1820 से 1891 ई एक महान समाज सुधारक लेखक एवं शिक्षक थे यह समाज की कुरीतियों को बदलने के लिए निरंतर कार्य करते रहते थे इन्होंने भारत में बहु पत्नी या बाल विवाह का जोरदार विरोध किया विधवा पुनर्विवाह और महिला शिक्षा का समर्थन किया इन्हीं के प्रयासों से ब्रिटिश सरकार ने 1856 ईस्वी में विधवा पुनर्विवाह अधिनियम पारित किया जिससे विधवाओं के पुनर्विवाह को कानूनी मान्यता मिली
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Vanshika
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