Motivational story
꧁ Digital Diary ༒ Wefru – India's Largest Writing Community ༒ Read, Write & Grow ༒꧂
꧁ Digital Diary ༒ Wefru – India's Largest Writing Community ༒ Read, Write & Grow ༒꧂
एक बार एक राजा ने इतिहास की सारी समझदारी भरी बातों को लिखवाने का निर्णय लिया। ताकि आने वाली पीढ़ियों तक उसे पहुंचाया जा सके। उन्होंने अपने सहलकारों को बुला कर ये सारी बाते बतायी। सहलाकारो ने काफी मेहनत के बाद इतिहास की सारी समझदारी भरी बातों पर कई किताबें लिखी और राजा के समक्ष पेश की। इतनी सारी किताबों को देखकर राजा को लगी कि इतनी सारी किताबें लोग पढ़ नहीं पाएंगे इसलिए उन्होंने अपने सहलाकारो को इसे और छोटा कर लाने को कहा। सहलाकारो ने इस पर फिर से काम किया और इस बार उन सारी किताबों को संक्षिप्त करके एक किताब में तब्दील कर फिर से राजा के समक्ष पेश की। राजा को वो एक किताब भी मुश्किल लगी। सहलाकारो ने फिर से उस पर काम किया और इस बार उस एक किताब को एक चैप्टर (अध्ययन) में तब्दील कर फिर से राजा के समक्ष पेश की पर ये भी राजा को काफी लंबा लगा। राजा को कुछ ऐसा चाहिए था जिसे आने वाली पीढ़ियां समझ सके। फिर से सहलाकारो ने उस पर काम करके उसे सिर्फ एक पन्ने में संक्षिप्त करके राजा के समक्ष पेश किया पर राजा को ये भी काफी लंबा लगा। आखिरकार वे राजा के पास सिर्फ एक वाक्य ले कर गए और राजा उस वाक्य से पूरी तरह संतुष्ट हो गया। राजा ने निर्णय लिया कि आने वाली पीढ़ियों तक अगर समझदारी भरी सिर्फ एक वाक्य पहुंचाए तो वह ये वाक्य होगा "भोजन मुफ्त में नहीं मिलता"
We are accepting Guest Posting on our website for all categories.
Shabainoor
Verified Author Expert@DigitalDiaryWefru