" मैं आज आपको केदारनाथ अग्रवाल जी के बारे में बताना चाहती"
हिंदी काव्य की प्रतिवादी धारा के मुंह धोने कवि केदारनाथ अग्रवाल का जन्म 1 अप्रैल सन 1911 ईस्वी में का मशीन गांव बड़ा उत्तर प्रदेश में हुआ था इन्होंने स्नातक इलाहाबाद विश्वविद्यालय इलाहाबाद से तथा एलएलबी की परीक्षा दव कॉलेज कानपुर से उतरें की हिंदी साहित्य सम्मेलन प्रयाग द्वारा इन्हें 1989 ईस्वी में साहित्य वॉच संपति की मानव उपाधि तथा बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी द्वारा सन 1995 ईस्वी में डिलीट की उपाधि प्रदान की गई केदारनाथ जी के साहित्यिक अवदान का सम्मान करते हुए इन्हें समय पर विभिन्न संस्थाओं द्वारा पुरस्कार किया गया जिम शोभित लैंड नेहरू पुरस्कार उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान लखनऊ का विशिष्ट सम्मान साहित्य अकादमी सम्मान मध्य प्रदेश साहित्य परिषद भोपाल का तुलसी एवं मैथिलीशरण गुप्त सम्मान प्रमुख है
बहुमुखी प्रतिभा के धनी केदारनाथ जी ने जिन विभिन्न विधाओं में साहित्य रचना की उनमें निबंध उपन्यास यात्रा वृतांत पत्र साहित्य और कविताएं मुख्य रूप से सम्मिलित है इन्होंने कल 24 काव्य संग्रह हो एक अनुवाद तीन निबंध संग्रह दो यात्रा तथा एक पत्र साहित्य की रचना की उनके इस रचना संसार का विस्तार सन 1947 ई से लेकर 1996 ई तक है इनका प्रथम काव्य संग्रह युग की गंगा सन 1979 तक है इनका निधन 22 जून सन 2000 ई को हुआ
धन्यवाद-
Vanshika
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