निर्धनता शब्द का अर्थ है,धनहीन होना की अथवा धनभव की स्थिति की ही मूलरूप में निर्धनता कहा जाता है। निर्धनता वह स्थित है जो व्यक्ति को अपनी तथा अपने परिवार की आवश्यक आवश्यकताओं को संतुष्ट बनती हैं। धन दैनिक जीवन यापन करने का एकमात्र स्रोत है, जबकि धनहीनता ही निर्धनता का अभिशाप बन जाती है। धन का अभाव व्यक्ति की सबसे बड़ी दुर्बलता और विवशता है, क्योंकि धन से ही सब कुछ होता है। बिन धन के कुछ भी नहीं होता। निर्धनता व्यक्ति लिए दुखद एवं समाज के लिए घर अभिशाप है।
निर्धनता उन वस्तुओं का अभाव या अपर्याप्त पूर्ति हैं। जोकि एक व्यक्ति तथा उसके आश्रित को स्वस्थ बनाए के लिए आवश्यक है।" दूसरे शब्दों में, "निर्धनता एक ऐसा जीवन स्तर हैं जिसमें स्वास्थ्य और शारीरिक दक्षता नहीं बनी रहती है। निर्धनता के करण व्यक्ति रोटी, वस्त्र तथा भवन की सुविधाओं से वंचित होकर दयनीय जीवन जीने के लिए विवश हो जाता है।
निर्धनता के प्रकार
शहरी निर्धनता -
नगरों एवं महानगरों में झुग्गी झोपड़ियों से निर्धनता जगती दिखाई पड़ रही है। रामसरण एक मिल में रू० 3,500 माह नौकरी है, इतने कम पैसों न तो वह अपने परिवार के लिए ठीक से भोजन और वस्त्रों की व्यवस्था कर पता है न मकान ही सुलभ कर पता है। नगरों में बसने वाले हजारों रामसन इसी तरह निर्धनता के दुष्चक्र में जीवन जीते थे।
ग्रामीण निर्धनता -
रामदास भूमिहीन होने के कारण प्रतिदिन भूपतियो के घर रोजगार पाने के लिए चक्कर लगाता है। उसे रुपए 50 प्रतिदिन की दहाड़ी पर किसानों के खेतों में काम करके अपने परिवार का पालन पोषण करना है। बलवान गांव से मरियल से घोड़ा वाली टांगे में सवारियां कस्बे तक ले जाता है। और शाम तक मारखाप कर ₹200 कम पता हैं। उसी आय से घोड़े का चारा तथा 6 लोगों के पेट पालने पर विवश रहता है।
FAQ
No FAQ Available.
pratiksha
Verified Brand
मेरा नाम प्रतीक्षा प्रजापति है। मैं दसवीं क्लास में पढ़ती हूं। मेरे पिताजी का नाम श्रीमान सोनू कुमार है। मेरी माता जी का नाम श्रीमती रेखा देवी है। मेरे दो बहन भाई और है। मेरी बहन का नाम प्रिया है, और मेरे भाई का नाम आर्यन प्रजापति है। मेरे गांव का नाम असदपुर करांजलि देवबंद सहारनपुर हैं। मेरे जीवन का सबसे बड़ा सपना मेरी कामयाबी है। मैं अपने जीवन में कामयाब होना चाहती हूं।
Leave a comment
We are accepting Guest Posting on our website for all categories.
pratiksha
Verified Author Expert@DigitalDiaryWefru