नागरिकता एवं भावनात्मक एकता क्या है( Citizenship and emotional unity)

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नागरिकता एवं भावनात्मक एकता क्या है( Citizenship and emotional unity)

नागरिकता का अर्थ तथा परिभाषा (Meaning and Definition of citizenship):-

नागरिक की किसी राज्य के संदर्भ में विशिष्ट स्थिति नागरिकता कहलाती हैं नागरिकता के रूप मैं राज्य के द्वारा व्यक्ति को अनेक नागरिक एवं राजनीतिक अधिकार प्रदान किए जाते है और इसके बदले में व्यक्ति राज्य के प्रति विशेष निष्ठा का पालन करता है, जिन्हें नागरिक के कर्तव्यों के रूप में निरूपित किया जाता हैं व्यावहारिक अर्थ में रज्य की ओर से स्थाई रूप से वास करने व्यक्तियों को सुरक्षा समानता स्वतंत्रता संपत्ति अर्जन और राजनीतिक अधिकारों के रूप में प्राप्त मौलिक अन्य अधिकारों का समूच नागरिकता की श्रेणी में आता है तथा नागरिक राज्य के पति निष्ठा एवं भक्ति - भाव का प्रदर्शन करते प्रकार नागरिकत व्यक्ति एवं राज्य के मध्य ऐसे पारंपरिक संबंधों की अभिव्यक्ति हैं,जो दोनों को एक - दूसरे से बंधों रखते हैं विभिन्न विद्वानों ने नागरिकता को निम्न प्रकार से परिभाषित किया हैं -

  • लोस्की:-  के कथा अनुसार अपनी बुद्धि को लोकहित के लिए प्रयोग करना ही नागरिकता है 

  • राम एवं शर्मा के कथा अनुसार नागरिकता जीवन कि उसे स्थिति को कहते हैं, जिसके अंतर्गत राज्य के सभी नागरिकों को समस्त सामाजिक एवं राजनीतिक अधिकारों के उपयोग का अवसर मिलता है। 
  • विलियम बॉयड के कथा अनुसार भक्ति भावना का उचित क्रम निर्धारण ही नागरिकता है।
  • वेटल नागरिक किसी समाज के वे सदस्य होते हैं जो उसे समाज के प्रति सम्मान कर्तव्यों के बंधे रहते हैं तथा उसकी सत्ता के अधिक रहते हैं और उसे सत्ता से प्राप्त होने वाले लाभों में सम्मान रूप से भागीदार होते हैं।
  • गुरुमुख निहाल सिंह - "नागरिकता कुछ अधिकारों पर मंत्र निष्कर्ष अधिपति नहीं है वर्णन समुदायक जीवन में सक्रिय सहयोग है जिससे आत्मज्ञान की प्राप्ति और सामाजिक लाभ की बुद्धि होती है"।       

    अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय ने एक मुकदमे के फैसले  में नागरिक की परिभाषा का उल्लेख करते हुए कहा कि नागरिक समाज के सदस्य होते हैं। इन्हीं से राज्य का संगठन होता है और सामूहिक रूप ये  लोग अंतर्गत होते हैं जिससे व्यक्तिक तथा सामूहिक अधिकारों की रक्षा हो सके।   नागरिक संबंधी उपयुक्त परिभाषाओं के विश्लेषण के पश्चात हम कह सकते हैं कि नागरिक होने के लिए निम्नलिखित संतों की आवश्यकता है अवतार-

  • राज्य की सदस्यता :- जब तक कोई व्यक्ति किसी राज्य का सदस्य नहीं कह सकते जैसे कबीलों  के लोग।
  • सामाजिक तथा राजनीतिक अधिकारोंक की प्राप्ति:-कानूनी दृष्टि से वही नागरिक है जो राज्य द्वारा पदार्थ  सामाजिक तथा रजनीति अधिकारों का उपयोग करता है ।         

  • नागरिक के प्रकार ( Types of citizens) 

    किसी राज्य में निम्न चार प्रकार के नागरिक निवास करते हैं -

  • अल्पवयस्क नागरिक:- ये एक निश्चित आर यू माय कम आर यू के व्यक्ति होते हैं और उन्हें मताधिकार प्राप्त नहीं होता हैं भारत  में 18  वर्ष की आयु से कम आयु के व्यक्ति इस श्रेणी में आते हैं। 
  • वयस्क नागरिक:- यह एक निश्चित आयु प्राप्त व्यक्ति हैं भारत में यह आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है तथा इन्हें मताधिकार प्राप्त होता हैं।
  • नागरिकता प्राप्त विदेशी:- यह विदेशी होते हैं परंतु उन्हें कुछ शर्तें पूरी करने के पश्चात ही भारत की नागरिकता प्राप्त हो जाती है। 
  • मताधिकार से वंचित वयस्क नागरिक:- इस वर्ग के अंतर्गत ऐसे व्यक्ति सम्मिलित किए जाते हैं जिनकी आयु नागरिकता प्राप्त करने की करने की निश्चित आयु से अधिक होती हैं परंतु किन्हीं विशेष कारणों से इन्हें मतदान का अधिकार प्राप्त नहीं होता हैं; जैसे-सजा प्राप्त मुजरिम।
  • विदेशियों के प्रकार ( types of foreigners)

    सामान्य रूप से विदेशी दी प्रकार के होते हैं-

  • विदेशी शत्रु-शत्रु देश में चोरी छिपे घुसपैठ करने वाले विदेशी, विदेशी शत्रु कहला हैं। 
  • FAQ

    + नागरिकता के कर्तव्य क्या होते हैं

    किसी भी राज्य के स्थित तत्व एवं सुंदरता में आदर्श नागरिक को का प्रमुख योगदान होता है आदर्श नागरिक अपने राष्ट्रीय के साथ तन मन एवं धन से सहयोग करते हैं तथा शांति काल में विकास के क्षेत्र में एवं संकटकालीन परिस्थितियों में सुरक्षा के क्षेत्र में उनके आदर्श भूमिका होती है इसलिए राज्य में ऐसी परिस्थितियों को प्रोत्साहित किया जाता है जो ऐसे आदर्श नागरिकों के निर्माण में जिम कर्तव्य पर नेता की भावना कूट-कूट कर भारी हो वास्तव में व्यावसायिक परंपरागत सामाजिक एवं मानवता कर्तव्य निर्वाह की भावना ही अन्य नीति गुना को प्रोत्साहित करती है और इसी के आधार पर अन्य नीति गन का व्यावहारिक मूल्यांकन संभव हो पता है सामान्यत कर्तव्यों के प्रति लोग उदासीन होते हैं इसके लिए जागरूकता की कमी सबसे बड़ा कारण है
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