Blog by Kakul Digital Content Writer | Digital Diary
" To Present local Business identity in front of global market"
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हमारे शरीर में पोटेशियम का भी उतना ही महत्व है जितना की सोडियम क्लोरीन का है शरीर में पर्याप्त मात्रा में पोटेशियम की संग्रहित करने की क्षमता होती है यह मुख्य रूप से अंत कोशिका रस में ही पाया जाता है इसके अतिरिक्त है मांसपेशियों तथा लाल रक्त कणों में भी रहता है
सोडियम की ही भांति पोटेशियम भी न्यूनाधिक मात्रा में सभी भोज्य पदार्थों में पाया जाता है यह मानस एंड तथा विभिन्न वनस्पतियों में विद्यमान रहता है इसकी कुछ मात्रा चाय कॉफी को को चावल तथा विभिन्न मसाले में भी पाई जाती शरीर के लिए आवश्यक पोटेशियम खाद पदार्थ से ही सरलता से मिल जाता है
यह शरीर में सर एवं अम्ल की मात्रा को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है |
अंत कोशिका रस के बनने में भी इसका उल्लेखनीय योगदान है अस्थियों के उत्तम कैलशिफिकेशन में भी यह सहायक होता है|
हमारे शरीर में यह विभिन्न नियामक कार्य भी करता है यह हृदय की गति को नियमित बनाए रखना है तथा मांसपेशियों के संकुचन एवं स्नायु उतरे जन के संवहन में सहायक होता है|
धन्यवाद
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क्लोरीन क्या है इसके बारे में जाने क्लोरीन एक हरे-पीले रंग की, जहरीली गैस है। इसकी गंध तीखी और जलन पैदा करने वाली होती है। यह एक अत्यंत संक्षारक और खतरनाक रसायन है। क्लोरीन ज्वलनशील नहीं है, लेकिन सिरका या अमोनिया जैसे कई आम घरेलू उत्पादों के साथ प्रतिक्रिया करके विस्फोटक यौगिक बना सकती है। शरीर में क्लोरीन का भी महत्वपूर्ण स्थान है यह हमारे शरीर में रक्त के प्लाज्मा तथा ब्रा कोशिका रस में स...
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क्लोरीन एक हरे-पीले रंग की, जहरीली गैस है। इसकी गंध तीखी और जलन पैदा करने वाली होती है। यह एक अत्यंत संक्षारक और खतरनाक रसायन है। क्लोरीन ज्वलनशील नहीं है, लेकिन सिरका या अमोनिया जैसे कई आम घरेलू उत्पादों के साथ प्रतिक्रिया करके विस्फोटक यौगिक बना सकती है।
शरीर में क्लोरीन का भी महत्वपूर्ण स्थान है यह हमारे शरीर में रक्त के प्लाज्मा तथा ब्रा कोशिका रस में सोडियम क्लोराइड तथा पोटेशियम क्लोराइड के रूप में पाया जाता है
निरनैतिक मात्रा में क्लोरीन सभी भोज्य पदार्थों में पाया जाता है परंतु सर्वाधिक मात्रा में यह नमक में पाया जाता है शुगर के मांस अंडे तथा पनीर मैं इसकी पर्याप्त मात्रा पाई जाती है सभी फलों और सब्जियों में भी अल्प मात्रा में क्लोरीन आवश्यक रहती है अतः शरीर की दैनिक आवश्यकता के लिए पर्याप्त क्लोरीन भोजन से ही प्राप्त हो जाती है
क्लोरीन का एक मुख्य कार्य शरीर में सर एवं अमल में संतुलन बनाने में सहायता प्रदान करता है सोडियम के ही समान क्लोरीन भी दशाकर्षण के दबाव को उचित बनाए रखने में सहायक होती है आमाशय में पाए जाने वाली उपयोगी हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के निर्माण में भी इसका योगदान होता है इसकी कमी से शरीर की सामान्य वृद्धि में बाधा आती है
धन्यवाद:-
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Gulliver in Lilliput is a story Once there was a selor named Gulliver. He want to on a long with his fellow seeman. One day there was a feeds strong at sea He is a sank but Gulliver to swan to the nearby Island. But it was Khalid Lilliput when he reached their he was very tried he soon fell asleep while he was sleeping hundreds of very tiny people came there and tired him with ro...
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Once there was a selor named Gulliver. He want to on a long with his fellow seeman. One day there was a feeds strong at sea
He is a sank but Gulliver to swan to the nearby Island. But it was Khalid Lilliput when he reached their he was very tried he soon fell asleep while he was sleeping hundreds of very tiny people came there and tired him with ropes.
When he walk up he was surprises to see such any people he is on became friendly with them.
They untilled the ropes and give him food there lios up breed where to tini that he at 10 lowest at a time for lunch he date a thousand leaves of breed. A hundred Kohli flowers and a hundred ship.
That any people took him to their king and queen the kings hand was so teaching that Gulliver had to use only one finger tu shake hands everything was so smell that he was like a giant among the tiny people of Lilliput es tiny Gulliver to live for home he was said to live is friends.
He got into the boat and salad of any people wave him.
" Good bye "
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आइये जाने उन क्या है? यह कैसे बनता है? और ये किस्से प्राप्त होते है= यह तंतु पशुओं के बालों तथा रोग से प्राप्त होता है जिन जानवरों के शरीर पर लंबे बाल होते हैं उनके बालों को मशीनों द्वारा खींच लिया जाता है अंगोरा बकरी तथा भेद के में मन से पश्मीना ऊन प्राप्त की जाती है यह उन बहुत मुलायम तथा बहुत गर्म होती है उनको गर्मी का कुछ अलग कहा जाता है उनका तंतुला चिल तथा मजबूत होता है इसमें चमक नहीं हो...
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यह तंतु पशुओं के बालों तथा रोग से प्राप्त होता है जिन जानवरों के शरीर पर लंबे बाल होते हैं उनके बालों को मशीनों द्वारा खींच लिया जाता है अंगोरा बकरी तथा भेद के में मन से पश्मीना ऊन प्राप्त की जाती है यह उन बहुत मुलायम तथा बहुत गर्म होती है उनको गर्मी का कुछ अलग कहा जाता है उनका तंतुला चिल तथा मजबूत होता है इसमें चमक नहीं होती है बढ़िया उन तंतु की लंबाई 5 से 12 सेंटीमीटर तथा खराब उनके लंबाई 12 सेंटीमीटर से अधिक होती है उनके वस्त्र तप को शरीर से बाहर नहीं निकलने देते हैं यही कारण है कि सर्दी में उन निर्मित वस्त्र पहने जाते हैं|
उन के तंतु में सल्फर पाया जाता है इसमें ऑक्सीजन नाइट्रोजन हाइड्रोजन कार्बन तथा सल्फर के सहयोग से कैरोटीन नामक प्रोटीन का निर्माण होता है इसकी अनुप्रस्थ काट का आकार गोल और अंडाकार होता है उनके तंतु में कुछ टेढ़ी-मेढ़ी रेखाएं दिलाई देती है |
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आइये जाने हमारे जीवन में शुद्ध वायु का क्या महत्व है शरीर की निरोगाता में शुद्ध वायु का सर्वोपरि महत्व है और शुद्ध वायु की उपलब्धता उत्तम सब वतन व्यवस्था पर निर्भर है" वायु प्राणी के जीवन का आधार है भोजन के बिना मनुष्य कुछ दिन तक जीवित रह सकता है परंतु वायु के बिना मनुष्य कुछ क्षण भी जीवित नहीं रह सकता है हमारे चारों ओर वायु है वायु गैसों का मिश्रण है यह रंगीन गांधी तथा स्वाधीन हो...
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शरीर की निरोगाता में शुद्ध वायु का सर्वोपरि महत्व है और शुद्ध वायु की उपलब्धता उत्तम सब वतन व्यवस्था पर निर्भर है"
वायु प्राणी के जीवन का आधार है भोजन के बिना मनुष्य कुछ दिन तक जीवित रह सकता है परंतु वायु के बिना मनुष्य कुछ क्षण भी जीवित नहीं रह सकता है हमारे चारों ओर वायु है वायु गैसों का मिश्रण है यह रंगीन गांधी तथा स्वाधीन होती है हमारे संपूर्ण वायुमंडल को विभिन्न गैसीय पदार्थ चारों ओर से घिरे रहते हैं अतः वायु को जीवन का आधार माना जाता hai|
वायु कोई तत्व नहीं है बल्कि तत्वों का योगिक मिश्रण है वायु में मुख्य रूप मैं ऑक्सीजन तथा नाइट्रोजन होती है इन गैसों के अतिरिक्त कार्बन डाइऑक्साइड ओजोन कार्बन मोनोऑक्साइड हाइड्रोजन अंग तथा जल वाष्प भी वायु में मौजूद रहती है वायु का लगभग पांचवा भाग ऑक्सीजन होती है|
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आइए जाने शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारक क्या है शारीरिक स्वास्थ्य को प्रमुख रूप से निम्नलिखित बातें प्रभावित करती है पौष्टिक और संतुलित भोजन मनुष्य का स्वास्थ्य ठीक रहे इसके लिए पौष्टिक एवं संतुलित भोजन करना चाहिए जिसमें आवश्यक मात्रा में वे सभी पोषक तत्व हो जो स्वास्थ्य को उत्तम बना सके संतुलित भोजन से तात्पर्य है वह सभी पदार्थ जिसमें पोषक तत्व उचित मात्रा मे...
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शारीरिक स्वास्थ्य को प्रमुख रूप से निम्नलिखित बातें प्रभावित करती है
मनुष्य का स्वास्थ्य ठीक रहे इसके लिए पौष्टिक एवं संतुलित भोजन करना चाहिए जिसमें आवश्यक मात्रा में वे सभी पोषक तत्व हो जो स्वास्थ्य को उत्तम बना सके संतुलित भोजन से तात्पर्य है वह सभी पदार्थ जिसमें पोषक तत्व उचित मात्रा में हो तथा साथ ही उन पदार्थों में शुद्धता भी हो प्रमुख पोषक तत्व है कार्बोहाइड्रेट प्रोटीन वसा खनिज लवण विटामिन तथा जल ऊर्जा प्राप्ति के लिए वर्ष तथा कार्बोहाइड्रेट की आवश्यकता होती है शरीर वृद्धि तथा निर्माण के लिए प्रोटीन एवं स्वास्थ्य को निरोगी बनाए रखने के लिए विटामिन और खनिज लवण की आवश्यकता होती है|
स्वास्थ्य पर व्यक्ति के रहन-सहन का बहुत प्रभाव पड़ता है प्रकृति से दूर रहने वाले व्यक्तियों का स्वास्थ्य खराब बना रहता है जबकि प्राप्त समय से उठाने तथा रात्रि में समय से सोना नियमित सो जाना दांत साफ करना स्नान करना स्वच्छ वस्त्र पहनना व्यायाम करना समय से भोजन करना बुरी आदतों तथा नशे से दूर रहना अधिक क्रियो से व्यक्ति का स्वास्थ्य ठीक रहता है इसके अतिरिक्त उत्तम स्वास्थ्य हेतु व्यक्ति को जल भोजन में वातावरण की शुद्धि की ओर ध्यान देना चाहिए
खराब स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण कारक जनसंख्या वृद्धि भी है अधिक संतान होने से माता-पिता प्रत्येक संतान के लिए संतुलित है पौष्टिक भोजन की व्यवस्था नहीं कर पाते
व्यक्ति को रोगों से दूर रहने का प्रयास करना चाहिए इसके लिए उसे हर संभव उपाय करना चाहिए तथा प्राकृतिक नियमों का पालन करना चाहिए स्वस्थ रहने के लिए यह आवश्यक है कि स्वयं को रोगों के संक्रमण से बचाया जाए और रोगी व्यक्ति के संपर्क से स्वयं को दूर रखा जाए|
आज विज्ञान के द्वारा यह सिद्ध हो गया है कि जो भी व्यक्ति नियमित व्यायाम करते हैं रोग उनसे दूर भागते हैं व्यायाम करने से शरीर के सभी तंत्र अपना कार्य से चारों रूप से करने लगते हैं हमारे कार्य क्षमता तथा पाचन शक्ति में वृद्धि होती है हमारी मांसपेशियां मजबूत होती है रक्त शुद्ध होता है तथा विभिन्न प्रकार के भयंकर रोग भी दूर हो जाते हैं व्यायाम शुरू करते समय व्यायाम के नियमों को आवश्यक जान लेना और उनका पालन करना चाहिए|
धन्यवाद:-
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आइये जाने हमारे शरीर में व्यायम के क्या लाभ है हानिकारक पदार्थों का विसर्जन- शरीर में विभिन्न हानिकारक पदार्थ एकत्रित होते रहते हैं जिनके शरीर से बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है व्यायाम के द्वारा पीसने के रूप में उनके उत्सर्जी पदार्थ शरीर से विसर्जित हो जाते हैं इसके अतिरिक्त व्यायाम पेट और आम तो का कार्य भी नियमित कर देता है जिससे कब्ज दूर हो जाता है और शरीर में माल भी सर...
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शरीर में विभिन्न हानिकारक पदार्थ एकत्रित होते रहते हैं जिनके शरीर से बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है व्यायाम के द्वारा पीसने के रूप में उनके उत्सर्जी पदार्थ शरीर से विसर्जित हो जाते हैं इसके अतिरिक्त व्यायाम पेट और आम तो का कार्य भी नियमित कर देता है जिससे कब्ज दूर हो जाता है और शरीर में माल भी सरलता से बाहर आ जाता है
ध्यान सी केवल रक्त ही शुद्ध होता है वर्णन इसमें रक्त की गति भी बढ़ जाती है जिससे शरीर के विभिन्न अंगों में रक्त का ठीक संचरण होता है इससे मांसपेशियां मजबूत होती है और शरीर के विभिन्न क्रियाशील रहते हैं
व्यायाम भोजन की भली भांति बचाने में सहायक होता है जिससे पाचन शक्ति में वृद्धि होती है
ध्यान द्वारा जब पाचन शक्ति ठीक हो जाती है तो भूख में खूब खुलकर लगती है अतः व्यायाम से भूख में भी वृद्धि होती है
व्यायाम से नियमित स्वास्थ्य गति फेफड़ों को अधिक आक्सीजन प्रदान करती है जिससे शरीर में से अधिक से अधिक गंदी वायु बाहर आती है|
व्यायाम द्वारा शारीरिक एवं मानसिक विकास होने से मनुष्य की कार्य क्षमता बढ़ जाती है जिससे वह अधिक धन का अपवर्जन करने में सफल हो सकता है
जब व्यायाम द्वारा शरीर के हानिकारक पदार्थों का विसर्जन हो जाता है स्वास्थ्य गति और रक्त की मात्रा बढ़ जाती है पाचन शक्ति और भूख में वृद्धि हो जाती है और मांसपेशियां मजबूत हो जाती है तो शारीरिक विकास होता है शारीरिक विकास से स्वस्थ ही मस्तिष्क विकसित होता है |
नियमित व्यायाम मनुष्य को स्वस्थ बना देता है और विभिन्न रोगों से मुक्ति प्राप्त हो जाती है इससे मनुष्य का शरीर कांतिमान है सुंदर बन जाता है परिणाम फल स्वरुप मनुष्य सुख शांति की अनुभूति करता है
व्यायाम न करने से कई हानियां होती है शरीर की चर्बी और रक्तचाप बढ़ जाता है पाचन शक्ति खराब हो जाती है हारती है और स्मरण शक्ति कमजोर हो जाती है व्यक्ति स्वभाव से चिड़चिड़ा हो जाता है और चेहरे से क्रांति लुप्त हो जाती है इससे शरीर समय से पहले कमजोर हो जाता है
स्त्रियों पुरुषों और बच्चों के लिए व्यायाम कार्य अलग-अलग प्रकार के होते हैं घूमने तो सभी के लिए उपयुक्त है योगासन तो बड़े बच्चों पुरुषों और स्त्रियों के लिए अत्यंत लाभकारी है
स्त्रियों के लिए नृत्य और घर के विभिन्न कार्य अभियान है विशेष कर लेते में पेशी ए सुडौल बनती है और शारीरिक सौंदर्य में वृद्धि होती है जो व्यक्ति शारीरिक कार्य करते होने व्यायाम करना आवश्यक नहीं है परंतु मानसिक कार्य करने वाले व्यक्ति को शारीरिक व्यायाम विशेष कर टहलने का काम आवश्यक करना चाहिए
धन्यवाद-
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सामान्य रूप से घर की संपूर्ण सफाई को ही प्राथमिकता दी जाती है परंतु जन स्वास्थ्य तथा सफाई के विभिन्न उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए घर की आंतरिक सफाई के साथ ही साथ घर के आसपास की सफाई अर्थात सार्वजनिक सफाई की भी समुचित व्यवस्था करनी अनिवार्य वास्तव में सफाई के विभिन्न लबों को प्राप्त करने के लिए घर पर्यावरण दोनों की संस्थान अनिवार्य है घर की आंतरिक सफाई वाले ही पूर्ण रूप से सर्वोत्तम श्रेणी की क्यों ना हो यदि घर के आसपास गंदगी का सामाजिक से हो तो घर में रहने वाले व्यक्ति सफाई के लाभों से कार्य वर्जित भी रह सकते हैं यदि घर के आसपास गंदगी हो तो वहां विभिन्न लोगों के रोगाणु बनाते हैं दुर्गंध उत्पन्न होती है मक्खी मच्छर एवं अन्य आसपास की गंदगी की हर किसी के लिए अशोक के लिए भी होती है जिसे देखकर काफी बुरा महसूस होता है तथा घर की सफाई से उत्पन्न होने वाली प्रशंसा कार्य समाप्त हो जाती है इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक रेडियो सभी नागरिकों को सुझाव दिया जाता है कि घर की सफाई के साथ-साथ घर के आसपास की सफाई का भी समुचित ध्यान रखें घर के आसपास अर्थात् अपने पर्यावरण को संपूर्ण स्वच्छता के लिए मुख्य रूप से निम्नलिखित उपायों को अनिवार्य रूप से बनाएं|
पारंपरिक रूप से बहुत से लोग खुले विशेष क्रिया करते रहे हैं अब इसे पूर्ण रूप से अनुचित तथा अशोक भी नहीं मान लिया गया है खुले में सोच से पर्यावरण प्रदूषण होता है तथा गंदगी फैलती है जो की जन स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक हानिकारक है खुले में सोच को पूरी तरह समाप्त करने के लिए हमारी सरकार कृत संकल्प है स्वच्छ भारत स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत घरों में शौचालय बनाने के लिए अनुदान की भी व्यवस्था है तथा इसके लिए जागरूक करने के लिए व्यापक प्रचार भी किया जा रहा है|
किसी भी प्रकार की सफाई के लिए संबंधित कूड़े करकट को सही ढंग से ठिकाना लगाना थी आवश्यक है हम अपने घर के अंदर की सफाई के लिए हर प्रकार के कूड़े करकट को ठिकाना लगाने के लिए हर संभव उपाय करते हैं इस सत्य को ध्यान में रखते हुए घर के आसपास के कूड़े करकट को फीस माफ करने के दास संभव उपाय किए जाने चाहिए इसके लिए सर्व प्रमुख उपाय यह है कि घर के आसपास कूड़ा करकट एकत्रित न होली भाई घर से निकलने वाले घोड़े को किसी भी दशा में घर के बाहर या आसपास ना फेलने दे इसके बावजूद यदि घर के आसपास किसी भी प्रकार का घोड़ा करके देखरत होने लगे तो उसे वहां से हटाने अथवा नष्ट करने का उचित उपाय किया जाना चाहिए कूड़े में यदि खास पत्ते तथा कागज आदि हो तो उन्हें जलाकर समाप्त कर दे अथवा उसमें खाद बनाने की प्रक्रिया को अपने ध्यान रखें रबर प्लास्टिक तथा पॉलिथीन आदि के अवशेषों को कदापि न जलाए इसके जलने से पर्यावरण में दूषित है हानिकारक गैसों से व्यापक होने का खतरा रहता है यहां यह स्पष्ट कर देना आवश्यक है कि घर के आस-पास की सफाई का दायित्व प्रत्येक निवासी का है केवल अपने घर के सामने के मुख्य द्वार की सफाई का ही ध्यान रखना पर्याप्त नहीं है संपूर्ण पर्यावरण की सफाई अभीष्ट है|
आसपास के खरपतवार को समाप्त करना-
घर के आसपास की सफाई के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण उपाय है घर के आसपास के खरपतवार को समाप्त करना सामान्य रूप से आवश्यक क्षेत्र में कुछ खाली स्थान खाली प्लाट या गली का कोण है होते हैं इन खाली स्थान में तरह-तरह के खरपतवार उगने लगते हैं एक खरपतवारों के कारण वातावरण में गंदगी की व्यापक होने लगती है वह तरह-तरह के कीट पतंगे पड़ने लगते हैं खुदाई मृत होने लगता है तथा आवारा पशु भी वह गंदगी फैलाने लगते हैं कुछ खरपतवार टोचन स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले होते हैं जिनकी गांडिया पराग करो से एलर्जी जनित रोग उत्पन्न होने की आशंका रहती है अनेक क्षेत्रों में होने वाली अमेरिकी का इसका एक स्पष्ट उदाहरण है इन संस्कृत तथ्यों को ध्यान में रखते हुए सुझाव दिया जाता है कि घर के आसपास आवश्यक खरपतवार न पान अपने दे यदि खरपतवार को प्रारंभ में ही नष्ट कर दिया जाए तो समस्या बढ़ती ही नहीं
गंदे पानी की समुचित व्यवस्था-
घर के आसपास की सफाई व्यवस्था के अंतर्गत गंदे पानी की समुचित व्यवस्था करना भी आवश्यक होता है सार्वजनिक डोलियों की व्यवस्था के अभाव में घरों से निकलने वाला गंदा पानी तथा बरसात का पानी भी वातावरण में गंदगी का कारण बन जाता है यदि इस प्रकार की स्थिति हो तो इस विषय में समुचित उपाय करना अति आवश्यक होता है इसका सर्वोत्तम उपाय है डालियन की समुचित व्यवस्था करना यदि नालियों की व्यवस्था करने में कोई कठिनाई हो तो प्रत्येक घर के बाहर ढके हुए शॉकिंग पित्त बनाए जाने चाहिए इसके अतिरिक्त यदि घर के आसपास कई गड्ढे हो या गहरे स्थान हो जहां पानी एकत्रित हो जाता है वहां मिट्टी डालकर उन्हें तक देना चाहिए ताकि वहां पानी एकत्रित न होने पाए यदि इस प्रकार के गधों को थकना कठिन हो तो उन में दर्द होने वाले पानी पर समय-समय पर मिट्टी के तेल अथवा मच्छर मार तेल का छिड़काव करना आवश्यक होता है इसमें मच्छरों की उत्पत्ति को नियंत्रित किया जा सकता है
सार्वजनिक नालियों की सफाई व्यवस्था-
अवश्य वातावरण को स्वच्छ और स्वस्थ कर बनाए रखने के लिए क्षेत्र की सार्वजनिक नालियों की व्यवस्था होनी चाहिए इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए की नालियों में गंदा पानी न रोकना पाए इसके लिए नालियों की ढाल ठीक होनी चाहिए तथा उनकी नियमित सफाई की व्यवस्था होनी चाहिए नालियों में कूड़ा कर कर नहीं डालना चाहिए डोलियों में पानी के बहन को अवरुद्ध करने में पॉलिथीन का सर्वाधिक योगदान रहता है अतः पॉलिथीन को जहां तहां न फेक सार्वजनिक नालियों के आसपास चुनाव या कोई रोगाणु नाशक खोल का छिड़काव भी करते रहना चाहिए
मृत पशुओं को हटाने की व्यवस्था-
अवश्य वातावरण की स्वच्छता के लिए आवश्यक है कि यदि पशु मर जाए तो उसके मृत शरीर को वहां से सरक हटाने की व्यवस्था की जाए अन्यथा क्षेत्र में तीव्र दुर्गंध तथा विभिन्न रोगाणु व्यापक होने लगते हैं पशुओं के मृत शरीर को हटाने के लिए स्थानीय संस्थाओं अथवा निर्धारित ठेकेदार को सूचित करना चाहिए
संपूर्ण पर्यावरण की स्वच्छता सार्वजनिक स्वच्छता के लिए चंद जागरूकता अनिवार्य है इसके लिए प्रत्येक नागरिक को अपने दायित्व निभाना चाहिए वर्तमान समय में हमारी सरकार इस दिशा में अत्यधिक प्रयत्नशील है तथा स्वच्छ भारत मिशन को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है आशा है की सीख रही हमारा देश पूर्ण रूप से स्वच्छ भारत बन जाएगा तथा गंदगी का पूर्ण अनुलन हो जाएगा
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The bicycle is very popular in india. Old and young the milkman, the newspaper boy, The postman and the hawker use it for going from one place to another. A lot of educated young people use bicycle for environmental concerns.
The first bicycle was built in 1817 by a German. It was made of wood. The reader set on the saddle and road it by pushing his fit against the ground in England the machine was called The 'Hobby horse a scortman name it Macmillan, improved The hobby horse he provided pedals which wear connected to the rear wheel by long rods.
In 1861 French man built a Bettar machine it was called the "Bone Shekhar" because its wooden wheels gave a rough ride. Sun rubber wheels where heated and the machine was then called the bycycle the modern vehicle was built in 1879 by Harry Lawson, an American. It was driven by a chain connected to the rear wheel.
Dawai cal has been a companion of common the come on man since age it does not require fuel. It is easy to park it keeps the body of a rider feet the use of vehicle is also eco--friendly, as it keeps the environment no is free and pollution free.
Read Full Blog...turrning point India 20- 20 A vision for the new millenium my journey he has mentioned his dream of making India a developed country in his book India 20-20 ab vision for the new millenium. Is advised to the youngest of the Nation was to Dream dream dream dreams dance from into thought and thoughts result in action
The Government of India honoured him with Padma Bhushan 1981 Padma vibhushan 1990 Bharat ratn 1997 including Indira Gandhi Award for National Integration 1997.
Dr Kalam passed Away on 27th July 2015 while delivering a lecture at the Indian Institute of Management in Shillong the wolworld was sold and suddenned by the sudden and untimely death of the simple humble yet one of the greatest man of all times
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