ज्वार भाटे क्यों आते हैं

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 ज्वार भाटे क्यों आते हैं

 आपने सुना ही होगा कि समुद्र का जलस्तर सदैव एक्स नहीं रहता है कभी यह ऊपर उठना है तो कभी यह नीचे गिरता है जब जल स्तर ऊपर उठना है तो सागर काजल किनारे की ओर चलता है इसी प्रकार जब जल स्तर गिरता है तो जल की राशि तट किस बीच समुद्र की ओर बढ़ती है समुद्र का जलस्तर नियमित रूप से दिन में दो बार ऊपर उठना है और दो बार नीचे गिरता है समुद्री जलस्तर के ऊपर उठने को ज्वार और नीचे उतरने को भाटा कहते हैं

 ज्वार भाटी की उत्पत्ति का कारण चंद्रमा सूर्य तथा पृथ्वी की पारस्परिक गुरुत्वाकर्षण शक्ति है गुरुत्वाकर्षण द्वारा संपूर्ण पृथ्वी सूर्य तथा पृथ्वी की ओर खींचती है इसका प्रभाव स्थल की अपेक्षा जल पर अधिक होता है ज्वार भाटे निम्नलिखित प्रकार के होते हैं

  •  उच्च ज्वार भाटा

  •  निम्न ज्वार भाटा

  •  ब्रहत ज्वार भाटा 

  •  लघु ज्वार भाटा

  •  ज्वार भाटे हमारे लिए बेहद कम की चीज है जिन बंदरगाहों पर जल काम होता है वहां ज्वार के कारण ही जहाज बंदरगाह तक पहुंच पाते हैं यहां से जहाज भाटे के साथ वापस गहरे समुद्र में आ जाता है मछली पकड़ने वाले नाविक ज्वार के साथ खुले समुद्र में मछली पकड़ने जाते हैं और बातें के साथ सुरक्षित तट पर लौट आते हैं ज्वार भाटे की वापसी लहरें समुद्री तट पर बसे नगरों की सारी गंदगी को बहाकर ले जाती है ज्वार भाटी के कारण समुद्री जल गतिशील रहता है जिससे वह हमेशा साफ बना रहता है

     आजकल तो ज्वार भाटे से बिजली भी पैदा की जाती है उसे ज्वारीय ऊर्जा कहते हैं फ्रांस तथा जापान में जो आर्य ऊर्जा का काफी प्रयोग किया जाता है आजकल भारत में भी ज्वारीय ऊर्जा पैदा करने के प्रयास किया जा रहे हैं गंगा डेल्टा के सुंदरवन से जो ज्वारीय ऊर्जा प्राप्त की जाने लगी है

     धन्यवाद✍️

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