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Blog by ilma | Digital Diary

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अच्छी नींद के लिए क्या खाना चाहिए?अच्छी नींद नही आती रहते हो परेशान बस आप सोने से पहले ये खालो

अच्छी नींद के लिए क्या खाना चाहिए? यद्यपि ऐसी कई चीजें हैं जो आपकी नींद की मात्रा और गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं, लेकिन एक चीज जिसे ज्यादातर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, वह है सोने से पहले खाया जाने वाला भोजन। अच्छी नींद के लिए क्या खाना चाहिए? अच्छी तरह से रहना अच्छी नींद के लिए क्या खाना चाहिए? कंप्यूटर पर काम करते हुए कॉफी पीती महिला 16 जनवरी 2020   डॉ. कार्ल डोगरामजी द्वारा   यद्यपि ऐसी कई चीजे... Read More
अच्छी नींद के लिए क्या खाना चाहिए? यद्यपि ऐसी कई चीजें हैं जो आपकी नींद की मात्रा और गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं, लेकिन एक चीज जिसे ज्यादातर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, वह है सोने से पहले खाया जाने वाला भोजन। अच्छी नींद के लिए क्या खाना चाहिए? अच्छी तरह से रहना अच्छी नींद के लिए क्या खाना चाहिए? कंप्यूटर पर काम करते हुए कॉफी पीती महिला 16 जनवरी 2020   डॉ. कार्ल डोगरामजी द्वारा   यद्यपि ऐसी कई चीजें हैं जो आपकी नींद की मात्रा और गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं, लेकिन एक चीज जिसे ज्यादातर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, वह है सोने से पहले खाया जाने वाला भोजन। डिफ़ॉल्ट छवि विवरण पाठ डॉ. कार्ल डोघ्रामजी जेफरसन स्लीप डिसऑर्डर सेंटर के चिकित्सा निदेशक हैं।   प्रति रात सात से आठ घंटे की नींद । अगर आपको वयस्क होने पर कम से कम इतनी नींद नहीं मिल रही है - और अगर आप कम उम्र के हैं तो उससे भी ज़्यादा - तो आपको पर्याप्त नींद नहीं मिल रही है। कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इससे कम नींद से काम चला लेते हैं, लेकिन उनकी संख्या बहुत कम है। रोग नियंत्रण केंद्रों के अनुसार, 30 प्रतिशत वयस्क बताते हैं कि वे नियमित रूप से प्रति रात छह घंटे या उससे कम सोते हैं। इससे उन्हें बीमारियाँ होने, दिन में अनुचित समय पर झपकी आने और दैनिक कार्य करने में कठिनाई होने का खतरा रहता है। अगर इनमें से किसी एक काम में कार चलाना या कोई और काम शामिल है जिसके लिए आपका पूरा ध्यान चाहिए, तो यह समझना आसान है कि पर्याप्त नींद आपके स्वास्थ्य और कल्याण के लिए कितनी महत्वपूर्ण है।   वैसे तो कई चीज़ें आपकी नींद की मात्रा और गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं, लेकिन ज़्यादातर लोग सोने से पहले खाए जाने वाले खाने को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। सोने से पहले गलत खाना खाने से आप पूरी रात करवटें बदलते रहेंगे, जबकि सही खाना खाने से आप बच्चे जैसी नींद सो पाएँगे। अच्छी नींद के लिए क्या खाना चाहिए? अच्छी तरह से रहना अच्छी नींद के लिए क्या खाना चाहिए? कंप्यूटर पर काम करते हुए कॉफी पीती महिला 16 जनवरी 2020   डॉ. कार्ल डोगरामजी द्वारा   यद्यपि ऐसी कई चीजें हैं जो आपकी नींद की मात्रा और गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं, लेकिन एक चीज जिसे ज्यादातर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, वह है सोने से पहले खाया जाने वाला भोजन। डिफ़ॉल्ट छवि विवरण पाठ डॉ. कार्ल डोघ्रामजी जेफरसन स्लीप डिसऑर्डर सेंटर के चिकित्सा निदेशक हैं।   प्रति रात सात से आठ घंटे की नींद । अगर आपको वयस्क होने पर कम से कम इतनी नींद नहीं मिल रही है - और अगर आप कम उम्र के हैं तो उससे भी ज़्यादा - तो आपको पर्याप्त नींद नहीं मिल रही है। कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इससे कम नींद से काम चला लेते हैं, लेकिन उनकी संख्या बहुत कम है। रोग नियंत्रण केंद्रों के अनुसार, 30 प्रतिशत वयस्क बताते हैं कि वे नियमित रूप से प्रति रात छह घंटे या उससे कम सोते हैं। इससे उन्हें बीमारियाँ होने, दिन में अनुचित समय पर झपकी आने और दैनिक कार्य करने में कठिनाई होने का खतरा रहता है। अगर इनमें से किसी एक काम में कार चलाना या कोई और काम शामिल है जिसके लिए आपका पूरा ध्यान चाहिए, तो यह समझना आसान है कि पर्याप्त नींद आपके स्वास्थ्य और कल्याण के लिए कितनी महत्वपूर्ण है।   वैसे तो कई चीज़ें आपकी नींद की मात्रा और गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं, लेकिन ज़्यादातर लोग सोने से पहले खाए जाने वाले खाने को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। सोने से पहले गलत खाना खाने से आप पूरी रात करवटें बदलते रहेंगे, जबकि सही खाना खाने से आप बच्चे जैसी नींद सो पाएँगे।   डिफ़ॉल्ट छवि विवरण पाठ अच्छी नींद के लिए, सोने से कम से कम चार घंटे पहले निम्नलिखित खाद्य पदार्थों से बचें: कैफीन : शायद सबसे प्रसिद्ध नींद चुराने वाला, कैफीन केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का एक उत्तेजक है जो आपके मस्तिष्क के कुछ क्षेत्रों, जिन्हें रिसेप्टर्स कहते हैं, से जुड़ता है। ये रिसेप्टर्स आमतौर पर एक अन्य रसायन से जुड़ते हैं जो आपके मस्तिष्क को सोने का संकेत देता है। चूँकि कैफीन उस रसायन को अवरुद्ध करता है, इसलिए आप पूरी तरह जागते रहेंगे। कुछ संवेदनशील व्यक्तियों को सोने से 12 घंटे पहले कैफीन से बचना चाहिए। भारी भोजन : मांस और वसा पचाने में मुश्किल होते हैं, इसलिए सोने से पहले बर्गर और पिज्जा जैसे भोजन खाना ठीक नहीं है। सोने से ठीक पहले इन्हें खाने से आपका पेट भी खराब हो सकता है। अम्लीय और मसालेदार भोजन : टैको जैसे मसालेदार भोजन या खट्टे फल जैसे अम्लीय भोजन खाने से सीने में जलन और पेट में जलन हो सकती है। अगर आपको गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स रोग (जीईआरडी) है, तो यह विशेष रूप से समस्याजनक हो सकता है। चीनी और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट : मीठे स्नैक्स और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट जैसे सफेद ब्रेड और पास्ता आपके रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ा सकते हैं। इससे आपको ऊर्जा का एक झोंका मिल सकता है, जो सोने की कोशिश करते समय आपके लिए हानिकारक है। यह मेलाटोनिन के स्राव को भी बाधित कर सकता है, एक ऐसा हार्मोन जो आपकी सतर्कता को कम करता है और आपको सोने और सोते रहने में मदद करता है। शराब : एक नाइट कैप आपको सोने में मदद कर सकती है, लेकिन उस रात बाद में आप पूरी तरह जागते रहेंगे जब "रिबाउंड वेकफुलनेस" शुरू हो जाएगी और आपकी नींद में खलल डालेगी। शराब एक मूत्रवर्धक भी है, जिसका मतलब है कि आपको बार-बार बाथरूम जाने के लिए जागना पड़ सकता है। कमेंट जरूर करना  Comment me 
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[email protected] 22 Aug 2025 212 Views

सूखकर हड्डियों का ढांचा हो गया है शरीर वजन हो गया है कम तो चने के साथ खा लें ये एक चीज तेजी से बढ़ने लगेगा वजन । बस ये करलो फिर आपको फरक खूद ही दिखने लगेगा ।

सूखकर हड्डियों का ढांचा हो गया है शरीर, तो चने के साथ खा लें ये एक चीज, तेजी से बढ़ने लगेगा वजन क्या आप भी अपने दुबले-पतले शरीर से परेशान हैं और वजन को बढ़ाने के लिए हेल्दी ऑप्शन तलाश रहे हैं तो आप चने के साख इस चीज को खा सकते हैं. Khajoor with Gram For Weight Gain: शरीर को सेहतमंद रखने के लिए हम कई तरह की चीजों को डाइट में शामिल करते हैं, लेकिन जिन लोगों का शरीर दुबला-पतला है उनको क्या खाना चाहिए... Read More
सूखकर हड्डियों का ढांचा हो गया है शरीर, तो चने के साथ खा लें ये एक चीज, तेजी से बढ़ने लगेगा वजन क्या आप भी अपने दुबले-पतले शरीर से परेशान हैं और वजन को बढ़ाने के लिए हेल्दी ऑप्शन तलाश रहे हैं तो आप चने के साख इस चीज को खा सकते हैं. Khajoor with Gram For Weight Gain: शरीर को सेहतमंद रखने के लिए हम कई तरह की चीजों को डाइट में शामिल करते हैं, लेकिन जिन लोगों का शरीर दुबला-पतला है उनको क्या खाना चाहिए ये मायने रखता है. दरअसल आज के समय में मोटापे की समस्या से ज्यादातर लोग जूझ रहे हैं और उसे कम करने के लिए उन्हें कई तरह की जानकारी मिल जाती है. लेकिन बात जब वजन को बढ़ाने की आती है तब उतनी जानकारी नहीं मिल पाती जितनी आवश्यक होती है. अगर आप भी अपने दुबले पतले शरीर से परेशान हैं और वजन को बढ़ाना चाहते हैं, चने के साथ खजूर का सेवन कर सकते हैं. चना और खजूर दोनों को सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है वजन बढ़ाने के लिए कैसे खाएं खजूर और चना- (Roasted Chickpeas And Dates For Weight Gain) अगर आप भी हेल्दी तरीके से अपने वजन को बढ़ाना चाहते हैं तो आप खजूर और चना का साथ में सेवन कर सकते हैं. क्योंकि इन दोनों को सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. बस आपको सुबह खाली पेट 3-4 खजूर के साथ एक मुठ्ठी भुने चने का सेवन कर सकते हैं Comment me कमेंट मे बताना ये आपके ये कुछ काम का था या नही 
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[email protected] 20 Aug 2025 169 Views

पुराने नजले और जुकाम का आयुर्वेदिक उपचार ||

पुराने नजले और जुकाम का आयुर्वेदिक उपचार || नोट: सभी तरह का नया व पुराना नजला 4 महीने से 1 साल तक के समय में आयुर्वेदिक दवा, खानपान में बदलाव, परहेज व जरुरत पड़ने पर पंचकर्म की क्रियाओं से पूरी तरह से ठीक हो सकता है।   नजले का देसी इलाज (Home remedy for Najla) काढ़ा – आयुर्वेदिक दवा के साथ ही नजला का घरेलु इलाज भी काफी फायदेमंद साबित होता है। जिसमें घर पर ही काढ़ा बनाकर पीने से रोगी को राहत मिलती ह... Read More
पुराने नजले और जुकाम का आयुर्वेदिक उपचार || नोट: सभी तरह का नया व पुराना नजला 4 महीने से 1 साल तक के समय में आयुर्वेदिक दवा, खानपान में बदलाव, परहेज व जरुरत पड़ने पर पंचकर्म की क्रियाओं से पूरी तरह से ठीक हो सकता है।   नजले का देसी इलाज (Home remedy for Najla) काढ़ा – आयुर्वेदिक दवा के साथ ही नजला का घरेलु इलाज भी काफी फायदेमंद साबित होता है। जिसमें घर पर ही काढ़ा बनाकर पीने से रोगी को राहत मिलती है। ये काढ़ा इस प्रकार है: अदरक और गुड़ का काढ़ा। काली मिर्च व नींबू का काढ़ा। अजवाइन व गुड़ का काढ़ा। दालचीनी का काढ़ा। लौंग-तुलसी और काला नमक का काढ़ा। इलायची व शहद का काढ़ा। इसके अलावा शहद और अदरक का रस एक-एक चम्मच मिलाकर सुबह-शाम पीने से नजले में फायदा आता है। नागरबेल (पान) के 2 से 4 पत्ते चबा लेना भी फायदेमंद है। हल्दी और दूध गरम कर उसमें गुड़ मिलाकर पीने से जुकाम, कफ़, व शरीर में होने वाले दर्द से राहत मिलती है| सुबह-शाम अजवायन की फंकी लेने से भी आराम मिलता है| रात में सोते समय अजवायन को गर्म कर सुंघने से भी राहत मिलती है। देसी गाय के शुद्ध देसी घी से भी नजला में काफी आराम मिलता है। ऐसे में रोगी को उस गाय का घी लेना है जिसकी पीठ पर हम्प होता है यह घी आपको लगातर तीन महीने डालना है यह दस से ज्यादा साल पुराने नजले को भी खत्म कर देता है। गर्म पानी में चुटकी भर नमक मिला कर गरारे करने से खांसी-जुकाम के दौरान काफी राहत मिलती है। इससे गले को राहत मिलती है और खांसी से भी आराम मिलता है। यह भी काफी पुराना नुस्खा है। अकसर नजले में एलर्जी के कण नाक की नलियों की समस्या बन जाते है। जिसके कारण लगातार छींके आने लगती है, गला सुखा रहता है, नाक बहने लगती है.. ऐसी गंभीर स्थिति में अस्थमा भी हो सकता है। ऐसे में नजले के स्थायी इलाज के लिए (Najle ka permanent ilaj) देरी ना करते हुए डॉक्टर की सलाह लें।
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[email protected] 17 Aug 2025 2046 Views

कई दिनों से ठीक नहीं हो रही है खांसी? ये आयुर्वेदिक इलाज अपनाएं

कई दिनों से ठीक नहीं हो रही है खांसी? ये आयुर्वेदिक इलाज अपनाएं खांसी एक आम समस्या है जो किसी भी मौसम में आपको हो सकती है. कई बार खांसी अपने आप ठीक हो जाती है तो कुछ मामलों में दवाओं का सहारा लेना पड़ता है. कभी-कभी खांसी की समस्या इतनी बढ़ जाती है कि इसकी वजह से सीने और पसलियों में दर्द होने लगता है. इस लेख में हम आपको खांसी के घरेलू इलाज, खांसी के लिए आयुर्वेदिक कफ सिरप (Ayurvedic Cough Syrup) और ख... Read More
कई दिनों से ठीक नहीं हो रही है खांसी? ये आयुर्वेदिक इलाज अपनाएं खांसी एक आम समस्या है जो किसी भी मौसम में आपको हो सकती है. कई बार खांसी अपने आप ठीक हो जाती है तो कुछ मामलों में दवाओं का सहारा लेना पड़ता है. कभी-कभी खांसी की समस्या इतनी बढ़ जाती है कि इसकी वजह से सीने और पसलियों में दर्द होने लगता है. इस लेख में हम आपको खांसी के घरेलू इलाज, खांसी के लिए आयुर्वेदिक कफ सिरप (Ayurvedic Cough Syrup) और खानपान से जुड़ी जानकारियों के बारे में बता रहे हैं.    खांसी के प्रकार (Types of Cough in Hindi)   अगर खांसी आने पर साथ में बलगम भी निकल रहा है तो इसे बलगम वाली खांसी या गीली खांसी कहा जाता है. वहीं दूसरी तरफ अगर बलगम नहीं निकल रहा है तो इसे सूखी खांसी (Dry Cough) कहा जाता है.    सूखी खांसी की समस्या अक्सर रात के समय बहुत बढ़ जाती है और इससे लोगों की नींद डिस्टर्ब होने लगती है. यही वजह है कि खांसी की कई अंग्रेजी दवाओं (Khansi ki Medicine) में ऐसे घटक मिलाए जाते हैं जिससे नींद जल्दी आ जाए और खांसी से आराम मिले.    वैसे तो बाजार में खांसी के लिए कई कफ सिरप मौजूद हैं लेकिन अधिकांश लोग आयुर्वेदिक कफ सिरप लेना पसंद करते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि आयुर्वेदिक कफ सिरप (Ayurvedic Cough Syrup) पीने से नींद भी नहीं आती है और इससे पुरानी से पुरानी खांसी भी जल्दी ठीक हो जाती है.    खांसी होने के कारण (Causes of Cough in Hindi)    कभी कुछ अधिक ठंडी चीजें जैसे कि आइसक्रीम खा लेने या कोल्ड ड्रिंक पी लेने के बाद खांसी होना आम बात है. इसके अलावा जुकाम होने पर या गले में संक्रमण होने से भी खांसी की समस्या हो सकती है.    खांसी से राहत पाने के लिए आसान घरेलू उपाय (Home remedies for Cough in Hindi)   खांसी होने पर अधिकांश लोग घरेलू उपाय अपनाने के बारे में सोचते हैं. आयुर्वेदिक एक्सपर्ट का भी मानना है कि खांसी के इलाज में अगर सही तरीके से घरेलू इलाज अपनाएं जाएं तो खांसी जल्दी ठीक हो जाती है. आइए जानते हैं कि खांसी होने पर किन चीजों का सेवन करें:    शहद (Honey for Cough): शहद सूखी और कफ वाली दोनों तरह की खांसी के इलाज में बहुत कारगर है. रात में सोने से पहले अगर आप एक चम्मच शहद का सेवन करें तो सोते समय खांसी कम आती है. आयुर्वेद के अनुसार शहद में कफ शामक गुण होते है जो की खांसी की समस्या को कम करने मदद करते है.    तुलसी (Tulsi for Cough): आयुर्वेद में प्राचीन काल से ही खांसी के इलाज के लिए तुलसी का प्रयोग किया जाता है. तुलसी में एंटीमाइक्रोबियल, एंटी-इनफ्लेमेटरी, एंटीटसिव और एंटी-एलर्जिक क्षमताएं होती हैं जो खांसी से जल्दी राहत दिलाती हैं. यही वजह है कि खांसी की अधिकांश आयुर्वेदिक सिरप में तुलसी का उपयोग किया जाता है.    मुलेठी(Mulethi for Cough): मुलेठी को आयुर्वेद में यष्टिमधु भी कहा गया है जिसका निर्देश कफ संबंधी रोगों लेने का दिया गया है. गले के स्वास्थ्य के लिए मुलेठी बेहद फायदेमंद है. खांसी हो या गले में खराश हो मुलेठी का सेवन करने से जल्दी आराम मिलता है. मुलेठी गले में ज्यादा बलगम बनने से रोकती है और इस तरह यह खांसी से राहत दिलाती है.    काली मिर्च (Kali Mirch for Cough): काली मिर्च गले की जलन से राहत दिलाती है साथ ही अगर इसका सेवन शहद के साथ किया जाए तो खांसी से जल्दी आराम दिलाती है.    पिप्पली (Pippali for Dry Cough): पिप्पली की तासीर गर्म होती है. आयुर्वेदिक विशेसज्ञों के अनुसार, गला बैठने की समस्या से राहत दिलाने में यह बहुत कारगर है. इसके अलावा यह गले में मौजूद कफ को हटाने में भी मदद करती है.    सोंठ (Sonth or Dry Ginger for Cough): खांसी और गले के संक्रमण के इलाज में उपयोग की जाने वाली की आयुर्वेदिक दवाओं में सोंठ का उपयोग प्रमुखता से किया जाता है.ठंड लगने या जुकाम की वजह से होने वाले खांसी को दूर करने में सोंठ बहुत उपयोगी है.    खांसी के लिए आयुर्वेदिक कफ सिरप (Best Ayurvedic Cough Syrup for Dry and Chronic Cough in Hindi)   अगर आप खांसी से परेशान हैं और आयुर्वेदिक कफ सिरप खोज रहे हैं तो आपको वो कफ सिरप (Khansi ka Syrup) लेना चाहिए जिसमें ऊपर बताई गई अधिकांश जड़ी-बूटियाँ शामिल हों. जैसे कि टाटा 1mg तेजस्या कफ रिलीफ सिरप में शहद, तुलसी, मुलेठी, सोंठ और पिप्पली सभी जड़ी-बूटियाँ मौजूद हैं जो इसे बेहद खास और प्रभावी बनाती हैं. आप सूखी खांसी से परेशान हो या बलगम वाली खांसी से, तेजस्या कफ सिरप का उपयोग दोनों में किया जा सकता है. तेजस्या कफ सिरप (Tejasya Ayurvedic Cough Syrup) में सिर्फ प्राकृतिक जड़ी बूटियों का अर्क मिलाया गया है और इसमें एल्कोहल का इस्तेमाल बिल्कुल भी नहीं किया गया है. इसे पीने से नींद या सुस्ती नहीं आती है.     अगर आप सूखी खांसी या बलगम वाली खांसी से परेशान हैं तो 10 एमएल या 2 चम्मच टाटा 1mg तेजस्या कफ सिरप दिन में दो बार या आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह के अनुसार लें.   खांसी के लिए आयुर्वेदिक दवाएं (Ayurvedic Medicines for Cough in Hindi)   कफ सिरप के अलावा ऐसे कई चूर्ण भी हैं जो खांसी से बहुत जल्दी राहत दिलाते हैं. इन चूर्ण के सेवन से पुरानी खांसी या क्रोनिक कफ भी ठीक होने लगता है. आइए अब इनके बारे में जानते हैं:   सितोपलादि चूर्ण (Sitopaladi Churna for Cough)   सितोपलादि चूर्ण खांसी की एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक दवा है. अधिकांश आयुर्वेदिक चिकित्सक पुरानी खांसी या सूखी खांसी से पीड़ित लोगों को सितोपलादि चूर्ण लेने की सलाह देते हैं. इसमें मौजूद जड़ी-बूटियों में कफ को शमन करने का गुण होता है. सितोपलादि चूर्ण को शहद के साथ लें और इसे लेने के बाद कम से कम आधे घंटे पर कुछ भी खाएं पिएं नहीं. सूखी खांसी होने पर इसे रात में सोने से पहले लेना चाहिए.       त्रिकटु चूर्ण (Trikatu Churna for Cough)   काली मिर्च, पिप्पली और सोंठ इन तीनों के मिश्रण को त्रिकटु चूर्ण कहा जाता है. जिसका उपयोग कफ और पाचन संबंधी रोगों में किया जाता है. यह चूर्ण कफ को बनने से रोकता है जिससे खांसी से जल्दी राहत मिलने लगती है. त्रिकटु चूर्ण को भी शहद के साथ मिलाकर खाएं.    खांसी के दौरान क्या खाएं और क्या ना खाएं (What to Eat and not to Eat During Cough)   क्या ना खाएं    ठंडी चीजों से परहेज करें  फ्रिज में रखी लस्सी, कोल्ड ड्रिंक या छाछ पीने से बचें  अधिक तेल मसाले वाली चीजें ना खाए क्या खाएं    गुनगुना पानी पिएं  नमक के पानी से गरारे करें  गर्म तासीर वाली चीजें खाएं  यहां बताए गए खांसी के घरेलू इलाज अपनाने या आयुर्वेदिक कफ सिरप (Ayurvedic Cough Syrup) लेने के 3-4 दिन बाद भी अगर खांसी से आराम नहीं मिल रहा है तो नजदीकी डॉक्टर या आयुर्वेदिक चिकित्सक के पास जाकर अपनी जांच कराएं.
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[email protected] 16 Aug 2025 194 Views

पेट की जिद्दी चर्बी घटाने में आ रही मुश्किल? बस इन 5 योगासन से आप तेजी अपना वेट लॉस तेजी से कर सकते हो बस ये कर लो योगसन

पेट की जिद्दी चर्बी घटाने में आ रही मुश्किल नही होरा वेट लॉस ? इन 5 योगासन से आप तेजी से होगा वेट लॉस पेट के आसपास जमी चर्बी कई लोगों के लिए एक बड़ी समस्या बन गई है। गलत खान-पान, तनाव और घंटों बैठकर काम करने की आदत के कारण यह चर्बी आसानी से कम नहीं होती है। ऐसे में आप इन योगासनों को करके पेट की जिद्दी चर्बी को आसानी से कम कर सकते हैं। अगर आप भी पेट की जिद्दी चर्बी घटाना चाहते हैं और लाख कोशिशों के... Read More
पेट की जिद्दी चर्बी घटाने में आ रही मुश्किल नही होरा वेट लॉस ? इन 5 योगासन से आप तेजी से होगा वेट लॉस पेट के आसपास जमी चर्बी कई लोगों के लिए एक बड़ी समस्या बन गई है। गलत खान-पान, तनाव और घंटों बैठकर काम करने की आदत के कारण यह चर्बी आसानी से कम नहीं होती है। ऐसे में आप इन योगासनों को करके पेट की जिद्दी चर्बी को आसानी से कम कर सकते हैं। अगर आप भी पेट की जिद्दी चर्बी घटाना चाहते हैं और लाख कोशिशों के बाद भी वजन कम नहीं हो रहा है, तो आप अपनी दिनचर्या में योगासन को शामिल कर सकते हैं। इससे आप पूरे दिन एक्टिव भी रहेंगे और आपका वजन भी तेजी से घटने लगेगा। भुजंगासन: Cobra Pose पेट की चर्बी को कम करने के लिए भुजंगासन एक बेहतर योगासन है। इसे करने से मांसपेशियों पर सीधा असर पड़ता है, जिससे पेट के आसपास जमी चर्बी तेजी से बर्न होने लगती है। आप रोजाना 5-6 बार यह आसन आसानी से कर सकते हैं। नौकासन: Boat Pose नौकासन करने से भी पेट की चर्बी तेजी से कम होती है। इसे करने से पेट की मांसपेशियों पर जोर पड़ता है, जिससे फैट तेजी से बर्न होता है। इस आसन से पाचन भी बेहतर होता है। आप इसे रोजाना कर सकते हैं। धनुरासन: Bow Pose धनुरासन करने से पूरी बॉडी की स्ट्रेचिंग हो जाती है। इससे पेट के निचले हिस्से की चर्बी तेजी से कम होती है और मेटाबॉलिज्म भी बढ़ने लगता है। त्रिकोणासन वजन घटाने के लिए त्रिकोणासन काफी प्रभावी है। इसे करने के लिए Yoga Mat पर सीधा खड़े होकर दोनों पैरों को लगभग तीन फुट की दूरी पर फैलाएं। अब दायां हाथ ऊपर उठाकर कान के पास रखें और बायां हाथ नीचे झुकाकर टखने के पास ले जाएं। इस आसन से पूरे शरीर में स्ट्रेचिंग होती है, जिससे लचीलापन और फिटनेस दोनों बढ़ते हैं। प्लैंक पोज प्लैंक पोज को योग और फिटनेस दोनों में बेहद प्रभावी माना जाता है। यह पूरे शरीर की मांसपेशियों को मजबूत करता है, खासतौर पर कोर मसल्स पर काम करता है। रोजाना 1–2 मिनट तक प्लैंक होल्ड करने से चर्बी घटाने में तेजी आती है। Comment me  Please jurur btana ye aap ke liye Kam Ka he ya nhe  Comment me please  Ye aap ke liye Kam Ka he ya nhi
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[email protected] 14 Aug 2025 176 Views

मुँह के छालों के लिए योग और प्राणायाम

मुँह के छालों के लिए योग और प्राणायाम मुँह के छाले मुँह में असहनीय दर्द पैदा करते हैं और अक्सर कई दिनों तक इसका पता नहीं चलता। यह होठों, जीभ, गालों के भीतरी भाग, मसूड़ों या मुँह की छत पर घाव के रूप में प्रकट हो सकता है। यद्यपि यह कोई बीमारी नहीं है, लेकिन इसका मूल कारण कई चिंताओं का संकेत हो सकता है। मुँह के छालों के कारण प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हो सकते हैं। अप्रत्यक्ष कारण आपको किसी अंतर्निहित बी... Read More
मुँह के छालों के लिए योग और प्राणायाम मुँह के छाले मुँह में असहनीय दर्द पैदा करते हैं और अक्सर कई दिनों तक इसका पता नहीं चलता। यह होठों, जीभ, गालों के भीतरी भाग, मसूड़ों या मुँह की छत पर घाव के रूप में प्रकट हो सकता है। यद्यपि यह कोई बीमारी नहीं है, लेकिन इसका मूल कारण कई चिंताओं का संकेत हो सकता है। मुँह के छालों के कारण प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हो सकते हैं। अप्रत्यक्ष कारण आपको किसी अंतर्निहित बीमारी के प्रति सचेत करते हैं। शीतली प्राणायाम मुँह के छालों का एक कारण शरीर के अंदर की गर्मी है, इसलिए शीतली प्राणायाम शरीर के तापमान को ठंडा कर बहुत मदद करता है और पाचन में भी सुधार करता है। शीतली प्राणायाम करने के चरण इस प्रकार हैं: किसी समतल सतह पर पर आराम से बैठें। अपनी हथेलियों को घुटनों पर रखें। आराम करें और अपनी जीभ को ट्यूब की तरह घुमाएँ। जीभ से साँस अंदर लें और फिर अपना मुँह बंद कर लें। धीरे-धीरे नाक से साँस छोड़ें और तापमान में बदलाव महसूस करें। प्रक्रिया को दोहराएँ। शीतकारी प्राणायाम यह प्राणायाम मन और शरीर को शांत करता है, शरीर में अग्नि तत्व (पित्त) को संतुलित करता है और पूरे शरीर से विषाक्त पदार्थों को साफ करता है। शीतकारी प्राणायाम करने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें: किसी समतल सतह पर आराम से बैठें। अपनी हथेलियों को घुटनों पर रखें। आराम करें, अपनी आँखें बंद करें और अपनी जीभ को अपने तालू (मुँह की छत) से स्पर्श करें। दाँतों को आपस में भींच लें और अपना मुँह खुला रखें। अब मुँह से धीरे-धीरे साँस अंदर लें और फुफकारने जैसी आवाज करें। अपनी साँस को यथासंभव लंबे समय तक रोके रखें। अपनी गर्दन को नीचे की ओर झुकाएँ और नाक से साँस छोड़ें। प्रक्रिया को दोहराएँ। सूर्य नमस्कार सूर्य नमस्कार सबसे अधिक प्रचलित योगासन है जिसमें कई आसनों का संयोजन है। चूंकि मुँह के छाले विटामिन की कमी के कारण हो सकते हैं, इसलिए नियमित रूप से सूर्य नमस्कार करने से प्रतिरक्षा शक्ति बढ़ती है और मुँह के छालों से बचाव होता है। यह कई समस्याओं का एकमात्र समाधान है, जैसे पीठ दर्द, कम चयापचय, तनाव और चिंता, त्वचा संबंधी समस्याएँ, मासिक धर्म संबंधी समस्याएँ आदि। सेतु बंधासन सेतु बंधासन एक योगासन है जो वायरल संक्रमण से लड़ने में मदद करता है और मुँह के छालों को रोकता है। यह आसन छाती और फेफड़ों को खोलता है और मन को शांत करता है। यह रक्त परिसंचरण को बेहतर बनाने तथा तनाव, चिंता और अवसाद को दूर करने में मदद करता है। निष्कर्ष आप इन परीक्षित घरेलू उपचारों से भी मुँह के छालों को प्राकृतिक रूप से शीघ्रता से ठीक कर सकते हैं: शहद नारियल तेल एलोवेरा जेल सिरका तुलसी तेल हल्दी का पेस्ट इनके अलावा, हाइड्रेटेड और खुश रहना, मौखिक स्वच्छता सुनिश्चित करना और मसालेदार और जंक फूड से बचना याद रखें। ध्यान और सुदर्शन क्रिया से अपना भावनात्मक संतुलन और शांति बनाए रखें। Comment me aap ko kesa lga ye kam Ka he tha nhe  Comment me please 
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[email protected] 13 Aug 2025 202 Views

फटी एड़ियों से परेशान हैं तो जानिए कैसे दूर होगी दिक्कत हो जाएंगी मुलायम बस आप चे कर के देखो इमानदारी के साथ

फटी एड़ियों से परेशान हैं  हो जाएंगी मुलायम फटी एड़ियां पैरों की सुंदरता बिगाड़ देती हैं. कई बार यह इतनी कट-फट जाती हैं कि इनसे खून तक निकलने लगता है. ऐसे में यहां जानिए किस तरह दूर होगी फटी एड़ियों की दिक्कत. ड्राइनेस के कारण, पैरों को बहुत देर तक पानी में रखने से, जमीन पर नंगे पांव चलने से या एड़ियों की ठीक तरह से सफाई ना करने पर फटी एड़ियों की दिक्कत हो जाती है. एड़ियां फट जाती हैं तो देखने में... Read More
फटी एड़ियों से परेशान हैं  हो जाएंगी मुलायम फटी एड़ियां पैरों की सुंदरता बिगाड़ देती हैं. कई बार यह इतनी कट-फट जाती हैं कि इनसे खून तक निकलने लगता है. ऐसे में यहां जानिए किस तरह दूर होगी फटी एड़ियों की दिक्कत. ड्राइनेस के कारण, पैरों को बहुत देर तक पानी में रखने से, जमीन पर नंगे पांव चलने से या एड़ियों की ठीक तरह से सफाई ना करने पर फटी एड़ियों की दिक्कत हो जाती है. एड़ियां फट जाती हैं तो देखने में तो बुरी लगती ही हैं, साथ ही इनसे खून भी बह सकता है. वहीं, एड़ी का फटना और ऊपर से डेड स्किन सेल्स का जरूरत से ज्यादा बढ़ जाना स्किन को परमानेंट डैमेज भी कर सकता है. ऐसे में इस फटी एड़ी की दिक्कत से छुटकारा पाना जरूरी होता है.  फटी एड़ियों से छुटकारा कैसे पाएं | How To Get Rid Of Cracked Heels   कहना है कि सुबह के समय मॉइस्चराइजर लगाएं. इससे पैर हाइड्रेटेड रहते हैं और पूरा दिन पैरों को मॉइस्चर मिलता है. रात के समय सैलिसिलिक एसिड या यूरिया बेस्ड क्रीम लगाएं जिससे फटी एड़ियां भरने लगें. इससे कटी स्किन भरने लगेगी और डेड स्किन छूटकर निकल जाएगी. अपने पैरों को हफ्ते में 2 से 3 बार 15 मिनट के लिए हल्के गर्म पानी में भिगोकर रखें. इससे एड़ी पर जमी मोटी स्किन को घिसकर निकालना आसान हो जाएगा. पैर भिगोकर रखने के बाद ग्लाइकॉलिक एसिड बेस्ड क्रीम लगाएं. इससे डेड स्किन सेल्स एक्सफोलिएट होकर निकल जाएंगी. रात में कोशिश करें कि आप कॉटन के जुराब पहनकर सोएं. क्रीम लगाने के बाद जुराब पहनकर सोने से त्वचा पर हाइड्रेशन लॉक हो जाती है और डैमेज नहीं होता. कमेंट करे आप के लिए  ये केसा रहा 
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[email protected] 12 Aug 2025 167 Views

40 की उम्र में भी आप लगेंगी 20 की बिना एक रूपए खर्च किए इस थेरेपी से चेहरे पर आएगा गुलाबी निखार और कसाव । बस एक बार कर लो फिर फरक खुद दिख जाएगा 

40 की उम्र में भी आप लगेंगी 20 की, बिना एक रूपए खर्च किए इस थेरेपी से चेहरे पर आएगा गुलाबी निखार और कसाव । बस एक बार कर लो फिर फरक खुद दिख जाएगा  आप अपनी स्किन रूटीन को फॉलो करके अपनी त्वचा की खूबसूरती को बरकरार रख सकती हैं. इसके लिए आपको पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है. हर किसी की चाहत होती है कि वो ताउम्र जवां दिखे, लेकिन ऐसा होता नहीं है. उम्र बढ़ने के साथ आपके हाथ पैर की ताकत कम होने लगती है औ... Read More
40 की उम्र में भी आप लगेंगी 20 की, बिना एक रूपए खर्च किए इस थेरेपी से चेहरे पर आएगा गुलाबी निखार और कसाव । बस एक बार कर लो फिर फरक खुद दिख जाएगा  आप अपनी स्किन रूटीन को फॉलो करके अपनी त्वचा की खूबसूरती को बरकरार रख सकती हैं. इसके लिए आपको पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है. हर किसी की चाहत होती है कि वो ताउम्र जवां दिखे, लेकिन ऐसा होता नहीं है. उम्र बढ़ने के साथ आपके हाथ पैर की ताकत कम होने लगती है और चेहरे की चमक और कसावट भी फीकी पड़ने लगती है. लेकिन आप अपनी स्किन रूटीन को फॉलो करके अपनी त्वचा की खूबसूरती को बरकरार रख सकती हैं. इसके लिए आपको पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है. बस आपको अपनी रूटीन में कुछ जरूरी बदलाव करना है. तो चलिए जानते हैं क्या हैं वो चेंजेज.  कैसे रखें अपने आपको जवां 1- अगर आप चाहती हैं कि आपकी स्किन हमेशा चमकदार दिखे तो इसके लिए आप सबसे पहले तो नहाने से शुरूआत करें. आप गर्मी में ठंडे पानी से तो नहाएं ही साथ ही, सर्दी में भी ठंडे पानी का इस्तेमाल करें. ठंडे पानी से नहाने से कोलेजन का स्तर बढ़ता है. इससे चेहरे पर झुर्रियां (wrinkle on face) कम होती हैं. साथ ही तनाव भी नहीं होता और नींद भी अच्छी आती है.  2- हालांकि कोल्ड शॉवर (cold shawer benefits for health) ना सिर्फ आपकी स्किन के लिए बल्कि ओवर ऑल हेल्थ के लिए अच्छा होता है. लेकिन कोई भी नई दिनचर्या शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लीजिए. क्योंकि कुछ लोगों को इससे नुकसान भी हो सकता है. वहीं, गर्भवती महिलाएं तो बिना डॉक्टर से सलाह लिए यह रूटीन फॉलो ना करें.    3- अवसाद का भी इलाज करती है कोल्ड थेरेपी (cold therapy). आपको बता दें कि ठंडा शॉवर लेने से एड्रेनालाईन में 540 प्रतिशत और डोपामाइन में 250 प्रतिशत की वृद्धि होती है. आपको बता दें कि यह डिप्रेशन की दवाएं हैं. इससे शरीर में बेहतर ब्लड सर्कुलेशन होता है.    4- आप ठंडे पानी से पहले दिन 15 सेकेंड नहाएं, फिर अगले दिन 30 सेकेंड. ऐसे ही आप 2 मिनट के कोल्ड शॉवर तक पहुंचे. अब से आप इस थेरेपी को अपनाकर देखिए, फिर देखिए कैसे आपके चेहरे पर चमक और कसाव आतीहै.   Comment me btana please  Ye aap ke liye Kam Ka rha he ya nhe Comment me please 
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[email protected] 12 Aug 2025 187 Views

जबड़े में दर्द है? TMJ की परेशानी कम करने के लिए 3 योग रणनीतियाँ

जबड़े में दर्द है? TMJ की परेशानी कम करने के लिए 3 योग रणनीतियाँ यदि आपको क्लिक, जबड़े का फटना, जबड़े में या उसके आसपास दर्द, जबड़े का लॉक होना, दांतों के आसपास दर्द और जागने पर पीड़ा महसूस होती है, तो संभावना है कि आप टीएमजे दर्द से पीड़ित हैं । टीएमजे दर्द की तीन मुख्य श्रेणियां हैं: मायोफेशियल दर्द: मांसपेशियों और ऊतकों में दर्द जोड़ का विकार, जिसका अर्थ है टेम्पोरोमैंडिबुलर जोड़ के भीतर गलत स... Read More
जबड़े में दर्द है? TMJ की परेशानी कम करने के लिए 3 योग रणनीतियाँ यदि आपको क्लिक, जबड़े का फटना, जबड़े में या उसके आसपास दर्द, जबड़े का लॉक होना, दांतों के आसपास दर्द और जागने पर पीड़ा महसूस होती है, तो संभावना है कि आप टीएमजे दर्द से पीड़ित हैं । टीएमजे दर्द की तीन मुख्य श्रेणियां हैं: मायोफेशियल दर्द: मांसपेशियों और ऊतकों में दर्द जोड़ का विकार, जिसका अर्थ है टेम्पोरोमैंडिबुलर जोड़ के भीतर गलत संरेखण टेम्पोरोमैंडिबुलर जोड़ के आसपास अपक्षयी जोड़ रोग  गर्दन, कंधों और छाती के आसपास की मांसपेशियों को स्ट्रेच करने से इस असुविधा से कुछ राहत मिल सकती है। स्ट्रेचिंग और सपोर्टेड योगासन से जकड़न को दूर करने से मायोफेशियल तनाव कुछ हद तक कम हो सकता है और जबड़े को बेहतर तरीके से संरेखित करने में मदद मिल सकती है। टीएमजे दर्द से राहत के लिए 3 योग अभ्यास 1. बॉडी स्कैन करें अपने शरीर में दर्द और बेचैनी की जांच करना यह पता लगाने का एक अच्छा तरीका है कि आपको कहां तनाव और टीएमजे दर्द का अनुभव हो रहा है।  आप इसे लेटकर या बैठकर कर सकते हैं। अपने शरीर को स्कैन करें, अपना ध्यान पूरे सिर पर ले जाएं - खोपड़ी से माथे तक, आंखों से, गालों से, नाक से, मुंह से, जबड़े तक, और गर्दन तक (सामने, बगल और पीछे), ऊपरी पीठ और कंधों के साथ-साथ छाती की मांसपेशियों तक। ध्यान दें कि क्या आपके शरीर के किसी हिस्से में तनाव है या आपको असहजता महसूस हो रही है। अपनी साँसों का इस्तेमाल करके तनाव वाले किसी भी हिस्से को आराम पहुँचाने में मदद करें। श्वास लें, सांस अंदर लें और निरीक्षण करें। सांस छोड़ें, तनाव मुक्त करें और प्रत्येक क्षेत्र में मांसपेशी ऊतक को आराम देने पर ध्यान केंद्रित करें। तनाव वाले क्षेत्र को मुक्त करने के लिए श्वास चक्र के जितने चक्र आवश्यक हों उतने लें। अक्सर, टीएमजे (TMJ) से पीड़ित लोगों के सिर, गर्दन और कंधों में बहुत ज़्यादा तनाव रहता है। एक साधारण बॉडी स्कैन आपके तनाव को समझने और उसे दूर करने पर ध्यान केंद्रित करने में आपकी मदद कर सकता है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसे ज़रूरत पड़ने पर बार-बार दोहराया जा सकता है। 2. अपनी गर्दन को स्ट्रेच करें गर्दन को खींचना भी टीएमजे की असुविधा और दर्द से राहत पाने का एक अच्छा तरीका है, क्योंकि तनावग्रस्त गर्दन की मांसपेशियां और प्रावरणी जबड़े में दर्द को काफी हद तक प्रभावित कर सकती हैं।      बैठते समय, अपने सिर को एक तरफ झुकाएँ, कान को कंधे की ओर झुकाएँ और ठुड्डी को आगे की ओर रखें। 3 से 4 साँसों तक इसी स्थिति में रहें। अपने सिर को एक तरफ़ झुकाकर, अपनी ठुड्डी को उसी कंधे की ओर नीचे घुमाएँ। 3 से 4 साँसों तक इसी स्थिति में रहें। अपने सिर को वापस प्रारंभिक बिंदु पर घुमाएं। इस चक्र को प्रत्येक तरफ 2 या 3 बार दोहराएं। ऐसा पूरे दिन करें, विशेषकर जब भी आपको लगे कि आपके कंधे तनावग्रस्त होने या तनावग्रस्त होने के कारण ऊपर उठने लगे हैं, विशेषकर वाहन चलाते समय या कोई उपकरण पकड़ते समय। 3. समर्थित बैकबेंड का अभ्यास करें सपोर्टेड बैकबेंड्स गर्दन , कंधों और छाती की मांसपेशियों में तनाव दूर करने का एक बेहतरीन तरीका है। जैसे-जैसे हमारी छाती की मांसपेशियां कसती हैं, हम अपने कंधों को आगे की ओर खींचते हैं, जिससे हमारी ठुड्डी भी आगे की ओर खिंचती है।     एक कम्बल को एक लम्बे बेलन के आकार में मोड़कर, उसे योगा मैट पर इस प्रकार रखें कि वह आपके योगा मैट के लम्बे किनारों के समानांतर हो। अपने कंबल रोल के सामने ज़मीन पर बैठ जाएँ, इस तरह कि आपका पिछला हिस्सा रोल के सिरे को छू रहा हो। रोल पर पीठ के बल लेट जाएँ ताकि आपकी कमर की रीढ़ का ऊपरी हिस्सा, आपकी वक्षीय और ग्रीवा रीढ़, और आपका सिर, सभी कंबल पर टिके रहें। अपनी बाहों को बगलों में फैलाएँ, हथेलियाँ ऊपर की ओर हों। अपनी रीढ़ को सहारा दें और अपनी छाती, कंधों और गर्दन के आसपास की मांसपेशियों को उस सहारे में आराम करने दें। आपके कूल्हे ज़मीन पर होने चाहिए। आपके घुटने मुड़े हुए रह सकते हैं, या आपके पैर फैले हुए हो सकते हैं। कम से कम कुछ मिनट तक इसी स्थिति में रहें। ऐसा करते समय अपनी नाक से साँस अंदर-बाहर करें। लंबी साँसें लें, साँस लेने और छोड़ने की गति बढ़ाएँ। अपने दांतों को थोड़ा सा अलग करें ताकि उनके बीच जगह हो। अपने पूरे शरीर को समर्थित मुद्रा में आराम करने दें और तनाव को दूर होने दें। Comment me Jrrur btana ye aap ke liye kesa rha  Please comment me  
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[email protected] 11 Aug 2025 171 Views

सिर दर्द से रहते हो परेशान आज कल ये परेशानी बहुत तेजी से पढ़ती जा रही अप परेशान नही होना अगर आप चे योग अप ढेली रूटी मे लाए तो फरक आपको कुछ दिनो मे ही दिखा जाएगा

सिर में दर्द होने पर कौन सा योग करना चाहिए ? ऐसे में प्राणायाम का अभ्यास करना आपके लिए कई तरह से फायदेमंद होता है। आपको कई तरह के प्राणायाम जैसे ओम् चैटिंग, कपालभांति प्राणायाम, अनुलोम-विलोम प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम आदि का अभ्यास अवश्य करना चाहिए। यह आपके शरीर को भीतर से रिलैक्स करते हैं, जिससे आपको तनाव कम होता है और फिर सिरदर्द की शिकायत नहीं होती है। 2 मिनट में सिरदर्द से कैसे छुटकारा पाएं?... Read More
सिर में दर्द होने पर कौन सा योग करना चाहिए ? ऐसे में प्राणायाम का अभ्यास करना आपके लिए कई तरह से फायदेमंद होता है। आपको कई तरह के प्राणायाम जैसे ओम् चैटिंग, कपालभांति प्राणायाम, अनुलोम-विलोम प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम आदि का अभ्यास अवश्य करना चाहिए। यह आपके शरीर को भीतर से रिलैक्स करते हैं, जिससे आपको तनाव कम होता है और फिर सिरदर्द की शिकायत नहीं होती है। 2 मिनट में सिरदर्द से कैसे छुटकारा पाएं? तनाव से होने वाले सिरदर्द से राहत पाने के लिए प्रत्येक हाथ पर 30 सेकंड तक मालिश करें। माइग्रेन से तुरंत राहत पाने के लिए अपने माथे पर ठंडी सिकाई करें या तनाव से होने वाले सिरदर्द को शांत करने के लिए गर्दन पर गर्म सिकाई करें।
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[email protected] 10 Aug 2025 150 Views