प्रज्ञायोग-व्यायाम: विधि, लाभ और करने का सही तरीका (चरण 1 से 5)
꧁ Digital Diary ༒ Wefru – India's Largest Writing Community ༒ Read, Write & Grow ༒꧂
꧁ Digital Diary ༒ Wefru – India's Largest Writing Community ༒ Read, Write & Grow ༒꧂
ॐ भूः - (ताड़ासन)
धीरे-धीरे श्वास खींचना प्रारंभ करें। दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं, दोनों पैर के पंजों के बल खड़े होते हुए शरीर को ऊपर की ओर खींचें। दृष्टि आकाश की ओर रखें। यह चारों क्रियाएँ एक साथ होनी चाहिए। यह समूचा व्यायाम ताड़ासन की तरह सम्पन्न होगा।
लाभ: हृदय की दुर्बलता, रक्तदोष और कोष्ठबद्धता दूर होती है। यह मेरुदण्ड के सही विकास में सहायता करता है। स्नायु तंत्र लचीला बनता है तथा शरीर की जकड़न (आलस्य) शीघ्र दूर होती है।
स्वः - (वज्रासन)
विधि: हस्तपादासन की स्थिति में सीधे जुड़े हुए पैरों को घुटनों से मोड़ें, दोनों पंजे पीछे की ओर ले जाकर उन पर वज्रासन की तरह बैठ जायें। दोनों हाथ दोनों घुटनों पर, कमर से मेरुदण्ड तक शरीर सीधा, श्वास सामान्य।
लाभ: भोजन पचाने में सहायक, वायु दोष, कब्ज, पेट का भारीपन दूर करता है। यह आमाशय और गर्भाशय की मांसपेशियों को शक्ति प्रदान करता है, अतः हार्निया से बचाव करता है। गर्भाशय, आमाशय आदि में रक्त व स्नायविक प्रभाव को बदल देता है।
तत् - (उष्ट्रासन)
विधि: घुटनों पर रखे दोनों हाथ पीछे की तरफ ले जायें। हाथ के पंजे पैरों की एड़ियों पर रखें। अब धीरे-धीरे श्वास खींचते हुए सीने को फुलाते हुए आगे की ओर ऊर्ध्वमुखी खींचें। दृष्टि आकाश की ओर हो। इससे पेट, पेडू, गर्दन, भुजाओं सबका व्यायाम एक साथ हो जाता है।
लाभ: हृदय बलवान, मेरुदण्ड तथा इड़ा, पिंगला, सुषुम्ना को बल मिलता है। पाचन, मल निष्कासन और प्रजनन-प्रणालियों के लिए लाभप्रद है। यह पीठ के दर्द व अर्द्ध-वृत्ताकार (झुकी हुई) पीठ को ठीक करता है।
सवितुः - (योग मुद्रा)
विधि: अब श्वास छोड़ते हुए पहले की तरह पंजों पर सीधे बैठने की स्थिति में आयें, साथ ही दोनों हाथ पीछे पीठ की ओर ले जायें व दोनों हाथ की अंगुलियाँ आपस में फँसाकर धीरे-धीरे दोनों हाथ ऊपर की ओर खींचे और मस्तक भूमि से स्पर्श कराने का प्रयास करें।लाभ: वायुदोष दूर करता है। पाचन संस्थान को तीव्र तथा सक्रिय बनाता है।
Verified Brand
I love exploring new subjects, especially Mathematics and Science. My day is highly disciplined: I wake up at 7:00 AM, walk to school with my friends at 9:00 AM, and return by 4:00 PM. To excel in my studies, I attend tuitions daily from 4:00 PM to 5:30 PM.
Family & Support System
I belong to a loving family... Read More
Have a question about this post? Send it straight to the author — only they will see it.
We are accepting Guest Posting on our website for all categories.
Khushi prerna
Verified Author Expert@DigitalDiaryWefru