आचार्य रामचंद्र शुक्ल का जीवन परिचय
꧁ Digital Diary ༒ Wefru – India's Largest Writing Community ༒ Read, Write & Grow ༒꧂
꧁ Digital Diary ༒ Wefru – India's Largest Writing Community ༒ Read, Write & Grow ༒꧂
शुक्ल जी की प्रारंभिक शिक्षा मिर्जापुर में हुई। इन्होंने मिशन स्कूल से हाईस्कूल (10वीं) की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद इन्होंने कायस्थ पाठशाला, इलाहाबाद में इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए प्रवेश लिया, लेकिन गणित में कमजोर होने के कारण इनकी पढ़ाई छूट गई। इसके बाद इन्होंने मिर्जापुर की अदालत में नौकरी की, लेकिन स्वाभिमान के कारण इसे छोड़कर मिर्जापुर के मिशन स्कूल में चित्रकला के अध्यापक बन गए।
बाद में इनकी विद्वत्ता से प्रभावित होकर इन्हें काशी नगरी प्रचारिणी सभा में 'हिंदी शब्दसागर' के संपादन कार्य में सहयोग के लिए बुलाया गया। कालंतर में ये काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में हिंदी विभाग के अध्यक्ष पद पर भी आसीन रहे।
साहित्यिक योगदान
आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने हिंदी साहित्य को एक नया दृष्टिकोण प्रदान किया। इन्होंने हिंदी समीक्षा और निबंध साहित्य को उच्च धरातल पर प्रतिष्ठित किया। शुक्ल जी ने 'हिंदी साहित्य का इतिहास' लिखकर पूरे साहित्य को वैज्ञानिक और सुव्यवस्थित रूप दिया, जिसे आज भी प्रामाणिक माना जाता है।
शुक्ल जी की प्रमुख कृतियाँ इस प्रकार हैं:
निबंध संग्रह: चिंतामणि (भाग 1 और 2), विचार वीथी
इतिहास ग्रंथ: हिंदी साहित्य का इतिहास
आलोचना: रस मीमांसा, त्रिवेणी
संपादन: जायसी ग्रंथावली, तुलसी ग्रंथावली, भ्रमरगीत सार
प्रकृति की गोद में सुकून: हरियाली और शांति का अनोखा संगम??
0 comments · 178 views
Read and comment first →
MY BEST FRIEND:
0 comments · 167 views
Read and comment first →
Log Hamen Kyon Chhod Kar Chale Jaate Hain Jin per Hamen sabse Jyada Bharosa Hota Hai✨?
7 comments · 153 views
Join the conversation →
आइए जानते हैं Artificial Intelligence Applications
1 comment · 152 views
Join the conversation →
Have a question about this post? Send it straight to the author — only they will see it.
We are accepting Guest Posting on our website for all categories.
Vanshika bodh✨
✓ Profile Complete@DigitalDiaryWefru