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Shabainoor

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Blog by Shabainoor | Digital Diary

" To Present local Business identity in front of global market"

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AI की मदद से आप खुदका गेम बना सकते है आइए जानते है कैसे।


AI (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) की मदद से बिना बिना कोडिंग के गेम बनाना अब बेहद आसान है। आप Rosebud AI, Ludo AI, या ChatGPT जैसे टूल्स का उपयोग करके कुछ ही मिनटों में 2D/3D गेम बना सकते है। बस अपने गेम का विचार (Prompt) लिखे, और AI कोड व एसेट्स (Assets) तैयार कर देगा। AI से गेम बनाने के मुख्य तरीके: Ludo.ai: यह आइडियाज को प्लेबल प्रोटोटाइप में बदलने के लिए बेहतरीन है। इसमें गेम मैकेनिक्स और जे... Read More

AI (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) की मदद से बिना बिना कोडिंग के गेम बनाना अब बेहद आसान है। आप Rosebud AI, Ludo AI, या ChatGPT जैसे टूल्स का उपयोग करके कुछ ही मिनटों में 2D/3D गेम बना सकते है। बस अपने गेम का विचार (Prompt) लिखे, और AI कोड व एसेट्स (Assets) तैयार कर देगा।

AI से गेम बनाने के मुख्य तरीके:

  • Ludo.ai: यह आइडियाज को प्लेबल प्रोटोटाइप में बदलने के लिए बेहतरीन है। इसमें गेम मैकेनिक्स और जेनर को परिभाषित कर सकते है।

  • ChatGPT/Claude (कोडिंग के साथ): यदि आपको थोड़ी कोडिंग की समझ है, तो आप ChatGPT से Python (Pygame) या HTML/JS में गेम कोड लिखवा सकते है।

  • मोबाइल पर (No Coding): 'Manas AI' जैसे टूल्स का उपयोग करके मोबाइल पर ही गेम का लॉजिक बता कर गेम बनाया जा सकता है, जो प्रोजेक्ट की ज़िप फाइल देता है।

गेम डेवलपमेंट प्रक्रिया:

  • Rosebud.ai: या किसी अन्य टूल पर साइन अप करें।

  • Prompt दें: बताए कि आप कैसा गेम चाहते है।

  • Customize करें: AI द्वारा बनाए गए गेम में ग्राफिक्स, लेवल और साउंड बदले।

  • Publish: गेम को सीधे वेब पर लाइव पब्लिश करें।

गेम डेवलपमेंट में AI आर्ट का इस्तेमाल:

Adobe Firefly या Midjourney जैसे टूल्स का उपयोग करके आप गेम के लिए कैरेक्टर और बैकग्राउंड इमेज बना सकते है।

   : धन्यवाद :

 

 


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चिड़िया और पेड़ की कहानी


एक नदी के किनारे दो पेड़ थे। उस रास्ते से एक छोटी सी चिड़िया गुजरी..... और पहले पेड़ से पूछा... Read More

एक नदी के किनारे दो पेड़ थे। उस रास्ते से एक छोटी सी चिड़िया गुजरी..... और पहले पेड़ से पूछा...


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फूटे घड़े की कहानी


फूटे घड़े की कहानी एक किसान और उसके दो घड़ों की है, जिसमें एक घड़ा फूटा हुआ था। अपनी कमी के कारण वह दुखी था, लेकिन समझदार किसान ने उस फूटे घड़े से पानी रिसने वाली जंगह पर फूल बो दिए। इस तरह फूटे घड़े की कमी उसकी ताकत बन गई और रस्ते में सुंदर फूल खिल उठे, जो जो यह सिखाता है कि कमियों में भी खूबसूरती छुपी होती है। कहानी का सारांश: पात्र: एक किसान, एक सही घड़ा और एक फूटा हुआ घड़ा। समस्या:&nb... Read More

फूटे घड़े की कहानी एक किसान और उसके दो घड़ों की है, जिसमें एक घड़ा फूटा हुआ था। अपनी कमी के कारण वह दुखी था, लेकिन समझदार किसान ने उस फूटे घड़े से पानी रिसने वाली जंगह पर फूल बो दिए। इस तरह फूटे घड़े की कमी उसकी ताकत बन गई और रस्ते में सुंदर फूल खिल उठे, जो जो यह सिखाता है कि कमियों में भी खूबसूरती छुपी होती है।

कहानी का सारांश:

  • पात्र: एक किसान, एक सही घड़ा और एक फूटा हुआ घड़ा।

  • समस्या: हर दिन तालाब से पानी लाते समय, फूटा घड़ा आधा खाली हो जाता था।

  • दुख: फूटा घड़ा खुद को बेकार समझकर शर्मिंदा रहता था।

  • समाधान: किसान ने उसे रास्ते में अपनी तरफ खिले सुंदर फूल देखने को कहा।

  • सीख: किसान ने समझाया कि फूटे घड़े से रिसने वाले पानी से ही वे फूल उगे है।

यह कहानी हमें सिखाती है कि हमे अपनी खामियों से निराश नहीं होना चाहिए,  बल्कि उन्हें अपनी ताकत बनाकर जीवन को और अधिक सुंदर और उपयोगी बनाना चाहिए।

   : धन्यवाद :


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आइए जाने की मोबाइल पर इंश्योरेंस लेते समय किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।


मोबाइल पर इंश्योरेंस (बीमा) लेते समय कवरेज के दायरे (जैसे स्क्रीन टूटना, पानी से नुकसान), क्लेम प्रक्रिया, प्रीमियम राशि और पॉलिसी के अपवादों (exclusions) की जांच करना सबसे महत्वपूर्ण है। सुनिश्चित करें कि यह चोरी और आकस्मिक क्षति दोनों को कवर करें। मोबाइल इंश्योरेंस लेते समय ध्यान रखने योग्य मुख्य बातें: कवरेज का दायरा (Coverage Scope): जांचें कि बीमा में स्क्रीन डैमेज, लिक्विड डैमेज, चोरी... Read More

मोबाइल पर इंश्योरेंस (बीमा) लेते समय कवरेज के दायरे (जैसे स्क्रीन टूटना, पानी से नुकसान), क्लेम प्रक्रिया, प्रीमियम राशि और पॉलिसी के अपवादों (exclusions) की जांच करना सबसे महत्वपूर्ण है। सुनिश्चित करें कि यह चोरी और आकस्मिक क्षति दोनों को कवर करें।

मोबाइल इंश्योरेंस लेते समय ध्यान रखने योग्य मुख्य बातें:

  • कवरेज का दायरा (Coverage Scope): जांचें कि बीमा में स्क्रीन डैमेज, लिक्विड डैमेज, चोरी, और हार्डवेयर/सॉफ्टवेयर की समस्या शामिल है या नहीं।

  • अपवाद (Exclusions): यह जाने की पॉलिसी क्या कवर नहीं करती है, जैसे जानबूझकर किया गया नुकसान या सामान्य टूट फूट।

  • दावा प्रक्रिया (Claim Process): क्लेम प्रक्रिया आसान और त्वरित होनी चाहिए।

  • समय सीमा (Time Limit): नया फोन खरीदने के तुरंत बाद (आमतौर पर कुछ दिनों के भीतर) बीमा करा लेना चाहिए।

  • दस्तावेज (Documents): पॉलिसी लेते समय रसीद IMEI नंबर, और अन्य दस्तावेज सुरक्षित रखें।

हमेशा पॉलिसी के नियम और शर्ते (Terms and Condition) ध्यान से पढ़ें।

   : धन्यवाद :


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आइए जाने की डाइबिटीज को कंट्रोल में रखने के लिए हमे क्या करना चाहिए।


डाइबिटीज को कंट्रोल करने के लिए संतुलित आहार (जैसे मिलेट्स फाइबर युक्त सब्जियां) रोजाना 30-40 मिनट तेज सैर या व्यायाम, पर्याप्त नींद, तनाव प्रबंधन और दवाइयों का सही समय पर सेवन बहुत जरूरी है। चावल रोटी की जंगह कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले अनाज खाएं, चीनी कम करें और नियमित रूप से शुगर की जांच (फास्टिंग-100, खाने के बाद-140) करें। डाइबिटीज कंट्रोल करने के मुख्य उपाय (Diabetes Management Tips): ख... Read More

डाइबिटीज को कंट्रोल करने के लिए संतुलित आहार (जैसे मिलेट्स फाइबर युक्त सब्जियां) रोजाना 30-40 मिनट तेज सैर या व्यायाम, पर्याप्त नींद, तनाव प्रबंधन और दवाइयों का सही समय पर सेवन बहुत जरूरी है। चावल रोटी की जंगह कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले अनाज खाएं, चीनी कम करें और नियमित रूप से शुगर की जांच (फास्टिंग-100, खाने के बाद-140) करें।

डाइबिटीज कंट्रोल करने के मुख्य उपाय (Diabetes Management Tips):

  • खान पान में बदलाव (Dietary Changes):
  • फाइबर युक्त भोजन: डाइट में हरी सब्जियां (पलक, ब्रोकली) फल और साबुत अनाज शामिल करें।
  • चीनी से परहेज: मीठी चीजें, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स और प्रोसेस्ड फूड से पूरी तरह बचें।
  • नियमित भोजन: समय पर भोजन करें और एक साथ बहुत ज्यादा खाने के बजाए, थोड़े थोड़े अंतराल में खाएं।
  • शारीरिक गतिविधि (Physical Activity):
  • रोजाना व्यायाम: 30 मिनट की तेज सैर (Brisk Walking), योग या तैरना शुगर को कम करने में मददगार है।
  • सक्रिय रहें: लम्बे समय तक बैठने से बचें और हर 30 मिनट में थोड़ा टहले।
    • जीवनशैली और आदतें (Lifestyle Management):
  • ​​​​​​​दवा का सही नियम: डॉक्टर द्वारा बताई गई दवा या इंसुलिन समय पर लें।

  • तनाव प्रबंधन: योग या ध्यान के जरिए तनाव कम करें।

  • पर्याप्त नींद: रोजाना 7-8 घंटे की अच्छी नींद लें।

  • नियमित जांच: घर पर ब्लड शुगर लेवल की नियमित जांच करें।

    • घरेलू उपाय (Home Remedies - डॉक्टरी सलाह के साथ):
  • ​​​​​​​दालचीनी: सुबह खाली पेट दालचीनी का पानी या पाउडर का सेवन शुगर लेवल कंट्रोल करने में मदद कर सकता है।

  • सहजन (Moringa): सहजन के पत्तों का पाउडर इंसुलिन फंक्शन को सुधारने में मददगार हो सकता है।

  •  

    डाइबिटीज को कंट्रोल में रखना क्यों आवश्यक है:

    डाइबिटीज (शुगर) को कंट्रोल में रखना इसलिए आवश्यक है क्योंकि अनियंत्रित ब्लड शुगर शरीर के अंगों को धीरे धीरे नुकसान पहुंचाती है। यह हृदय रोग, स्ट्रोक, किडनी फेलियर, अंधापन और नसों में क्षति (न्यूरोपैथी) जैसी गंभीर जटिलताओं को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है। बेहतर नियंत्रण से पैरों में गैंग्रीन और अंग विच्छेदन (amputation) के खतरों को कम किया जा सकता है।

    नोट:

              किसी भी घरेलू उपाय या आहार में बड़े बदलाव से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

      : धन्यवाद :

           


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    आइए जाने की मोबाइल चोरी होने पर हमें क्या करना चाहिए


    मोबाइल चोरी होने पर सबसे पहले पुलिस में FIR दर्ज कराएं और सिम कार्ड ब्लॉक कराएं। इसके बाद CEIR पोर्टल (sancharsaathi.gov.in) पर जाकर IMEI नंबर के जरिए फोन ब्लॉक करें, जिससे वह कहीं भी इस्तेमाल न हो सकें। फोन का डेटा सुरक्षित करने के लिए गूगल/Apple के 'Find My Device' से उसे रिमोटली इरेज़ (erase) कर दें। मोबाइल चोरी होने पर तत्काल उठाए जाने वाले कदम: सिम कार्ड ब्लॉक कराएं: अपने सर्वि... Read More

    मोबाइल चोरी होने पर सबसे पहले पुलिस में FIR दर्ज कराएं और सिम कार्ड ब्लॉक कराएं। इसके बाद CEIR पोर्टल (sancharsaathi.gov.in) पर जाकर IMEI नंबर के जरिए फोन ब्लॉक करें, जिससे वह कहीं भी इस्तेमाल न हो सकें। फोन का डेटा सुरक्षित करने के लिए गूगल/Apple के 'Find My Device' से उसे रिमोटली इरेज़ (erase) कर दें।

    मोबाइल चोरी होने पर तत्काल उठाए जाने वाले कदम:

    • सिम कार्ड ब्लॉक कराएं: अपने सर्विस प्रोवाइडर (Jio, Airtel, Vi) को कॉल करके सिम बंद कराएं ताकि गलत इस्तेमाल न हो।
    • FIR दर्ज कराएं: नजदीकी पुलिस स्टेशन या ऑनलाइन (कुछ राज्यों में उपलब्ध) FIR कराएं। यह फोन मिलने की स्थिति में और इंश्योरेंस क्लेम के लिए जरूरी है।
    • बैंक अकाउंट सुरक्षित करें: अगर फोन में बैंकिंग ऐप्स थे, तो बैंक को सूचित करें।
    • Find My Device/iPhone: दूसरे फोन से android.com/find या  icloud.com/find पर जाकर अपने अकाउंट में लॉगिन करें और फोन को 'Lost' मॉड में डालें।
    • सोशल मीडिया/ईमेल पासवर्ड बदलें: तुरंत अपने सभी अकाउंट्स के पासवर्ड बदल दें।

    महत्वपूर्ण: IMEI नंबर जानने के लिए फोन के डिब्बे या बिल को चेक करें।

     :धन्यवाद:


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    The story of queen Victoria


    Queen Victoria (reigned 1837-1901) was a transformative British monarch who ascended the throne at age 18, leading a 63 year era of industrial expansion, social change, and massive imperial growth. Known for marrying prince Albert, her nine children, and deep mourning after his death, she restored the monarchy's reputation as a strong, popular figure. Early Life and Accession  Birth:&nbs... Read More

    Queen Victoria (reigned 1837-1901) was a transformative British monarch who ascended the throne at age 18, leading a 63 year era of industrial expansion, social change, and massive imperial growth. Known for marrying prince Albert, her nine children, and deep mourning after his death, she restored the monarchy's reputation as a strong, popular figure.

    Early Life and Accession 

    • Birth: Born Alexandrina Victoria on May 24, 1819, in Kensington Palace London.
    • Queen at 18: Following the death of her uncle, William lV, she became queen on June 20, 1837.

    Marriage and Family 

    • Prince Albert: Victoria married her cousin, Prince Albert of Saxe-Coburg and Gotha, in 1840.

    • Children: They had nine children who married into royal families accross Europe, earning her the nickname "Grandmother of Europe".

    • Traditions: She popularized wearing white wedding dress and decorating Christmas trees.

    Reign and Impact 

    • The Victorian Age: Her reign saw the British Empire expand to become the largest in history, controlling one-fifth of the world's land.

    • Industrialization: Her era saw rapid development, including railways, steamships and industrial towns.

    Later Years and Death 

    • Jubilees: She celebrated her golden Jubilee (1887) and diamond Jubilee (1897), marking her immense popularity.
    • Death: She died on January 22, 1901, at age 81, and was buried beside Albert.

     


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    कम बजट मैं भारत यात्रा कैसे करें


    कम बजट में भारत यात्रा के लिए पहले से बुकिंग करें, स्लीपर क्लास ट्रेन या सरकारी बसो का उपयोग करें, और होटल के बजाए हॉस्टल या होमस्टे मैं रुके। स्ट्रीट फूड खाए, स्थानीय परिवहन (मेट्रो/ऑटो) का उपयोग करे, और घूमने के लिए कम खर्चीली जगहों (ऋषिकेश, हम्पी, वारणसी) को चुने।  ऑफ सीज़न मैं यात्रा करना सबसे किफायती होता है । कम बजट में भारत यात्रा के मुख्य टिप्स: पहले से बुकिंग (Advance Booking):&nbsp... Read More

    कम बजट में भारत यात्रा के लिए पहले से बुकिंग करें, स्लीपर क्लास ट्रेन या सरकारी बसो का उपयोग करें, और होटल के बजाए हॉस्टल या होमस्टे मैं रुके। स्ट्रीट फूड खाए, स्थानीय परिवहन (मेट्रो/ऑटो) का उपयोग करे, और घूमने के लिए कम खर्चीली जगहों (ऋषिकेश, हम्पी, वारणसी) को चुने। 

    ऑफ सीज़न मैं यात्रा करना सबसे किफायती होता है ।

    कम बजट में भारत यात्रा के मुख्य टिप्स:

    • पहले से बुकिंग (Advance Booking): ट्रेन (विशेषकर स्लीपर क्लास) और रहने की जंगह पहले से बुक करें ताकि आखिरी समय के मंहगे किराए से बच सके।
    • हॉस्टल और होमस्टे (Hostel and Homestays): मंहगे होटल के बजाए हॉस्टल, होमस्टे या धर्मशालाओं मैं रुके, जिससे रहने का खर्च काफी कम हो जाएगा।
    • स्थानीय खाना (Eat Local/Street Food): स्ट्रीट फूड और स्थानीय ढाबों पर खाएं थाली (set meals) का विकल्प सस्ता और पेट भरने वाला होता है।
    • ऑफ सीज़न यात्रा: छुट्टियों या पीक सीजन के बजाए, सीजन मैं यात्रा करें जब होटल और टिकट सस्ते होते है।

    बचत के अतिरिक्त उपाय:

    • अपने साथ पानी की बोतल और हल्का स्नैक्स रखे।
    • पर्यटक स्थानों पर गाइड के बजाए खुद घूमे या ऑनलाइन जानकारी का उपयोग करे।
    •  Couchsurfing या दोस्तो के साथ शेयरिंग मैं रुके।

     

      : धन्यवाद :

     


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    आइए जानते है प्लॉट लॉन के बारे मैं ये महत्वपूर्ण बातें


    प्लॉट लॉन क्या है? प्लॉट लॉन एक प्रकार की वित्तीय सहायता है जो वित्तीय संस्थानों द्वारा भूमि या प्लॉट का टुकड़ा खरीदने के इच्छुक व्यक्तियों को प्रदान की जाती है। प्लॉट लॉन क्यों जरूरी है  प्लॉट लॉन जमीन खरीदने के लिए एक सुविधाजनक वित्तीय साधन है, जो ना केवल अपनी पसंद की जंगह पर घर बनाने का सपना पूरा करता है, बल्कि निवेश के रूप मैं भूमि का मालिकाना हक पाने का भी एक सुरक्षित तरीका है। यह ल... Read More

    प्लॉट लॉन क्या है?

    प्लॉट लॉन एक प्रकार की वित्तीय सहायता है जो वित्तीय संस्थानों द्वारा भूमि या प्लॉट का टुकड़ा खरीदने के इच्छुक व्यक्तियों को प्रदान की जाती है।

    प्लॉट लॉन क्यों जरूरी है 

    प्लॉट लॉन जमीन खरीदने के लिए एक सुविधाजनक वित्तीय साधन है, जो ना केवल अपनी पसंद की जंगह पर घर बनाने का सपना पूरा करता है, बल्कि निवेश के रूप मैं भूमि का मालिकाना हक पाने का भी एक सुरक्षित तरीका है। यह लॉन विशेष रूप से खाली जमीन, आवासीय भूखंड या भविष्य के विकास के लिए भूमि खरीदने मैं मदद करता है।

    प्लॉट लॉन लेते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए 

    प्लॉट के लिए लॉन लेते समय प्रॉपर्टी की कानूनी जांच (Title Deed), बैंक की ब्याज दरों की तुलना, 700 से अधिक सिबिल स्कोर और 20-40% डाउन पेमेंट की व्यवस्था करना सबसे महत्वपूर्ण है। जमीन का म्यूटेशन ( दाखिल खारिज) और लोकल ऑथोरिटी से मंजूरी (Approved Map) सुनिश्चित करें।


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    आइए जानते है जंक फूड खाने से स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है


     जंक फूड खाने से क्या होता है: जंक फूड का अधिक सेवन मोटापा, मधुमेह, हृदय रोग और उच्च रक्तचाप जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बनता है। इसमें ट्रांस फैट, सोडियम और चीनी की उच्च मात्रा होती है, जो खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) बढ़ाती है, पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचाती हैं, और दीर्घकालिक रूप से जीवन प्रत्याशा को कम कर सकती है। जंक फूड खाने के प्रमुख दुष्परिणाम: मोटापा और वजन बढ़ाना: उच्च कैलोरी... Read More

     जंक फूड खाने से क्या होता है:

    जंक फूड का अधिक सेवन मोटापा, मधुमेह, हृदय रोग और उच्च रक्तचाप जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बनता है। इसमें ट्रांस फैट, सोडियम और चीनी की उच्च मात्रा होती है, जो खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) बढ़ाती है, पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचाती हैं, और दीर्घकालिक रूप से जीवन प्रत्याशा को कम कर सकती है।

    जंक फूड खाने के प्रमुख दुष्परिणाम:

    • मोटापा और वजन बढ़ाना: उच्च कैलोरी होने के बावजूद, जंक फूड मैं पोषक तत्व कम होते है, जिससे शरीर मैं फैट जमा हो जाता है।

    • मधुमेह (Diabetes): रक्त शर्करा के स्तर मैं उतार चढ़ाव और इंसुलिन की मांग बढ़ने से टाइप 2 मधुमेह का खतरा पांच गुना तक बढ़ सकता है।

    • पाचन में समस्या: इसमें फाइबर की कमी के कारण कब्ज, पेट मैं संक्रमण और आंतों से जुड़ी गंभीर बीमारियां हो सकती है।

    • मानसिक स्वास्थ्य पर असर: लगातार जंक फूड के सेवन से थकान, आलस और मूड मैं बदलाव (जैसे अवसाद) महसूस हो सकता है।

    • हारमोनल असंतुलन: यह शरीर मैं हार्मोन के स्तर को प्रभावित कर सकता है, जिससे त्वचा, बालों और प्रजनन स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

    अत्यधिक प्रसंस्कृत (processed) भोजन का सेवन कम करके स्वस्थ जीवन शैली अपनाना ही बेहतर है।

     :धन्यवाद:

     


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