शांति क्या है

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 शांति क्या है

 प्यास व्यक्ति को जैसे पानी की जरूरत होती है उसी प्रकार जीवन से हर थके जीवन के सट्टा इंसान को शांति की जरूरत पड़ती है

 मानव की क्रम में निंदिया तथा उसके मन का संतुष्ट हो जाना ही मनुष्य आत्मा की सबसे बड़ी शांति है

 शांति एक अनुभव है यह बाहर से दिखाई देने वाली कोई स्थल वस्तु नहीं होती और ना ही बाजार में मूल्य चुराकर शांति को कहीं से खरीदा जा सकता है यह तो मानव का उसके मन से किया गया आंतरिक समझौता है जिसे पाने वाला ही जान सकता है 

 मनुष्य के मन में जैसे ही शांति आ जाती है तो मानव उसके पास सब कुछ दुनिया की सारी नदियां इकट्ठी हो जाती है संसार की भौतिक सुख सुविधा और फैशन के माहौल ने मानव को आनंद दुख और निराशा ही पहुंचाई है

 विज्ञान के विनाशकारी आविष्कारों ने भी मानव के मन की शांति भंग करने में कोई कसर नहीं रखी केवल हमारा भारत देश ही नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व ही परमाणु युद्ध के खतरे से जूस रहा है 

 एक और मानव मन की छात्रणाएं अभिलाषाय जो उसे कभी चैन से बैठने नहीं देता आदमी की एक छह पूरी होती है तो उसके मन में दूसरी छह उठाती है इस तरह सारी जिनके आदमी कोई ना कोई अधूरी इच्छा लिए जीता है और तड़पती कहीं भी नहीं पाता

 आजकल हिंसा और आतंकवाद समुदायिकता और भ्रष्टाचार जैसी भीषण समस्या देश की शांति को जितना नुकसान पहुंचा रही है उतनी शायद और दूसरी समस्या नहीं इन सब हफ्तों के चलते आज आदमी पृथ्वी पर वह चिंता और असंतोष के साए में जी रहा है 

 शांति शब्द का अगर हम शान + स्थिति आसन की स्थिति के रूप में संधि विच्छेद करके पाठ करें तो इसका एक अर्थ शांति अर्थात मनुष्य आत्मा की शान या स्वमान की स्थिति समझ में आता है जब आदमी की ऐसी शान की दशा खत्म हो जाती है तभी वह परेशान या अशांत होता है 

 यहां पर परेशान का मतलब पैर प्लस स्थान या आसन की स्थिति से पैर मारना चाहिए ऐसी स्थिति तभी बनती है जब आदमी किसी न किसी बात से अशांत बनता है मानव जीवन के लिए शांति अमृत की तरह है यह गुण मानव को प्रभु की ओर से मिला हुआ दिव्या वरदान है मनुष्यता मूल रूप में शांति स्वरूप या शांति की स्थिति वाली ही होती है किंतु जब मनोविकारों का आदमी के ऊपर आकर्षण होता है तो आदमी का ध्यान विचलित हो जाता है इस कारण आत्मा की शांति भंग या समाप्त हो जाती है

 यदि मनुष्य को बहुत सारा धन ना भी मिले खाने के लिए अच्छा भोजन न पहनने के लिए अच्छा कपड़ा ना भी मिले तो भी वह आराम से जी सकता है किंतु अगर उसकी जिंदगी में से शांति का अनुभव या शांति समाप्त हो जाती है तो वह एक दिन के लिए भी सुख से नहीं जीत सकता और शांति के माहौल में उसे एक-एक पल वर्षों के समान कठिन लगता है 

 धन्यवाद?

 

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Vanshika

Vanshika

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My name is a Vanshika.I was born into a middle class Hindu family.I live in dugchari. I am a good girl.I am beautiful girl.I am very Intillgent.She is 14 year old. I study in class 9th.

My father name is MR.Sonu and My mother name is MS. Rajo. My father is a carpenter and My mother is a Housewife. My father is a Honest. and My father is a good man .My father is a very Intelligent.I like my father .and  my mother is a good lady. My mother is a very Intillgent .and my mother is a very beautiful. 

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