मंगल पांडे

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            मंगल पांडे 

मंगल पांडे प्रथम स्वाधीनता संग्राम की प्रथम देशभक्ति सिपाही थें। उनका जन्म साधारण परिवार में हुआ। मंगल पांडे शांत और सरल स्वभाव के थे। 10 मई, 1849 ई० को यह ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में भारती हो गए। एक दिन बंगाल छावनी में बंदूक के कारतूस में गाय और सूअर की चर्बी लगे होने की बात फैली, जिससे सिपाहियों में असंतोष फैल गया। उसी रात बैरकपुर छावनी में कुछ इमारतें में आग की लपटें देखी गई। आग लगने वाले का पता न चला। 

तिरुपुर को 19 नवंबर पलटन ने कारतूस प्रयोग करने से इनकार कर दिया। पलटन से हथियार रखवा लिए गए और सैनिकों को बर्खास्त कर दिया गया। 29 मार्च 1857 को मंगल पांडे ने खुले रूप में क्रांति का आह्वान किया। मंगल पांडे ने मेजर हयूसन और लेफ्टिनेंट बाघ को घोड़े सहित गोली मार दी। बैग बच गया तो उसे मंगल पांडे ने उसे तलवार से मार दिया। घायल अवस्था में मंगल पांडे को गिरफ्तार किया गया। 8 अप्रैल 1857 ई० को पुरी रेजीमेंट के सामने मंगल पांडे को फांसी दे दी गई।

FAQ

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pratiksha

pratiksha

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My name is partiksha. 

My father name is sonu kumar. 

My mother name is rekha dive. 

My sister name is priya. 

My bother name is aryan. 

My school name G.G.I.C.

 

 




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