आपने देखा होगा कि किसी तालाब के किनारे स्थित पेड़ में हमें तालाब के जाल में दिखाई पड़ता है स्टेनलेस स्टील की स्वच्छ ताली में देखने पर हमें अपना चेहरा दिखाई पड़ता है ऐसा क्यों?
किसी चमकीले परषठ से टकराने के पश्चात प्रकाश की हिंदी इस माध्यम में वापस लौट आती है, जिसके फल स्वरुप हम तालाब के किनारे स्थित वर्कशाॅ को जल में तथा चमकीले स्टील की थाली में अपना चेहरा देख पाते हैं/ वास्तव में हमारे चेहरे से चलने वाली प्रकाश की की ने जब चिकनी थाली पर पड़ती है तो थाली की सतह से टकराकर वापस हमारी आंख तक आती है, जिससे हमें अपना चेहरा दिखाई देता है/ प्रकाश की इस घटना को प्रवर्तन कहते हैं/
प्रकाश की किरण का किसकी परस्ट से टकरा कर इस माध्यम में वापस लौटने की घटना प्रकाश का परावर्तन कहलाती है /
प्रकाश की कि नहीं जब किसी वस्तु की सतह पर पड़ती है तो तीन प्रकार की घटनाएं घटती है - वस्तु द्वारा प्रकाश ऊर्जा का अवशोषण, वस्तु से प्रकाश ऊर्जा का परागमन, वास्तु के प्रस्ट प्रकाश ऊर्जा का परावर्तन/
अधिकांश वस्तुएं अपने ऊपर पढ़ने वाले प्रकाश ऊर्जा का परावर्तन करती है/ कुछ वस्तुएं प्रकाश ऊर्जा का काम प्रवर्तन करती है तथा कुछ वस्तुएं प्रकाश ऊर्जा अधिक प्रवर्तन करती हैं
पॉलिशदार चमकीली सट्टा वाली वस्तु पोलिश रहित सातो वाली वस्तुओं की अपेक्षा प्रकाश ऊर्जा का अधिक प्रवर्तन करती है /
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