जावा के लकड़हारा

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जावा के लकड़हारा

 जावा के लकड़हारा

 जावा में कलंक समुदाय के लोग कुशल लकड़हारा और घुमंतू किसान थे उनका महत्व इस बात से आकर जा सकता है कि 1755 में जब जवा की मातरम रियासत बैठी तो यहां के 6000 कलंक परिवार को भी दोनों राज्यों में बराबर बांट दिया गया उनके कौशल के बगैर सागौन की कटाई कर राजाओं के महल बनाना बहुत मुश्किल था बच्चों ने जब 18वीं साड़ी में वनों पर नियंत्रण स्थापित करना प्रारंभ किया तब उन्होंने भी कोशिश की की कलंक उनके लिए कम करें 1770 में कलंकों ने एक टच किले पर हमला करके इसका प्रतिरोध किया लेकिन इस विरोध को दबा दिया गया

 धन्यवाद

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