Blog by Shabainoor | Digital Diary
" To Present local Business identity in front of global market"
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एक नदी के किनारे दो पेड़ थे। उस रास्ते से एक छोटी सी चिड़िया गुजरी..... और पहले पेड़ से पूछा...
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एक नदी के किनारे दो पेड़ थे। उस रास्ते से एक छोटी सी चिड़िया गुजरी..... और पहले पेड़ से पूछा...
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फूटे घड़े की कहानी एक किसान और उसके दो घड़ों की है, जिसमें एक घड़ा फूटा हुआ था। अपनी कमी के कारण वह दुखी था, लेकिन समझदार किसान ने उस फूटे घड़े से पानी रिसने वाली जंगह पर फूल बो दिए। इस तरह फूटे घड़े की कमी उसकी ताकत बन गई और रस्ते में सुंदर फूल खिल उठे, जो जो यह सिखाता है कि कमियों में भी खूबसूरती छुपी होती है। कहानी का सारांश: पात्र: एक किसान, एक सही घड़ा और एक फूटा हुआ घड़ा। समस्या:&nb...
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फूटे घड़े की कहानी एक किसान और उसके दो घड़ों की है, जिसमें एक घड़ा फूटा हुआ था। अपनी कमी के कारण वह दुखी था, लेकिन समझदार किसान ने उस फूटे घड़े से पानी रिसने वाली जंगह पर फूल बो दिए। इस तरह फूटे घड़े की कमी उसकी ताकत बन गई और रस्ते में सुंदर फूल खिल उठे, जो जो यह सिखाता है कि कमियों में भी खूबसूरती छुपी होती है।
कहानी का सारांश:
पात्र: एक किसान, एक सही घड़ा और एक फूटा हुआ घड़ा।
समस्या: हर दिन तालाब से पानी लाते समय, फूटा घड़ा आधा खाली हो जाता था।
दुख: फूटा घड़ा खुद को बेकार समझकर शर्मिंदा रहता था।
समाधान: किसान ने उसे रास्ते में अपनी तरफ खिले सुंदर फूल देखने को कहा।
सीख: किसान ने समझाया कि फूटे घड़े से रिसने वाले पानी से ही वे फूल उगे है।
यह कहानी हमें सिखाती है कि हमे अपनी खामियों से निराश नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें अपनी ताकत बनाकर जीवन को और अधिक सुंदर और उपयोगी बनाना चाहिए।
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