कम्प्यूटर और संचार (Computer and Communication) का सम्पूर्ण ज्ञान | ऑपरेटिंग सिस्टम, नेटवर्क टोपोलॉजी, ISP, LAN, WAN

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 कम्प्यूटर और संचार (Computer and Communication)

 

कम्प्यूटर के उपयोगकर्ता स्तरों से गुजरते हैं क्योंकि वे इस तकनीकी के प्रयोग को आराम से करना चाहते हैं। पहले वे नए ऑपरेटिंग (operating) पद्धति को सीखने में लगे रहते हैं। वे ऑपरेटिंग सिस्टम पर कुशलता प्राप्त कर लेते हैं जो उनको कम्प्यूटर के प्रयोग में सहायक होती है। फिर वे वर्डस्टार (WordStar), एम एस-वर्ड (MS-Word), एम एस एक्सेल (MS- Excel) जैसे एप्लीकेशन पैकेजेस (application packages) का उपयोग करना सीखते हैं। वे कम्प्यूटर के उपयोग से सूचना को तैयार करना, संग्रहीत करना और काम करना सीखते हैं। उपयोगकर्ता धीरे-धीरे अन्य कम्पयूटर के उपयोगकर्ताओं के साथ सूचना को बाँटने की

आवश्यकता को समझते हैं। किसी उद्यम के मुख्यालय को अपने प्रान्तीय कारखानों से संचार करना है।

एक विश्वविद्यालय को अपने विभिन्न प्रांगण के साथ संपर्क करना है।

 

घर में एक कम्प्यूटर के उपयोगकर्ता को अन्य उपयोगकर्ताओं के साथ अंतरक्रिया करना है।

इन सब क्रियाकलापों में दूरियों के पार इलेक्ट्रॉनिक मैसेजेस (electronic messages) का संचार सम्मिलित है। यह टेलिकम्यूनिकेशन (telecommunication) कहलाता है।

पर्सनल कम्प्यूटर (personal computer) को अन्य कम्प्यूटरों के साथ कनेक्ट करने से पूरे संसार के लोगों के साथ अंतक्रिया करने का अवसर मिलता है। एक कम्प्यूटर के उपयोग से एक व्यक्ति सूचना को टेक्स्ट (text), नंबर्स (numbers), इमेजस (images), ऑडियो (audio), या वीडियो (video) के रूप में दूसरे कम्प्यूटर्स में भेज सकता है। इसे डाटा (data) संचार कहते हैं। सूचना को इस प्रकार आदान-प्रदान करने से दूसरों के साथ नए विषय पर खोज करने में सहायता मिलती है।

कम्प्यूटर मोडेम (modem) द्वारा या नेटवर्क (network) द्वारा संपर्क करते हैं। मोडेम कम्प्यूटरों को दूरभाष के तार या सेल्यूलार कनेक्शन (cellular connections) के प्रयोग से डाटा का स्थानांतरण करने देता है। नेटवर्क कम्प्यूटर को विशेष तार या कभी-कभी बेतार प्रसारण के प्रयोग से सीधा कनेक्ट करते हैं।

आजकल मोडेम और नेटवर्क का प्रयोग बहुत बढ़ गया है। एक कम्प्यूटर और मोडेम के प्रयोग से आप घर बैठे ही चीजों को खरीद सकते हैं, संसार में कहीं भी उपयोगकर्ताओं को मेसेज भेज सकते हैं. किसी पुस्तकालय में पुस्तकों को खोज सकते हैं और अपने दिलचस्पी के किसी भी शीर्षक पर सामूहिक चर्चा में भाग ले सकते हैं। अनेक विद्यालय, व्यापार और अन्य संस्थानों ने कम्प्यूटर नेटवर्क के लाभा को पहचान लिया।

उपयोगकर्ता उपकरण, डाटा (data) और प्रोग्राम (programs) को बाँट सकते हैं। उपलब्ध

जानकारी और कौशल के प्रयोग को बढ़ाने के लिए वे प्रयोजन पर सहयोजित हो सकते हैं। वे दूरभाष को उठाए बिना, आगे पीछे चले बिना या कागज़ का व्यय किए बिना संचार कर सकते हैं।

 

संचार से लाभ (Benefits of Communication)

 

कम्प्यूटर संचार हमारे जिन्दगी और रोजगार को एक नया रूप दे रहा है। चार अत्यंत

आवश्यक लाभ इस प्रकार हैं।

लोगों को कीमती उपकरणों का प्रयोग करने देना

व्यक्तिगत संपर्क को सरलीकरण करना

अनेक उपयोगकर्ताओं को एक ही समय में महत्वपूर्ण प्रोग्राम और डाटा को एक्सेस (access) करने देना

उपयोगकर्ताओं के लिए सभी महत्वपूर्ण डाटा को बाँटने योग्य संग्रहण उपकरण में रखना आसान बनाना और उस डाटा को सुरक्षित रखना

प्रभावपूर्ण डाटा संपर्क के लिए आवश्यक अवयव इस प्रकार हैं  

स्वयं वह मेसेज

मेसेजस को भेजने प्राप्त करने और संग्रहीत करने के

प्रोसीजर्स (Procedures):

लिए परस्पर सम्मत संचार उपकरण • हार्डवेयर (Hardware): मेसेजस को भेजने, प्राप्त करने और संग्रहीत करने

का उपकरण • सॉफ्टवेयर (Software) डाटा के स्थानांतरण को संभालने और नेटवर्क के

ऑपरेशन (operations) के अनुदेश

पीपल (People) कम्प्यूटर के उपयोगकर्ता

कम्पयूटर संचार को यह निश्चय करना चाहिए कि डाटा को स्थानांतरण

सेफ (Safe): भेजा हुआ डाटा और प्राप्त हुआ डाटा एक ही है सेक्यूर (Secure): स्थानांतरित डाटा को जानबूझकर या अकस्मात भी अन्य

उपयोगकर्ता द्वारा नुकसान नहीं पहुंचना

रिलायबल (Reliable): भेजनेवाले और प्राप्तकर्ता दोनों को डाटा का स्तर का ज्ञान होना चाहिए। इसप्रकार भेजने वाले को पता होना चाहिए कि यदि प्राप्तकर्ता को सही डाटा प्राप्त हुआ या नहीं।

एक नेटवर्क विभिन्न उपकरणों का समूह है जो इस प्रकार कनेक्ट किया गया है कि सम्पूर्ण समूह में एक उपकरण को बॉटना या सूचना को संग्रह और वितरण करना संभव है। उदाहरणः दूरभाष नेटवर्क, डाक नेटवर्क आदि

 

 

कम्प्यूटर नेटवर्क (Computer Networks)

 

कम्प्यूटर इस प्रकार कनेक्ट किए गए हैं कि वे हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर डाटा जैसे संसाधनों को बॉट सकें। इस प्रकार इनके खाली क्षमता को घटाकर इनका और सक्षम प्रयोग करना है। यह भी आवश्यक है कि डाटा स्थानांतरण के माध्यम के बारे में सही निर्णय लेना चाहिए। इसमें डाटा के प्रवाह पर स्वस्थ गति और नियंत्रण भी सम्मिलित है।

कम्प्यूटर नेटवर्क के उद्देश्य (Objectives of Computer Networks)

 

नेटवर्क एक विस्तृत उद्देश्य और विभिन्न आवश्यकताओं की पूर्ति करता है। कम्प्यूटर संचार

नेटवर्क के कुछ सामान्य उद्देश्य इस प्रकार हैं।

 सूचना डाटाबेस (database) या प्रोसेसर्स (processors) सी पी यू (CPU) जैसे भौगोलिक रूप से दूर स्थित संसाधनों को बाँटना। संचार के विश्वसनीयता और व्यय के नियंत्रण

में नेटवर्क प्रदान करने का सामान्य उद्देश्य संसाधन को बाँटना ही है।

उपयोगकर्ताओं के बीच संपर्क स्थापित करने के लिए। नेटवर्क के उपयोगकर्ता भौगोलिक रूप से दूर स्थित होने पर भी परस्पर संपर्क कर सकते हैं और एक दूसरे को मेसेजस भेज सकते हैं।

बेक अप (back up) और फालतूपन के द्वारा प्रोसेसिंग क्षमता के विश्वसनीयता को बढ़ाने। यदि एक प्रोसेसिंग यूनिट खराब हो जाता है दूसरा प्रोसेसर (जो इस यूनिट का बेक अप है) जो भौतिक रूप में दूर है इसका काम संभाल सकता है।  वितरित प्रोसेसिंग क्षमता प्रदान करना जिसका मतलब है प्रोसेसिंग को एक बड़े कम्प्यूटर से लेकर उस स्थान में वितरण करना जहाँ डाटा का उत्पादन होता है या जहाँ अधिकतर ऑपरेशन्स होते हैं। यह खर्च को नियंत्रित करता है क्योंकि कीमती बड़े प्रोसेसरों को निकाल देता है और स्थानांतरण के खर्च को भी बचाता है।

 

संसाधनों का केन्द्रित प्रबंध और आबंटन प्रदान करना।

 

 कम्प्यूटर संसाधनों के मानक बढ़ौती के लिए हम किसी भी समय में एक अतिरिक्त छोटा और सस्ता कम्प्यूटर को नेटवर्क के कम्प्यूटिंग क्षमता को बढ़ाने हेतु नेटवर्क में कनेक्ट कर सकते हैं। इसी कार्य को एक बड़े केन्द्रित कम्प्यूटर में करना कठिन और कीमती है।

सर्वोच्च दाम/निष्पादन अनुपात। यह ध्यान देना महत्वपूर्ण है कि अब भी कुछ एप्लीकेशन्स हैं जिनको अत्यधिक प्रोसेसिंग क्षमता की जरूरत है और वे शक्तिशाली केन्द्रित कम्प्यूटर से संभाले जाते हैं और बड़ी संख्या में वितरित छोटे कम्प्यूटरों से नहीं। ऐसे कार्य नेटवर्क पर स्थित शक्तिशाली कम्प्यूटर को दिया जा सकता है और प्रोसेसिंग का परिणाम नेटवर्क पर प्राप्त किया जा सकता है।

 

लोकल एरिया नेटवर्क (Local Area Network (LAN))

 

LAN लोकल एरिया नेटवर्क है जो विशिष्ट स्थान के अंदर या एक भवन में होता है। LAN आपको कम्प्यूटरों के एक समूह को कनेक्ट करने देता है। जैसे कि हमने पहले देखा नेटवर्क के कम्प्यूटर को को बाँटने वाले लोग सूचना और संसाधनों को बॉट सकते हैं। यह LAN इसलिए कहलाता है क्योंकि यह नेटवर्क एक विशिष्ट क्षेत्र तक सीमित रहता है जो लोकल एरिया ("Local Area") कहलाता है।

लोकल एरिया नेटवर्क में काम करने वाले लोग सूचना को एक स्थान से दूसरे में ले जाने के लिए फ्लॉपी डिस्क का प्रयोग करते थे। इस प्रकार के परिवहन के कुछ सीमाएँ थी। जैसे फाइल को फ्लॉपी डिस्क के क्षमता से अधिक नहीं होना चाहिए। (एक 3.5" फ्लॉपी डिस्क लगभग 1.4MB को समा सकता है) और कई बार फ्लॉपी डिस्क ड्राइव्स ठीक से काम नहीं करते। पहले प्रयोग किए पुराने फ्लॉपी डिस्क के कारण फ्लॉपी डिस्क ड्राइव ठीक से काम नहीं करते।

फ्लॉपी डिस्क का तरीका लोगों को एक विशिष्ट फाइल को एक ही समय में एक्सेस करने नहीं देता। LAN में आपको एक ही समय में एक्सेस करने की क्षमता प्राप्त होती है। इसके अतिरिक्त LAN में जुडे लोग प्रिन्टर्स (printers), सी डी रोम ड्राइव (CD-ROM drive), मोडेम (modem) या कम्प्यूटर चालित फेक्स मशीन आदि को बाँट सकते हैं। चित्र में एक साधारण LAN वातावरण दिखाया गया है जहाँ एक अकेला प्रिन्टर एक नेटचर्क से कनेक्ट किया गया है।

 वाइड एरिया नेटवर्क (Wide Area Network (WAN))

WAN.

जैसे कि शब्द से ही अंकित है, वाइड एरिया नेटवर्क जो एक बड़ी भौतिक दूरी में होत है जो अक्सर एक देश या महाद्वीप में होता है। WAN भौगोलिक रूप से वितरित कम्प्यूटरों का संग्रह है।

वह मशीन जो इस नेटवर्क को बनाता है होस्ट (Host) कहलाता है। WAN सबनेट्स (subnets में विभाजित है। इस सबनेट के दो विभिन्न अवयव होते हैं: प्रसारण तार और स्विच्विंग एलिमेन्ट। होस्ट के बीच सूचना को ले जाने के लिए प्रसारण तार का प्रयोग होता है। स्विच्विंग एलिमेन्ट विभिनन सबनेट को कनेक्ट करेगा और वह उपकरण रूटर (Router) कहलाएगा। WAN में कम्प्यूटर एक दूसर दूसर से दूर स्थित हैं और दूरभाष / संचार तार, रेडियो तरंगों या अन्य माध्यम से जुड़े जुड़े हुए हैं। सूचना प्रदान प्रणाली (Information delivery system) बेतार और तारयुक्त प्रणाली में वर्गीकृत है। तारयुक्त नेटवर्क में संकेतों का प्रसारण कुछ प्रकार के केबल (cable) के द्वारा होता है। ये केबल ताँबे के तार हो सकते हैं या फाइबर ऑप्टिक (fiber optic)। बेतार नेटवर्क में कम्प्यूटर को और कम्प्यूटर से डाटा भेजने के लिए रेडियो संकेतों का प्रयोग होता है।

 

मेट्रोपोलिटन एरिया नेटवर्क

 

(Metropolitan Area Network (MAN):)

 

यह कम्प्यूटर और संबंधित उपकरणों का एक नेटवर्क है जो निकट के कार्यालयों में फैला हो सकता है या कोई शहर या सरकारी या गैरसरकारी हो सकता है। MAN डाटा और ध्वनि दोनों को सहयोग दे सकता है।

 

 

नेटवर्क टोपोलॉजी की परिभाषा (Network Topology Definition in Hindi)

नेटवर्क टोपोलॉजी एक नेटवर्क में विभिन्न नोड्स (जैसे कंप्यूटर, प्रिंटर, सर्वर) को आपस में जोड़ने का तरीका है। यह डेटा के प्रवाह का रास्ता तय करती है।

नेटवर्क टोपोलॉजी  से तात्पर्य नेटवर्क में कंप्यूटर, प्रिंटर, राउटर जैसे डिवाइसों को आपस में जोड़ने के तरीके या संरचना से है। टोपोलॉजी यह तय करती है कि डेटा किस मार्ग से चलेगा और नेटवर्क कैसे काम करेगा

1. बस टोपोलॉजी (Bus Topology)

  • परिभाषा: इसमें सभी डिवाइस एक ही मुख्य केबल से जुड़े होते हैं, जिसे बैकबोन या सेगमेंट कहते हैं।

  • सबसे बड़ी पहचान: एक सीधी लाइन में जुड़े सभी डिवाइस, जैसे बस में यात्री।

  • लाभ: सस्ता और स्थापित करने में आसान।

  • कमी: मुख्य केबल टूटने पर पूरा नेटवर्क ठप हो जाता है।

  • उदाहरण: पुराने समय के लैन (LAN) नेटवर्क।

 

2. स्टार टोपोलॉजी (Star Topology)

  • परिभाषा: इसमें सभी डिवाइस एक केंद्रीय डिवाइस (जैसे हब, स्विच या राउटर) से जुड़े होते हैं।

  • सबसे बड़ी पहचान: सभी कनेक्शन एक केंद्र से निकलते हुए।

  • लाभ: एक डिवाइस खराब होने से बाकी प्रभावित नहीं होते; खोज और मरम्मत आसान।

  • कमी: केंद्रीय डिवाइस खराब हुआ तो पूरा नेटव�र्क बंद।

  • उदाहरण: आजकल के ज्यादातर ऑफिस और घरेलू वाई-फाई नेटवर्क।     

स्टार टोपोलॉजी (Star Topology)

 

3. रिंग टोपोलॉजी (Ring Topology)

  • परिभाषा: इसमें प्रत्येक डिवाइस अपने दो पड़ोसी डिवाइसों से जुड़ा होता है, जिससे एक सतत वृत्त (Ring) बन जाता है।

  • सबसे बड़ी पहचान: डेटा सर्कल में घूमता है, एक दिशा में (Clockwise या Anti-clockwise)।

  • लाभ: डेटा टकराव (Collision) की संभावना कम।

  • कमी: रिंग में एक भी डिवाइस/केबल फेल होने पर पूरा नेटवर्क रुक सकता है।

  • उदाहरण: टोकन रिंग नेटवर्क (अब कम प्रचलित)।

रिंग टोपोलॉजी (Ring Topology)

 

4. मेश टोपोलॉजी (Mesh Topology)

  • परिभाषा: इसमें नेटवर्क का हर डिवाइस बाकी सभी या अधिकांश डिवाइसों से सीधा जुड़ा होता है

  • सबसे बड़ी पहचान: बहुत सारे इंटरकनेक्शन, जाल (Mesh) जैसा दिखना।

  • लाभ: अत्यधिक विश्वसनीय, एक रास्ता टूटने पर डेटा दूसरे रास्ते से पहुंच जाता है।

  • कमी: स्थापना और रखरखाव बहुत महंगा और जटिल, ज्यादा केबल लगती हैं।

  • उदाहरण: इंटरनेट का बैकबोन, सैन्य संचार नेटवर्क, 5G टावर।

 

Mesh Topology

 

 

5. ट्री टोपोलॉजी (Tree Topology)

  • परिभाषा: यह बस और स्टार टोपोलॉजी का मिश्रण है। अलग-अलग स्टार नेटवर्क एक बैकबोन बस केबल से जुड़े होते हैं।

  • सबसे बड़ी पहचान: पेड़ की शाखाओं जैसी संरचना, हायरार्किकल लेआउट।

  • लाभ: बड़े संगठनों के लिए उपयुक्त, विस्तार करना आसान।

  • कमी: बैकबोन केबल फेल होने पर उससे जुड़ा पूरा सेक्शन ठप हो जाता है।

  • उदाहरण: बड़े विश्वविद्यालयों या कॉर्पोरेट ब्रांच नेटवर्क।

 

6. हाइब्रिड टोपोलॉजी (Hybrid Topology)

  • परिभाषा: यह दो या दो से अधिक अलग-अलग टोपोलॉजी का संयोजन है (जैसे स्टार-रिंग या स्टार-बस)।

  • सबसे बड़ी पहचान: एक ही नेटवर्क में कई टोपोलॉजी के गुण मौजूद होना।

  • लाभ: लचीलापन, संगठन की विशिष्ट जरूरतों के अनुरूप डिजाइन किया जा सकता है।

  • कमी: डिजाइन और कार्यान्वयन जटिल, महंगा।

  • उदाहरण: एक बड़ा बैंक जिसके मुख्यालय में मेश टोपोलॉजी है और शाखाओं में स्टार टोपोलॉजी।

Hybrid Topology

 

7. पॉइंट-टू-पॉइंट टोपोलॉजी (Point-to-Point Topology)

  • परिभाषा: यह दो नोड्स के बीच का सबसे सरल, सीधा कनेक्शन है।

  • सबसे बड़ी पहचान: दो बिंदुओं को जोड़ने वाली एक सीधी रेखा।

  • लाभ: सरल, विश्वसनीय और कम विलंबता (Latency) वाला कनेक्शन।

  • कमी: सिर्फ दो डिवाइस ही जुड़ सकते हैं।

  • उदाहरण: दो कंप्यूटरों को ईथरनेट केबल से सीधे जोड़ना, वाई-फाई डायरेक्ट, ब्लूटूथ कनेक्शन।

पॉइंट-टू-पॉइंट टोपोलॉजी (Point-to-Point Topology)

 

 

 

 

इंटरनेट क्या है? (What is Internet)

 

इंटरनेट नेटवकों का नेटवर्क है। पूरे संसार में छोटे और बड़े अनेक नेटवर्क एक साथ कनेक्ट होकर नेटवर्क बनते हैं। आज इंटरनेट करीब पचास मिल्लियन कम्प्यूटरों और 100 मिल्लियन उपयोगकर्ताओं का नेटवर्क है। इंटरनेट से कनेक्ट होकर कोई भी किसी भी कम्प्यूटर से संपर्क कर सकता है और किसी भी कम्प्यूटर पर संग्रहीत सूचना को एक्सेस कर सकता है।

 

इंटरनेट की प्रकृति (Nature of Internet)

 

इंटरनेट सूचना का भंडार है। इंटरनेट पर सूचना के अनेक मिल्लियन पृष्ठ उपलब्ध है। आप व्यावहारिक रूप में किसी भी शीर्षक पर सूचना पा सकते हैं। इंटरनेट के प्रयोग से आप इस जानकारी को पढ़ सकते हैं. अपने डिस्क पर संग्रहीत कर सकते हैं और प्रिन्ट भी ले सकते हैं। इंटरनेट में कनेक्ट हुए दूसरे कम्प्यूटर से जानकारी को कॉपी करना डाउनलोडिंग कहलाता है। कई वेब पेजस में आजकल बटन होते हैं जिन पर क्लिक करके आप उन्हें डाउनलोड कर सकते हैं। आप फाइल ट्रान्सफर प्रोटोकॉल (File Transfer Protocol) या एफ टी पी (FTP) के प्रयोग से भी जानकारी की डाउनलोड कर सकते हैं।

इंटरनेट पर कई सॉफ्टवेअर भी उपलब्ध हैं। इंटरनेट का एक लाभ यह है कि उनमें से किसी को आप अपने कम्प्यूटर पर स्थानांतरित करके उसका प्रयोग कर सकते हैं। कुछ सॉफ्टवेअर मुफ्त में मिलते हैं। ऐसे सॉफ्टवेअर फ्रीवेअर (Freeware) कहलाते हैं। अन्य सब आपको छोटी अवधि के लिए सॉफ्टवेअर को मुफ्त में प्रयोग करने देते हैं और फिर आपको एक छोटी रकम जमा करके पंजीकृत करने को कहते हैं। ऐसे सॉफ्टवेअर शेयरवेअर (Shareware) कहलाता है।

आप टेलनेट (Telnet) जैसे उपकरण का प्रयोग करके इंटरनेट पर किसी भी कम्प्यूटर में संग्रहीत जानकारी को एक्सेस या प्रोग्राम को चालू कर सकते हैं। टेलनेट के प्रयोग से आप संसार के पार एक कम्प्यूटर को इस प्रकार एक्सेस कर सकते हैं जैसे कि वह आपके कम्प्यूटर के साथ सीधा जुड़ा हुआ टर्मिनल (terminal) है। आप ई-मेल (e-mail) के प्रयोग से इंटरनेट पर मिल्लियन उपयोगकर्ताओं में से किसी से भी

संपर्क कर सकते हैं जो एक कम्यूटर से दूसरे में भेजे जाने वाला इलेक्ट्रॉनिक मेल (electronic mail) है। ई-मेल से मेरोजस भेजना डाक से पत्र भेजने के समान है केवल इतना कि यह डाक की तुलना में इतना तेज है कि इसकी तुलना ही नहीं की जा सकती है। अमेरीका के एक दोस्त को मेसेज भेजने के लिए उतना ही समय लगेगा जितना कि आपके निकट बैठे एक व्यक्ति को भेजने में लगता है। यह बहुत ही सरता भी है। अमेरीका के लिए आइ एस की कॉल (ISD call) लगभग रु.75 प्रति मिनट लगेगा जबकि ई-मेल भेजने का खर्च रु.१ प्रति मिनट

इंटरने के प्रयोग से आप संसार में कही से भी उपयोगकर्ताओं के साथ परस्पर चेट (chat) रात्र में भी भाग ले सकते हैं। इंटरनेट पर विभिन्न शीर्षक पर अनेक चेट सत्र होते रहते हैं। आप कित्ती में भी भाग ले सकते हैं और उस चेट सत्र में भाग लेने वाले किसी से भी बात कर सकते हैं। चेट करते समय सभी बातचीत स्क्रीन पर टाइप किए मेसेज के रूप में प्रकट होते है। आप किसी न्यूजग्रुप (Newsgroup) चर्चा में भाग ले सकते हैं और अपने चाह के किसी भी शीर्षक पर बहुत कुछ सीख सकते हैं। न्यूजग्रूप एक सार्वजनिक क्षेत्र है जहाँ कोई भी उपयोगकर्ता अपना मेसेज छोड सकता है। ये मेसेज इंटरनेट के अन्य उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध होगी जो बदले में अपना उत्तर जोड़ देगा। इस प्रकार एक अकेला मेसेज जल्दी ही एक बड़े चर्चा में विकसित हो जाएगी।

 

इंटरनेट का इतिहास (History of Internet)

 

सन् 1960 के अंत में, संयुक्त राष्ट्र के सुरक्षा विभाग (Department of Defense (DOD)) ने महसूस किया कि वे अपने राष्ट्रीय कम्प्यूटर नेटवर्क पर पूरी तरह निर्भर थे और यदि किसी कारण से नेटवर्क पर एक कम्प्यूटर भी खराब हो जाता तो सम्पूर्ण नेटवर्क ही नष्ट हो जाएगा। इसलिए सुरक्षा विभाग ने इंटरनेट से काम करने वाले कम्प्यूटरों का प्रयोग करने के लिए एक प्रयोजन तैयार किया। इस प्रयोजन में संचार के कुछ नियम बनाए गए जिसके प्रयोग से कोई भी नेटवर्क किसी दूसरे नेटवर्क के साथ संपर्क कर सकता है। इस प्रकार नेटवर्क का एक भाग खराब होने पर भी अन्य नेटवर्क काम करते रहेंगे। यह प्रयोजन अत्यंत प्रसिद्ध हो गया। जल्दी ही विश्वविद्यालयों और प्रमुख संस्थानों ने अपने कम्प्यूटरों को मिलाकर इंटरनेट बना दिया। यह आगे चलकर इंटरनेट में विकसित हुआ।

 

कनेक्ट होना (Getting Connected)

इंटरनेट का प्रयोग करने से पहले हम यह देखते हैं कि आपको इंटरनेट से कनेक्ट होने के लिए किसकी जरूरत है। आपको चाहिए:

एक कम्प्यूटर

एक टेलिफोन लाइन

एक मोडेम

 

मोडेम (मोड्यूलेटर-डीमोड्यूलेटर) (Modem (Modulator-demodulator))

 

मोडेम एक उपकरण है जो आपको टेलिफोन लाइन के द्वारा दूसरे कम्प्यूटर के साथ संपर्क करने देता है। यह आपके कम्प्यूटर से एलेक्ट्रीक सिग्नल्स को टेलिग्राफिक सिग्नल्स में परिवर्तित करता है जो टेलिफोन लाइन से होकर जाता है और प्राप्ती सिरे में उनको वापस एलेक्ट्रॉनिक सिग्नल्स में परिवर्तित कर देता है।

एक इंटरनेट सर्वीस प्रोवाइडर (Internet Service Provider): आप एक सीधा कनेक्शन के प्रयोग से इंटरनेट को एक्सेस कर सकते हैं। लेकिन इंटरनेट के साथ 24 घंटों का कनेक्शन महंगा पड़ सकता है। एक इंटरनेट सर्वोस प्रोवाइडरका या आइ एस पी (ISP) का प्रयोग करना सस्ता पड़ सकता है। ये कंपनियों हैं जो आपको अपने इंटरनेट कनेक्शन को एक निश्चित दर के लिए प्रयोग करने देते हैं। ऐसे करने के लिए आपको एक आइ एस पी से पंजीकृत करके एक इंटनेट अकाउन्ट (Internet Account) प्राप्त करना होगा। जब आप पंजीकृत करते हैं आइ एस पी आपको निम्नलिखित प्रदान करता है।  दिए गए स्थान में अपना पूजरनेम और पासवर्ड को टाइप करें। ध्यान दें कि आपका पासका मुदत सहिता होने के कारण वह स्क्रीन पर एस्टरिस्क्स (asterisks) की एक श्रेणी के समान है प्रकट होता है। अब कनेक्ट हुए बटन (button) पर क्लिक करें। आपके कम्प्यूटर से कनेक हुआ बोडेम एक्सेस संख्या को डायल करता है और आइ एस पी से कनेक्शन स्थापित करत की कोशिश करता है। (यहाँ वीएसएनएल) एक बार कनेक्शन की स्थापना हो जाने से आ एस दी आपके यूजरनेम और पासवर्ड की जाँच करता है। यदि वे सही हैं तो डायलाग बाँक ओझल हो जाता है और टास्कबार (taskbar) पर आइकॉन प्रकट होता है।

प्रोटोकॉल (Protocols) - विस्तृत व्याख्या उदाहरणों के साथ

प्रोटोकॉल क्या है?

नेटवर्क पर विभिन्न डिवाइसों के बीच डेटा संचार के लिए बनाए गए नियमों और प्रक्रियाओं के सेट को प्रोटोकॉल कहते हैं। ये नियम यह सुनिश्चित करते हैं कि अलग-अलग निर्माताओं के उपकरण एक-दूसरे के साथ सहजता से संवाद कर सकें।

उदाहरण: जैसे दो लोग बातचीत करने के लिए एक साझा भाषा का प्रयोग करते हैं, वैसे ही कंप्यूटर प्रोटोकॉल का उपयोग करते हैं।

प्रमुख प्रोटोकॉल और उनके उदाहरण:

1. TCP/IP (Transmission Control Protocol/Internet Protocol)

  • इंटरनेट की मूलभूत भाषा - सभी इंटरनेट संचार की नींव

  • कार्य: डेटा को छोटे-छोटे पैकेट्स में बाँटकर भेजना और उन्हें सही क्रम में जोड़ना

  • उदाहरण: जब आप कोई वीडियो स्ट्रीम करते हैं, तो TCP/IP यह सुनिश्चित करता है कि वीडियो के सभी टुकड़े सही क्रम में और बिना त्रुटि के आपके डिवाइस तक पहुँचें।

2. HTTP/HTTPS (HyperText Transfer Protocol / Secure)

  • वेब पेजों को एक्सेस करने का प्रोटोकॉल

  • HTTP: सामान्य, असुरक्षित कनेक्शन

  • HTTPS: एन्क्रिप्टेड सुरक्षित कनेक्शन (SSL/TLS द्वारा)

  • उदाहरण:

    • जब आप http://example.com खोलते हैं - HTTP प्रोटोकॉल का उपयोग

    • जब आप ऑनलाइन बैंकिंग करते हैं (https://bankname.com) - HTTPS प्रोटोकॉल का उपयोग

    • HTTPS में URL के आगे एक ताला (?) का चिन्ह दिखाई देता है

3. FTP (File Transfer Protocol)

  • फाइलों को स्थानांतरित करने के लिए विशेष प्रोटोकॉल

  • कार्य: एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर पर फाइलें अपलोड/डाउनलोड करना

  • उदाहरण:

    • वेबसाइट डेवलपर अपनी वेबसाइट की फाइलें सर्वर पर FTP के द्वारा ही अपलोड करते हैं

    • किसी कंपनी का आंतरिक सर्वर जहाँ बड़ी फाइलें साझा की जाती हैं

4. ई-मेल प्रोटोकॉल

SMTP (Simple Mail Transfer Protocol)

  • ई-मेल भेजने के लिए प्रोटोकॉल

  • उदाहरण: जब आप Gmail से कोई मेल भेजते हैं, तो SMTP प्रोटोकॉल उस मेल को आपके मेल सर्वर से प्राप्तकर्ता के मेल सर्वर तक पहुँचाता है

POP3 (Post Office Protocol version 3)

  • ई-मेल प्राप्त करने का प्रोटोकॉल (सरल तरीका)

  • विशेषता: मेल सर्वर से डाउनलोड करके स्थानीय डिवाइस पर स्टोर करता है

  • उदाहरण: जब आप Outlook में POP3 सेट अप करते हैं, तो सभी मेल आपके कंप्यूटर पर डाउनलोड हो जाते हैं और सर्वर से हटा दिए जाते हैं

IMAP (Internet Message Access Protocol)

  • ई-मेल प्राप्त करने का उन्नत प्रोटोकॉल

  • विशेषता: मेल सर्वर पर ही रहते हैं, केवल देखने के लिए डाउनलोड होते हैं

  • उदाहरण: आप मोबाइल, लैपटॉप और टैबलेट सभी पर एक ही मेल अकाउंट एक्सेस करते हैं और सभी डिवाइस पर एक जैसी स्थिति (पढ़े हुए, अरचिव्ड मेल) दिखाई देती है

 

इंटरनेट सेवाएँ (Internet Services)

 

ई-मेल (इलेक्ट्रॉनिक मेल) (Email (Electronic Mail)

 

ई-मेल इंटरनेट पर एक और प्रसिद्ध और उपयोगी क्रियाकलाप है। ई-मेल इलेक्ट्रॉनिक मेल है जो नेटवर्क में एक कम्प्यूटर से दूसरे में भेजा जाता है। ई-मेल के प्रयोग से आप इंटरनेट पर किसी को भी मेसेज भेज सकते हैं। ई-मेल द्वारा भेजे गये मेसेजस दूनिया के दूसने कोने में भी मिनटों में प्राप्त हो जाते हैं। यह टेलिफोन से भी सस्ता है।

 

ई-मेल कैसे काम करते हैं? (How E-mail works)

 

ई-मेल के द्वारा मेसेजस को भेजना और पाना डाक सेवा के प्रयोग से किसी को पत्र भेजना और पाने के समान है। जिस प्रकार आपका डाक का एक पता है जो आपका पहचान है उसी

 




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