Company Logo

Vanshika

WEFRU9450291115202
Scan to visit website

Scan QR code to visit our website

Blog by Vanshika | Digital Diary

" To Present local Business identity in front of global market"

Meri Kalam Se Digital Diary Submit Post


आएइ जाने की पशुपालन क्या है


 पशुपालन-  पशुधन के प्रबंधन को पशुपालन कहते हैं इसके अंतर्गत बहुत से कार्य जैसे भजन देना प्रजनन तथा रोगों पर नियंत्रण करना आता है जनसंख्या वृद्धि तथा दहन सहन के स्तर में वृद्धि के कारण दूध तथा मांस खपत भी बढ़ रही है पशुधन के लिए मानवीय व्यवहार के प्रति जागरूकता होने के कारण पशुधन खेती में कुछ नहीं परेशानियां भी आ गई है इसलिए पशुधन उत्पादन बढ़ाने व उसमें सुधार की आवश्यकता है   ध... Read More

 पशुपालन-

 पशुधन के प्रबंधन को पशुपालन कहते हैं इसके अंतर्गत बहुत से कार्य जैसे भजन देना प्रजनन तथा रोगों पर नियंत्रण करना आता है जनसंख्या वृद्धि तथा दहन सहन के स्तर में वृद्धि के कारण दूध तथा मांस खपत भी बढ़ रही है पशुधन के लिए मानवीय व्यवहार के प्रति जागरूकता होने के कारण पशुधन खेती में कुछ नहीं परेशानियां भी आ गई है इसलिए पशुधन उत्पादन बढ़ाने व उसमें सुधार की आवश्यकता है 

 धन्यवाद


Read Full Blog...


आंखों की स्वच्छता


 आंखों की स्वच्छता  आंखों का मनुष्य के जीवन में बहुत महत्व होता है आंख के द्वारा ही संपूर्ण संसार को देखा जा सकता है अतः आंखों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए थोड़ी सी लापरवाही आंखों को भयंकर नुकसान पहुंचती है  आंखों की स्वच्छता के लिए निम्नलिखित उपाय करने चाहिए-  आंखों में रात्रि को सोते समय गुलाब जल डालना चाहिए तथा प्राप्त ठंडे पानी के चीते देना चाहिए  आंखों को तेज... Read More

 आंखों की स्वच्छता

 आंखों का मनुष्य के जीवन में बहुत महत्व होता है आंख के द्वारा ही संपूर्ण संसार को देखा जा सकता है अतः आंखों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए थोड़ी सी लापरवाही आंखों को भयंकर नुकसान पहुंचती है

 आंखों की स्वच्छता के लिए निम्नलिखित उपाय करने चाहिए-

 आंखों में रात्रि को सोते समय गुलाब जल डालना चाहिए तथा प्राप्त ठंडे पानी के चीते देना चाहिए

 आंखों को तेज धूप प्रकाश में धुएं से बचना चाहिए

 गंदा ओला या रुमाल आंखों पर नहीं लगना चाहिए और ना ही आंखों को अधिक रगड़ना चाहि

 पढ़ने लिखने अथवा महीन कार्य करते समय रोशनी की उचित व्यवस्था होनी चाहिए

 आंखों की रोशनी बढ़ाने वह उन्हें स्वस्थ रखने के लिए विटामिन ए युक्त भोजन का सेवन करना चाहिए

 अध्ययन करते समय पुस्तक को नेत्रों के बहुत निकट नहीं रखना चाहिए

 आशिक दृष्टि दोष का पता चलते ही तुरंत नेत्र विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए

 नेटवर्क को तेज रोशनी में धूप से भी बचना चाहिए धूप में घर से बाहर जाते समय उच्च कोटि का धूप का चश्मा लगाना चाहिए

 धन्यवाद


Read Full Blog...


दांतों की स्वच्छता


 दांतों की स्वच्छता   दांत मुंह की शोभा होते हैं चमकते हुए दांत हंसी में चार चांद लगा देते हैं और व्यक्ति के व्यक्ति तत्व को प्रभावशाली बना देते हैं इसके अतिरिक्त दांत ग्रहण किया आहार को चबाकर पाचन योग्य बनाने का कार्य करते हैं अतः शारीरिक स्वास्थ्य में दांतों का विशेष योगदान होता है स्वस्थ दांतों से पाचन का कार्य ठीक ढंग से हो पता है परंतु अस्वस्थ दांत होने पर भोजन ठीक से नहीं चलाय... Read More

 दांतों की स्वच्छता 

 दांत मुंह की शोभा होते हैं चमकते हुए दांत हंसी में चार चांद लगा देते हैं और व्यक्ति के व्यक्ति तत्व को प्रभावशाली बना देते हैं इसके अतिरिक्त दांत ग्रहण किया आहार को चबाकर पाचन योग्य बनाने का कार्य करते हैं अतः शारीरिक स्वास्थ्य में दांतों का विशेष योगदान होता है स्वस्थ दांतों से पाचन का कार्य ठीक ढंग से हो पता है परंतु अस्वस्थ दांत होने पर भोजन ठीक से नहीं चलाया जा सकता है और दांतों का शेष कार्य आंतों को करना पड़ता है ऐसा होने से पहले पेट संबंधित रोग हो जाते हैं और मुंह से बदबू आने लगती है यदि दांतों की सुरक्षा का स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है तो कैरिज व्यापार या नामक रोग हो जाते हैं 

 धन्यवाद


Read Full Blog...


आंतों की स्वच्छता


 आंतों की स्वच्छता  जो भी भोजन हम ग्रहण करते हैं वह पाचन तंत्र के विभिन्न भागों द्वारा बचाया जाता है और भोजन में विद्वान सभी पौष्टिक तत्व ग्रहण कर लिए जाते हैं शेष बचे हुए व्यर्थ पदार्थ का शरीर से बाहर निकलना आवश्यक होता है जिसे माल के रूप में बड़ी आंत द्वारा बाहर निकाल दिया जाता है   जो व्यक्ति ठीक समय पर सो जाते हैं उनकी आंखे तुरंत साफ हो जाती है परंतु जो व्यक्ति सो जाने में... Read More

 आंतों की स्वच्छता

 जो भी भोजन हम ग्रहण करते हैं वह पाचन तंत्र के विभिन्न भागों द्वारा बचाया जाता है और भोजन में विद्वान सभी पौष्टिक तत्व ग्रहण कर लिए जाते हैं शेष बचे हुए व्यर्थ पदार्थ का शरीर से बाहर निकलना आवश्यक होता है जिसे माल के रूप में बड़ी आंत द्वारा बाहर निकाल दिया जाता है 

 जो व्यक्ति ठीक समय पर सो जाते हैं उनकी आंखे तुरंत साफ हो जाती है परंतु जो व्यक्ति सो जाने में अलसी या अनियमित बढ़ाते हैं उन्हें विभिन्न प्रकार के रोग जैसे कब्ज जीव मिचलाना चक्कर आना अलसी पेट दर्द बवासीर आदि रोग हो जाते हैं

 पता प्रत्येक व्यक्ति को चाहिए कि वह अपनी आंतों की स्वच्छता आवश्यक करें इसके लिए सदा पानी नींबू का पानी अशुभ गोल की भूसी त्रिफला चूर्ण आदि का नियमित प्रयोग भी किया जा सकता है

 धन्यवाद


Read Full Blog...


हाथ व पैरों की स्वच्छता


 हाथ व पैरों की स्वच्छता  भोजन करने से पहले हाथ वह पैरों को भली भांति स्वच्छ कर लेना चाहिए हाथों में जमीन गंदगी भोजन के माध्यम से हमारे पेट में पहुंच जाती है और विभिन्न प्रकार के रोग हो जाते हैं हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए हाथ धोने के लिए वास बेसिन साबुन तथा तोलिए का एक स्नान पर प्रबंध होना चाहिए  हाथ के साथ-साथ पैरों को भी भली प्रकार साफ करना चाहिए स्नान करते समय पैरों क... Read More

 हाथ व पैरों की स्वच्छता

 भोजन करने से पहले हाथ वह पैरों को भली भांति स्वच्छ कर लेना चाहिए हाथों में जमीन गंदगी भोजन के माध्यम से हमारे पेट में पहुंच जाती है और विभिन्न प्रकार के रोग हो जाते हैं हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए हाथ धोने के लिए वास बेसिन साबुन तथा तोलिए का एक स्नान पर प्रबंध होना चाहिए

 हाथ के साथ-साथ पैरों को भी भली प्रकार साफ करना चाहिए स्नान करते समय पैरों को अच्छी तरह रगड़कर साफ करना चाहिए हाथों की तरह पैरों के नाखून भी साफ करने चाहिए पैरों में चप्पल पहननी चाहिए साफ पर करके ही रात्रि में सोना चाहिए ऊंची हील की चप्पल नहीं पहननी चाहिए 

धन्यवाद


Read Full Blog...


नाखूनों की स्वच्छता


 नाखूनों की स्वच्छता   हाथों से भोजन करने पर नाखूनों में भारी गंदगी भोजन के साथ पेट में पहुंचती है जिसका कुप्रभाव व्यक्ति के स्वास्थ्य पर पड़ता है अतः नाखूनों को समय-समय पर काटते रहना चाहिए तथा स्नान करते समय पतले ब्रश से साबुन लगाकर नाखून की साफ करना चाहिए ऐसा करने से नाखून साफ हो जाते हैं तथा हाथों में पैरों की सुंदरता भी पड़ती है   धन्यवाद Read More

 नाखूनों की स्वच्छता 

 हाथों से भोजन करने पर नाखूनों में भारी गंदगी भोजन के साथ पेट में पहुंचती है जिसका कुप्रभाव व्यक्ति के स्वास्थ्य पर पड़ता है अतः नाखूनों को समय-समय पर काटते रहना चाहिए तथा स्नान करते समय पतले ब्रश से साबुन लगाकर नाखून की साफ करना चाहिए ऐसा करने से नाखून साफ हो जाते हैं तथा हाथों में पैरों की सुंदरता भी पड़ती है 

 धन्यवाद


Read Full Blog...


बालों की स्वच्छता कैसे करें


 बालों की स्वच्छता-  बाल चेहरे की शोभा बढ़ाते हैं बालों को स्वच्छ ना रखने से सिर में दाने वह जुड़े आदि हो जाती है फल स्वरुप बाल झड़ने लगते हैं और बालों की वृद्धि भी रुक जाती है अतः बालों को स्वस्थ रखने के लिए निम्न बातों को ध्यान में रखना चाहिए  लंबे बालों को सत्ता में काम से कम दो बार तथा छोटे बालों को प्रतिदिन आवश्यक धोना चाहिए  बालों को बेसन या मुल्तानी मिट्टी अखबार रीता वाल... Read More

 बालों की स्वच्छता-

 बाल चेहरे की शोभा बढ़ाते हैं बालों को स्वच्छ ना रखने से सिर में दाने वह जुड़े आदि हो जाती है फल स्वरुप बाल झड़ने लगते हैं और बालों की वृद्धि भी रुक जाती है अतः बालों को स्वस्थ रखने के लिए निम्न बातों को ध्यान में रखना चाहिए

 लंबे बालों को सत्ता में काम से कम दो बार तथा छोटे बालों को प्रतिदिन आवश्यक धोना चाहिए

 बालों को बेसन या मुल्तानी मिट्टी अखबार रीता वाला सिकाई से धोना चाहिए

 यदि शैंपू से धोना हो तो उत्तम प्रकार के शैंपू का प्रयोग करना चाहिए

 बालों को धोने के पश्चात सुखाकर तेल डालना चाहिए तथा घर के प्रत्येक सदस्य की कंगी अलग-अलग होनी चाहिए

 यदि सर में जो पड़ जाए तो लाइसेंस लगाने से जो नष्ट हो जाती है

 बालों को दिन में काम से कम तीन बार कंघी करना चाहिए 

 धन्यवाद


Read Full Blog...


वसा की कमी का स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव


 वसा की कमी का स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव-  आहार में वसा की कमी का भी व्यक्ति के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है वास की कमी का व्यक्ति के शरीर की वृद्धि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है इस दशा में व्यक्ति की त्वचा खुरदरी हो जाती है तथा उसमें कुछ विकार भी आ जाता है वसा की कमी से व्यक्ति के पैरों में सूजन आ जाती है वास की कमी से शरीर में ऊर्जा की कमी आ जाती है तथा उसकी चुस्ती फुर्ती घटन... Read More

 वसा की कमी का स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव-

 आहार में वसा की कमी का भी व्यक्ति के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है वास की कमी का व्यक्ति के शरीर की वृद्धि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है इस दशा में व्यक्ति की त्वचा खुरदरी हो जाती है तथा उसमें कुछ विकार भी आ जाता है वसा की कमी से व्यक्ति के पैरों में सूजन आ जाती है वास की कमी से शरीर में ऊर्जा की कमी आ जाती है तथा उसकी चुस्ती फुर्ती घटने लगती है वह शीघ्र थकान अनुभव करने लगता है आहार में वसा की कमी के कारण व्यक्ति के शरीर में वर्षा गलत विटामिनों का भी कमी होने लगती है तथा व्यक्ति संबंधित अभाव जनित रोगों का शिकार होने लगता है

 धन्यवाद


Read Full Blog...


कार्बोहाइड्रेट की कमी का स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव


 कार्बोहाइड्रेट की कमी का स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव-  आहार में कार्बोहाइड्रेट की कमी के कारण व्यक्ति प्रोटीन कार्बोहाइड्रेट कुपोषण का शिकार हो जाता है इस स्थिति में व्यक्ति के शरीर का वजन घटने लगता है तथा त्वचा में झुर्रियां पढ़ने लगती है त्वचा ढीली पढ़ने के कारण लटकने लगते हैं व्यक्ति दुर्बलता अनुभव करने लगता है तथा उसके चेहरे की सामान्य चमक भी कम होने लगती है स्पष्ट है कि आहार में क... Read More

 कार्बोहाइड्रेट की कमी का स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव-

 आहार में कार्बोहाइड्रेट की कमी के कारण व्यक्ति प्रोटीन कार्बोहाइड्रेट कुपोषण का शिकार हो जाता है इस स्थिति में व्यक्ति के शरीर का वजन घटने लगता है तथा त्वचा में झुर्रियां पढ़ने लगती है त्वचा ढीली पढ़ने के कारण लटकने लगते हैं व्यक्ति दुर्बलता अनुभव करने लगता है तथा उसके चेहरे की सामान्य चमक भी कम होने लगती है स्पष्ट है कि आहार में कार्बोहाइड्रेट की कमी का व्यक्ति के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है

 धन्यवाद:-


Read Full Blog...


प्रोटीन की कमी का स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव


 प्रोटीन की कमी का स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव-  आहार में प्रोटीन की कमी से व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता घटने लगती है तथा व्यक्ति के विभिन्न रोगों का शिकार हो जाने की आशंका पड़ जाती है प्रत्यक्ष रूप से आहार में प्रोटीन की कमी के कारण व्यक्ति की शारीरिक वृद्धि अवरुद्ध हो जाती है यहां नहीं इस दशा में सुधा एडिमा पर लहंगा तथा यंग कृत संबंधी रोग भी हो जाते हैं बच्चों में प्रोटीन की कमी के... Read More

 प्रोटीन की कमी का स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव-

 आहार में प्रोटीन की कमी से व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता घटने लगती है तथा व्यक्ति के विभिन्न रोगों का शिकार हो जाने की आशंका पड़ जाती है प्रत्यक्ष रूप से आहार में प्रोटीन की कमी के कारण व्यक्ति की शारीरिक वृद्धि अवरुद्ध हो जाती है यहां नहीं इस दशा में सुधा एडिमा पर लहंगा तथा यंग कृत संबंधी रोग भी हो जाते हैं बच्चों में प्रोटीन की कमी के कारण तथा मेरे मार्स नामक रोग हो जाते हैं व्यस्त को में भी प्रोटीन की कमी के कारण स्वास्थ्य को दुर्बल बनाने वाले विभिन्न कारक प्रबल हो जाते हैं

 धन्यवाद-


Read Full Blog...



<--icon---->