"गृह कार्य व्यवस्था से आशय है कि गृह के सभी कार्यों को एक योजना बनाकर किया जाए जिससे समय, धन व श्रमकि बचत हो सके।"
प्रत्येक परिवार में असीमित कार्य होते है। इसमें अधिकतर कार्यों का सम्पादन ग्रहिणी को ही करना पड़ता है। किसी भी कार्य को रोका नहीं जा सकता। जिन घरो में सभी छोटे बड़े कार्य ग्रहिणी ही करती है, वहाँ ग्रहिणी का मानसिक तथा शारीरिक स्वास्थय बिगड़ जाता है।
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