महादेवी वर्मा का जन्म फर्रुखाबाद के एक शिक्षित और सम्भ्रांत परिवार में सन १९०७ ई० मैं उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद मैं हुआ था। इनके पिता गोविंद प्रसाद वर्मा भागलपुर में एक विद्यालय में प्रधानाचार्य और नाना ब्रजभाषा के एक अच्छे कवि थे। माता हमरानी वर्मा परम- विदुषी महिला थी। इन सभी के करण महादेवी वर्मा एक सफल प्रधानाचार्य और भावुक कवितयित्री बन गई।
इनका विवाह ११ वर्ष की अल्पायु में ही डॉक्टर डाक्टर स्वरूप नारायण वर्मा से हो गया। शवसुर के विरोध के कारण इनकी शिक्षा में व्यवधान आ गया। उनकी देहावसान के बाद इन्होंने पूर्ण शिक्षा प्रारंभ की और प्रयाग विश्वविद्यालय मैं मा (संस्कृत) की परिभाषा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। इसके पश्चात् प्रयाग महिला विद्यापीठ की प्राचार्या नियुक्त हुई जहां से सन १९६४ ई० एक से अवकाश ग्रहण किया। इनको नीरज पर सेक्सरिया तथा यामा पर मंगलाप्रसाद पुरस्कार भी प्राप्त हुआ।
FAQ
No FAQ Available.
pratiksha
Verified Brand
मेरा नाम प्रतीक्षा प्रजापति है। मैं दसवीं क्लास में पढ़ती हूं। मेरे पिताजी का नाम श्रीमान सोनू कुमार है। मेरी माता जी का नाम श्रीमती रेखा देवी है। मेरे दो बहन भाई और है। मेरी बहन का नाम प्रिया है, और मेरे भाई का नाम आर्यन प्रजापति है। मेरे गांव का नाम असदपुर करांजलि देवबंद सहारनपुर हैं। मेरे जीवन का सबसे बड़ा सपना मेरी कामयाबी है। मैं अपने जीवन में कामयाब होना चाहती हूं।
Leave a comment
We are accepting Guest Posting on our website for all categories.
pratiksha
Verified Author Expert@DigitalDiaryWefru