फुफ्फुस में ऑक्सीजन रुधिर में प्रवेश करती है

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फुफ्फुस में ऑक्सीजन रुधिर में प्रवेश करती है

फुफ्फुस में ऑक्सीजन रुधिर में प्रवेश करती है 

फुफ्फुस (फेफड़े) में ऑक्सीजन विसरण (diffusion) की प्रक्रिया द्वारा रक्त में प्रवेश करती है। जब हम साँस लेते हैं, तो हवा फेफड़ों की असंख्य छोटी थैलियों, जिन्हें कुपिकाएँ कहते हैं, में पहुँचती है। इन कुपिकाओं और रक्त वाहिकाओं की दीवारें बहुत पतली होती हैं, जिससे ऑक्सीजन आसानी से रक्त में प्रवेश कर जाती है। इसके बाद, ऑक्सीजन लाल रक्त कोशिकाओं में मौजूद हीमोग्लोबिन से जुड़ जाती है और रक्त परिसंचरण के माध्यम से पूरे शरीर में पहुँचती है। 

कुपिकाओं में ऑक्सीजन का प्रवेश:

सांस लेने पर ताजी हवा फेफड़ों की कुपिकाओं में पहुँचती है। 

विसरण:

ऑक्सीजन उच्च सांद्रता वाले क्षेत्र (कुपिका) से निम्न सांद्रता वाले क्षेत्र (रक्त केशिका) में विसरण करती है। 

हीमोग्लोबिन से जुड़ना:

ऑक्सीजन रक्त में पहुँचकर लाल रक्त कोशिकाओं में पाए जाने वाले हीमोग्लोबिन से जुड़ जाती है। 

परिसंचरण:

हीमोग्लोबिन के साथ ऑक्सीजन रक्त के माध्यम से पूरे शरीर में पहुँचती है। 

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