विजय पथ
केचुआ और खरगोश में गहरी मित्रता थी दोनों साथ-साथ रहते और खेलते थे एक खरगोश ने कछुए से कहा मित्र क्यों ना एक दिन हमारी तुम्हारी दौड़ हो जाए मैं तैयार हूं कछुआ बोला दोनों ने अपने साथियों को बुलाकर दौड़ का रास्ता और गंतव्य स्थल तय किया फिर एक निश्चित दिन पर दौड़...
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