स्वयं पर विश्वास
सामान्य और आसमान या समय में प्राथमिकताएं बदल जाती है। उनकी भी प्राथमिकता बदल गई। अब वह उन कार्यों और विचारों से हटकर करते और सोचते हैं। जो समान्य समय में उनके लिए सबसे जरूरी लगता था। उन्होंने तय किया कि 'पहले वाली प्रथमिकताएं 'दूसरे के लिए ही कार्य करना और सोचने से हटकर अब पहले स्वयं को सुरक्षित रखना और स्वयं के बारे में सोने को प्राथमिकता देंगे।
यह प्राथमिकता जब उन्होंने बनाई तो उन्हें असहज तो लगा, परी है करना अपने जीवन और परिवार समाज की सरक्षा के लिए जरूरी था। असामान्य काल में नियम- सिद्धांत किस तरह से बदल जाते हैं और बदल देने चाहिए। उन्होंने बखूबी समझ लिया था। इस समाज की वजह से खुद ही नहीं, बल्कि उनके परिवार और आस-पड़ोस भी सुरक्षित है।
partiksha
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