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Blog by Kakul Digital Content Writer | Digital Diary

" To Present local Business identity in front of global market"

Meri Kalam Se
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आइये जाने उन क्या है? यह कैसे बनता है? और ये किस्से प्राप्त होते है= 

आइये जाने उन क्या है? यह कैसे बनता है? और ये किस्से प्राप्त होते है= 
आइये जाने उन क्या है? यह कैसे बनता है? और ये किस्से प्राप्त होते है=  यह तंतु पशुओं के बालों तथा रोग से प्राप्त होता है जिन जानवरों के शरीर पर लंबे बाल होते हैं उनके बालों को मशीनों द्वारा खींच लिया जाता है अंगोरा बकरी तथा भेद के में मन से पश्मीना ऊन प्राप्त की जाती है यह उन बहुत मुलायम तथा बहुत गर्म होती है उनको गर्मी का कुछ अलग कहा जाता है उनका तंतुला चिल तथा मजबूत होता है इसमें चमक नहीं होती है... Read More
आइये जाने उन क्या है? यह कैसे बनता है? और ये किस्से प्राप्त होते है=  यह तंतु पशुओं के बालों तथा रोग से प्राप्त होता है जिन जानवरों के शरीर पर लंबे बाल होते हैं उनके बालों को मशीनों द्वारा खींच लिया जाता है अंगोरा बकरी तथा भेद के में मन से पश्मीना ऊन प्राप्त की जाती है यह उन बहुत मुलायम तथा बहुत गर्म होती है उनको गर्मी का कुछ अलग कहा जाता है उनका तंतुला चिल तथा मजबूत होता है इसमें चमक नहीं होती है बढ़िया उन तंतु की लंबाई 5 से 12 सेंटीमीटर तथा खराब उनके लंबाई 12 सेंटीमीटर से अधिक होती है उनके वस्त्र तप को शरीर से बाहर नहीं निकलने देते हैं यही कारण है कि सर्दी में उन निर्मित वस्त्र पहने जाते हैं| उन के तंतु में क्या पाया जाता है  उन के तंतु में सल्फर पाया जाता है इसमें ऑक्सीजन नाइट्रोजन हाइड्रोजन कार्बन तथा सल्फर के सहयोग से कैरोटीन नामक प्रोटीन का निर्माण होता है इसकी अनुप्रस्थ काट का आकार गोल और अंडाकार होता है उनके तंतु में कुछ टेढ़ी-मेढ़ी रेखाएं दिलाई देती है |  
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[email protected] 20 Feb 2026 115 Views

आइये जाने हमारे जीवन में शुद्ध वायु का क्या महत्व है  

आइये जाने हमारे जीवन में शुद्ध वायु का क्या महत्व है  
आइये जाने हमारे जीवन में शुद्ध वायु का क्या महत्व है   शरीर की निरोगाता में शुद्ध वायु का सर्वोपरि महत्व है और शुद्ध वायु की उपलब्धता उत्तम सब वतन व्यवस्था पर निर्भर है" वायु प्राणी के जीवन का आधार है भोजन के बिना मनुष्य कुछ दिन तक जीवित रह सकता है परंतु वायु के बिना मनुष्य कुछ क्षण भी जीवित नहीं रह सकता है हमारे चारों ओर वायु है वायु गैसों का मिश्रण है यह रंगीन गांधी तथा स्वाधीन होती है हमारे संप... Read More
आइये जाने हमारे जीवन में शुद्ध वायु का क्या महत्व है   शरीर की निरोगाता में शुद्ध वायु का सर्वोपरि महत्व है और शुद्ध वायु की उपलब्धता उत्तम सब वतन व्यवस्था पर निर्भर है" वायु प्राणी के जीवन का आधार है भोजन के बिना मनुष्य कुछ दिन तक जीवित रह सकता है परंतु वायु के बिना मनुष्य कुछ क्षण भी जीवित नहीं रह सकता है हमारे चारों ओर वायु है वायु गैसों का मिश्रण है यह रंगीन गांधी तथा स्वाधीन होती है हमारे संपूर्ण वायुमंडल को विभिन्न गैसीय पदार्थ चारों ओर से घिरे रहते हैं अतः वायु को जीवन का आधार माना जाता hai| वायु का संगठन- वायु कोई तत्व नहीं है बल्कि तत्वों का योगिक मिश्रण है वायु में मुख्य रूप मैं ऑक्सीजन तथा नाइट्रोजन होती है इन गैसों के अतिरिक्त कार्बन डाइऑक्साइड ओजोन कार्बन मोनोऑक्साइड हाइड्रोजन अंग तथा जल वाष्प भी वायु में मौजूद रहती है वायु का लगभग पांचवा भाग ऑक्सीजन होती है|  
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[email protected] 15 Feb 2026 94 Views

शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारक क्या है 

शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारक क्या है 
आइए जाने शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारक क्या है  शारीरिक स्वास्थ्य को प्रमुख रूप से निम्नलिखित बातें प्रभावित करती है  पौष्टिक और संतुलित भोजन   मनुष्य का स्वास्थ्य ठीक रहे इसके लिए पौष्टिक एवं संतुलित भोजन करना चाहिए जिसमें आवश्यक मात्रा में वे सभी पोषक तत्व हो जो स्वास्थ्य को उत्तम बना सके संतुलित भोजन से तात्पर्य है वह सभी पदार्थ जिसमें पोषक तत्व उचित मात्रा में हो तथा साथ ही उन प... Read More
आइए जाने शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारक क्या है  शारीरिक स्वास्थ्य को प्रमुख रूप से निम्नलिखित बातें प्रभावित करती है  पौष्टिक और संतुलित भोजन   मनुष्य का स्वास्थ्य ठीक रहे इसके लिए पौष्टिक एवं संतुलित भोजन करना चाहिए जिसमें आवश्यक मात्रा में वे सभी पोषक तत्व हो जो स्वास्थ्य को उत्तम बना सके संतुलित भोजन से तात्पर्य है वह सभी पदार्थ जिसमें पोषक तत्व उचित मात्रा में हो तथा साथ ही उन पदार्थों में शुद्धता भी हो प्रमुख पोषक तत्व है कार्बोहाइड्रेट प्रोटीन वसा खनिज लवण विटामिन तथा जल ऊर्जा प्राप्ति के लिए वर्ष तथा कार्बोहाइड्रेट की आवश्यकता होती है शरीर वृद्धि तथा निर्माण के लिए प्रोटीन एवं स्वास्थ्य को निरोगी बनाए रखने के लिए विटामिन और खनिज लवण की आवश्यकता होती है|  व्यक्ति का रहन-सहन   स्वास्थ्य पर व्यक्ति के रहन-सहन का बहुत प्रभाव पड़ता है प्रकृति से दूर रहने वाले व्यक्तियों का स्वास्थ्य खराब बना रहता है जबकि प्राप्त समय से उठाने तथा रात्रि में समय से सोना नियमित सो जाना दांत साफ करना स्नान करना स्वच्छ वस्त्र पहनना व्यायाम करना समय से भोजन करना बुरी आदतों तथा नशे से दूर रहना अधिक क्रियो से व्यक्ति का स्वास्थ्य ठीक रहता है इसके अतिरिक्त उत्तम स्वास्थ्य हेतु व्यक्ति को जल भोजन में वातावरण की शुद्धि की ओर ध्यान देना चाहिए  जनसंख्या का प्रभाव  खराब स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण कारक जनसंख्या वृद्धि भी है अधिक संतान होने से माता-पिता प्रत्येक संतान के लिए संतुलित है पौष्टिक भोजन की व्यवस्था नहीं कर पाते   रोगों से दूर रहना  व्यक्ति को रोगों से दूर रहने का प्रयास करना चाहिए इसके लिए उसे हर संभव उपाय करना चाहिए तथा प्राकृतिक नियमों का पालन करना चाहिए स्वस्थ रहने के लिए यह आवश्यक है कि स्वयं को रोगों के संक्रमण से बचाया जाए और रोगी व्यक्ति के संपर्क से स्वयं को दूर रखा जाए|  व्यायाम   आज विज्ञान के द्वारा यह सिद्ध हो गया है कि जो भी व्यक्ति नियमित व्यायाम करते हैं रोग उनसे दूर भागते हैं व्यायाम करने से शरीर के सभी तंत्र अपना कार्य से चारों रूप से करने लगते हैं हमारे कार्य क्षमता तथा पाचन शक्ति में वृद्धि होती है हमारी मांसपेशियां मजबूत होती है रक्त शुद्ध होता है तथा विभिन्न प्रकार के भयंकर रोग भी दूर हो जाते हैं व्यायाम शुरू करते समय व्यायाम के नियमों को आवश्यक जान लेना और उनका पालन करना चाहिए|   धन्यवाद:-
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[email protected] 06 Feb 2026 155 Views

आइये जाने हमारे शरीर में व्यायम के क्या लाभ है 

आइये जाने हमारे शरीर में व्यायम के क्या लाभ है 
 आइये जाने हमारे शरीर में व्यायम के क्या लाभ है   हानिकारक पदार्थों का विसर्जन- शरीर में विभिन्न हानिकारक पदार्थ एकत्रित होते रहते हैं जिनके शरीर से बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है व्यायाम के द्वारा पीसने के रूप में उनके उत्सर्जी पदार्थ शरीर से विसर्जित हो जाते हैं इसके अतिरिक्त व्यायाम पेट और आम तो का कार्य भी नियमित कर देता है जिससे कब्ज दूर हो जाता है और शरीर में माल भी सरलता से बाहर आ ज... Read More
 आइये जाने हमारे शरीर में व्यायम के क्या लाभ है   हानिकारक पदार्थों का विसर्जन- शरीर में विभिन्न हानिकारक पदार्थ एकत्रित होते रहते हैं जिनके शरीर से बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है व्यायाम के द्वारा पीसने के रूप में उनके उत्सर्जी पदार्थ शरीर से विसर्जित हो जाते हैं इसके अतिरिक्त व्यायाम पेट और आम तो का कार्य भी नियमित कर देता है जिससे कब्ज दूर हो जाता है और शरीर में माल भी सरलता से बाहर आ जाता है  रक्त संचरण में वृद्धि- ध्यान सी केवल रक्त ही शुद्ध होता है वर्णन इसमें रक्त की गति भी बढ़ जाती है जिससे शरीर के विभिन्न अंगों में रक्त का ठीक संचरण होता है इससे मांसपेशियां मजबूत होती है और शरीर के विभिन्न क्रियाशील रहते हैं  पाचन शक्ति में वृद्धि- व्यायाम भोजन की भली भांति बचाने में सहायक होता है जिससे पाचन शक्ति में वृद्धि होती है  भूख में वृद्धि- ध्यान द्वारा जब पाचन शक्ति ठीक हो जाती है तो भूख में खूब खुलकर लगती है अतः व्यायाम से भूख में भी वृद्धि होती है नियमित श्वास गति -  व्यायाम से नियमित स्वास्थ्य गति फेफड़ों को अधिक आक्सीजन प्रदान करती है जिससे शरीर में से अधिक से अधिक गंदी वायु बाहर आती है| कार्य क्षमता में वृद्धि -  व्यायाम द्वारा शारीरिक एवं मानसिक विकास होने से मनुष्य की कार्य क्षमता बढ़ जाती है जिससे वह अधिक धन का अपवर्जन करने में सफल हो सकता है  शारीरिक एवं मानसिक विकास:  जब व्यायाम द्वारा शरीर के हानिकारक पदार्थों का विसर्जन हो जाता है स्वास्थ्य गति और रक्त की मात्रा बढ़ जाती है पाचन शक्ति और भूख में वृद्धि हो जाती है और मांसपेशियां मजबूत हो जाती है तो शारीरिक विकास होता है शारीरिक विकास से स्वस्थ ही मस्तिष्क विकसित होता है | सुख शांति की अनुभूति- नियमित व्यायाम मनुष्य को स्वस्थ बना देता है और विभिन्न रोगों से मुक्ति प्राप्त हो जाती है इससे मनुष्य का शरीर कांतिमान है सुंदर बन जाता है परिणाम फल स्वरुप मनुष्य सुख शांति की अनुभूति करता है  व्यायाम न करने से कई हानियां होती है शरीर की चर्बी और रक्तचाप बढ़ जाता है पाचन शक्ति खराब हो जाती है हारती है और स्मरण शक्ति कमजोर हो जाती है व्यक्ति स्वभाव से चिड़चिड़ा हो जाता है और चेहरे से क्रांति लुप्त हो जाती है इससे शरीर समय से पहले कमजोर हो जाता है  स्त्रियों पुरुषों और बच्चों के लिए व्यायाम कार्य अलग-अलग प्रकार के होते हैं घूमने तो सभी के लिए उपयुक्त है योगासन तो बड़े बच्चों पुरुषों और स्त्रियों के लिए अत्यंत लाभकारी है  स्त्रियों के लिए नृत्य और घर के विभिन्न कार्य अभियान है विशेष कर लेते में पेशी ए सुडौल बनती है और शारीरिक सौंदर्य में वृद्धि होती है जो व्यक्ति शारीरिक कार्य करते होने व्यायाम करना आवश्यक नहीं है परंतु मानसिक कार्य करने वाले व्यक्ति को शारीरिक व्यायाम विशेष कर टहलने का काम आवश्यक करना चाहिए  धन्यवाद-  
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[email protected] 05 Feb 2026 106 Views

आइये जाने  सार्वजनिक स्वच्छता क्या है 

आइये जाने  सार्वजनिक स्वच्छता क्या है 
आइये जाने  सार्वजनिक स्वच्छता क्या है   सामान्य रूप से घर की संपूर्ण सफाई को ही प्राथमिकता दी जाती है परंतु जन स्वास्थ्य तथा सफाई के विभिन्न उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए घर की आंतरिक सफाई के साथ ही साथ घर के आसपास की सफाई अर्थात सार्वजनिक सफाई की भी समुचित व्यवस्था करनी अनिवार्य वास्तव में सफाई के विभिन्न लबों को प्राप्त करने के लिए घर पर्यावरण दोनों की संस्थान अनिवार्य है घर की आंतरिक सफाई वाले... Read More
आइये जाने  सार्वजनिक स्वच्छता क्या है   सामान्य रूप से घर की संपूर्ण सफाई को ही प्राथमिकता दी जाती है परंतु जन स्वास्थ्य तथा सफाई के विभिन्न उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए घर की आंतरिक सफाई के साथ ही साथ घर के आसपास की सफाई अर्थात सार्वजनिक सफाई की भी समुचित व्यवस्था करनी अनिवार्य वास्तव में सफाई के विभिन्न लबों को प्राप्त करने के लिए घर पर्यावरण दोनों की संस्थान अनिवार्य है घर की आंतरिक सफाई वाले ही पूर्ण रूप से सर्वोत्तम श्रेणी की क्यों ना हो यदि घर के आसपास गंदगी का सामाजिक से हो तो घर में रहने वाले व्यक्ति सफाई के लाभों से कार्य वर्जित भी रह सकते हैं यदि घर के आसपास गंदगी हो तो वहां विभिन्न लोगों के रोगाणु बनाते हैं दुर्गंध उत्पन्न होती है मक्खी मच्छर एवं अन्य आसपास की गंदगी की हर किसी के लिए अशोक के लिए भी होती है जिसे देखकर काफी बुरा महसूस होता है तथा घर की सफाई से उत्पन्न होने वाली प्रशंसा कार्य समाप्त हो जाती है इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक रेडियो सभी नागरिकों को सुझाव दिया जाता है कि घर की सफाई के साथ-साथ घर के आसपास की सफाई का भी समुचित ध्यान रखें घर के आसपास अर्थात् अपने पर्यावरण को संपूर्ण स्वच्छता के लिए मुख्य रूप से निम्नलिखित उपायों को अनिवार्य रूप से बनाएं| खुले में सोच का पूर्ण बहिष्कार-  पारंपरिक रूप से बहुत से लोग खुले विशेष क्रिया करते रहे हैं अब इसे पूर्ण रूप से अनुचित तथा अशोक भी नहीं मान लिया गया है खुले में सोच से पर्यावरण प्रदूषण होता है तथा गंदगी फैलती है जो की जन स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक हानिकारक है खुले में सोच को पूरी तरह समाप्त करने के लिए हमारी सरकार कृत संकल्प है स्वच्छ भारत स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत घरों में शौचालय बनाने के लिए अनुदान की भी व्यवस्था है तथा इसके लिए जागरूक करने के लिए व्यापक प्रचार भी किया जा रहा है| घर के आसपास के कूड़े करकट की समुचित व्यवस्था- किसी भी प्रकार की सफाई के लिए संबंधित कूड़े करकट को सही ढंग से ठिकाना लगाना थी आवश्यक है हम अपने घर के अंदर की सफाई के लिए हर प्रकार के कूड़े करकट को ठिकाना लगाने के लिए हर संभव उपाय करते हैं इस सत्य को ध्यान में रखते हुए घर के आसपास के कूड़े करकट को फीस माफ करने के दास संभव उपाय किए जाने चाहिए इसके लिए सर्व प्रमुख उपाय यह है कि घर के आसपास कूड़ा करकट एकत्रित न होली भाई घर से निकलने वाले घोड़े को किसी भी दशा में घर के बाहर या आसपास ना फेलने दे इसके बावजूद यदि घर के आसपास किसी भी प्रकार का घोड़ा करके देखरत होने लगे तो उसे वहां से हटाने अथवा नष्ट करने का उचित उपाय किया जाना चाहिए कूड़े में यदि खास पत्ते तथा कागज आदि हो तो उन्हें जलाकर समाप्त कर दे अथवा उसमें खाद बनाने की प्रक्रिया को अपने ध्यान रखें रबर प्लास्टिक तथा पॉलिथीन आदि के अवशेषों को कदापि न जलाए इसके जलने से पर्यावरण में दूषित है हानिकारक गैसों से व्यापक होने का खतरा रहता है यहां यह स्पष्ट कर देना आवश्यक है कि घर के आस-पास की सफाई का दायित्व प्रत्येक निवासी का है केवल अपने घर के सामने के मुख्य द्वार की सफाई का ही ध्यान रखना पर्याप्त नहीं है संपूर्ण पर्यावरण की सफाई अभीष्ट है| आसपास के खरपतवार को समाप्त करना-  घर के आसपास की सफाई के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण उपाय है घर के आसपास के खरपतवार को समाप्त करना सामान्य रूप से आवश्यक क्षेत्र में कुछ खाली स्थान खाली प्लाट या गली का कोण है होते हैं इन खाली स्थान में तरह-तरह के खरपतवार उगने लगते हैं एक खरपतवारों के कारण वातावरण में गंदगी की व्यापक होने लगती है वह तरह-तरह के कीट पतंगे पड़ने लगते हैं खुदाई मृत होने लगता है तथा आवारा पशु भी वह गंदगी फैलाने लगते हैं कुछ खरपतवार टोचन स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले होते हैं जिनकी गांडिया पराग करो से एलर्जी जनित रोग उत्पन्न होने की आशंका रहती है अनेक क्षेत्रों में होने वाली अमेरिकी का इसका एक स्पष्ट उदाहरण है इन संस्कृत तथ्यों को ध्यान में रखते हुए सुझाव दिया जाता है कि घर के आसपास आवश्यक खरपतवार न पान अपने दे यदि खरपतवार को प्रारंभ में ही नष्ट कर दिया जाए तो समस्या बढ़ती ही नहीं गंदे पानी की समुचित व्यवस्था-   घर के आसपास की सफाई व्यवस्था के अंतर्गत गंदे पानी की समुचित व्यवस्था करना भी आवश्यक होता है सार्वजनिक डोलियों की व्यवस्था के अभाव में घरों से निकलने वाला गंदा पानी तथा बरसात का पानी भी वातावरण में गंदगी का कारण बन जाता है यदि इस प्रकार की स्थिति हो तो इस विषय में समुचित उपाय करना अति आवश्यक होता है इसका सर्वोत्तम उपाय है डालियन की समुचित व्यवस्था करना यदि नालियों की व्यवस्था करने में कोई कठिनाई हो तो प्रत्येक घर के बाहर ढके हुए शॉकिंग पित्त बनाए जाने चाहिए इसके अतिरिक्त यदि घर के आसपास कई गड्ढे हो या गहरे स्थान हो जहां पानी एकत्रित हो जाता है वहां मिट्टी डालकर उन्हें तक देना चाहिए ताकि वहां पानी एकत्रित न होने पाए यदि इस प्रकार के गधों को थकना कठिन हो तो उन में दर्द होने वाले पानी पर समय-समय पर मिट्टी के तेल अथवा मच्छर मार तेल का छिड़काव करना आवश्यक होता है इसमें मच्छरों की उत्पत्ति को नियंत्रित किया जा सकता है सार्वजनिक नालियों की सफाई व्यवस्था-  अवश्य वातावरण को स्वच्छ और स्वस्थ कर बनाए रखने के लिए क्षेत्र की सार्वजनिक नालियों की व्यवस्था होनी चाहिए इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए की नालियों में गंदा पानी न रोकना पाए इसके लिए नालियों की ढाल ठीक होनी चाहिए तथा उनकी नियमित सफाई की व्यवस्था होनी चाहिए नालियों में कूड़ा कर कर नहीं डालना चाहिए डोलियों में पानी के बहन को अवरुद्ध करने में पॉलिथीन का सर्वाधिक योगदान रहता है अतः पॉलिथीन को जहां तहां न फेक सार्वजनिक नालियों के आसपास चुनाव या कोई रोगाणु नाशक खोल का छिड़काव भी करते रहना चाहिए मृत पशुओं को हटाने की व्यवस्था-  अवश्य वातावरण की स्वच्छता के लिए आवश्यक है कि यदि पशु मर जाए तो उसके मृत शरीर को वहां से सरक हटाने की व्यवस्था की जाए अन्यथा क्षेत्र में तीव्र दुर्गंध तथा विभिन्न रोगाणु व्यापक होने लगते हैं पशुओं के मृत शरीर को हटाने के लिए स्थानीय संस्थाओं अथवा निर्धारित ठेकेदार को सूचित करना चाहिए संपूर्ण पर्यावरण की स्वच्छता सार्वजनिक स्वच्छता के लिए चंद जागरूकता अनिवार्य है इसके लिए प्रत्येक नागरिक को अपने दायित्व निभाना चाहिए वर्तमान समय में हमारी सरकार इस दिशा में अत्यधिक प्रयत्नशील है तथा स्वच्छ भारत मिशन को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है आशा है की सीख रही हमारा देश पूर्ण रूप से स्वच्छ भारत बन जाएगा तथा गंदगी का पूर्ण अनुलन हो जाएगा   धन्यवाद-  
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[email protected] 02 Feb 2026 119 Views

The story of a bicycle ?

The story of a bicycle ?  The bicycle is very popular in india. Old and young the milkman, the newspaper boy, The postman and the hawker use it for going from one place to another. A lot of educated young people use bicycle for environmental concerns.  The first bicycle was built in 1817 by a German. It was made of wood. The reader set on the saddle and road it by pushing his fit against the groun... Read More
The story of a bicycle ?  The bicycle is very popular in india. Old and young the milkman, the newspaper boy, The postman and the hawker use it for going from one place to another. A lot of educated young people use bicycle for environmental concerns.  The first bicycle was built in 1817 by a German. It was made of wood. The reader set on the saddle and road it by pushing his fit against the ground in England the machine was called The 'Hobby horse a scortman name it Macmillan,  improved The hobby horse he provided pedals which wear connected to the rear wheel by long rods. In 1861 French man built a Bettar machine it was called the "Bone Shekhar" because its wooden wheels gave a rough ride. Sun rubber wheels where heated and the machine was then called the bycycle the modern vehicle was built in 1879 by Harry Lawson, an American. It was driven by a chain connected to the rear wheel.  Dawai cal has been a companion of common the come on man since age it does not require fuel. It is easy to park it keeps the body of a rider feet the use of vehicle is also eco--friendly, as it keeps the environment no is free and pollution free.
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[email protected] 01 Feb 2026 185 Views

The Missile man of India

The Missile man of India
The Missile man of India turrning point India 20- 20 A vision for the new millenium my journey he has mentioned his dream of making India a developed country in his book India 20-20 ab vision for the new millenium. Is advised to the youngest of the Nation was to Dream dream dream dreams dance from into thought and thoughts result in action The Government of India honoured him with Padma Bhushan 19... Read More
The Missile man of India turrning point India 20- 20 A vision for the new millenium my journey he has mentioned his dream of making India a developed country in his book India 20-20 ab vision for the new millenium. Is advised to the youngest of the Nation was to Dream dream dream dreams dance from into thought and thoughts result in action The Government of India honoured him with Padma Bhushan 1981 Padma vibhushan 1990 Bharat ratn 1997 including Indira Gandhi Award for National Integration 1997. Dr Kalam passed Away on 27th July 2015 while delivering a lecture at the Indian Institute of Management in Shillong the wolworld was sold and suddenned by the sudden and untimely death of the simple humble yet one of the greatest man of all times in you want to sign like a sun first burn like a Sun  thank you:-
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[email protected] 31 Jan 2026 119 Views

आइये जाने राष्ट्रीय मतदाता दिवस कब मनाया जाता है और यह कब शुरू हुआ था 

आइये जाने राष्ट्रीय मतदाता दिवस कब मनाया जाता है और यह कब शुरू हुआ था 
आइये जाने राष्ट्रीय मतदाता दिवस कब मनाया जाता है और यह कब शुरू हुआ था  इसकी भूमिका-  भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है जहां जनता को अपनी सरकार चुनने का अधिकार है यह अधिकार लोकतंत्र का मूल आधार है और इसे मजबूत बनाने के लिए मतदाता का सक्रिय और जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए हर वर्ष 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है यह तीन देश के सभी नागरिकों को... Read More
आइये जाने राष्ट्रीय मतदाता दिवस कब मनाया जाता है और यह कब शुरू हुआ था  इसकी भूमिका-  भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है जहां जनता को अपनी सरकार चुनने का अधिकार है यह अधिकार लोकतंत्र का मूल आधार है और इसे मजबूत बनाने के लिए मतदाता का सक्रिय और जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए हर वर्ष 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है यह तीन देश के सभी नागरिकों को अनेक मतदान के अधिकार और कर्तव्य के प्रति जागरूक करने के लिए समर्पित करता है  राष्ट्रीय मतदाता दिवस राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुरुआत- हमारे भारत देश में हर साल 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है। यह दिवस पहली बार वर्ष सन 2011 में मतदाताओं मतदान के लिए प्रोत्साहित करने के लिए मनाया गया था। यह दिवस लोगों को मतदान के महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए मनाया जाता है। भारतीय चुनाव आयोग की स्थापना 25 जनवरी 1950 को हुई थी। भारतीय चुनाव आयोग की स्थापना दिवस के दिन ही राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है। इस दिन मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इस दिन चुनावी प्रक्रिया में अच्छा प्रदर्शन करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया जाता है। यह दिवस आम नागरिकों को यह बतलाता है कि एक वोट भी देश के हित में कितना निर्णायक सिद्ध हो सकता है। यह दिवस प्रत्येक वर्ष एक अलग विषय (थीम) के साथ मनाया जाता है। इस दिन देश के प्रत्येक मतदाता को अपनी सक्रिय भागीदारी के माध्यम से लोकतंत्र को मजबूत करने का करण लेना चाहिए। मतदान एक नागरिक का अधिकार तथा कर्तव्य दोनों है। इसके माध्यम से हम अपने देश के भविष्य को आकर देते हैं। हमारे द्वारा चुने गए नेता हमारे देश का शासन चलाते हैं। इसके उद्देश्य लोकतंत्रक को मजबूत बनाते हैं।  धन्यवाद
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[email protected] 30 Jan 2026 116 Views

बेरोजगारी क्या है बेरोजगारी का अर्थ बेरोजगारी का समाधान

बेरोजगारी क्या है बेरोजगारी का अर्थ बेरोजगारी का समाधान
बेरोजगारी क्या है बेरोजगारी का अर्थ बेरोजगारी का समाधान बेरोजगारी की समस्या हमारे देश की एक प्रमुख समस्या है। यह दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इससे एक और गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है, जो है भखमरी, भुखमरी से आदमी इस हद तक पहुंच जाता है कि वह आत्महत्या करने को तैयार हो जाता है। वह चोरी, डकैती, हिंसा आदि अनेक समस्याओं का मूल कारण बेरोजगारी है। जब कोई योग्य तथा काम करने के लिए इच्छुक व्यक्ति प्रचलित... Read More
बेरोजगारी क्या है बेरोजगारी का अर्थ बेरोजगारी का समाधान बेरोजगारी की समस्या हमारे देश की एक प्रमुख समस्या है। यह दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इससे एक और गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है, जो है भखमरी, भुखमरी से आदमी इस हद तक पहुंच जाता है कि वह आत्महत्या करने को तैयार हो जाता है। वह चोरी, डकैती, हिंसा आदि अनेक समस्याओं का मूल कारण बेरोजगारी है। जब कोई योग्य तथा काम करने के लिए इच्छुक व्यक्ति प्रचलित मजदूरी पर काम करने के लिये तो ऐसी अवस्था बेरोजगारी कहलाती है। बेरोजगारी का कारण बेरोजगारी के कारण कुछ इस प्रकार है। जनसंख्या में तीव्र गति से वृद्धि, शिक्षक का अभाव वैज्ञानिक उपकरणों का अधिक मात्रा में प्रयोग जिससे सारा कार्य मशीन द्वारा हो। और सरकारी नौकरी में कमी हो रही है। • बढ़ती जनसंख्या - जिसमें यह एक प्रमुख कारण है बेरोजगारी का। बढ़ती जनसंख्या से कई बड़ा ऑन का सामना करना पड़ता है।  • शिक्षा की प्रणाली - हमारे देश में शिक्षा का अभाव एक प्रमुख कारण है, क्योंकि हमारे देश में शिक्षा सिर्फ प्रस्तुक तक ही सीमित है।  उद्योग में विकास की कमी - देश में उद्योगों का विकास बहुत धीमा है। जिससे लोगों को रोजगार नहीं मिलता हैं। बेरोजगारी का समाधान - इसे पूर्ण रूप से खत्म नहीं कियाज सकता। सरकार के कुछ अच्छे प्रयासों से इस काम किया जा सकता है। सर्वोत्तम हमें बढ़ती जनसंख्या को काबू करना होगा। दूसरी चीज शिक्षा प्रणाली अच्छी होनी चाहिए। इसके लिए हमें भी जागरूक होने की ज़रूरत है। हमें स्वयं का छोटा सा काम शुरू करके लोगों को रोजगार देना चहिए। ज्यादा से ज्यादा मजदूरको रोकना चाहिए।  • सामान्य बरोजगारी - यह वह स्थिति होती है। जिसमें व्यक्ति प्रचलित मजदूरी दर पर काम करने का इच्छुक होता है। परंतु उसे कोई काम नहीं मिलता हैं। • स्वैच्छिक बेरजगारी - जब किसी व्यक्ति को कहां मिल रहा है, परंतु वह अपनी इच्छा से काम नहीं करना चाहता है तो उसे स्वैच्छिक बेरोजगारी कहते हैं।
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[email protected] 28 Jan 2026 130 Views

आइये जाने पर्यावरण प्रदूषण क्या है ओर इसके कितने प्रकार होते है|

आइये जाने पर्यावरण प्रदूषण क्या है ओर इसके कितने प्रकार होते है|
आइये जाने पर्यावरण प्रदूषण क्या है ओर इसके कितने प्रकार होते है| पर्यावरण प्रदूषण : पर्यावरण प्रदूषण आज की सबसे गंभीर समस्याओं मे से एक है। यह हमारे जीवन और प्रकृति के लिए बहुत हानिकारक है। प्रदूषण से हवा पानी और मिट्टी दूषित हो जाती है इससे जीव जंतुओ और मनुष्यो को कई बीमारिया हो जाती है पर्यावरण प्रदूषण के निम्नलिखित प्रकार है। पर्यावरण प्रदूषण के प्रकार - (1)वायु प्रदूषण :–(2) जल प्रदूषण :– (3)... Read More
आइये जाने पर्यावरण प्रदूषण क्या है ओर इसके कितने प्रकार होते है| पर्यावरण प्रदूषण : पर्यावरण प्रदूषण आज की सबसे गंभीर समस्याओं मे से एक है। यह हमारे जीवन और प्रकृति के लिए बहुत हानिकारक है। प्रदूषण से हवा पानी और मिट्टी दूषित हो जाती है इससे जीव जंतुओ और मनुष्यो को कई बीमारिया हो जाती है पर्यावरण प्रदूषण के निम्नलिखित प्रकार है। पर्यावरण प्रदूषण के प्रकार - (1)वायु प्रदूषण :–(2) जल प्रदूषण :– (3) मर्दा प्रदूषण :– (4) ध्वनि प्रदूषण :– (1) वायु प्रदूषण :– वाहनों कल कारखानो और जलने वाले ईंधनो से निकलने वाला धुआँ हवा को दूषित करता है  (2) जल प्रदूषण:– कारखानों का गन्दा पानी कचरा और प्लास्टिक नदियों और तालाबों को गंधा करती है इससे पानी पिने योगये नहीं रहता। (3) मर्दा प्रदूषण :– रासायनिक खाद और प्लास्टिक कचरे के कारण मिट्टी उर्वरता काम होती है इससे खेती प्रभावित होती है। (4) ध्वनि प्रदूषण :– वहनो और लाउडस्पिकर और कारखानो से निकलने वाला शोर सुनने से समस्या और मानसिक तनाव पैदा होता है पर्यावरण प्रदूषण से गंभीर समस्या होती है     
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[email protected] 27 Jan 2026 114 Views

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