खान अब्दुल गफ्फार खा
पेशावर में जाना क्रॉस की अभिव्यक्ति कई रूपों में देखने को मिलती है यहां कांग्रेसी नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर जनता ने अभूतपूर्व प्रदर्शन किया इस इलाके में सीमांत गांधी खान अब्दुल गफ्फार खा वर्षों से सक्रिय थे उनके द्वारा जनता में किए गए कार्यों के कारण अहिंसक क्रांतिकारियों के वीर जाट थे अर्थात् खुदाई खिदमतगारो के दल तैयार हुए थे यह लोग लाल कुर्ती के नाम से जाने जाते थे सविनय अवज्ञा आंदोलन में उनकी भूमिका काफी सक्रिय थी इसी प्रकार देवबंद शाखा की राजनीति या संस्था जमात उल अल्मा ए हिंद में इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया
धन्यवाद
Vanshika
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