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ट्रांसक्रिप्शन और ट्रांसलेशन: DNA से प्रोटीन बनने की प्रक्रिया

ट्रांसक्रिप्शन और ट्रांसलेशन:  DNA से प्रोटीन बनने की प्रक्रिया   परिचय हमारे शरीर की हर कोशिका में मौजूद DNA जीवन की सभी क्रियाओं को नियंत्रित करता है। लेकिन DNA सीधे प्रोटीन नहीं बनाता। DNA की जानकारी पहले RNA में बदली जाती है और फिर RNA की मदद से प्रोटीन बनता है। इस पूरी प्रक्रिया को दो भागों में समझा जाता है-   1. ट्रांसक्रिप्शन (Transcription) 2. ट्रांसलेशन (Translation)   इन्हें मिलाकर Centr... Read More
ट्रांसक्रिप्शन और ट्रांसलेशन:  DNA से प्रोटीन बनने की प्रक्रिया   परिचय हमारे शरीर की हर कोशिका में मौजूद DNA जीवन की सभी क्रियाओं को नियंत्रित करता है। लेकिन DNA सीधे प्रोटीन नहीं बनाता। DNA की जानकारी पहले RNA में बदली जाती है और फिर RNA की मदद से प्रोटीन बनता है। इस पूरी प्रक्रिया को दो भागों में समझा जाता है-   1. ट्रांसक्रिप्शन (Transcription) 2. ट्रांसलेशन (Translation)   इन्हें मिलाकर Central Dogma of Molecular Biology कहा जाता है।   Central Dogma क्या है? Central Dogma के अनुसार-   DNA → RNA → Protein   यानी   DNA की सूचना RNA में जाती है (ट्रांसक्रिप्शन) RNA की सूचना प्रोटीन में बदलती है (ट्रांसलेशन)   ट्रांसक्रिप्शन क्या है? (What is Transcription?) ट्रांसक्रिप्शन वह प्रक्रिया है जिसमें DNA की एक श्रृंखला से RNA का निर्माण होता है।    ट्रांसक्रिप्शन कहाँ होता है?   यूकेरियोटिक कोशिकाओं में → नाभिक (Nucleus) में प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में → साइटोप्लाज्म में   ट्रांसक्रिप्शन की प्रक्रिया ट्रांसक्रिप्शन को तीन चरणों में समझा जाता है-   1. Initiation (आरंभ) RNA Polymerase एंजाइम DNA के Promoter Region से जुड़ता है DNA की डबल हेलिक्स खुल जाती है 2. Elongation (विस्तार) RNA Polymerase DNA के अनुसार पूरक RNA न्यूक्लियोटाइड्स जोड़ता है A के सामने U T के सामने A G के सामने C C के सामने G 3. Termination (समापन) जब RNA Polymerase को Termination Signal मिलता है RNA बनना बंद हो जाता है नया बना mRNA बाहर आ जाता है   ट्रांसक्रिप्शन का परिणाम mRNA (Messenger RNA) बनता है यही mRNA आगे ट्रांसलेशन में काम आता है   ट्रांसलेशन क्या है? (What is Translation?) ट्रांसलेशन वह प्रक्रिया है जिसमें mRNA की जानकारी से प्रोटीन का निर्माण होता है।   ट्रांसलेशन कहाँ होता है? राइबोसोम (Ribosome) पर साइटोप्लाज्म में   ट्रांसलेशन में शामिल प्रमुख घटक mRNA – संदेश लेकर आता है tRNA (Transfer RNA) – अमीनो अम्ल लाता है rRNA – राइबोसोम का निर्माण करता है Amino Acids – प्रोटीन की इकाई   ट्रांसलेशन की प्रक्रिया ट्रांसलेशन भी तीन चरणों में होती है-   1. Initiation mRNA राइबोसोम से जुड़ता है Start Codon (AUG) पहचाना जाता है पहला tRNA (Methionine) जुड़ता है   2. Elongation एक-एक कर tRNA अमीनो अम्ल लाता है अमीनो अम्ल आपस में Peptide Bond से जुड़ते हैं प्रोटीन श्रृंखला लंबी होती जाती है   3. Termination Stop Codon (UAA, UAG, UGA) आने पर प्रक्रिया रुक जाती है पूरी प्रोटीन श्रृंखला अलग हो जाती है।   जैविक महत्व प्रोटीन शरीर की संरचना और क्रियाओं के लिए आवश्यक हैं एंजाइम, हार्मोन, एंटीबॉडी सभी प्रोटीन होते हैं जीन की अभिव्यक्ति इन्हीं प्रक्रियाओं से होती है   निष्कर्ष ट्रांसक्रिप्शन और ट्रांसलेशन जीवन की मूलभूत जैविक प्रक्रियाएँ हैं। इनके बिना न तो प्रोटीन बन सकता है और न ही जीवन संभव है। DNA की सूचना RNA के माध्यम से प्रोटीन में बदलकर शरीर की हर गतिविधि को नियंत्रित करती है।  
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Author 28 Dec 2025 229 Views

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