाल डलहौजी के बाद 1856 में लॉर्ड कैनिंग भारत में अंग्रेजों का अंतिम गवर्नर जनरल था 1856 तक गवर्नर जनरल को ने अपनी विभिन्न नीतियों के कारण भारत पर विजय लगभग पूर्ण कर ली थी भारत में विदेशी शासन चल बोल सैन्य बल तथा अर्थ बल पर टिका हुआ था किंतु 1757 में प्लासी युद्ध के समय से ही किसने कारीगरों शिल्पकारों राजाओं और सिपाहियों वी अंग्रेजों के बीच विवाद... Read More

 प्रथम स्वतंत्रता संग्राम कारण और परिणाम

 लाल डलहौजी के बाद 1856 में लॉर्ड कैनिंग भारत में अंग्रेजों का अंतिम गवर्नर जनरल था 1856 तक गवर्नर जनरल को ने अपनी विभिन्न नीतियों के कारण भारत पर विजय लगभग पूर्ण कर ली थी भारत में विदेशी शासन चल बोल सैन्य बल तथा अर्थ बल पर टिका हुआ था किंतु 1757 में प्लासी युद्ध के समय से ही किसने कारीगरों शिल्पकारों राजाओं और सिपाहियों वी अंग्रेजों के बीच विवाद उत्पन्न होने लगे इसके पूर्व भी समय-समय पर देश के विभिन्न भागों में निम्नलिखित विरोध भी हुए

  •  86 फ़कीरों द्वारा धार्मिक पूर्ण अनुष्ठान के लिए बंगाल का विद्रोह 

  •  सिपाहियों का विदेशी शासको एवं विदेशी प्रशासन के विरुद्ध विद्रोह 

  •  मध्य प्रदेश में भूल बंगाल बिहार में संस्थाओं उड़ीसा में कॉल गोद तथा मेघालय की खांसी आदि जनजातियों का अंग्रेजों के शोषण के विरुद्ध विद्रोह 

धन्यवाद


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चार्टर एक्ट 1853 ई


 चार्टर एक्ट 1853 ई के अधिकार   इस एक्ट से गवर्नर जनरल की परिषद में 6 सदस्य और बड़ा दिए गए जो ब्रिटिश संसद द्वारा मनोनीत किए जाते थे  परिषद ने कानून बनाने वाली व्यवस्थापिका का भी रूप धारण कर लिया इससे कंपनी शासन पर ब्रिटिश सरकार का नियंत्रण और अधिक बढ़ गया  कंपनी ने सरकार की सेवा के उच्च पदों पर नियुक्ति हेतु नागरिकता सेवा सिविल सर्विस प्रतियोगिता परीक्षा की व्यवस्था... Read More

 चार्टर एक्ट 1853 ई के अधिकार 

  •  इस एक्ट से गवर्नर जनरल की परिषद में 6 सदस्य और बड़ा दिए गए जो ब्रिटिश संसद द्वारा मनोनीत किए जाते थे

  •  परिषद ने कानून बनाने वाली व्यवस्थापिका का भी रूप धारण कर लिया इससे कंपनी शासन पर ब्रिटिश सरकार का नियंत्रण और अधिक बढ़ गया

  •  कंपनी ने सरकार की सेवा के उच्च पदों पर नियुक्ति हेतु नागरिकता सेवा सिविल सर्विस प्रतियोगिता परीक्षा की व्यवस्था भी की 

धन्यवाद


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चार्टर एक्ट 1833 ई


 चार्टर एक्ट 1833 ई के अधिकार  इस एक्ट से चाय के व्यापार पर कंपनी का एकाधिकार समाप्त कर दिया गया  ईस्ट इंडिया कंपनी के पास भारत में अंग्रेजी राज्य प्रशासन चलाने का ही कार्य रह गया  गवर्नर जनरल को अपनी परिषद की सलाह से कानून बनाने का अधिकार प्राप्त हो गया  मुंबई तथा चेन्नई की सरकारों से कानून बनाने का अधिकार छिन गया  धन्यवाद Read More

 चार्टर एक्ट 1833 ई के अधिकार

  •  इस एक्ट से चाय के व्यापार पर कंपनी का एकाधिकार समाप्त कर दिया गया

  •  ईस्ट इंडिया कंपनी के पास भारत में अंग्रेजी राज्य प्रशासन चलाने का ही कार्य रह गया

  •  गवर्नर जनरल को अपनी परिषद की सलाह से कानून बनाने का अधिकार प्राप्त हो गया

  •  मुंबई तथा चेन्नई की सरकारों से कानून बनाने का अधिकार छिन गया 

धन्यवाद


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चार्टर एक्ट 1813 ई


 चार्टर एक्ट 1813 ई के अधिकार  इस एक्ट से चाय के व्यापार को छोड़कर कंपनी का व्यापार एक अधिकार समाप्त कर दिया तथा सभी ब्रिटिश निवासियों को भारत से व्यापार करने की स्वतंत्रता मिली  भारत में शिक्षा के प्रसार पर हुए हेतु ₹100000 का प्रावधान किया गया  गवर्नर जनरल का गवर्नर ऑफ़ की नियुक्ति का अधिकार कंपनी के निर्देशकों के पास ही बना रहा परंतु उसमें ब्रिटेन की सरकार की स्वीकृति... Read More

 चार्टर एक्ट 1813 ई के अधिकार

  •  इस एक्ट से चाय के व्यापार को छोड़कर कंपनी का व्यापार एक अधिकार समाप्त कर दिया तथा सभी ब्रिटिश निवासियों को भारत से व्यापार करने की स्वतंत्रता मिली

  •  भारत में शिक्षा के प्रसार पर हुए हेतु ₹100000 का प्रावधान किया गया

  •  गवर्नर जनरल का गवर्नर ऑफ़ की नियुक्ति का अधिकार कंपनी के निर्देशकों के पास ही बना रहा परंतु उसमें ब्रिटेन की सरकार की स्वीकृति आवश्यक हो गई

धन्यवाद


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