सामज रोग में क्या करें? आयुर्वेद के अनुसार आम पाचन से सम्पूर्ण उपचार गाइड
꧁ Digital Diary ༒Largest Writing Community༒꧂
꧁ Digital Diary ༒Largest Writing Community༒꧂
आज के समय में बहुत से लोग इलाज तो कराते हैं, लेकिन सामज रोग बार-बार लौट आता है। कारण साफ है -
हम लक्षणों का इलाज करते हैं, जड़ का नहीं।
आयुर्वेद स्पष्ट कहता है-
"सामज रोग की जड़ है आम, और आम की जड़ है मंद अग्नि।"
इसलिए सामज रोग में सही उपचार की शुरुआत दवा से नहीं, सही दिशा से होती है।
आयुर्वेद के अनुसार:
❌ मंद पाचन अग्नि
❌ अपचित आहार
❌ गलत दिनचर्या
इन सबके कारण शरीर में आम (toxins) बनता है। यही आम आगे चलकर सामज रोग पैदा करता है।
? जब तक आम शरीर में है:
दवा पूरा असर नहीं करती
पोषण नुकसान पहुंचाता है
जब तक आम नहीं पचता, तब तक कोई भी इलाज स्थायी नहीं होता।
आम पचाने वाले द्रव्य होते हैं:
? उष्ण
? हल्के
⚡ तीक्ष्ण (लेकिन संतुलित)
? सुपाच्य
(हमेशा वैद्य की देखरेख में)
सोंठ
पिप्पली
मरीच
चित्रक
हिंग
अजवाइन
? ये द्रव्य:
आम को सुखाते हैं
शरीर में फैलने नहीं देते
पाचन तंत्र को साफ करते हैं
केवल आम पचाना काफी नहीं। अगर अग्नि मजबूत नहीं हुई, तो आम फिर बनेगा।
⏰ समय पर भोजन
?️ सीमित मात्रा
? गरम व ताजा आहार
❌ भूख से पहले भोजन नहीं
अदरक + सेंधा नमक (भोजन से पहले)
जीरा जल
मट्ठा (सामज अवस्था में दही नहीं)
? जब अग्नि सुधरती है, आधा रोग अपने आप शांत होने लगता है।
आम जहां जमा होता है, वहीं शरीर के स्रोतस (channels) बंद हो जाते हैं।
दवा असर नहीं करती
पोषण नहीं पहुंचता
कमजोरी बनी रहती है
मल-मूत्र की नियमितता
हल्का पसीना आना
शरीर में हल्कापन महसूस होना
त्रिफला (हल्की मात्रा, सामज अवस्था अनुसार)
उष्ण जल सेवन
हल्का स्वेदन (भाप)
? यह चरण शरीर को आगे के इलाज के लिए तैयार करता है।
⚠️ यह सबसे बड़ी भूल होती है जब लोग आम रहते हुए ही दोष शमन कर देते हैं।
आयुर्वेद कहता है:
दोष शमन हमेशा आम पाचन के बाद किया जाता है।
क्यों?
आम के साथ दोष को दबाना
रोग को अंदर कैद करना है
चरक संहिता कहती है-
"आहारः एव औषधं" (सही आहार ही सबसे बड़ी दवा है)
पतली मूंग दाल
जौ / कोदो / पुराना चावल
सब्जियों का सूप
सादी रोटी
❌ दूध
❌ दही
❌ मिठाई
❌ भारी भोजन
ये सभी अग्नि को मंद करते हैं:
चिंता
क्रोध
भय
अनियमित दिनचर्या
? इसलिए सामज रोग में
मन को शांत करना भी उपचार का हिस्सा है।
याद रखने योग्य क्रम:
1️⃣ आम पाचन 2️⃣ अग्नि दीपना
3️⃣ स्रोतस शुद्धि
4️⃣ दोष शमन
5️⃣ अंत में रसायन व पोषण
⚠️ इस क्रम को तोड़ना
आयुर्वेद को कमजोर करना है।
सामज रोग में क्या करें? आयुर्वेद के अनुसार आम पा
We are accepting Guest Posting on our website for all categories.
Manthan Times
@DigitalDiaryWefru