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Blog by Doli | Digital Diary

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Meri Kalam Se
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हलासन करने के कुछ उपायआप भी जाने

हलासन :   यह आसन करने से पूर्व जमीन पर पीठ के बल लेट जाना चाहिएहथेलियां नीचे की तरफ वह दोनों पर आपस में मिले होने चाहिए इसके बाद दोनों पैरों को धीरे-धीरे ऊपर उठाना चाहिएl जब पर सीधे हो जाए तो इन्हें थोड़ा- सा पीछे चुकाकर नितंब था पीठ को भी ऊपर उठाना उठा लेना चाहिए इसके बाद दोनों पैरों को जितना अधिक हो सीख सके पीछे ले जाकर जमीन पर टिका देना चाहिए हाथों को जमीन पर दबाकर शरीर को संतुलित रखना चाहिए कु... Read More
हलासन :   यह आसन करने से पूर्व जमीन पर पीठ के बल लेट जाना चाहिएहथेलियां नीचे की तरफ वह दोनों पर आपस में मिले होने चाहिए इसके बाद दोनों पैरों को धीरे-धीरे ऊपर उठाना चाहिएl जब पर सीधे हो जाए तो इन्हें थोड़ा- सा पीछे चुकाकर नितंब था पीठ को भी ऊपर उठाना उठा लेना चाहिए इसके बाद दोनों पैरों को जितना अधिक हो सीख सके पीछे ले जाकर जमीन पर टिका देना चाहिए हाथों को जमीन पर दबाकर शरीर को संतुलित रखना चाहिए कुछ समय पश्चात धीरे-धीरे पूर्व अवस्था में आ जाना चाहिए l.                                   (इन्हें भी पड़े)                                        (  लाभ)                                                शरीर के जोड़ों की कार्य कुशलता में वृद्धि करता है                                               इस आसन को नियमित रूप से करने से रुधिर पर वहां ठीक रहता है                     इससे मरुधन दंड लचीला बनता है और व्यक्तित्व निरोग में स्वस्थ रहता है
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[email protected] 11 Jan 2025 240 Views

भद्रासन हम क्यों करते हैं

भद्रासन के लाभ व नियम।           दोनों पैरों को सामने की तरफ फैला कर बैठ जाए फिर दाहिने पैर को मोड़कर दाहिने निबंधके नीचे व्यवहार पर को मोड़कर बाय निबंधके नीचेरखिएउसके बाद वज्जासनकी स्थितिमें बैठ जाएफिर दाहिने हाथ से बाएं पैर के अंगूठेकोऔर बाएं हाथ से दाहिने पैर के अंगूठे को पकड़िए अपनी समर्थके अनुसारइसी स्थिति में रख रहेइसके बाद अवस्थामें आ जाए                      इन्हें भी जाने  :             ... Read More
भद्रासन के लाभ व नियम।           दोनों पैरों को सामने की तरफ फैला कर बैठ जाए फिर दाहिने पैर को मोड़कर दाहिने निबंधके नीचे व्यवहार पर को मोड़कर बाय निबंधके नीचेरखिएउसके बाद वज्जासनकी स्थितिमें बैठ जाएफिर दाहिने हाथ से बाएं पैर के अंगूठेकोऔर बाएं हाथ से दाहिने पैर के अंगूठे को पकड़िए अपनी समर्थके अनुसारइसी स्थिति में रख रहेइसके बाद अवस्थामें आ जाए                      इन्हें भी जाने  :                       लाभ                                       इससे टांगों की मांसपेशियां मजबूत बनती है  .                     इसे व्यर्थ के पदार्थ का निष्कर्ष होता है                                  इससे एकाग्रता का विकास होता है                                           इससे फेफड़ों को उचित मात्रा में ऑक्सीजन प्राप्त हो ती है             यह आसान समाप्त हो गया है                
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[email protected] 11 Jan 2025 209 Views

हां तो आई जाने सुखासन के लाभ और सुखासन कैसे करते हैं

सुखासन , इस आसन मैं पैरों को सीधा करके बैठ जाए इसके बाद दया दया पर मोड कर बाय जंग के अ अंदर रखिए फिर बाय पर मोड कर दाएं जंगक अंदर रखिए हाथों को घुटनो पर टिकाई थोड़ी एकदम सीधी होनी चाहिए अपने सर गार्डन वह पीठ को सीधा रखिए आंखें बंद करके अपने सर को आराम दीजिए।                        लाभ।                                                                    यह घुटनों पिंडलियों की मसपेशियों और जांघों को... Read More
सुखासन , इस आसन मैं पैरों को सीधा करके बैठ जाए इसके बाद दया दया पर मोड कर बाय जंग के अ अंदर रखिए फिर बाय पर मोड कर दाएं जंगक अंदर रखिए हाथों को घुटनो पर टिकाई थोड़ी एकदम सीधी होनी चाहिए अपने सर गार्डन वह पीठ को सीधा रखिए आंखें बंद करके अपने सर को आराम दीजिए।                        लाभ।                                                                    यह घुटनों पिंडलियों की मसपेशियों और जांघों को अच्छी मालिश करने  मदद करता है।                          यह बिना किसी दर्द अथवा खिंचाव के मानसिक एवं शारीरिक संतुलन बनाए रखना है।                               यह आसान शरीर को बेहतर बनाने में भी सहायक है।    यह आपका मन शांत करताह।                                   यह रीड की हड्डी की लंबाई बढ़ा ने में सहायकहै।            विपरीत सकेत।                                                       यदि आपके घटनों अथवा निबंध में कोई चोट हो तो इस आसन को मत कीजिए।                                             यदि आपको शिल्प डिस्क की की समस्या हो तो इस आसन को करने के दौरान पूर्ण सावधानियां बरतनी चाहिए
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[email protected] 07 Jan 2025 205 Views

Yoga hamare liye bahut jaruri hai aaiae jaane

Mul yoga yog Bhartiya Sanskriti ka ek prachin vigyan hai jo Sharif man aur atma ke samajaye ko sthapit karne ke mein madad karta hai yog shabd Sanskrit ki dhaatu use se nikala hai jiska Arth jodna ya Milana yog ka uddeshy vyakti ko atmik Gyan prapt karna Ishwar ya Param Satya se jodna hai yah Na Keval ek sharir vyayam hai balki mansik aur aadhyatmik Vikas ka Marg bhi hai    Read More
Mul yoga yog Bhartiya Sanskriti ka ek prachin vigyan hai jo Sharif man aur atma ke samajaye ko sthapit karne ke mein madad karta hai yog shabd Sanskrit ki dhaatu use se nikala hai jiska Arth jodna ya Milana yog ka uddeshy vyakti ko atmik Gyan prapt karna Ishwar ya Param Satya se jodna hai yah Na Keval ek sharir vyayam hai balki mansik aur aadhyatmik Vikas ka Marg bhi hai   
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[email protected] 03 Jan 2025 380 Views

Yoga ka matlab

                                                            yoga ka perichy    yoga multha Atyth suchm vigyan per aadyatmike anushan hai jo man our shrir ke bich samnjsye lane per kendirth hai yeh svasth jiven ki ak kela our vigyan hai [yog] shebd ki utpethi sanskrit  dathu [yug] se hui hai                   Read More
                                                            yoga ka perichy    yoga multha Atyth suchm vigyan per aadyatmike anushan hai jo man our shrir ke bich samnjsye lane per kendirth hai yeh svasth jiven ki ak kela our vigyan hai [yog] shebd ki utpethi sanskrit  dathu [yug] se hui hai                  
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[email protected] 01 Jan 2025 248 Views

doli

                                                            yoga ka perichy    yoga multha Atyth suchm vigyan per aadyatmike anushan hai jo man our shrir ke bich samnjsye lane per kendirth hai yeh svasth jiven ki ak kela our vigyan hai [yog] shebd ki utpethi sanskrit  dathu [yug] se hui hai                   Read More
                                                            yoga ka perichy    yoga multha Atyth suchm vigyan per aadyatmike anushan hai jo man our shrir ke bich samnjsye lane per kendirth hai yeh svasth jiven ki ak kela our vigyan hai [yog] shebd ki utpethi sanskrit  dathu [yug] se hui hai                  
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[email protected] 01 Jan 2025 347 Views

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