शिवमंगल सिंह सुमन

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शिवमंगल सिंह सुमन

 "मैं आज आपको शिवमंगल सिंह सुमन के बारे में बताना चाहती हूं"

 जन्म- हिंदी साहित्य में प्रगतिशील लेखन के अग्रणी एवं धरनी विद्वान शिवमंगल सिंह सुमन प्रसिद्ध कवि एवं शिक्षाविद थे इनका जन्म 5 अगस्त सन 1915 ई को उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के जागीरपुर में हुआ था

 शिक्षा- सुमन जी की प्रारंभिक शिक्षा उन्नाव जिले में ही हुई इन्होंने हिंदी विषय में मां पीएचडी की उपाधि अर्जित की बनारस हिंदू विश्वविद्यालय द्वारा इन्हें सन 1905 डिलीट की उपाधि से सम्मानित किया गया

 व्यक्तित्व एवं कृति तत्व- डॉ शिवमंगल सिंह सुमन विशिष्ट प्रतिभा के धनी स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों के दीवाने एवं सच्चे देशभक्त थे उनके व्यक्तित्व की एक महत्वपूर्ण विशेषता थी कि मैं अपनी सहजता में गंभीरता को छुपाए रखते थे सरल स्वभाव के डॉक्टर सुमन जी अपने प्रशंसा को से कहा करते थे कि मैं विद्वान नहीं बन पाया बस उसकी डेहरी को चुप भर पाया हूं यह एक प्रिय अध्यापक कुशल प्रशासक प्रखर चिंतक और विचारक थे बहुमुखी प्रतिभा के धनी डॉक्टर सुमन जी ने विभिन्न बढ़ाओ में अपनी लेखनी चलाई है इन्होंने 9 काव्य संग्रह एवं उनके वरणीय विश्व पर आधारित कविताओं का लेखन किया है जिसमें कुछ प्रमुख है

 काव्या संग्रह- हिलोल,जीवन के गान, युग का माल, प्रलय सर्जन, विश्वास बढ़ता ही गया, विधि हिमाचल मिट्टी की बारात, वाणी की व्यवस्था कटिंग उठो की वंदन वाले आदि 

  कविताएं -जल रहे दीप,जल रही जवानी पटवार,असमर्जस,युगवाणी वरदान मांगूंगा नहीं इत्यादि उनकी कुछ प्रमुख कविताएं हैं 

 गद्य रचनाएं - गीति काव्य : उगम और विकास,महादेवी की काव्य साधना 

 नाटक- प्रकृति पुरुष कालिदास

 साहित्यिक परिचय- शिवमंगल की मुख्य शिक्षा क्षेत्र से है जीवन जुड़े रहे इन्होंने सन 1968 से 78 के दौरान विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन में कुलपति के रूप में अपनी सेवाएं दी उत्तर प्रदेश हिंदी संस्था लखनऊ के उपराष्ट्रपति सन 1956 से 61 के दौरान प्रेस और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जुड़े रहे भारतीय दूतावास काठमांडू नेपाल भारतीय विश्वविद्यालय का संघ व कालिदास अकादमी उज्जैन के कार्यकारी अध्यक्ष थे

 हिंदी साहित्य में उनके विशिष्ट योगदान के लिए इनको विभिन्न साहित्यिक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया मिट्टी की बारात इसकी प्रसिद्ध काव्य कृति के लिए सन 1974 में साहित्य अकादमी पुरस्कार दिया गया पद्मश्री पद्म भूषण सोवियत भूमि नेहरू पुरस्कार सरकार भारत भारतीय पुरस्कार इत्यादि अन्य पुरस्कार से नवाजा गया

 हिंदी के महान सेवक प्रगतिवाद के संदर्भ शिवमंगल सिंह सुमन की लोकप्रियता के शिखर पर पहुंचने के बाद 27 नंबर सन 2002 ई कोडल का दौरा पड़ने से चीन निद्रा में लीन हो गए उनकी मृत्यु पर भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति ने कहा था कि डॉक्टर शिवमंगल सिंह सुमन केवल हिंदी कविता के क्षेत्र में एक शक्तिशाली हस्ताक्षर नहीं थे बल्कि में अपने युग की सामूहिक चेतना के संरक्षक नहीं थे

 धन्यवाद

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Vanshika

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My name is a Vanshika.I was born into a middle class Hindu family.I live in dugchari. I am a good girl.I am beautiful girl.I am very Intillgent.She is 14 year old. I study in class 9th.

My father name is MR.Sonu and My mother name is MS. Rajo. My father is a carpenter and My mother is a Housewife. My father is a Honest. and My father is a good man .My father is a very Intelligent.I like my father .and  my mother is a good lady. My mother is a very Intillgent .and my mother is a very beautiful. 

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