प्लासी का युद्ध
जब नवाब को इसकी सूचना मिली तब उसने प्रतिरोध करने हेतु अपनी सेवा के साथ लाइव के विरुद्ध कुछ कर दिया 1957 ईस्वी में प्लासी के मैदान में सिराजुद्दौला तथा लाइव की सेनाएं आमने-सामने हुई नवाब ने अपने सेनापति मिर्जापुर को अंग्रेजों पर आक्रमण की पहल करने को कहा किंतु मिर्जापुर निशि करिए खड़ा रहा
इससे सिराजुद्दौला को उसके विश्व संघट का अभ्यास हो गया और वह षड्यंत्र से बचने के लिए लड़ाई का मैदान छोड़कर भाग गया नवाब के भाग जाने से उसकी सेवा में भगदड़ मच गई अतः नवाब को बंदी बना लिया और मिर्जापुर के पुत्र ने उसकी हत्या कर दी मिर्जापुर को अंग्रेजों ने धोखा देने के पुरस्कार में बंगाल का नवाब बना दिया और मिर्जापुर ने अंग्रेजों को बहुत साधन व जागीर दी मिर्जापुर महत्वाकांक्षी तो था किंतु वह स्वतंत्रता पूर्वक शासन नहीं कर सका उसने अनुभव किया कि अंग्रेज उसे मात्र एक कठपुतली की तरह है नामधारी शासन के रूप में रखना चाहते थे अंग्रेजो ने उसे अपनी सुनिश्चित आई का साधन बना लिया और उसने धन वसूलने वालों कंपनी के एजेंट तथा दलालों ने भ्रष्टाचार से आर्थिक लूट की कार्यवाही शुरू कर दी थी फुर्सत नवाब का खजाना खाली हो गया और वह आर्थिक संकट में पड़ गया अनंत वह अंग्रेजों की बढ़ती मांग पूरा करने में असमर्थ हो गया उनके आर्थिक शोषण में उत्पीड़न के फल स्वरुप किसानों तथा दस्तकारों में संतोष व्यापक हो गया इस राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था से उभर कर वह अंग्रेजों से छुटकारा पाने का उपाय सोचने लगा इसी बीच 1760 ईस्वी में अंग्रेजों ने उसे गाड़ी से उतर कर उसके दामाद मीर कासिम को बंगाल का नवाब बना दिया अंग्रेजी सेवा का घर चलाने हेतु उसको वर्धमन वर्धमन मिदनापुर चटगांव के जिले अंग्रेजों को देने
धन्यवाद
Vanshika
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